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रियलमी पी4एस 5जी: स्पेसिफिकेशन से अनुभव की ओर से बढ़ते भारत में शानदार डिस्प्ले बनेगा स्मार्टफोन की पहचान
भारत में स्मार्टफोन खरीदते समय वर्षों से उपभोक्ताओं का मुख्य ध्यान कैमरा, प्रोसेसर और डिजाइन पर रहा है, लेकिन अब यह बदल रहा है। फ्लिपकार्ट और काउंटरपॉइंट की स्मार्टफोन इनसाइट्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, कंटेंट की बढ़ती खपत और ऐप्स के भारी इस्तेमाल के कारण डिस्प्ले की गुणवत्ता स्मार्टफोन खरीदने के फैसले में तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही है।
उपभोक्ता दिन का बड़ा हिस्सा स्मार्टफोन पर बिताते हैं, जिसमें ओटीटी स्ट्रीमिंग, मोबाइल गेमिंग, सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग या वीडियो कॉल शामिल हैं। ऐसे में बैटरी लाइफ और परफॉर्मेंस के साथ डिस्प्ले भी स्मार्टफोन के कुल अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। खास बात यह है कि डिस्प्ले को अब एक अलग फीचर के तौर पर नहीं, बल्कि ओवरऑल परफॉर्मेंस के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
करीब 45 प्रतिशत उपभोक्ता चिपसेट को बेहतर डिस्प्ले फीचर्स, जैसे बेहतर रंग सटीकता और बेहद तेज टच रिस्पॉन्स, से जोड़ते हैं। यह दिखाता है कि प्रोसेसिंग पावर और विजुअल व इंटरैक्टिव अनुभव की गुणवत्ता के बीच संबंध तेजी से मजबूत हो रहा है।
इसके चलते खरीदार अब रिजॉल्यूशन, रिफ्रेश रेट, ब्राइटनेस और कलर एक्यूरेसी जैसी चीजों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, बजाय इसके कि डिस्प्ले को एक सामान्य फीचर मान लिया जाए। यह भारतीय उपभोक्ताओं के बीच एक बड़े बदलाव को दर्शाता हैं, जहां अपग्रेड का आधार सिर्फ स्पेसिफिकेशंस नहीं, बल्कि अनुभव बनता जा रहा है। अब परफॉर्मेंस का आकलन इस आधार पर भी हो रहा है कि स्मार्टफोन के अलग-अलग हार्डवेयर कितनी सहजता से एक साथ काम करते हैं।
गेमिंग, स्ट्रीमिंग और रोजमर्रा के स्मार्टफोन इस्तेमाल के लिए प्राथमिक इंटरफेस होने के कारण डिस्प्ले अब पूरे परफॉर्मेंस अनुभव का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है।
यह अनुभव-केंद्रित बदलाव रियलमी पी सीरीज के विकास में भी दिखाई देता है। यह सीरीज भारत के युवा और ऑनलाइन-केंद्रित स्मार्टफोन खरीदारों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जो प्रीमियम लुक और स्मूथ रोजमर्रा की परफॉर्मेंस चाहते हैं, लेकिन पैसे की अच्छी वैल्यू भी चाहते हैं। ऐसे बाजार में जहां कीमत और ऑफर्स हर महीने यह बदल सकते हैं कि क्या चीज “किफायती” महसूस होती है, रियलमी पी सीरीज ऐसे डिस्प्ले-केंद्रित अनुभव पर जोर देती है जिसे उपयोगकर्ता रोजमर्रा के इस्तेमाल में महसूस कर सकें, वो भी बिना बजट से ज्यादा खर्च किए।
रियलमी पी1 सीरीज ने साबित किया कि कीमत को बहुत ज्यादा बढ़ाए बिना परफॉर्मेंस और डिजाइन को साथ लाया जा सकता है। इसके बाद पी2 सीरीज ने बेहतर डिस्प्ले और बिल्ड क्वालिटी से जुड़े अपग्रेड के साथ स्तर को और ऊंचा किया। वहीं पी3 सीरीज ने वैश्विक स्तर पर गति पकड़ी और इसकी शिपमेंट तीन मिलियन यूनिट को पार कर गई। इसे ऐसे बढ़ते समुदाय का समर्थन मिला, जो पावर और डिजाइन दोनों को महत्व देता है।
अब रियलमी पी4 सीरीज उसी वादे को आगे बढ़ा रही है। इसमें लगातार बेहतर परफॉर्मेंस, व्यावहारिक उपयोगिता और ज्यादा इमर्सिव व्यूइंग एक्सपीरियंस पर फोकस रखा गया है, ताकि यूजर्स को फोन, डिजाइन और रोजमर्रा की परफॉर्मेंस के बीच समझौता न करना पड़े। यह इसे इस सेगमेंट में संपूर्ण, डिस्प्ले-केंद्रित स्मार्टफोन अनुभव चाहने वाले खरीदारों के लिए एक मजबूत विकल्प बनाता है।
बाजार की व्यापक चुनौतियों के बावजूद, रियलमी पी सीरीज 2026 की पहली छमाही में फ्लिपकार्ट पर सबसे तेजी से बढ़ने वाली स्मार्टफोन लाइनअप बनकर उभरी है। इसी गति को आगे बढ़ाते हुए आने वाला रियलमी पी4एस 5जी 26 अगस्त को फ्लिपकार्ट और रियलमीडॉटकॉम पर लॉन्च होगा। रियलमी इस फोन के जरिए इस सेगमेंट में ज्यादा प्रीमियम व्यूइंग और गेमिंग अनुभव पेश करने जा रही है।
