राष्ट्रीय समाचार
विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए सरकार उठाएगी और कदम: वित्त मंत्री सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार देश में अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए आगे भी कई कदम उठाएगी और बॉन्ड मार्केट के लिए हाल में घोषित उपाय इस दिशा में सिर्फ शुरुआत हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित हीरो माइंडमाइन समिट 2026 को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा, “हम मानते हैं कि देश में और अधिक विदेशी पूंजी आने की जरूरत है। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और बैंकों को विदेश से धन जुटाने की अनुमति देना इस कहानी का अंत नहीं है। हम आगे भी और कदम उठाएंगे।”
उन्होंने कहा कि सरकार विदेशी निवेश बढ़ाने की आवश्यकता को समझती है और आरबीआई के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने पर काम कर रही है कि बाजारों को आवश्यक निवेश मिलता रहे।
वित्त मंत्री ने कहा, “हम मानते हैं कि बॉन्ड मार्केट आने वाली विदेशी पूंजी को समाहित करने का एक अच्छा माध्यम बन सकता है। फिलहाल यह सुविधा केवल सरकारी प्रतिभूतियों के लिए दी गई है, लेकिन यह अंतिम कदम नहीं है। हमें एहसास है कि देश में और अधिक विदेशी पूंजी आनी चाहिए।”
सीतारमण ने कहा कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ा घरेलू बाजार है और खपत लगातार बढ़ रही है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
वित्त मंत्री ने कहा कि दुनिया भर के अन्य देशों और कारोबारों की तरह भारत भी कई ऐसी अनिश्चितताओं का सामना कर रहा है जो उसके नियंत्रण से बाहर हैं। इनमें टैरिफ, कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आने वाली बाधाएं शामिल हैं। हालांकि भारत का बड़ा घरेलू बाजार इन चुनौतियों से कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन देश अब भी कई महत्वपूर्ण कच्चे माल और मध्यवर्ती उत्पादों के आयात पर निर्भर है, जिससे बाहरी झटकों का असर पड़ सकता है।
उनके अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, बीमा लागत में वृद्धि और समुद्री परिवहन से जुड़े जोखिम भारत के आयात बिल और विदेशी मुद्रा की जरूरतों को प्रभावित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “सिर्फ कच्चे तेल की कीमत ही चुनौती नहीं है, बल्कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले तेल जहाजों के लिए बीमा और जोखिम की लागत भी बढ़ गई है। ऐसे में भारत को बढ़ती बाहरी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार बनाए रखना होगा।”
उर्वरक बाजार की अस्थिरता का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद से वैश्विक आपूर्ति की स्थिति कई बार बदली है। कुछ पारंपरिक आपूर्तिकर्ता देशों द्वारा घरेलू भंडार बढ़ाने के लिए निर्यात कम करने से कमी की आशंका पैदा हुई थी, लेकिन लगभग एक वर्ष बाद चीन के दोबारा निर्यात बाजार में लौटने से कुछ राहत मिली है।
सीतारमण ने आगे कहा कि भारत का डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है, जो सरकार की सक्रिय नीतियों और राज्यों की मजबूत भागीदारी के कारण संभव हो रहा है।
उन्होंने कहा कि जो गतिविधियां पहले केवल बेंगलुरु, हैदराबाद और दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े शहरों तक सीमित थीं, वे अब तुमकुरु और मंगलुरु जैसे टियर-2 शहरों तक भी पहुंच रही हैं। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, डेटा सुरक्षा मजबूत होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि डेटा सेंटर और जीसीसी से जुड़ी नीतियों को बेहतर तरीके से समझा और लागू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सक्रिय रूप से संवाद भी कर रही हैं।
सीतारमण ने कहा, “लोगों ने इसे यह सोचकर नहीं देखा कि डेटा सेंटर क्या होता है। भारत के तकनीकी विशेषज्ञ और युवा इस क्षेत्र को तेजी से समझ रहे हैं और इसमें अपनी भूमिका निभा रहे हैं।”
राष्ट्रीय समाचार
नीट-2026 पुनर्परीक्षा: 20 जून को राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल, 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात

देश में 21 जून को होने वाली नीट यूजी पुनर्परीक्षा से पहले, परीक्षा के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसी क्रमी में अधिकारी शनिवार को देशव्यापी मॉक ड्रिल का आयोजन भी करेंगे।
मॉक ड्रिल सुबह 9 बजे शुरू होगी और देर शाम तक चलेगी। देश भर में इस अभ्यास में 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों के भाग लेने की उम्मीद है।
सभी परीक्षा केंद्र नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को सौंप दिए गए हैं। परीक्षा के दिन केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।
अधिकारियों के अनुसार, प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा और संरक्षा की जिम्मेदारी अर्धसैनिक बलों की होगी। देशभर में 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा कर्मियों के माध्यम से की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के लिए रियल टाइम मॉनिटिरिंग के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निगरानी और परीक्षा से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के लिए एक हाई लेवल मॉनिटिरिंग सेंटर स्थापित किया गया है।
परीक्षा को देखते हुए सभी जांच और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। जिला प्रशासन के अलावा, राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारी भी परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं की देखरेख करेंगे।
21 जून को होने वाली नीट-यूजी पुनर्परीक्षा के लिए लगभग 22 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से लगभग 18 लाख उम्मीदवारों ने अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए हैं।
देशव्यापी मॉक ड्रिल का उद्देश्य परीक्षा से पहले तैयारियों, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता का आकलन करना है।
राष्ट्रीय समाचार
लगातार दूसरे दिन सोने की चमक पड़ी फीकी; चांदी में भी छाई सुस्ती

