राष्ट्रीय
मध्य पूर्व में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, 91.84 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा ब्रेंट क्रूड
oil
नई दिल्ली, 7 मार्च : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण शनिवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। ब्रेंट क्रूड की कीमत 91.84 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का दाम 89.62 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया।
इस तेजी के साथ ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई की कीमतों में क्रमशः 24.55 प्रतिशत और 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंकाएं फिर से तेज हो गई हैं।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स अप्रैल 2024 के बाद पहली बार 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया है। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत दिन के दौरान लगभग 11 प्रतिशत बढ़कर 89.62 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान को ‘निर्धारित समय से पहले और पहले कभी न देखे गए स्तर पर’ नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास अब ‘कोई एयरफोर्स और एयर डिफेंस नहीं बचा है’ और उसकी वायु सेना लगभग खत्म हो चुकी है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल ही में एनबीसी न्यूज से बातचीत में कहा कि उनका देश किसी भी तरह की बातचीत करने का इरादा नहीं रखता और जमीनी युद्ध के लिए भी तैयार है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ था, तब ब्रेंट क्रूड की कीमत 139 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। मौजूदा हालात में भी अगर तनाव बढ़ता है तो कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
हालांकि भारत के लिए राहत की बात यह है कि देश के पास फिलहाल कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार के अनुसार, भारतीय तेल कंपनियां खाड़ी क्षेत्र के अलावा अन्य देशों से भी आयात बढ़ाकर आपूर्ति में आने वाली कमी को पूरा कर रही हैं।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि भारत के पास फिलहाल ऊर्जा संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक है और देश ऊर्जा आपूर्ति के मामले में आरामदायक स्थिति में है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसी आपूर्ति से अधिक ऊर्जा स्रोत भारत के पास उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर अन्य क्षेत्रों से आयात बढ़ाया जाएगा।
अधिकारी के अनुसार, भारत 2022 से रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है। उस समय रूस से आयात कुल आयात का केवल 0.2 प्रतिशत था, लेकिन अब इसमें काफी बढ़ोतरी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि फरवरी में भारत ने अपने कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 20 प्रतिशत रूस से खरीदा, जो करीब 10.4 लाख बैरल प्रतिदिन (1.04 मिलियन बैरल प्रतिदिन) है।
सरकार ने रिफाइनरियों को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी उत्पादन अधिकतम करें और घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दें, ताकि मध्य पूर्व संकट के कारण रसोई गैस की कमी न हो। इसके तहत प्रोपेन और ब्यूटेन जैसी महत्वपूर्ण गैसों का उपयोग प्राथमिकता से एलपीजी उत्पादन में करने को कहा गया है।
राजनीति
बिहार में जो भी नई सरकार बनेगी, वह नीतीश के मार्गदर्शन में ही चलेगी: चिराग पासवान

पटना, 23 मार्च : बिहार में चल रहे नए मुख्यमंत्री के नामों की चर्चा के बीच केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने सोमवार को साफ कर दिया कि गठबंधन में इसे लेकर चर्चा चल रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी नई सरकार बनेगी, वह नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में जरूर चलेगी।
पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने ‘सम्राट मॉडल’ को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि होम डिपार्टमेंट के मंत्री के तौर पर वे अच्छा काम कर रहे हैं और आगे उनकी क्या भूमिका सरकार में होगी, यह कहना अभी मुश्किल है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आगे कहा कि हम लोगों के बीच सरकार बनाए जाने पर बातचीत जारी है और लगभग सहमति बन गई है। बहुत जल्द सरकार किसके नेतृत्व में बनेगी, इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
उन्होंने जदयू के लोगों द्वारा जदयू के मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर कहा, “गठबंधन के भीतर सभी चीजों को लेकर बातचीत चल रही है। समय की बात है। मुझे लगता है कि बहुत जल्द इसकी औपचारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। कौन मुख्यमंत्री होगा, किस दल से होगा, इन तमाम विषयों को लेकर गठबंधन के पांचों दलों के बीच चर्चा ही नहीं, मोटा-मोटी सहमति भी बन चुकी है।”
उन्होंने ईरान और अमेरिका युद्ध को लेकर कहा कि यह विदेश नीति का मामला है। ऐसे में हमारी सरकार की कोशिश है कि इस हमले का प्रभाव हमारे देश के लोगों पर कम पड़े। सरकार इसे लेकर मुस्तैदी से जुटी हुई है।
दरअसल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद चुने गए हैं। इसके बाद वे राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण कर लेंगे। बिहार में उनके जाने के साथ किसी अन्य के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार बनेगी। ऐसे में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कई नामों पर चर्चा है।
अपराध
गोवा में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मामले में भाजपा पार्षद का बेटा गिरफ्तार

