Connect with us
Saturday,07-November-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

मुंबई: फर्जी नीट रिजल्ट के सहारे जेजे अस्पताल हॉस्टल में घुसपैठ, आरोपी गिरफ्तार

Published

on

CRIME

मुंबई, 16 दिसंबर: मुंबई पुलिस ने फर्जी परीक्षा दस्तावेजों के जरिए सर जेजे अस्पताल के ओल्ड बॉयज हॉस्टल में अवैध रूप से रहने के मामले में 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को प्रथम वर्ष का एमबीबीएस छात्र बताकर हॉस्टल में दाखिला लिया था।

मुंबई पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान फैसल अमीरुद्दीन शेख (21) के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और पिछले करीब एक महीने से जेजे अस्पताल के ओल्ड बॉयज हॉस्टल में रह रहा था। उसने दाखिले के लिए फर्जी नीट रिजल्ट सहित जाली दस्तावेज जमा किए थे।

मुंबई पुलिस ने बताया कि फैसल ने नीट परीक्षा में वास्तव में 90 अंक प्राप्त किए थे, लेकिन उसने 514 अंक दर्शाते हुए एक फर्जी परिणाम तैयार किया ताकि एमबीबीएस में दाखिले की पात्रता साबित की जा सके।

एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता रेवत तुकाराम कनिंदे (37) हैं, जो सर जेजे अस्पताल के ओल्ड बॉयज हॉस्टल में मेडिकल ऑफिसर और वार्डन के पद पर कार्यरत हैं। वह पिछले सात वर्षों से यहां तैनात हैं। यह हॉस्टल प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों के लिए आरक्षित है।

12 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 10:30 बजे, नियमित हॉस्टल निरीक्षण के दौरान वार्डन ने दूसरी मंजिल के कमरा नंबर 144 की जांच की। इस दौरान यह सामने आया कि फैसल कॉलेज नहीं जा रहा था। पूछताछ पर फैसल ने दावा किया कि उसका दाखिला आरएमएल कॉलेज, लखनऊ में अपग्रेड हो गया है और वह जल्द ही वहां शिफ्ट हो जाएगा। जब उससे दस्तावेज मांगे गए तो उसने कहा कि कागजात उसके पिता के पास हैं।

इसके बाद वार्डन ने उसे अपने पिता को फोन करने को कहा। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने पहले यह कह दिया कि उसका कोई बेटा नहीं है, जिससे संदेह और गहरा गया। बाद में दोबारा बातचीत में उसी व्यक्ति ने स्पष्ट किया कि उसका बेटा फैसल शेख है, लेकिन उसे किसी भी कॉलेज में कोई अपग्रेडेशन नहीं मिला है। इसके बाद कॉलेज प्रशासन से की गई जांच में यह पुष्टि हुई कि फैसल को कोई रोल नंबर आवंटित नहीं किया गया था और वह मेडिकल कॉलेज का पंजीकृत छात्र नहीं है। हॉस्टल एडमिशन फॉर्म की जांच में भी यह सामने आया कि फैसल द्वारा जमा किए गए सभी दस्तावेज जाली थे।

मुंबई पुलिस के अनुसार, फैकल्टी और प्रशासन द्वारा की गई पूछताछ में फैसल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि उसने अपने माता-पिता से झूठ बोला था और यह दावा किया था कि उसे सर जेजे अस्पताल में प्रथम वर्ष एमबीबीएस में दाखिला मिल गया है। इसी झूठ को बनाए रखने के लिए उसने फर्जी दस्तावेज तैयार किए और हॉस्टल में प्रवेश पा लिया।

राष्ट्रीय समाचार

एलआईसी का तिमाही-छमाही प्रदर्शन काफी मजबूत, आईडीबीआई बैंक विनिवेश से बैंकएश्योरेंस कारोबार पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर: सीईओ

