राजनीति
हर जगह अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना ठीक नहीं : अबू आजमी
मुंबई, 10 मार्च : महाराष्ट्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद के टी-20 विश्व कप को लेकर दिए बयान पर कहा कि हर जगह मुसलमानों को निशाना बनाना ठीक नहीं है। इस देश में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और पारसी सभी रहते हैं। सभी को बराबर का सम्मान मिलना चाहिए।
कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पोस्ट पर पोस्ट कर विश्व कप की ट्रॉफी को मंदिर में ले जाने पर आलोचना की थी। उन्होंने लिखा था कि टीम इंडिया पर शर्म नहीं आती है। उन्होंने कहा कि जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था, तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्म के खिलाड़ी थे। हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत (हिंदुस्तान) लाए थे। आखिर भारतीय क्रिकेट ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं।
सपा नेता अबू आजमी ने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के मुसलमानों को आर्थिक यतीम क्यों बनाया गया। महाराष्ट्र का कुल बजट करीब 7 लाख 69 हज़ार करोड़ है, लेकिन महाराष्ट्र के 10-12 फीसदी मुस्लिम समाज के लिए महायुती सरकार ने आधा फीसदी भी बजट आवंटित नहीं किया है। यानी महाराष्ट्र के मुसलमानों को आर्थिक यतीम बना दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अब यह कहना ग़लत नहीं होगा कि सबका साथ सबका विकास बस एक नारा बन कर रह गया है। सवाल अब यह है कि महाराष्ट्र की एक बड़ी आबादी को विकास से वंचित रखकर क्या राज्य का विकास संभव है। बजट में जो प्रावधान किए गए हैं, उनमें मुसलमानों का कोई हिस्सा ही नहीं है।
धर्म परिवर्तन को लेकर अबू आजमी ने कहा कि 18 साल की उम्र के बाद कोई भी धर्म परिवर्तित कर सकता है। यह सब साजिश है, लोग अपनी मर्ज़ी से धर्म बदलते हैं। उन्हें डराया जा रहा है कि तुम लोग ऐसा करो और माहौल खराब करो। हर जगह मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा है। हमारे देश के बहुसंख्यकों में मुसलमानों की इमेज किस तरह खराब की जा रही है। यह सोची समझी साज़िश देश में चल रही है। धर्मांतरण करने वाले अपनी मर्ज़ी से करते हैं और बाद में कहते हैं कि हमें ज़बरदस्ती कराया गया है। सालों बाद यह ऐसी बातें की जाती हैं और यह सब जानबूझकर किया जा रहा है।
फेरी वालों का जिक्र करते हुए अबू आजमी ने कहा कि फेरी वालों में सिर्फ अल्पसंख्यक नहीं होते, बल्कि सभी समुदायों के लोग होते हैं। हालांकि जानबूझकर अल्पसंख्यकों का नाम दिया जाता है और बार-बार कहा जाता है कि ये लोग बाहर से आए हुए हैं या बांग्लादेशी हैं। बांग्लादेशी अभी तक मिले नहीं हैं। अगर कुछ लोग हैं भी, तो यह सरकार की विफलता है कि वे यहां आए कैसे। उन्हें कैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट और राशन कार्ड मिला? यह सरकार की नाकामी है।
उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हैं, इसलिए वे खुद से सड़कों पर सामान बेचकर अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं। अगर सरकार उन्हें इस तरह बेरोजगार कर देगी, तो वे कहां जाएंगे? इससे अपराध और बेरोजगारी दोनों बढ़ेंगे। सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर था कि फेरी वालों को कहीं बैठाना चाहिए।
रमजान का जिक्र करते हुए कहा कि रमज़ान के महीने में लोग ज़कात निकालते हैं। यह उनकी आमदनी का करीब 2.5 प्रतिशत हिस्सा होता है। रमज़ान में ज़कात देने से हमारे इस्लाम धर्म में ज्यादा पुण्य मिलता है, इसलिए लोग इसका इंतजार करते हैं। मैं एक-दो ऐसी परिवारों को जानता हूं, जहां विधवा महिलाएं हैं और कमाने वाला कोई नहीं है। वे रमज़ान के महीने में मोहम्मद अली रोड पर छोटा सा स्टॉल लगाकर कुछ खाना बनाकर बेचती हैं और उसी से अपना गुज़ारा करती हैं। अब अगर उसे बंद कर दिया जाएगा तो मैं समझता हूं कि जानबूझकर बेरोज़गारी बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि रमज़ान में लोग रात को निकलते हैं, इबादत करते हैं, खाना खाते हैं। मैं समझता हूं सरकार को एक महीने के लिए छूट देनी चाहिए ताकि वे अपना छोटा-मोटा रोज़गार कर सकें।
