Connect with us
Tuesday,18-August-2026
ताज़ा खबर

खेल

‘जब गोल्ड जीतने पर राष्ट्रगान बजा, वह पल शानदार था,’ एरोबिक जिम्नास्टिक्स में इतिहास रचने के बाद अरिहा ने साझा किए अनुभव

Published

on

भारतीय एयरोबिक जिम्नास्ट अरिहा पंगमबम ने कुछ हफ्तों पहले एशियन एयरोबिक जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था, जिसके साथ वह एशियन चैंपियनशिप में सीनियर महिला व्यक्तिगत श्रेणी में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। फिलीपींस में हुए फाइनल में उन्होंने 19.100 अंक हासिल किए, जिसमें आर्टिस्ट्री (कलात्मकता) में 8.650, एग्जीक्यूशन (प्रदर्शन) में 7.600 और डिफिकल्टी (कठिनाई) में 2.850 अंक शामिल थे।

इस उपलब्धि के बाद अरिहा ने ‘आईएएनएस’ के साथ बातचीत में कहा, “जब मुझे यह गोल्ड मेडल मिला, तो वह पल बहुत शानदार था। मैं इसे शब्दों में बयां भी नहीं कर सकती। जब मैंने पोडियम पर अपने देश का राष्ट्रगान बजते हुए सुना, तो उस पल मुझे गर्व भी महसूस हुआ क्योंकि मैं कुछ हासिल कर पाई थी, सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए। वह बहुत शानदार अनुभव था और मैं उस समय बहुत खुश थी।”

22 वर्षीय जिम्नास्ट ने कहा, “हम डबल फ्लेक्स फ्लोर, यानी लकड़ी का फ्लोर इस्तेमाल करते हैं। भारत में उत्तराखंड में एक फ्लोर है जो हमें नेशनल गेम्स के दौरान मिला था, लेकिन दुर्भाग्य से, न सिर्फ मैं, बल्कि पूरे भारत के ज्यादातर जिम्नास्ट उस पर ट्रेनिंग भी नहीं कर पाए। हम आमतौर पर रबड़ इंटरलॉकिंग मैट पर ट्रेनिंग करते हैं, इसलिए सिर्फ एक दिन में तालमेल बिठाना हमारे लिए बहुत मुश्किल होता है। प्रतियोगिता से पहले हमें खुद को ढालने के लिए एक दिन की पोडियम ट्रेनिंग दी जाती है, इसलिए हममें से ज्यादातर जिम्नास्ट को मुश्किल होती है, क्योंकि हमें उस फ्लोर पर कभी ठीक से ट्रेनिंग करने का मौका नहीं मिला। यही वह मुश्किल थी जिसका हमने सामना किया।”

उन्होंने कहा, “मुझे खुद पर बहुत गर्व था, और यह बहुत शानदार था क्योंकि हमने कभी अपना राष्ट्रगान बजते हुए नहीं सुना था। हम बस दूसरे देशों का राष्ट्रगान बजते हुए सुनते थे, और मैं सोचती थी कि पोडियम पर हमारा राष्ट्रगान कब सुनाई देगा? तो जब इस साल मुझे मेडल मिला और हमारा राष्ट्रगान बजा, तो वह वाकई बहुत शानदार अनुभव था। मैं इसे शब्दों में बयां भी नहीं कर सकती। यह न सिर्फ मेरे लिए, बल्कि हमारी पूरी टीम के लिए एक बहुत बड़ा पल था।”

“कोच ने मेरा काफी मार्गदर्शन किया है। सिर्फ जिम्नास्टिक्स में स्किल्स या मुश्किल एलिमेंट्स सीखने में ही नहीं, बल्कि आमतौर पर भी उन्होंने मुझे बहुत कुछ सिखाया है। वे कभी पढ़ना नहीं छोड़ते, कभी सीखना नहीं छोड़ते। उन्हें देखकर ही मुझे बहुत प्रेरणा मिलता है। चूंकि, मैंने फिजिकल एजुकेशन लिया है, इसलिए ट्रेनिंग के दौरान भी वे मुझे बायोमैकेनिक्स और एनाटॉमिकल टर्म्स सिखाते थे, ताकि मैं स्किल्स और जो हम कर रहे हैं, उसे गहराई से समझ सकूं। उन्होंने सफल एथलीट्स की कई कहानियाँ सुनाकर हमें मोटिवेट भी किया, ताकि मुझे हार न मानने और अपने लक्ष्यों के लिए आगे बढ़ने की वजह मिल सके। हालांकि प्रतियोगिता के समय मेरा परिवार वहां मौजूद नहीं था। असल में, मेरी बहन मेरे साथ उसी कैटेगरी में कॉम्पिटिशन में हिस्सा ले रही थी, जो हमारे लिए एक बहुत अच्छा पल था, लेकिन मेरे माता-पिता घर पर लाइवस्ट्रीम के जरिए इसे देख रहे थे। मेरे फोन करने से पहले ही उन्होंने मुझे फोन किया और वे बहुत खुश थे।”