Published

on

भारत के सबसे बड़ी सरकारी जीवन बीमा और निवेश कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी व सीईओ) आर. दोराईस्वामी ने शनिवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही में एलआईसी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। उन्होंने बताया कि नए व्यवसाय प्रीमियम, कुल प्रीमियम आय और अन्य प्रमुख वित्तीय मानकों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही कंपनी का वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (वीएनबी) मार्जिन भी पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर हुआ है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में दोराईस्वामी ने कहा कि हाल के महीनों में शेयर बाजारों में बढ़ती अस्थिरता और इक्विटी निवेश साधनों के मूल्यांकन पर दबाव का असर बाजार से जुड़े बीमा उत्पादों, खासकर यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (यूएलआईपी) की बिक्री पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की रुचि नियमित प्रीमियम वाले मार्केट-लिंक्ड उत्पादों में कुछ कम हुई, जिसके कारण दूसरी तिमाही में यूएलआईपी बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल बाजार की स्थिति का परिणाम नहीं था, बल्कि एलआईसी ने प्रबंधन स्तर पर भी रणनीतिक बदलाव करते हुए उच्च टिकट साइज वाले यूएलआईपी और प्रोटेक्शन बिजनेस पर अधिक ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि बाजार की धारणा में सुधार के साथ चालू और आगामी तिमाही में बेहतर नतीजों की उम्मीद है।

वीएनबी मार्जिन में सुधार को लेकर एलआईसी के सीईओ ने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण उत्पादों के मिश्रण में बदलाव और परिचालन दक्षता में सुधार रहा है। उन्होंने कहा, “परिचालन स्तर पर कई सकारात्मक बदलाव हुए हैं, जिनका सीधा असर लाभप्रदता पर पड़ा है। हालांकि जोखिम-मुक्त ब्याज दरों से संबंधित कुछ प्रतिकूल प्रभाव रहे, लेकिन कुल मिलाकर कंपनी बेहतर मार्जिन दर्ज करने में सफल रही।”

बीमा वितरण प्रणाली में प्रस्तावित नियामकीय बदलावों और वितरण लागत पर संभावित सीमा को लेकर उन्होंने कहा कि भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की यह पहल लंबे समय में पॉलिसीधारकों और उद्योग, दोनों के हित में है। उन्होंने कहा कि बीमा वितरण लागत को नियंत्रित करना सही दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि एलआईसी पहले से ही अधिकांश उत्पाद श्रेणियों में प्रस्तावित सीमाओं के भीतर है और कुछ विशेष उत्पादों तथा प्रीमियम भुगतान अवधि से जुड़े मामलों पर नियामक को सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि नियामक विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों पर उचित विचार करेगा।

एलआईसी एजेंटों की भूमिका पर बोलते हुए दोराईस्वामी ने कहा, “कंपनी व्यक्तिगत एजेंट नेटवर्क को केवल वितरण चैनल नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदार के रूप में देखती है। एजेंटों की उत्पादकता बढ़ाने, प्रशिक्षण देने और उनकी क्षमता निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में एजेंटों को बीमा क्षेत्र में दीर्घकालिक करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।”

आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित रणनीतिक विनिवेश पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इससे एलआईसी के बैंकएश्योरेंस कारोबार पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, “आईडीबीआई बैंक लंबे समय से एलआईसी का प्रमुख साझेदार रहा है और भविष्य में भी यह सहयोग जारी रहने की उम्मीद है, भले ही बैंक के अन्य जीवन बीमा साझेदार भी हों।”

साइबर सुरक्षा को लेकर दोराईस्वामी ने कहा कि एलआईसी ने अपने आईटी सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सुरक्षा उपायों का भी उपयोग किया जा रहा है और एलआईसी की डिजिटल संरचना को महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना के रूप में विशेष निगरानी और सरकारी सहयोग प्राप्त है।

भविष्य की रणनीति पर उन्होंने कहा, “एलआईसी अब प्रोटेक्शन बिजनेस, हेल्थ इंश्योरेंस, एन्युटी और पेंशन उत्पादों पर विशेष ध्यान दे रही है। हाल में कंपनी ने बीमा प्लेटिनम, जीवन रक्षा, एलआईसी कैंसर कवर और एलआईसी हेल्थ शील्ड जैसे उत्पाद लॉन्च किए हैं। साथ ही सेवानिवृत्ति योजना और नियमित आय से जुड़े उत्पादों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।” उन्होंने कहा कि बचत, प्रोटेक्शन, यूएलआईपी, एन्युटी और ग्रुप इंश्योरेंस जैसे सभी क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि की रणनीति अपनाई जाएगी।

