व्यापार
बिटकॉइन में तीन साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक रैली; 80,000 डॉलर के करीब पहुंची कीमत
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में इन गिनों जोरदार तेजी देखने को मिल रही है और यह 80,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के करीब पहुंच गया है। पिछले तीन वर्षों की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर बढ़ते हुए बिटकॉइन ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर आकर्षित किया है।
शनिवार सुबह तक बिटकॉइन की कीमत लगभग 78,588 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही थी। वहीं, पिछले 24 घंटों में इसमें 4.8 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि एक सप्ताह में इसकी कीमत 24.5 प्रतिशत बढ़ी है। मार्च 2023 के बाद यह बिटकॉइन की सबसे मजबूत साप्ताहिक बढ़त मानी जा रही है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इस तेजी के पीछे अमेरिकी बॉन्ड बाजार से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की पुनर्खरीद (बायबैक) कार्यक्रम को दोगुना करने की घोषणा के बाद लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड दरों में गिरावट आई है, जिससे जोखिम वाले निवेशों के प्रति निवेशकों की रुचि बढ़ी और क्रिप्टो बाजार को समर्थन मिला।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में मंदी की धारणा पर लगाए गए सौदों को बंद करना पड़ा, जिससे अरबों डॉलर के शॉर्ट पोजिशन समाप्त हुए और बिटकॉइन की कीमतों में तेजी और बढ़ गई।
इस बीच, सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली और यह मई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। निवेशकों को आशंका है कि बॉन्ड बाजार में हस्तक्षेप से अमेरिकी डॉलर पर दबाव पड़ सकता है, जिससे वैकल्पिक परिसंपत्तियों की मांग बढ़ी है।
क्रिप्टो मार्केट को उस समय भी सकारात्मक संकेत मिले जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कॉइनबेस ग्लोबल और पेवर्ड जैसी प्रमुख क्रिप्टो कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात की। निवेशकों ने इसे डिजिटल परिसंपत्तियों के प्रति प्रशासन के अपेक्षाकृत सकारात्मक रुख के संकेत के रूप में देखा।
संस्थागत निवेशकों की वापसी ने भी तेजी को मजबूती दी है। अमेरिका में सूचीबद्ध स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में इस सप्ताह जनवरी के बाद सबसे अधिक निवेश प्रवाह दर्ज होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, इस सप्ताह अब तक 13 प्रमुख बिटकॉइन ईटीएफ में 1 अरब डॉलर से अधिक का निवेश हुआ है, जिससे क्रिप्टो मार्केट में तेजी का माहौल और भी मजबूत हुआ है।
हालांकि मौजूदा तेजी के बावजूद बिटकॉइन अभी भी अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर से काफी नीचे है। अक्टूबर 2025 में बिटकॉइन लगभग 1.26 लाख डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद भारी बिकवाली के चलते इसकी कीमत गिरकर जून 2026 के अंत में लगभग 58,642 डॉलर तक आ गई थी।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक निवेश धारणा सकारात्मक बनी रहती है और संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो बिटकॉइन आने वाले समय में 80,000 डॉलर का स्तर पार कर सकता है। हालांकि क्रिप्टो बाजार की अत्यधिक अस्थिर प्रकृति को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की भी सलाह दी जा रही है।
राष्ट्रीय समाचार
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलेंगे सीएम विजय, चेन्नई में पानी की सप्लाई और नदी परियोजनाओं पर चर्चा करेंगे

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय मंगलवार को आंध्र प्रदेश का दौरा करेंगे और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के साथ चेन्नई में पानी की सप्लाई, नदियों को जोड़ने के प्रस्तावों और तमिलनाडु की ओर बहने वाली नदियों पर प्रस्तावित बांधों से जुड़ी चिंताओं पर बातचीत करेंगे।
ये बातचीत तेलुगु गंगा प्रोजेक्ट के तहत मिलने वाले पानी की कम मात्रा को लेकर चिंता के बीच हो रही है। चेन्नई की पीने के पानी की जरूरतें पूरी करने के लिए आंध्र प्रदेश को हर साल 12 टीएमसी (हज़ार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी देना होता है, लेकिन इस साल अक्टूबर की शुरुआत तक तमिलनाडु को सिर्फ 2.251 टीएमसी पानी ही मिला था।