डेलिगेशन के हेड इंदरजीत सिंह राठौर ने कहा, “उस जीत का अहसास बहुत शानदार था। हमने जो हासिल किया है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। असल में, पूरे भारत को भी वैसा ही महसूस हुआ होगा। जब पोडियम पर राष्ट्रगान बजता है और भारत का झंडा सबसे ऊपर होता है, तो यह कोई मामूली बात नहीं होती। जब अरिहा ने ऐसा किया, तो हमारी 49 लोगों की पूरी टीम खुशी से रो पड़ी। यह हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी।”

उन्होंने कहा, “मैं बस यही सोच रहा था कि अगर हमने एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है, तो भविष्य में वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीत सकते हैं। मुझे अपने खिलाड़ियों, बच्चों और कोचों की काबिलियत पर भरोसा है; उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, और हमें उम्मीद है कि इस बार हम वर्ल्ड कप में और भी मेडल जीतेंगे। बेशक, दूसरे देशों के मुकाबले हमारे पोडियम और इंफ्रास्ट्रक्चर उतने अच्छे नहीं हैं। लेकिन इसके बावजूद हमने यह कामयाबी हासिल की। ​​हमारे जिम्नास्ट्स की काबिलियत की वजह से, सही पोडियम न होने पर भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन भविष्य में, हमें उम्मीद है कि बड़ी कंपनियां और सरकार हमें अच्छा पोडियम इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में मदद करेंगी ताकि हम और भी मेडल जीत सकें। अरिहा निश्चित रूप से बहुत अच्छा कर रही है। वह नेशनल चैंपियन है और अब एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडलिस्ट भी बन गई हैं। मुझे उसके लिए वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी सफलता की उम्मीद है। उसे जिस भी मदद या सपोर्ट की जरूरत होगी, मैनेजमेंट टीम उसके साथ है।”

अंतरराष्ट्रीय

मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

Published

on

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।

सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।

गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”

गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”

Continue Reading

खेल

गीतिका जाखड़: अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित होने वालीं पहली भारतीय महिला पहलवान, कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता सिल्वर मेडल

Published

on

गीतिका जाखड़ की गिनती भारत की मशहूर महिला पहलवानों में की जाती है। महज 13 साल की उम्र में अखाड़े में कदम रखने वालीं गीतिका को पहलवानी का खेल विरासत में मिला। गीतिका ने एशियाई खेलों के साथ-साथ कॉमनवेल्थ गेम्स में भी देश के लिए शानदार प्रदर्शन किया।

गीतिका का जन्म 18 अगस्त, 1985 को हरियाणा के हिसार जिले के अग्रोहा गांव में हुआ। गीतिका के घर में शुरुआत से ही खेलकूद का माहौल था। उनके दादा खुद पहलवान रहे जबकि पिता स्पोर्ट्स अफसर थे। गीतिका को भी बचपन से ही इस खेल से खास लगाव हो गया और उन्होंने 13 साल की उम्र में पहली बार अखाड़े में कदम रखा। महज 15 साल की उम्र में गीतिका ने भारत केसरी का खिताब अपने नाम किया और अगले 9 साल लगातार इस खिताब को जीतने में सफल रहीं। इसके बाद गीतिका ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

2003 और 2005 के कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गीतिका का जलवा देखने को मिला और वह गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहीं। वहीं, साल 2007 में उन्होंने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। नेशनल गेम्स में दमदार प्रदर्शन के लिए गीतिका को ‘भीम पुरस्कार’ से भी नवाजा गया। पहलवानी के खेल में देश का नाम रोशन करने के लिए गीतिका को साल 2006 में भारतीय सरकार द्वारा ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। वह यह पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं।

गीतिका का एशियाई खेलों में भी दबदबा रहा। उन्होंने 2006 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया, जबकि 2014 में हुए एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता। साल 2007 में गीतिका नेशनल गेम्स और सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने में सफर रहीं। गीतिका को 2009 में कल्पना चावला उत्कृष्टता पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। 2011 में गीतिका नेशनल चैंपियनशिप जीतने वाली सबसे कम उम्र की पहलवान बनीं। 2014 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में गीतिका ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गीतिका ने साल 2019 में हरियाणा पुलिस में डीसपी पद पर रहते हुए विश्व कुश्ती खेल (पुलिस) में 60 किलोग्राम में सिल्वर मेडल जीता।

