राजनीति
पीएम मोदी ने 61 हजार से अधिक युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- ये विकसित भारत की तरफ एक कमिटमेंट
New Delhi : Prime Minister Narednra Modi addresses a programme marking 20 years of completion of SWAGAT initiative in Gujarat through video conferencing onThursday, April 27, 2023. (Photo:IANS/Video Grab)
नई दिल्ली, 24 जनवरी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 18वें रोजगार मेले के अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नव नियुक्त 61 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि साल 2026 का आरंभ उनके जीवन में नई खुशियों और नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बसंत कल ही आया है, तो आपके जीवन में भी नए बसंत का आगमन हो रहा है। ये समय आपको संविधान के प्रति अपने दायित्वों से भी जोड़ रहा है। संयोग से इस समय देश में गणतंत्र का महापर्व चल रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि 61 हजार से ज्यादा युवा अपनी जिंदगी में एक नया चैप्टर शुरू कर रहे हैं। आज आपको सरकारी अपॉइंटमेंट लेटर मिले हैं, जो राष्ट्र निर्माण में हिस्सा लेने का न्योता है। ये लेटर एक वादा हैं, एक विकसित और समृद्ध भारत बनाने की तरफ एक कमिटमेंट हैं। आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। हमारी सरकार लगातार युवाओं के लिए नए मौके बनाने की कोशिश कर रही है। भारत सरकार अभी कई ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है, जिनसे उम्मीद है कि देश भर के युवाओं के लिए बहुत सारे नए मौके खुलेंगे। आज के इस महत्वपूर्ण दिन देश के 61 हजार से अधिक नौजवान जीवन की नई शुरुआत कर रहे हैं। आज आप सभी को सरकारी सेवाओं के नियुक्ति पत्र मिल रहे हैं। ये एक तरह से नेशन बिल्डिंग का निमंत्रण पत्र है। यह विकसित भारत के निर्माण को गति देने का संकल्प पत्र है।
उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में रोजगार मेला एक संस्था बन गया है। इसके जरिए लाखों युवाओं को सरकार के अलग-अलग विभागों में नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं। आज भारत, दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। हमारी सरकार का निरंतर प्रयास है कि भारत की युवाशक्ति के लिए देश-दुनिया में नए-नए अवसर बनें। आज भारत सरकार, अनेक देशों से व्यापार और गतिशीलता समझौता कर रही है। ये व्यापार अनुबंध भारत के युवाओं के लिए अनेकों नए अवसर लेकर आ रहे हैं। डिजिटल मीडिया… ऐसे अनेक क्षेत्रों में भारत एक ग्लोबल हब बनता जा रहा है। भारत की क्रिएटर इकोनॉमी बहुत तेज गति से बढ़ रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत का बढ़ता ग्लोबल कॉन्फिडेंस उसके युवाओं के लिए नए मौके खोल रहा है। यह दुनिया की एकमात्र ऐसी इकॉनमी है जिसने एक दशक में अपनी जीडीपी को दोगुना किया है। आज, 100 से ज्यादा देश फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) के जरिए भारत में निवेश कर रहे हैं। 2014 से पहले के दशक की तुलना में एफडीआई का फ्लो 2.5 गुना से ज्यादा बढ़ गया है। विदेशी निवेश में इस बढ़ोतरी से युवाओं के लिए रोजगार के अनगिनत मौके बन रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है। इसका उद्देश्य, देश में जीवन और कारोबार, दोनों को आसान बनाने का है। आज के इस आयोजन में 8 हजार से ज्यादा बेटियों को भी नियुक्ति पत्र मिले हैं। बीते 11 वर्षों में देश के वर्कफोर्स में, वीमेन पार्टिसिपेशन में करीब करीब दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। भारत तेजी से एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। कई सेक्टर प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट दोनों में अभूतपूर्व ग्रोथ देख रहे हैं। 2014 से, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग छह गुना बढ़ गई है, जिससे यह आज 11 लाख करोड़ से ज्यादा का सेक्टर बन गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट भी 4 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। ऑटोमोटिव इंडस्ट्री इसका एक और उदाहरण है, जो देश में सबसे तेज़ी से बढ़ते सेक्टरों में से एक के रूप में सामने आया है।
राष्ट्रीय समाचार
33.60 लाख करोड़ रुपए की 1,731 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर सरकार की नजर, कनेक्टिविटी क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता: सरकार

केंद्र सरकार वर्तमान में देशभर में चल रही 1,731 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी कर रही है, जिनकी संशोधित कुल लागत 33.60 लाख करोड़ रुपए है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के अनुसार, अगस्त 2026 तक ये परियोजनाएं 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के तहत संचालित की जा रही हैं।
मंत्रालय ने बताया कि इन परियोजनाओं पर अब तक 16.33 लाख करोड़ रुपए का खर्च किया जा चुका है, जो कुल संशोधित परियोजना लागत का लगभग 48.59 प्रतिशत है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स) के क्रियान्वयन में लगातार प्रगति हो रही है।
आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में परियोजनाएं उन्नत चरण में पहुंच चुकी हैं। कुल 647 परियोजनाओं ने 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हासिल कर ली है, जबकि 312 परियोजनाएं वित्तीय दृष्टि से 80 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी हैं। मंत्रालय का कहना है कि परियोजनाएं शुरुआती और अंतिम दोनों चरणों में संतुलित रूप से मौजूद हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि एक तरफ नई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं तो दूसरी ओर कई परियोजनाएं पूर्णता के करीब पहुंच चुकी हैं।
सरकार ने बताया कि केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी के लिए पैमाना (पीएआईएमएएनए) प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है, जिससे विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय, समय पर समीक्षा और डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद मिल रही है।
क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सबसे अधिक 1,191 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी संशोधित अनुमानित लागत 16.05 लाख करोड़ रुपए है, जो दर्शाता है कि सरकार कनेक्टिविटी-आधारित विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है।
कुल 1,731 परियोजनाओं में 715 मेगा परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक की लागत 1,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक है। इनका मूल लागत मूल्य 25.89 लाख करोड़ रुपए है। वहीं 1,016 प्रमुख परियोजनाएं ऐसी हैं जिनकी लागत 150 करोड़ रुपए से 1,000 करोड़ रुपए के बीच है और उनकी कुल लागत 4.83 लाख करोड़ रुपए है।
मंत्रालय के अनुसार, भौतिक और वित्तीय प्रगति के आंकड़े बड़े पैमाने पर एक-दूसरे के अनुरूप हैं। शुरुआती चरण में वित्तीय व्यय अपेक्षाकृत अधिक दिखाई देता है क्योंकि परियोजनाओं में प्रारंभिक निवेश अधिक होता है, जबकि अंतिम चरण में भौतिक प्रगति वित्तीय प्रगति से आगे निकल जाती है, जो निर्माण कार्यों के समापन को दर्शाती है।
मंत्रालयवार आंकड़ों में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सबसे आगे है। इसके अंतर्गत 982 परियोजनाएं (57 प्रतिशत) चल रही हैं, जो कुल परियोजनाओं का लगभग 57 प्रतिशत हैं। इनकी संशोधित लागत 9.52 लाख करोड़ रुपए है, जो कुल लागत का लगभग 28 प्रतिशत है। इससे राष्ट्रीय अवसंरचना विकास में सड़क क्षेत्र की केंद्रीय भूमिका स्पष्ट होती है।
वहीं रेल मंत्रालय के पास 147 परियोजनाएं (8 प्रतिशत) हैं, जिनकी कुल संशोधित लागत 3.14 लाख करोड़ रुपए (9 प्रतिशत) है। दूसरी ओर कोयला मंत्रालय के तहत 122 परियोजनाएं (7 प्रतिशत) चल रही हैं, जिनकी लागत 2.22 लाख करोड़ रुपए (7 प्रतिशत) है।
राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु : मदुरांतकम रैली में विजय ने भ्रष्टाचार को लेकर स्टालिन को दी चुनौती

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने शुक्रवार को मदुरांतकम उपचुनाव के लिए आयोजित एक प्रचार रैली में डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन को राजनीति में आने से पहले और बाद की अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने की चुनौती दी।
उन्होंने विपक्ष पर भ्रष्टाचार को बचाने का आरोप भी लगाया।
विजय ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, “हम भ्रष्ट लोगों के गिरोह को नहीं छोड़ेंगे। अब आप तमिलनाडु की जनता को धोखा नहीं दे सकते।” हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई विशेष सबूत पेश नहीं किया।
विजय ने कहा कि उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने विधानसभा की 108 सीटें जीतकर सरकार बनाई और राज्य की स्थापित राजनीतिक पार्टियों के सामने एक विकल्प पेश किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद एआईएडीएमके और डीएमके ने टीवीके के खिलाफ प्रभावी रूप से हाथ मिला लिया है। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ राजनेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने दशकों तक सत्ता में रहते हुए जनता के पैसे तक अपनी पहुंच बनाई।
उन्होंने कहा कि सामान्य परिवारों से जुड़े लोगों की पार्टी सरकारी धन का गलत इस्तेमाल किए बिना शासन कर सकती है। हम जनता के पैसे को हाथ नहीं लगाएंगे और न ही किसी दूसरे को इसे हाथ लगाने देंगे।
विजय ने दावा किया कि उनकी सरकार ने विधानसभा में पिछली सरकारों के कथित गलत कामों का मुद्दा उठाया, लेकिन उनसे सबूत मांगे गए और अदालत में चल रहे मामलों पर चर्चा करने को लेकर आपत्ति जताई गई।
उन्होंने कहा कि युवा मतदाताओं को दशकों पुराने भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में जानने का अधिकार है। विजय ने कहा कि वह पिछले 35 वर्षों से राज्य की राजनीतिक व्यवस्था को देखते आ रहे हैं और उस पर सवाल उठाते रहेंगे।
स्टालिन को सीधे चुनौती देते हुए विजय ने पूछा कि क्या डीएमके नेता कह सकते हैं कि उन्होंने कभी जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल नहीं किया? क्या वह वादा कर सकते हैं कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार नहीं करेगी?