उम्मीद है कि सीएम विजय पानी की कमी का मुद्दा और सीएम नायडू के सामने उठाएंगे और सप्लाई बेहतर करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। यह बैठक दोनों सरकारों को राज्यों के बीच पानी के बंटवारे से जुड़े लंबित मुद्दों की समीक्षा करने और तमिलनाडु को प्रभावित करने वाली चिंताओं पर बात करने का मौका देगी।
गोदावरी, कृष्णा और कावेरी नदियों को आपस में जोड़ने के प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर भी बातचीत होगी। इन प्रस्तावों पर कोई प्रगति न होने के कारण तमिलनाडु सरकार आंध्र प्रदेश सरकार के साथ मिलकर इनकी मौजूदा स्थिति और व्यवहार्यता की जांच करना चाहती है।
एक और अहम मुद्दा तमिलनाडु की सीमा की ओर बहने वाली नदियों पर आंध्र प्रदेश द्वारा बांध बनाने की योजना है। इन प्रस्तावों को लेकर शिकायतों ने तमिलनाडु में चिंता पैदा कर दी है, जिसके चलते सरकार पड़ोसी राज्य के साथ बातचीत करना चाहती है।
यह दौरा इन मुद्दों पर चर्चा के लिए दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच बैठक कराने की कोशिशों के बाद हो रहा है। तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री आनंद भी सीएम विजय के साथ जाएंगे और बातचीत में शामिल होंगे।
सीएम विजय दोपहर 2 बजे हवाई मार्ग से चेन्नई से रवाना होंगे और दोपहर 3.30 बजे आंध्र प्रदेश के गन्नवरम एयरपोर्ट पहुंचेंगे। नायडू के साथ उनकी बैठक शाम 4.15 बजे तय है।
इस दौरे के दौरान सीएम विजय आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण और राज्य के अन्य मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। इन मुलाकातों में मुख्य रूप से राज्यों के बीच नदी के पानी के बंटवारे और बांध निर्माण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
बातचीत में चेन्नई की पीने के पानी की तत्काल जरूरतों और नदी परियोजनाओं पर सहयोग से जुड़े व्यापक मुद्दों, दोनों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। इन चर्चाओं से पानी की सप्लाई और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी लंबित चिंताएं दोनों राज्यों के नेतृत्व के सामने आएंगी।
विचार-विमर्श के बाद सीएम विजय शाम 6 बजे विजयवाड़ा के कनक दुर्गा मंदिर जाएंगे और पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे हवाई मार्ग से आंध्र प्रदेश से रवाना होंगे और रात 8.30 बजे चेन्नई एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जिससे उनके दिन भर के दौरे का समापन होगा।
व्यापार
सस्ते में सोना और चांदी खरीदने का मौका; कीमतें करीब 1,400 रुपए तक घटीं

सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली। इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 1,400 रुपए तक कम हो गया।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 1,369 रुपए कम होकर 1,48,061 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो पहले 1,49,430 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
22 कैरेट सोने का दाम 1,36,878 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,35,624 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 18 कैरेट सोने का दाम घटकर 1,11,046 रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो कि पहले 1,12,073 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
सोने के साथ चांदी की कीमतों में कमी देखने को मिली।
चांदी का दाम 814 रुपए घटकर 2,20,295 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,21,109 रुपए प्रति किलो था।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। खबर लिखे जाने तक कॉमैक्स पर सोने का दाम 0.7 प्रतिशत कम होकर 4,187 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 0.25 प्रतिशत कम होकर 60.88 डॉलर प्रति औंस हो गई है।
जानकारों ने कहा कि सोने की कीमतों में कमजोरी देखी गई और यह लगभग 1,400 रुपए प्रति 10 ग्राम तक गिर गया। इसकी वजह डॉलर के मुकाबले रुपए का मजबूत होना है, जो कि 95.75 के स्तर पर आ गया है।
