राजनीति
कौन हैं रितु तावड़े? मुंबई मेयर पद के लिए भाजपा के घाटकोपर नगरसेवक को महायुति का उम्मीदवार नामित किया गया
मुंबई: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पार्षद रितु तावड़े को मुंबई महापौर पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इससे पार्टी की जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता को प्राथमिकता देने का संकेत मिलता है। तावड़े जल्द ही अपना नामांकन दाखिल करेंगी। महायुति गठबंधन के तहत, शिवसेना ने पार्षद संजय घड़ी को उप महापौर पद के लिए नामित किया है।
तावड़े घाटकोपर के वार्ड 132 से दो बार पार्षद रह चुकी हैं, जहां गुजराती मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। मराठा समुदाय से होने के बावजूद, उन्होंने वार्ड में सभी समुदायों का समर्थन हासिल किया है, जिसे पार्टी नेताओं का कहना है कि यह उनकी सुलभता और लगातार स्थानीय उपस्थिति को दर्शाता है।
उनके चुनावी सफर में जीत और हार दोनों शामिल हैं। 2017 के नगर निगम चुनावों में, उन्होंने वार्ड 127 से चुनाव लड़ा, लेकिन तत्कालीन संयुक्त शिवसेना के तुकाराम कृष्ण पाटिल से 4,024 वोटों के अंतर से हार गईं, जैसा कि माय कॉर्पोरेटर के आंकड़ों से पता चलता है। बाद में उन्होंने चुनावी राजनीति में वापसी की और वार्ड 132 से जीत हासिल की, जिससे वह घाटकोपर क्षेत्र में भाजपा का एक प्रमुख चेहरा बन गईं।
औपचारिक रूप से, वह कांग्रेस की सदस्य थीं, लेकिन 2012 में उन्होंने भाजपा में शामिल हो गईं। 2025 में उनकी कुल चल और अचल संपत्ति का मूल्य 5.26 करोड़ रुपये था, जो 2017 में 3.58 करोड़ रुपये था।
मुंबई महापौर पद के लिए चुनाव बुधवार, 11 फरवरी को होगा। महापौर पद का चयन लॉटरी प्रणाली के आधार पर किया जाता है, जिसे 74वें संवैधानिक संशोधन के बाद लागू किया गया है। इस संशोधन में स्थानीय निकायों में नेतृत्व पदों के लिए बारी-बारी से आरक्षण अनिवार्य किया गया है। मुंबई नगर निगम अधिनियम के तहत, महापौर का पद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं (आरक्षित और सामान्य दोनों) और सामान्य वर्ग के बीच बारी-बारी से आता है। यह प्रक्रिया मुंबई स्थित मंत्रालय (राज्य सचिवालय) में होती है, जिसकी देखरेख आमतौर पर शहरी विकास विभाग के मंत्री या सचिव करते हैं। प्रक्रिया इस प्रकार है:
– पर्चियों की तैयारी: अधिकारी ऐतिहासिक रोटेशन के आधार पर पात्र श्रेणियों की एक सूची तैयार करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि पिछला सत्र ‘खुला’ था, तो प्रत्येक समूह को अवसर मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए उस श्रेणी को हटाया जा सकता है या उसकी प्राथमिकता कम की जा सकती है।
– सार्वजनिक ड्रॉ: एक पारदर्शी सार्वजनिक समारोह में, श्रेणियों को कागज के एक टुकड़े पर लिखा जाता है और उसे मोड़कर कांच के जार या बॉक्स में रख दिया जाता है।
– चयन प्रक्रिया: परंपरागत रूप से, एक बच्चे को जार में से पर्ची निकालने के लिए कहा जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि पर्ची यादृच्छिक रूप से चुनी गई है। चुनी गई पर्ची पर लिखी श्रेणी महापौर पद के लिए आधिकारिक आरक्षण बन जाती है।
– आधिकारिक अधिसूचना: ड्रॉ पूरा होने के बाद, शहरी विकास विभाग (यूडीडी) एक औपचारिक राजपत्र अधिसूचना जारी करता है।
लॉटरी के परिणाम से यह तय होता है कि कौन से पार्षद चुनाव लड़ सकते हैं। यदि पद अनुसूचित जनजाति की महिला के लिए आरक्षित है, तो केवल निर्वाचित पार्षदों की बैठक में ही चुनाव लड़ा जा सकता है। अधिसूचना के बाद, नगर आयुक्त 227 निर्वाचित पार्षदों की एक विशेष बैठक बुलाएंगे। इसके बाद, हाथ उठाकर मतदान के माध्यम से महापौर का चुनाव किया जाता है, जिसके लिए 114 वोटों के साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है।
राष्ट्रीय समाचार
पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा हत्याकांड में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, फरार अपराधी झरना मिस्त्री गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 2021 के पश्चिम बंगाल पोस्ट-पोल हिंसा से जुड़े हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रही घोषित अपराधी झरना मिस्त्री को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने मंगलवार को उसे दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर के घोषपाड़ा से गिरफ्तार किया।
झरना मिस्त्री सह-आरोपी संजय मिस्त्री की पत्नी है। सीबीआई के मुताबिक, 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही वह फरार थी और उसने इस मामले की जांच या सुनवाई की कार्यवाही में कभी हिस्सा नहीं लिया। उसकी गिरफ्तारी के लिए सीबीआई ने 50 हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया था।
यह मामला पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा के दौरान एक महिला की हत्या से जुड़ा है। कलकत्ता हाईकोर्ट के 19 अगस्त 2021 के आदेश के अनुपालन में सीबीआई ने 27 अगस्त 2021 को इस मामले की जांच अपने हाथ में लेते हुए जगद्दल थाने में 3 मई 2021 को दर्ज एफआईआर संख्या 345/2021 को टेकओवर किया था।
एफआईआर में शिकायतकर्ता की मां शोभा रानी मंडल की हत्या का आरोप लगाया गया था। मामले की जांच के बाद सीबीआई ने 29 दिसंबर 2021 को कुल 13 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। इनमें झरना मिस्त्री भी शामिल थी।
सीबीआई के अनुसार, झरना मिस्त्री लगातार छिपती रही और अदालत की प्रक्रिया से बचती रही। इसके बाद उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित एसीजेएम अदालत ने 3 अक्टूबर 2023 के आदेश के जरिए उसे घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।