अपराध
नागपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन यात्री से 3 करोड़ रुपए का सोना जब्त, गिरफ्तार

डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने नागपुर रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए 3 करोड़ से ज्यादा कीमत का सोना बरामद किया है। सोना तस्करी के इस मामले में एक यात्री को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई नागपुर की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते तस्करी करके लाया गया सोना ट्रेन से भेजा जाएगा। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने 12102 ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पर नजर रखी।
अधिकारियों को पता चला था कि यह सोना इसी ट्रेन में सफर कर रहे एक व्यक्ति के जरिए अगली मंजिल तक पहुंचाया जाना है। इसके बाद डीआरआई नागपुर की टीम ने नागपुर रेलवे स्टेशन पर निगरानी जारी रखी। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर संदिग्ध यात्री को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उसके सामान से छिपाकर रखा गया सोना मिला।
यात्री के पास से कुल 16 सोने की छड़ें बरामद कीं। बरामद सोने का वजन 2 किलो 165 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से जब्त किए गए सोने की अनुमानित कीमत 3 करोड़ 9 लाख रुपए आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह सोना भारत-बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते भारत में तस्करी करके लाया गया था। इसके बाद इसे रेल मार्ग से देश के दूसरे हिस्सों में पहुंचाने की योजना थी।
डीआरआई ने आरोपी यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। सोने को सरकारी खजाने में जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीआरआई के अधिकारियों ने कहा कि सीमा पार से होने वाली तस्करी पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
राजनीति
विश्व आदिवासी दिवस पर केजरीवाल का संदेश, आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए लड़ रही है आप

दुनियाभर के आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना, उनकी संस्कृति, भाषा और परंपराओं का सम्मान करने के लिए हर वर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। रविवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने विश्व आदिवासी दिवस पर बधाई दी।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “विश्व आदिवासी दिवस की पूरे आदिवासी समाज को बहुत-बहुत बधाई। देश में आदिवासी समाज के साथ ही सबसे ज्यादा अन्याय हुआ है। दूसरी पार्टियों द्वारा आपके जल, जंगल और जमीन पर डाका डाला गया। केवल आम आदमी पार्टी ही आपके अधिकारों के लिए लड़ रही है। आज चैतर वसावा जेल में हैं, क्योंकि वे आपकी आवाज उठा रहे थे। उनके जल्द बाहर आने के लिए प्रार्थना करें।”
सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर अरविंद केजरीवाल ने कहा, “पिछले 75 वर्षों में अदिवासी समाज के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हुआ है। 75 वर्षों की देश की तरक्की हुई और बाकी सभी समाज के लोगों की तरक्की हुई, लेकिन आदिवासी समाज पीछे रह गया। आदिवासी समाज को जानबूझकर पीछे रखा गया। आदिवासी समाज के संसाधनों पर डाका डाला गया।”