उन्होंने आगे कहा कि अब निवेशकों की नजरें इस हफ्ते आने वाले यूएस सीपीआई डेटा पर हैं, हालांकि महंगाई को लेकर उम्मीदें अभी भी ज्यादा बनी हुई हैं और इससे फेड के ब्याज दरों से जुड़े नजरिए पर असर पड़ने की संभावना है। बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहने की उम्मीद है और कीमतें 1,48,000 रुपए प्रति 10 ग्राम से 1,52,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकती हैं।
व्यापार
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम में हुई 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी, रिकॉर्ड 1.47 लाख करोड़ रुपए का कारोबार

एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (एच1) में भारत का सिक्योरिटाइजेशन (प्रतिभूतिकरण) बाजार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कुल सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम यानी मात्रा 1.47 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 42 प्रतिशत अधिक है।
आईसीआरए (आईसीआरए) की रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरी तिमाही में गतिविधियों में तेज उछाल देखने को मिला और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम 86,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
इस वृद्धि को मुख्य रूप से गोल्ड लोन सेगमेंट में बढ़ती मांग, वाहन ऋण सिक्योरिटाइजेशन में सुधार तथा एमएसएमई और बिजनेस लोन पोर्टफोलियो में लगातार बने आकर्षण का समर्थन मिला।
आईसीआरए के अनुसार, सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम में तेजी का एक प्रमुख कारण गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) द्वारा अपनी फंडिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए इस माध्यम पर बढ़ती निर्भरता भी रही है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि गोल्ड लोन इस वृद्धि का सबसे बड़ा चालक रहा। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में गोल्ड लोन सिक्योरिटाइजेशन का वॉल्यूम सालाना आधार पर लगभग डेढ़ गुना बढ़ गया।
आईसीआरए के वाइस प्रेसिडेंट और स्ट्रक्चर्ड फाइनेंस रेटिंग्स के सह-समूह प्रमुख सचिन जोगलेकर ने कहा कि वाहन, एमएसएमई या व्यावसायिक लोन और मॉर्गेज जैसे पारंपरिक सेगमेंट भी स्थिर गति से बढ़ते रहे, जिससे कुल वॉल्यूम को मजबूती मिली।
उन्होंने कहा कि पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन से आईसीआरए के उस अनुमान को समर्थन मिलता है, जिसके अनुसार पूरे वित्त वर्ष 2026-27 में सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम 2.6 लाख करोड़ से 2.7 लाख करोड़ रुपए के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकता है।
हालांकि सबसे अधिक वृद्धि गोल्ड लोन श्रेणी में रही, लेकिन वाहन लोन सिक्योरिटाइजेशन ने भी अपनी खोई हुई हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा वापस हासिल किया है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कुल सिक्योरिटाइजेशन वॉल्यूम का लगभग एक-तिहाई हिस्सा वाहन ऋणों का रहा, जबकि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इसकी हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत थी। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ ऋणदाताओं ने दोबारा इस बाजार में प्रवेश किया है, जबकि कुछ ने दूसरी तिमाही में अपनी बिक्री की मात्रा बढ़ाई है।
गोल्ड लोन और वाहन लोन के बाद मॉर्गेज लोन, स्मॉल बिजनेस लोन और माइक्रोलोन अन्य प्रमुख परिसंपत्ति श्रेणियां रहीं, जिनकी हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (एच1) की कुल वॉल्यूम में 12 से 15 प्रतिशत के बीच रही।
लेनदेन संरचना के लिहाज से सिक्योरिटाइजेशन बाजार में पास-थ्रू सर्टिफिकेट (पीटीसी) और डायरेक्ट असाइनमेंट (डीए) दोनों मार्गों की हिस्सेदारी लगभग बराबर रही। यह रुझान पिछली तिमाही जैसा ही बना रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड लोन, वाहन लोन और एमएसएमई फाइनेंसिंग जैसे क्षेत्रों की मजबूत मांग, साथ ही एनबीएफसी की बढ़ती फंडिंग जरूरतें, आने वाले महीनों में भी सिक्योरिटाइजेशन बाजार को गति देती रह सकती हैं।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