सोने और चांदी की कीमत में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। इससे सोने का दाम 1.45 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का दाम 2.32 लाख रुपए प्रति किलो से नीचे आ गया है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 3,123 रुपए कम होकर 1,44,970 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,48,093 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
22 कैरेट सोने का दाम 1,35,653 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,32,793 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 18 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,08,728 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,11,070 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है।
चांदी का दाम 8,218 रुपए कम होकर 2,31,93 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,40,191 रुपए प्रति किलो था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। कॉमेक्स पर सोना 1.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,174.47 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 64.91 डॉलर प्रति औंस पर थी।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि फेडरल रिजर्व की ओर से 2026 में ब्याज दरें एक बार बढ़ाने के संकेत के बाद सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों का आकर्षण कम हो गया। फेड के सख्त रुख के कारण बुलियन बाजारों में बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग देखी गई।
उन्होंने आगे कहा कि फेड की पॉलिसी के ऐलान के बाद पिछले कुछ सेशन में कॉमेक्स गोल्ड की कीमत लगभग 4375 डॉलर प्रति औंस से गिरकर 4150 डॉलर प्रति औंस हो गई है, जबकि एमसीएक्स गोल्ड का दाम लगभग 1,54,000 रुपए से घटकर 1,47,200 रुपए पर आ गया। डॉलर के मजबूत होने की संभावना और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों का असर मार्केट सेंटीमेंट पर पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका-ईरान समझौते के बाद एलएनजी टैंकर ‘दिशा’ पहुंचा गुजरात, तीन माह बाद होर्मुज से निकला जहाज

अमेरिका और ईरान में हुए समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल दिया गया है और जहाजों की आवाजाही भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इस बीच एलएनजी टैंकर ‘दिशा’ होर्मुज स्ट्रेट को पार करके गुजरात के दाहेज पोर्ट पर सफलतापूर्वक पहुंच गया है। तीन महीने से ज्यादा के इंतजार के बाद, इसने 62,370 मीट्रिक टन लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का कार्गो पहुंचाया है।
जहाज के ट्रैकिंग डेटा से मिली जानकारी के मुताबिक यह जहाज बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच खाड़ी इलाके में खड़ा था। अमेरिका-ईरान समझौते के बाद यह शुक्रवार सुबह करीब 7:32 बजे दाहेज टर्मिनल पर पहुंचा।
एलएनजी कार्गो को कतर के रास लफ्फान एलएनजी टर्मिनल पर लोड किया गया। टैंकर 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी ले जा रहा है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक संवेदनशील समय के दौरान भारत की ऊर्जा सप्लाई चेन के लिए एक बड़ी डिलीवरी है।
जहाज दिशा को शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई) के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम के तहत चलाया जा रहा है और इसे पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के लिए किराए पर लिया गया है। जहाज का होर्मुज स्ट्रेट से सफल ट्रांजिट ऐसे समय में हुआ है जब इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे दुनिया भर के मुख्य शिपिंग लेन की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
सूत्रों ने बताया कि टैंकर अपनी यात्रा पूरी करने से पहले तीन महीने से ज्यादा समय तक खाड़ी क्षेत्र में रहा था। तेल और गैस शिपमेंट के लिए दुनिया के सबसे जरूरी समुद्री चोकपॉइंट्स में से एक, होर्मुज स्ट्रेट से इसका सुरक्षित गुजरना भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी माना गया है।
भरूच में दाहेज एलएनजी टर्मिनल भारत का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस इंपोर्ट हब है और देश के नेचुरल गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में अहम भूमिका निभाता है।
दिशा के आने से एलएनजी की उपलब्धता बढ़ने और इंडस्ट्रियल और घरेलू खपत के लिए स्थिर ऊर्जा सप्लाई को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया में हाल के भू-राजनीतिक तनाव के बीच एलएनजी कैरियर के सुरक्षित आने से भारत के ऊर्जा क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स को राहत मिली है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक जरूरी रास्ता बना हुआ है और इस इलाके में कोई भी रुकावट वैश्विक तेल और गैस सप्लाई चेन पर प्रभाव डाल सकती है।
इस यात्रा का सफलतापूर्वक पूरा होना भारत में बिना रुकावट ऊर्जा इम्पोर्ट के लिए सुरक्षित समुद्री रास्तों के महत्व को दिखाता है।
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