फोन के केंद्र में 17.22 सेमी (6.78 इंच) का सैमसंग 1.5के एमोलेड डिस्प्ले है, जो 144 हर्ट्स रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसमें सैमसंग डिस्प्ले की नई एम14 ल्यूमिनसेंट मटेरियल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो आमतौर पर ज्यादा प्रीमियम मोबाइल फोन में देखने को मिलती है।
यह पैनल बेहतर दक्षता और टिकाऊपन के लिए डिजाइन किया गया है। यह पारंपरिक एमोलेड की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक ल्यूमिनस एफिशिएंसी और 50 प्रतिशत तक लंबी स्क्रीन लाइफ देने का दावा करता है।
वास्तविक इस्तेमाल में बेहतर विजिबिलिटी के लिए यह 1400 निट्स ग्लोबल पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करता है, जिससे बाहर तेज रोशनी में स्क्रीन देखना आसान होता है। एचडीआर कंटेंट के लिए इसमें 6500 निट्स तक लोकल पीक ब्राइटनेस दी गई है। इससे तेज रोशनी वाली परिस्थितियों में भी गेम और वीडियो ज्यादा जीवंत दिखाई देने में मदद मिलती है।
डिस्प्ले अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए रियलमी पी4एस 5जी में एचडीआर10 प्लस और नेटफ्लिक्स एचडीआर का सपोर्ट दिया गया है। इससे इसके मूल 1.5के रिजॉल्यूशन पर बेहतर कॉन्ट्रास्ट, ज्यादा बारीक डिटेल और ज्यादा वास्तविक रंग देखने को मिलते हैं। इन फीचर्स के चलते यह इस सेगमेंट के बेहतर डिस्प्ले वाले फोन में शामिल हो सकता है।
ब्राइटनेस और कलर एक्यूरेसी पूरी कहानी नहीं हैं—गेमिंग परफॉर्मेंस में रिस्पॉन्सिवनेस भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। रियलमी पी4एस 5जी का 144 हर्ट्स रिफ्रेश रेट स्वाइप, एनिमेशन और गेमप्ले को लगातार स्मूथ बनाने में मदद करता है। वहीं 3000 हर्ट्स इंस्टेंटेनियस टच सैंपलिंग रेट तेज और प्रतिस्पर्धी गेमिंग के दौरान ज्यादा सटीक कंट्रोल देने के लिए डिजाइन किया गया है।
फोन के अंदर रियलमी ने अपने हाइपर विजन प्लस एआई क्लिप को मीडियाटेक डाइमेंसिटी 7400 अल्ट्रा के साथ जोड़ा है। यह डुअल-चिप सेटअप गेमिंग के दौरान विजुअल और मोशन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
यह आर्किटेक्चर एआई-पावर्ड फ्रेम इंटरपोलेशन को सपोर्ट करता है, जिससे गेमिंग के दौरान ज्यादा स्मूथ ग्राफिक्स, बेहतर प्रभावी फ्रेम रेट और ज्यादा जीवंत एचडीआर विजुअल मिल सकते हैं। इसका उद्देश्य केवल ज्यादा ताकत का इस्तेमाल करने के बजाय एआई की मदद से गेमिंग में क्लैरिटी और फ्लूडिटी बेहतर करना है।
रोजमर्रा के इस्तेमाल में आंखों के आराम को ध्यान में रखते हुए डिस्प्ले को टीयूवी राइनलैंड लो ब्लू लाइट सर्टिफाइड किया गया है, जिससे हानिकारक ब्लू लाइट के संपर्क को कम करने में मदद मिलती है। इसमें फुल-ब्राइटनेस डीसी डिमिंग भी है, जो अलग-अलग ब्राइटनेस लेवल पर फ्लिकर को कम करने में मदद करती है। यह लंबे समय तक स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग और गेमिंग के दौरान उपयोगी हो सकता है।
कुल मिलाकर, रियलमी पी4एस 5जी का डिस्प्ले पैकेज—फ्लैगशिप-ग्रेड पैनल मटेरियल, हाई पीक ब्राइटनेस, एचडीआर सपोर्ट, हाई रिफ्रेश रेट और आई-केयर सर्टिफिकेशन—यह संकेत देता है कि भारतीय स्मार्टफोन बाजार किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। अब स्क्रीन का मूल्यांकन सिर्फ उसके आकार से नहीं, बल्कि रोजमर्रा में मिलने वाले व्यूइंग और गेमिंग अनुभव के आधार पर भी किया जा रहा है।
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जी7 देश 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल करेंगे जारी, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति

जी7 और उसके साझेदार देश अपने इमरजेंसी भंडार से करीब 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करेंगे। इसकी वजह बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच ट्रंप प्रशासन के लगातार दबाव को माना जा रहा है।
फ्रांस के राष्ट्रपति और जी7 के मौजूदा चेयरमैन इमैनुएल मैक्रों ने मीडिया को बताया कि जी7 ईंधन की कीमतों में कमी लाना चाहता है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) की देखरेख में अगले चार महीनों में यह आपूर्ति जारी की जाएगी।
यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया जब अमेरिका ने संकेत दिया कि अगर यूरोपीय देशों ने और आपूर्ति जारी नहीं की, तो डीजल निर्यात पर भारी असर डालने वाला बैन लगाया जा सकता है। ऐसा कदम यूरोप के लिए आपूर्ति के एक अहम जरिए को खतरे में डाल सकता है, क्योंकि यूरोपीय महाद्वीप डीजल के उत्पादन में कमी को पूरा करने के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है।
ईरान युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद, आईईए ने मार्च में 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहते हुए यूरोप की आलोचना की थी कि उन्होंने ये बैरल उतनी तेजी से उपलब्ध नहीं कराए।
वहीं, जी7 के एक बयान से संकेत मिला है कि 100 मिलियन बैरल में वे बैरल भी शामिल हो सकते हैं जो मार्च में जारी किए गए स्टॉक के तहत अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
मैक्रों ने कहा, “हम सबने मिलकर उस अनुपात में इन रणनीतिक भंडार को जारी करने का संकल्प लिया है जिनका मैंने जिक्र किया और इसमें डीजल पर खास ध्यान दिया जाएगा। हम सब यह पक्का करने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं कि निर्यात पर कोई रोक न लगे।”
हालांकि, इस कदम से कच्चे तेल की कीमत में कोई खास कमी नहीं देखने को मिली और बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा।
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‘मुश्ताक खान की प्रेयर मीट में राजपाल यादव को भगाया नहीं था’, सामने आई वायरल वीडियो की ‘सच्चाई’

दिवंगत अभिनेता मुश्ताक खान की प्रेयर मीट में अभिनेता राजपाल यादव को लेकर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिस पर कंटेंट क्रिएटर नजमा शेख ने अब इस बात को लेकर सफाई दी है।
दरअसल प्रेयर मीट के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला को यह कहते हुए सुना गया, “आपको अब बाहर भेजा जाएगा, ये कोई जगह है सेल्फी लेने की?” यह महिला नजमा शेख हैं और इस वीडियो को देखकर ये अफवाह फैल गई कि राजपाल यादव को प्रेयर मीट से बाहर निकाला गया या उनका अपमान किया गया।
नजमा शेख ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि प्रेयर मीट की आड़ में कुछ लोग सेलेब्स के साथ सेल्फी ले रहे थे और भीड़ बढ़ती जा रही थी, जिस वजह से उन्हें गुस्सा आया था। उनका गुस्सा उन लोगों पर था, राजपाल यादव पर नहीं।
उन्होंने ये भी साफ किया कि राजपाल यादव मुश्ताक खान के छोटे भाई जैसे हैं और वे खुद राजपाल को अपना भाई मानती हैं। नजमा शेख ने कहा, “आज मैं मुश्ताक खान सर की प्रेयर मीट के वायरल हुए राजपाल यादव के वीडियो पर बात करने आई हूं, क्योंकि लोगों ने मनगढ़ंत बातें फैला दी हैं, जिसकी कोई हद नहीं है बल्कि, सच कुछ और है। दरअसल, राजपाल यादव मुश्ताक खान के बहुत करीब थे, वह उनके छोटे भाई जैसे थे और मुश्ताक खान के निधन से दो घंटे पहले तक राजपाल यादव उनके साथ ही थे, उनके जनाजे में भी आए हुए थे और प्रेयर मीट में भी।
नजमा खान ने प्रेयर मीट के वायरल वीडियो का सच बताते हुए कहा, “प्रेयर मीट में कई सेलेब्रिटी आए हुए थे और वहां कुछ लोग सिर्फ सेलेब्स के साथ सेल्फी लेने आए थे, जबकि वह जगह फोटो खिंचवाने या सेल्फी लेने की नहीं थी, वह तो दुआ मांगने की जगह थी।”
उन्होंने आगे कहा, “प्रेयर मीट में लोग ऋषिकेश, उपासना और राजपाल समेत कई सेलेब्स के साथ सेल्फी ले रहे थे और भीड़ बहुत थी। वहीं, सेल्फी लेने की वजह से भीड़ बढ़ने लगी थी।”
नजमा खान ने साफ किया कि उनका गुस्सा राजपाल यादव पर नहीं, बल्कि उन लोगों पर था जो वहां सेल्फी लेने आए थे। उन्होंने कहा, “मेरा गुस्सा उन लोगों पर था जो सिर्फ फोटो खिंचवाने आए थे, उन्हें ये भी नहीं पता था कि वो किस माहौल में हैं। मैंने अपना गुस्सा उन लोगों पर निकाला था, राजपाल यादव पर नहीं। मैं मीडिया में अपने दोस्तों से अनुरोध करती हूं कि गलत बातें न फैलाएं और पूरा सच दिखाएं।”
दरअसल, राजपाल यादव 30 सितंबर को मुंबई में आयोजित मुश्ताक खान की प्रार्थना सभा में उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। उन्होंने वहां शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और दिवंगत अभिनेता को याद करते हुए भावुक भी हुए।
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अक्टूबर की शुरुआत के साथ बढ़ा महंगाई का असर, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ

अक्टूबर महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए महंगाई का नया झटका लेकर आई है। त्योहारों के सीजन में जहां उपभोक्ता खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं, वहीं कई महत्वपूर्ण वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ), घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और पासपोर्ट सेवाओं की लागत बढ़ने से होटल कारोबार, हवाई यात्रा और घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 62.50 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। इसके बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2,810 रुपए हो गई है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 2,764 रुपए पहुंच गई है। पटना में सबसे अधिक 71.50 रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर होटल, रेस्तरां, ढाबा और कैटरिंग उद्योग पर पड़ने की संभावना है। त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में खाद्य सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच व्यवसायियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा, अक्टूबर से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों ने हवाई ईंधन की कीमत में प्रति लीटर 16 रुपए तक का इजाफा किया है।
विमानन उद्योग में ईंधन कुल परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है। ऐसे में एटीएफ महंगा होने से एयरलाइंस पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दशहरा, दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग के बीच एयरलाइंस किराए में बढ़ोतरी कर सकती हैं। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में हवाई सफर पहले के मुकाबले और महंगा पड़ सकता है।
वहीं, त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे उपभोक्ताओं के लिए एक और झटका घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बढ़ती कीमतों के रूप में सामने आया है। वैश्विक बाजार में कॉपर, स्टील और एल्युमिनियम जैसे कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण कंपनियों ने कई उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं।
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, स्मार्ट टीवी, स्प्लिट एसी, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसी वस्तुओं की कीमतों में 5 से 8 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। इससे उपभोक्ताओं को उत्पाद के अनुसार लगभग 1,200 रुपए से 3,500 रुपए तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
त्योहारी ऑफर्स और डिस्काउंट के बावजूद कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी ग्राहकों के बजट को प्रभावित कर सकती है।
वहीं इसके अतिरिक्त, अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने की योजना बना रहे हैं, तो अब इसके लिए अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
सरकार ने सामान्य श्रेणी के पासपोर्ट आवेदन शुल्क में वृद्धि की है। नई व्यवस्था के तहत पासपोर्ट बनवाने की लागत में 1,000 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। इससे विदेश यात्रा, शिक्षा या रोजगार के लिए आवेदन करने वाले लोगों की लागत बढ़ेगी।
अक्टूबर और नवंबर का समय आमतौर पर त्योहारों, शादी-विवाह और यात्रा के लिहाज से सबसे व्यस्त सीजन माना जाता है। ऐसे में गैस सिलेंडर, हवाई ईंधन और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में वृद्धि का असर व्यापक रूप से दिखाई दे सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे माल और ऊर्जा की लागत ऊंची बनी रहती है, तो आने वाले समय में अन्य उत्पादों और सेवाओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल त्योहारों के बीच उपभोक्ताओं को खरीदारी और यात्रा की योजना बनाते समय बढ़ी हुई लागत को ध्यान में रखना होगा।
कुल मिलाकर, अक्टूबर की शुरुआत ने आम उपभोक्ताओं, व्यापारियों और यात्रियों के लिए खर्च बढ़ाने वाले कई बदलाव लेकर आई है, जिससे त्योहारी सीजन के दौरान बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
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