पणजी, 23 मार्च : दक्षिण गोवा पुलिस ने सोमवार तड़के 25 से 30 नाबालिग लड़कियों से जुड़े कथित सेक्स स्कैंडल को लेकर 20 वर्षीय युवक सोहम सुशांत नाइक को गिरफ्तार कर लिया। भाजपा के कुर्चोरेम नगर पालिका पार्षद के बेटे नाइक को उस समय हिरासत में लिया गया, जब स्थानीय लोगों की भीड़ ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी युवक पर आरोप है कि उसने कई नाबालिग लड़कियों के साथ यौन संबंध बनाए। इन घटनाओं को रिकॉर्ड किया और बाद में उन वीडियो का इस्तेमाल पीड़ितों को धमकाने और चुप रहने के लिए किया।
यह मामला पिछले सप्ताह तब उजागर हुआ, जब आरोपी सोहम नाइक ने कथित तौर पर एक सामाजिक सभा में अपने कृत्यों की डींग भरी और पीड़ितों के आपत्तिजनक वीडियो अपने साथियों को दिखाए। जैसे-जैसे दक्षिण गोवा में यौन शोषण वीडियो की अफवाहें फैलने लगीं, स्थानीय तनाव चरम पर पहुँच गया।
हालांकि इससे पहले, यह मामला कुछ दिनों से इलाके में चर्चा में था। रविवार रात स्थानीय नागरिक कुडचेड पुलिस स्टेशन के पास एकत्र हुए और कार्रवाई की मांग की क्योंकि मामला एक स्थानीय भाजपा पार्षद के बेटे से जुड़ा हुआ था। अंततः पुलिस ने पार्षद के बेटे सोहम नाइक को हिरासत में ले लिया।
यह कार्रवाई तब हुई जब आरोपी ने पिछले सप्ताह एक शराब पार्टी में अपने दोस्तों को कुछ वीडियो दिखाए। इससे बीते वर्षों में नाबालिगों के कथित यौन शोषण का मामला सामने आया।
रविवार को कुर्चोरेम के निवासियों ने पुलिस स्टेशन तक मार्च किया और नाबालिगों से जुड़े कथित सेक्स रैकेट वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि पुलिस 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती, तो वे बंद का आह्वान करेंगे। उन्होंने यह भी मांग की कि पुलिस पीड़ितों के सामने आने का इंतजार न करे और स्वतः संज्ञान लेकर एफआईआर दर्ज करे।
गोवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पाटकर ने सरकार से हस्तक्षेप करने, स्वतः संज्ञान लेने और इस भयावह मामले की त्वरित, निष्पक्ष व समयबद्ध जांच कराने की मांग की।
दक्षिण गोवा पुलिस वर्तमान में डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और यह निर्धारित करने का प्रयास कर रही है कि सोहम सुशांत नाइक द्वारा नाबालिग लड़कियों का शोषण किस पैमाने पर हुआ।
आरोपी अभी हिरासत में है जबकि फॉरेंसिक टीमें कथित रूप से ब्लैकमेलिंग में इस्तेमाल किए गए वीडियो को बरामद करने का कार्य कर रही हैं।
राष्ट्रीय
पश्चिम एशिया संघर्ष पर लोकसभा को संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी

OM MODI
नई दिल्ली, 23 मार्च : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार दोपहर 2 बजे लोकसभा को संबोधित करेंगे, जिसमें वह पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
इससे पहले रविवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेट्रोलियम, कच्चे तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य पश्चिम एशिया में विकसित हो रहे संकट के बीच निर्बाध आपूर्ति और स्थिर वितरण सुनिश्चित करना था।
बैठक में पूरे देश में आवश्यक सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकने के लिए आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने, लॉजिस्टिक्स को स्थिर रखने और वितरण प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को ईंधन की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति और भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, सरकार वैश्विक घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर उपभोक्ताओं और उद्योगों पर न पड़े, इसके लिए सक्रिय कदम उठाए गए हैं।
बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच पर्याप्त भंडार बनाए रखने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।
यह समीक्षा ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार दबाव में हैं। यह क्षेत्र वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्य शिपिंग मार्गों में व्यवधान को लेकर भी चिंता जताई गई, खासकर होमुर्ज जलडमरू मध्य को लेकर, जहां से वैश्विक ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपित से बातचीत की थी और क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करते हुए शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया था।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को खुला और सुरक्षित बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया था और चेतावनी दी कि किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर सकता है।
मध्य पूर्व पर निर्भरता कम करने के लिए, भारत ने अपने तेल और गैस आयात के स्रोतों में विविधता लाई है और अमेरिका, रूस व नाइजीिरया जैसे देशों से खरीद बढ़ाई है। अब भारत के लगभग 70 प्रतिशत तेल आयात खाड़ी क्षेत्र के बाहर के स्रोतों से आते हैं।
सरकार ने एलपीजी आपूर्ति प्रबंधन के प्रयास भी तेज किए हैं, जिसमें संभावित कमी को दूर करने के लिए अमेरिका से तरलीकृत पेट्रोलियम गैस की खरीद शामिल है।
हालांकि एलपीजी उपलब्धता को लेकर कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता स्तर पर आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आई है और ऑनलाइन बुकिंग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
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