केजरीवाल ने कहा, “जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज का पैदाइशी अधिकार है, लेकिन समाज से छीन कर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया गया, क्योंकि बाकी पार्टियों के नेता भ्रष्टाचारी थे। आम आदमी पार्टी आपके (आदिवासी समाज) अधिकारों के लिए लड़ रही है। इसके लिए कितनी बार हमारे नेता जेल गए। आज चैतर वसावा जेल में हैं, क्योंकि वे आपकी आवाज उठा रहे थे। उनके जल्द बाहर आने के लिए प्रार्थना करें।”
आम आदमी पार्टी के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से पोस्ट किया गया, “आज पूरे देश में आदिवासी समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई पूरी ईमानदारी से सिर्फ आम आदमी पार्टी लड़ रही है। जल, जंगल और जमीन के साथ आदिवासी समाज की आवाज उठाने वाले गुजरात के आप विधायक चैतर वसावा को भाजपा ने फर्जी केस में जेल में डलवा दिया, लेकिन आप आदिवासी समाज के हक की इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी। विश्व आदिवासी दिवस पर समस्त आदिवासी समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।”
राजनीति
केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कैग रिपोर्ट का मुद्दा उठाते हुए पिछली आम आदमी पार्टी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 24वीं कैग रिपोर्ट में साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए की अनियमितताएं सामने आई हैं। यह रिपोर्ट केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का लिखित दस्तावेज है।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “विधानसभा के मानसून सत्र में 24वीं कैग रिपोर्ट को पेश किया गया। कैग रिपोर्ट केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का लिखित दस्तावेज है। हम सभी जानते हैं कि केजरीवाल सरकार में कामों का ऑडिट नहीं होता था। भाजपा सरकार बनने के बाद डेढ़ साल में 24 कैग रिपोर्ट आ चुकी हैं। हर रिपोर्ट में सैकड़ों-हजारों करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार सामने आया है।”
उन्होंने दावा किया कि 24वीं कैग रिपोर्ट में साढ़े 3 हजार करोड़ रुपए की अनियमितताएं सामने आई हैं। यह रिपोर्ट 31 मार्च 2023 की है।”
प्रवेश वर्मा ने कहा कि हर वित्त वर्ष में केजरीवाल सरकार ने क्या-क्या भ्रष्टाचार किए, इन सबके बारे में कैग रिपोर्ट के दस्तावेजों से जानकारी सामने आई है। कैग ने सबसे अहम बात यह कही कि 70,410 करोड़ रुपए का जीएसटी दिल्ली की जनता का बकाया था।
मंत्री ने कहा, “65 प्रतिशत राशि 5 साल से अधिक समय से दिल्ली सरकार वसूल नहीं करती थी। जिन उद्योगपतियों को पैसा देना होता था, उससे जीएसटी विभाग सांठगांठ करता था और उद्योगपतियों का बकाया सालों तक लंबित रहता था। बहुत सारे कारोबारी ऐसे थे, जिनका जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी रद्द हो चुका था। इसके बावजूद ईवे बिल बनाया जाता था। 8,334 करदाताओं का जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द हो चुका था, वे ईवे बिल जनरेट करते रहे। 68,680 करोड़ रुपए के ईवे बिल जनरेट किए गए थे। इससे स्पष्ट है कि सरकार को बहुत भारी जीएसटी नुकसान हुआ है।”
प्रवेश वर्मा ने आगे कहा कि 4,076 लोग टैक्स फाइल नहीं करते थे, लेकिन उन्होंने भी 11,635 करोड़ रुपए के ईवे बिल जनरेट किए। उन्होंने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल, उनकी सरकार के जीएसटी विभाग और उनके मंत्रियों को यह सब पता था, लेकिन वे इस पर कोई कार्रवाई नहीं करते थे। कार्रवाई इसलिए नहीं की गई, ताकि रिश्वत ली जाए और डरा-धमकाकर वसूली की जाए।
उन्होंने कहा कि टैक्स चोरी हो रहा था। इसके ऊपर पिछली सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। 6.10 करोड़ ईवे बिल जनरेट हुए, जिसमें सिर्फ 70 मामलों यानी महज लगभग 0.10 प्रतिशत मामलों में ही कार्रवाई हुई। इसलिए यह बहुत गंभीर विषय है। सरकार के पास पूरे आंकड़े थे, फिर भी सिर्फ 70 मामलों में कार्रवाई हुई।
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