विजय ने स्टालिन से राजनीति में आने से पहले और बाद की अपनी संपत्ति का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने को भी कहा।
विजय ने कहा कि ये सवाल उनकी पार्टी के चुनाव प्रचार का मुख्य हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डीएमके प्रमुख चुनाव जीतें या हारें, स्टालिन उनके ‘स्वीट अंकल’ हैं।
विजय ने दावा किया कि डीएमके ने अब टीवीके को अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में स्वीकार करना शुरू कर दिया है। उनकी पार्टी को पूरे तमिलनाडु के सामान्य परिवारों से ताकत मिल रही है।
विजय की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब मदुरांतकम और धारापुरम में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने अपना प्रचार तेज कर दिया है। टीवीके ने मदुरांतकम से मरगथम कुमारवेल को उम्मीदवार बनाया है।
राष्ट्रीय समाचार
गुजरात: भारतमाला एक्सप्रेसवे पर खड़े डंपर से एसयूवी की टक्कर, चार की मौत

शुक्रवार को गुजरात के सूरत जिले के कामरेज के पास भारतमाला एक्सप्रेसवे पर एक एसयूवी की टक्कर में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई।
यह दुर्घटना कामरेज इलाके में तापी ओवरब्रिज के पास हुई, जब महाराष्ट्र से गुजरात की ओर आ रही एसयूवी एक्सप्रेसवे पर रुके हुए डंपर के पिछले हिस्से से टकरा गई।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कार में सवार चारों लोगों की मौत हो गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डंपर में हवा का दबाव बिगड़ गया था, जिसके बाद चालक ने वाहन को सड़क पर रोक दिया था।
पीछे से आ रही एसयूवी ने फिर खड़े हुए डंपर से टक्कर मार दी। टक्कर से कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
कार में सवार सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे, और बताया जा रहा है कि वे मुंबई से पाटन जिले के शंखेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे थे।
मृतकों की पहचान राजीव जैन, जयंती दोषी, प्रवीण जैन और संजय खेमचंद के रूप में हुई है।
दुर्घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात अस्थायी रूप से बाधित हो गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही कामरेज पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, जबकि यातायात सुचारू रूप से चलाने के लिए क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटा दिया गया।
पुलिस टक्कर के कारणों की जांच कर रही है, जिसमें तकनीकी खराबी की सूचना मिलने के बाद डंपर को एक्सप्रेसवे पर किस तरह खड़ा किया गया था और सामने से आ रही कार ने खड़े वाहन को कैसे टक्कर मारी आदि जानकारी शामिल हैं।
जांच आगे बढ़ने के साथ ही और अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
इससे पहले, इसी एक्सप्रेसवे पर 8 अप्रैल को एना/दास्तान गांव के पास एक मालवाहक ट्रक के पिछले हिस्से से कार टकराने से खंभात के एक परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी।
परिवार किम की ओर जा रहा था। मृतकों की पहचान होजेफा अदेनवाला, मुर्तजा अदेनवाला, मुनीरा अदेनवाला और जॉयब मुर्तजा अदेनवाला के रूप में हुई।
ट्रक का बायां आगे का टायर फट जाने के बाद वह एक्सप्रेसवे पर रुक गया था।
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