Continue Reading

राष्ट्रीय

मध्य प्रदेश में दुर्लभ कछुए के अंतरराष्ट्रीय तस्कर रहेंगे जेल में

Published

on

भोपाल, 11 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में दुर्लभ कछुआ की तस्करी करने वाले आरोपी जेल में ही रहेंगे, क्योंकि सागर के अपर सत्र न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अपील खारिज करते हुए सजा और अर्थ दंड को बरकरार रखा है। दरअसल, स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने अत्यंत दुर्लभ जलीय जीव रेड-क्राउंड रूफ कछुओं की अंतर्राष्ट्रीय तस्करी के मामले में शेखर दास और मोहम्मद सुल्तान को गिरफ्तार किया था, जिस पर उन्होंने अपील की थी।

इस अपील को विशेष न्यायालय द्वारा खारिज किया गया है। सजा एवं अर्थदंड को बरकरार रखा है। न्यायालय ने आरोपियों की अपील को निरस्त करते हुए उन दोनों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी किए हैं। दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग की संयुक्त टीम ने वर्ष 2017 में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य एवं उसके पारिस्थितिकी क्षेत्र से दुर्लभ लाल तिलकधारी कछुओं तथा पैंगोलिन शल्क की तस्करी का पर्दाफाश किया था। जांच में सामने आया कि आरोपी एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा थे, जो चंबल नदी से इन दुर्लभ कछुओं को एकत्र कर कोलकाता तथा भारत-बांग्लादेश सीमा के माध्यम से विदेशों में अवैध रूप से भेजता था। गिरोह द्वारा वन्यजीव तस्करी के साथ हवाला के जरिये अवैध वित्तीय लेनदेन का नेटवर्क भी संचालित किया जा रहा था।

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्य प्रदेश द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, बयानों और जांच रिपोर्ट के आधार पर विशेष न्यायालय सागर ने 29 मार्च 2022 को दोनों आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (संशोधन 2022) के उल्लंघन का दोषी पाते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई थी। इसके विरुद्ध आरोपियों ने अपील की थी।

अपीलीय न्यायालय ने एसटीएसएफ द्वारा की गई विवेचना और प्रस्तुत साक्ष्यों को तथ्यपरक मानते हुए कहा कि विशेष न्यायालय के निर्णय में कोई वैधानिक त्रुटि नहीं है। अपीलीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों की अपीलें निरस्त कर उन्हें सजा भुगतने के लिए केंद्रीय जेल सागर भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार31 minutes ago

राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- बच्चों पर हुई बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?

अंतरराष्ट्रीय समाचार36 minutes ago

भारत-सिंगापुर मंत्री स्तरीय गोलमेज सम्मेलन: भारत के चार मंत्री होंगे शामिल

मनोरंजन58 minutes ago

18 साल की उम्र में आमिर खान ने किया था सनी देओल के साथ काम, बोले- ‘तब वह बड़े स्टार थे’

राष्ट्रीय समाचार1 hour ago

जयपुर : मुख्यमंत्री कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस

खेल2 hours ago

‘जब गोल्ड जीतने पर राष्ट्रगान बजा, वह पल शानदार था,’ एरोबिक जिम्नास्टिक्स में इतिहास रचने के बाद अरिहा ने साझा किए अनुभव

महाराष्ट्र2 hours ago

सीएम फडणवीस को मिला मंत्रियों के फैसले बदलने का अधिकार, महाराष्ट्र गवर्नमेंट रूल्स 2026 लागू

मनोरंजन2 hours ago

अमिताभ बच्चन ने याद किए पुराने दिन, कहा-शरू में लोग बोलते थे कि एक्टिंग-वैक्टिंग कुछ नहीं आता

मनोरंजन2 hours ago

सुनील शेट्टी ने भारत-यूएई के रिश्ते पर जताया गर्व, बोले- ‘दुबई हमारे भारत का ही हिस्सा’

राजनीति2 hours ago

पीएम मोदी ‘सेमीकॉन इंडिया’ के पांचवें सत्र का 17 सितंबर को करेंगे उद्घाटन

व्यापार2 hours ago

बाल शोषण से संबंधित सामग्री पर कार्रवाई तेज करेगा मेटा, सरकार के साथ हुई चर्चाओं के बाद उठाए सख्त कदम

अपराध3 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

महाराष्ट्र4 weeks ago

महाराष्ट्र: वर्धा जिले में सड़क हादसे में छह की मौत, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जताई संवेदना

मनोरंजन2 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

व्यापार3 weeks ago

सोना इस हफ्ते 2 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ , चांदी 2.2 लाख के पार

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राजनीति3 weeks ago

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र, पैलेट गन के इस्तेमाल पर मांगा जवाब

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

व्यापार1 week ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

रुझान