राष्ट्रीय
ईरान समर्थक प्रदर्शनों के बाद कश्मीर में स्थिति सुधरी, लेकिन प्रतिबंध बरकरार
श्रीनगर, 5 मार्च : अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के विरोध में जम्मू कश्मीर में प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा बल पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। तनाव धीरे-धीरे कम हो रहा है, हालांकि कश्मीर में गुरुवार को भी प्रतिबंध जारी रहे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे घाटी क्षेत्र में दिनभर प्रतिबंध लागू रहेंगे और किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन या लोगों के जमावड़े की अनुमति नहीं होगी।
श्रीनगर जिले और घाटी के अन्य जिलों में सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस और सीआरपीएफ की टुकड़ियों को तैनात किया गया था। प्रतिबंधों को लागू करने के लिए सड़क चौराहों पर बैरिकेड और नाकाबंदी की गई थी।
श्रीनगर और अन्य जिलों में शिया मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में इन प्रतिबंधों को और अधिक सख्ती से लागू किया जा रहा है।
अधिकारियों की तरफ से एहतियाती उपायों को जारी रखने के बावजूद घाटी में स्थिति में स्पष्ट रूप से सुधार हो रहा था क्योंकि श्रीनगर शहर के ऊपरी इलाकों और घाटी के अन्य सभी जिला मुख्यालयों में लोग एक-दो के समूह में जीवन की आवश्यक वस्तुएं खरीदने के लिए निकल रहे थे।
श्रीनगर के ऊपरी इलाकों में स्थित लाल चौक को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में दुकानें सामान्य रूप से चलती रहीं। दुकानें वहां बंद रहीं, जहां प्रतिबंधों को लागू करने के लिए बैरिकेड, टिन की चादरें और कंटीले तार लगाए गए थे।
जैसे-जैसे तनाव कम होने लगा, सुरक्षा बलों ने भी उन लोगों के प्रति नरम रुख दिखाया जो सामान्य जीवन की गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए बाहर निकल रहे थे, जहां भी ऐसी गतिविधियां संभव थीं।
श्रीनगर शहर में, पुराने शहरी इलाकों को छोड़कर कार्यालय जाने वाले लोग घाटी के अन्य हिस्सों की तरह ही सुबह अपने कर्तव्यों को फिर से शुरू करने के लिए निकले। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय आज भी बंद रहे और 7 मार्च के बाद फिर से खुलेंगे। कश्मीर विश्वविद्यालय, क्लस्टर विश्वविद्यालय और केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा 7 मार्च तक निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।
इंटरनेट सेवाएं 2जी स्पीड पर उपलब्ध रहेंगी, जबकि प्रीपेड मोबाइल फोन पर सेवाएं अगले आदेश तक निलंबित रहेंगी।
अधिकारियों ने इंटरनेट पर आपत्तिजनक सामग्री अपलोड करने के आरोप में कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की है। सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी और श्रीनगर के पूर्व महापौर जुनैद अजीम मट्टू उन लोगों में शामिल हैं जिनके खिलाफ भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
अमेरिकी-इजरायली बमबारी में ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद घाटी के कुछ हिस्सों में हुए विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर एहतियाती उपाय के रूप में ये प्रतिबंध लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को श्रीनगर में धार्मिक, सामाजिक और व्यावसायिक समुदायों सहित नागरिक समाज के सदस्यों के साथ बातचीत की। उमर अब्दुल्ला ने ईरान में मारे गए लोगों, जिनमें खामेनेई और अन्य लोग भी शामिल थे, के लिए भी प्रार्थना की।
अपराध
मुंबई में अभिनेत्री निमिषा नायर की कैब का पीछा करने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ा

मुंबई, 20 मार्च : मुंबई में रोड रेज में अभिनेत्री निमिषा नायर ने दो युवकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में मुंबई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया और उन्हें हिरासत में लेकर नोटिस देकर छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार यह घटना 17 मार्च तड़के की बताई जा रही है। अभिनेत्री निमिषा नायर अपने एक दोस्त के साथ उबर कैब से अंधेरी स्थित घर से नरिमन पॉइंट जा रही थीं। सुबह करीब 4:45 बजे जब उनकी कैब बांद्रा ईस्ट के खेरवाड़ी ब्रिज पर पहुंची, तब कैब ने एक मोटरसाइकिल को ओवरटेक किया। आरोप है कि किसी बात से मोटरसाइकिल सवार दोनों युवक नाराज हो गए थे और उन्होंने कैब का पीछा करना शुरू कर दिया था।
खेरवाड़ी पुलिस के अनुसार, दादर निवासी 25 और 27 वर्षीय युवकों ने कैब को रोकने की कोशिश की। उन्होंने कथित तौर पर कैब का दरवाजा खोलने की कोशिश की और ड्राइवर को धमकाया भी। स्थिति को देखते हुए निमिषा नायर ने घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, एक्ट्रेस ने सूझबूझ दिखाते हुए मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर नोट कर लिया था।
इसके बाद में निमिषा नायर ने इस घटना का वीडियो इंस्टाग्राम पर साझा किया और पुलिस अधिकारियों को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की। पोस्ट वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने उनसे संपर्क किया और रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उन्हें नोटिस देकर छोड़ दिया गया। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपी अपने माता-पिता के साथ थाने पहुंचे थे और करीब एक दिन तक वहीं रहे। उनके परिजनों ने भी माना कि उनके बच्चों से गलती हुई है और वे आगे से इस तरह की किसी भी घटना में नहीं शामिल होंगे। इसके बाद दोनों आरोपियों को नोटिस देकर छोड़ दिया गया।
निमिषा नायर ने अपनी पोस्ट में कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करना जरूरी है, क्योंकि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
राष्ट्रीय
ईसीआई ने नागरिक स्वयंसेवकों को बोनस देने के मामले में बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी

कोलकाता, 19 मार्च : चुनाव आयोग ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल सरकार से एक रिपोर्ट मांगी। यह रिपोर्ट सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस, दोनों के तहत काम करने वाले नागरिक स्वयंसेवकों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल पुलिस के तहत आने वाले ग्राम पुलिस स्वयंसेवकों के लिए, वित्त वर्ष 2025-26 हेतु एक तदर्थ बोनस देने की घोषणा किए जाने के बाद मांगी गई है।
यह घोषणा राज्य सचिवालय, नबन्ना से जारी एक नोटिफिकेशन के जरिए की गई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, चुनावों से पहले की गई यह घोषणा महत्वपूर्ण है, क्योंकि नागरिक स्वयंसेवक पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं और चुनाव के दौरान अतिरिक्त जिम्मेदारियाँ भी उठाते हैं। इसी संदर्भ में, इन वित्तीय लाभों के प्रावधान को उनकी सेवा की पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।
साथ ही, इस घोषणा पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी सामने आई हैं। विपक्ष के एक धड़े ने आरोप लगाया कि ऐसे कदम चुनावों से पहले नागरिक स्वयंसेवकों को खुश करने के मकसद से उठाए गए हैं। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है और वित्त विभाग की सिफारिशों के अनुसार उठाया गया है।
विपक्ष ने यह भी दावा किया है कि यह घोषणा विधानसभा चुनाव के नोटिफिकेशन के बाद की गई है, और इसलिए यह आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन है।
इस घटनाक्रम के बाद, चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
राज्य सरकार के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस के तहत सेवा देने वाले नागरिक स्वयंसेवक, साथ ही पश्चिम बंगाल पुलिस के तहत सेवा देने वाले ग्राम पुलिस स्वयंसेवकों को इस चालू वित्त वर्ष के दौरान यह बोनस मिलेगा।
तदर्थ बोनस में एकमुश्त 600 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। 27 फरवरी को, राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए तदर्थ बोनस में बढ़ोतरी की घोषणा की थी; अब यह लाभ नागरिक स्वयंसेवकों और ग्राम पुलिस स्वयंसेवकों तक भी बढ़ा दिया गया है।
इस घोषणा के साथ, नागरिक स्वयंसेवकों और ग्राम पुलिस स्वयंसेवकों को अब 7,400 रुपए मिलेंगे, जो पहले 6,800 रुपए थे।
गौरतलब है कि 27 फरवरी को, राज्य वित्त विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था जिसमें कहा गया था कि जो सरकारी कर्मचारी ‘उत्पादकता-आधारित बोनस योजना’ के दायरे में नहीं आते हैं, और जिनका 31 मार्च, 2026 तक संशोधित मासिक वेतन 46,000 रुपए से अधिक नहीं है, उन्हें प्रति व्यक्ति 7,400 रुपए का बोनस मिलेगा।
कुछ विशिष्ट शर्तों के अधीन, संविदा कर्मचारी और वे लोग जिन्होंने छह महीने की सेवा पूरी कर ली है, वे भी यह बोनस पाने के हकदार हैं। भुगतान पश्चिम बंगाल सेवा (वेतन और भत्तों का संशोधन) नियम, 2019 के अनुसार किया जाएगा। इसमें मकान किराया भत्ता, चिकित्सा भत्ता और सब्सिडी जैसे भत्ते शामिल नहीं हैं। यह भी ध्यान देने लायक है कि 15 मार्च को पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से कुछ घंटे पहले ही, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरोहितों और मुअज्जनों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की थी।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, बनर्जी ने मासिक मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा की। इस संशोधन के बाद, अब उन्हें हर महीने 2,000 रुपए मिलेंगे।
राजनीति
पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी का जाना तय है, भाजपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी : जनार्दन सिंह सिग्रीवाल

पटना, 19 मार्च : पश्चिम बंगाल में चुनाव की घोषणा होने के बाद बयानबाजियों का दौर भी शुरू हो गया है। इस बीच, भाजपा के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने गुरुवार को यहां कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का जाना तय है। इस चुनाव में भाजपा विजयी होगी और वहां भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।
पटना में मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोग भाजपा की सरकार के आने का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी होने के बाद ही कई स्थानों पर विरोध शुरू हो गया है। इधर, बिहार में नए मुख्यमंत्री के सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आगे जो भी मुख्यमंत्री होगा, उन्हें भी नीतीश कुमार का आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बिहार को और आगे बढ़ाना है, बिहार को विकसित बिहार बनाना है। इसके लिए हम सबको मजबूती के साथ आगे काम करना है और बिहार को विकसित प्रदेश बनाना है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के पहले बिहार में जंगलराज था, कहीं निकलना भी दूभर था। सड़कें, बिजली, पानी तक नहीं थी। लेकिन नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री के तौर पर इस बिहार को सुधारते-सुधारते यहां तक लाने का काम किया है। आज भी जो उनके जो काम अधूरे हैं, उन्हें भी पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो भी मुख्यमंत्री होंगे, उन्हें शुभकामनाएं हैं और हम सभी विकसित भारत और विकसित बिहार बनाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू का गठबंधन काफी पुराना है। हमलोग वर्षों से एक साथ चलते रहे हैं और इसकी आदत भी है, इसलिए कहीं कोई समस्या नहीं है। दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुने जाने के बाद अब बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, जिसे लेकर बयानबाजी भी तेज है।
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