सीबीआई ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को आज बैरकपुर की सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है।
राजनीति
कांग्रेस क्यों चाहती है मृत और डुप्लीकेट वोटरों के नाम रिस्टोर हों?: स्मृति ईरानी

भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने को लेकर तीखा हमला बोला।
स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व ने आज उन 13 करोड़ 30 लाख नामों का उल्लेख किया, जिनके संदर्भ में चुनाव आयोग 26 तारीख को अपना बयान दे चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि इलेक्टोरल रोल में अगर किसी का नाम डुप्लीकेट हो या किसी मृत व्यक्ति का नाम हो, तो कांग्रेस पार्टी क्यों चाहती है कि मृत लोगों के नाम रिस्टोर हों। कांग्रेस क्यों चाहती है कि डुप्लीकेट नाम इलेक्टोरल रोल में चलते रहें। चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस नोट में स्पष्ट किया है कि बीएलओ घरों में जाकर ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर रहे हैं और एफआईआर के संदर्भ में उनके घर जाकर दस्तावेज कलेक्ट करके खुद पुष्टि करेगा।
उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्टीकरण दे दिया है, तो फिर क्यों कांग्रेस का नेतृत्व चाहता है कि जो मृत हैं उनका नाम इलेक्टोरल रोल में रिस्टोर रहे और जिनका नाम डुप्लीकेट है, उनका नाम इलेक्टोरल रोल में बना रहे।
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस द्वारा लाहौर अधिवेशन का उल्लेख किए जाने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज वह स्तब्ध हैं कि कांग्रेस नेतृत्व ने लाहौर कांग्रेस सेशन का उल्लेख किया। अगर कांग्रेस पार्टी इतिहास के पन्ने पलटना चाहती है, तो उसे वह पन्ना भी देश की जनता के सामने रखना चाहिए जिसमें एओ ह्यूम, जो ब्रिटिश एम्पायर के सेक्रेटरी रेवेन्यू, एग्रीकल्चर एंड कॉमर्स थे, उन्होंने वायसराय के साथ यह सुझाव साझा किया था कि अगर ब्रिटिश एम्पायर का संरक्षण करना है तो कांग्रेस पार्टी का गठन होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि यह हिस्टोरिकल डॉक्यूमेंट में दर्ज है। ब्रिटिश के संरक्षण के लिए जिस कांग्रेस पार्टी को बनाया गया, वह आज भारत के चुनाव आयोग पर लाहौर कांग्रेस सेशन का उल्लेख करके अटैक कर रही है, इससे ज्यादा शर्मनाक बात कोई नहीं हो सकती।
राष्ट्रीय समाचार
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 58 लाख विद्यार्थियों को ड्रेस के लिए 600 रुपए मिलेंगे

मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहले से आठवीं तक पढ़ने वाले 58 लाख बच्चों को गणवेश के लिए 600 रुपए दिए जाएंगे।यह फैसला मंगलवार को हुई मोहन सरकार की कैबिनेट में लिया गया । राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि राज्य के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के 58 लाख विद्यार्थियों को 600 रुपए प्रति गणवेश के अनुसार सीधे बैंक खाता के माध्यम से प्रदान किए जाएंगे, इसके अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा 348 करोड़ रुपए छात्रों को दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि बैठक में करीब 24 हजार 500 करोड़ के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें पुनरीक्षित प्रस्ताव, संशोधित प्रस्ताव तथा विभिन्न योजनाओं की निरंतरता से संबंधित प्रस्ताव शामिल रहे। इन सभी प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के बाद स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्री चैतन्य काश्यप के मुताबिक यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में भारत के कुल 78 स्थलों को शामिल किया गया है, जिनमें 19 स्थल मध्यप्रदेश के हैं। इनमें बाघ गुफाओं की चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि की गुफाएं जैसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह मध्यप्रदेश के पर्यटन के लिए भविष्य की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है। प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन के विकास पर लगातार कार्य किया जा रहा है। साथ ही, प्रदेश में बाघों की संख्या में वृद्धि हो रही है और हमारे सभी टाइगर रिजर्व एवं वन्यजीव अभयारण्यों को भी व्यवस्थित एवं विकसित किया जा रहा है। पर्यटन न केवल हमारी विरासत और संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाता है, बल्कि यह एक बड़ा आर्थिक उपक्रम भी है और रोजगार एवं स्थानीय विकास के नए अवसर पैदा करता है।
मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के विभाग अंतर्गत संचालित छात्रावासों, कल्याण आश्रमों एवं अन्य कल्याणकारी संस्थानों को अभी तक 12 किलो अनाज 5 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाता था। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वर्गों के छात्रावासों तथा इसी प्रकार की कल्याणकारी संस्थाओं को 1 रुपए प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जा रहा था।
बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्ध घुमन्तु वर्गों के विभाग अंतर्गत आने वाले छात्रावासों एवं संबंधित संस्थानों को भी अब 1 रुपए प्रति किलो की दर से अनाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह निर्णय इन संस्थानों में रहने वाले विद्यार्थियों एवं जरूरतमंदों के हित में एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम है।
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