‘इंश्योरेंस फॉर ऑल 2047’ लक्ष्य पर दोराईस्वामी ने कहा कि एलआईसी देश के हर हिस्से तक बीमा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बीमा सखी योजना के माध्यम से हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक महिला एजेंट तैनात करने का प्रयास किया जा रहा है।

Continue Reading

राजनीति

तमिलनाडु सरकार ने स्टालिन की केंद्र-राज्य संबंध समिति भंग की, विधि आयोग को सौंपी जिम्मेदारी

Published

on

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव करते हुए पूर्व डीएमके सरकार द्वारा गठित केंद्र-राज्य संबंधों पर उच्चस्तरीय समिति को समाप्त कर दिया है और इसकी जिम्मेदारी तमिलनाडु राज्य विधि आयोग को सौंप दी है।

सरकारी आदेश के माध्यम से औपचारिक रूप से पारित इस निर्णय के साथ पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन द्वारा केंद्र-राज्य संबंधों को नियंत्रित करने वाले संवैधानिक प्रावधानों की जांच करने और संघवाद व राज्य स्वायत्तता को मजबूत करने के उपायों की सिफारिश करने के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति का अंत हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ की अध्यक्षता वाली इस समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी के. अशोक वर्धन शेट्टी और राज्य योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष एम. नागनाथन शामिल थे। स्टालिन ने अप्रैल 2025 में तमिलनाडु विधानसभा में इसके गठन की घोषणा की थी और इसे राज्य के संवैधानिक अधिकारों और प्रशासनिक शक्तियों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया था।

इसके बाद समिति ने केंद्र सरकार और राज्य के बीच संबंधों को प्रभावित करने वाले संवैधानिक, कानूनी और प्रशासनिक मुद्दों की गहन जांच की। इसने 16 फरवरी 2026 को स्टालिन को अपनी रिपोर्ट का पहला भाग प्रस्तुत किया, जिसमें संघीय शासन और राज्य स्वायत्तता से संबंधित सिफारिशें शामिल थीं।

हालांकि, विजय सरकार ने अब यह निष्कर्ष निकाला है कि समिति को अलग से जारी रखना अनावश्यक है क्योंकि इसकी जिम्मेदारियां राज्य विधि आयोग को सौंपी गई जिम्मेदारियों से मिलती-जुलती हैं।

सरकारी आदेश के अनुसार, 7 अगस्त 2026 को पुनर्गठित विधि आयोग को पहले से ही अंतरराज्यीय और केंद्र-राज्यीय संबंधों, मौजूदा कानूनों की समीक्षा और राज्य के कानूनी और संस्थागत ढांचे में सुधार सहित व्यापक अधिकार प्राप्त हैं।

सरकार का तर्क था कि समान जिम्मेदारियों वाले दो निकायों को बनाए रखने से कार्यों का दोहराव होगा। परिणामस्वरूप, उसने उच्चस्तरीय समिति को तत्काल भंग करने का आदेश दिया और केंद्र-राज्य संबंधों से संबंधित मामलों की जांच का जिम्मा विधि आयोग को सौंप दिया।

महत्वपूर्ण बात यह है कि आदेश में भंग की गई समिति को गैर-वैधानिक निकाय बताया गया है और प्रशासनिक निर्णय को उचित ठहराया गया है। हालांकि, तमिलनाडु राज्य विधि आयोग स्वयं भी एक गैर-वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना विधायी प्रक्रिया के बजाय कार्यकारी सरकारी आदेश द्वारा की गई है।

यह ताजा फैसला संघीय संबंधों को लेकर पूर्व डीएमके प्रशासन के दृष्टिकोण से एक अलग दिशा में है। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि विधि आयोग के माध्यम से इस विषय पर संस्थागत ध्यान दिया जाता रहेगा।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

भारत की केमिकल और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: सरकार

Published

on

भारत का रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग, जिसका वर्तमान आकार लगभग 220 अरब डॉलर है, वर्ष 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। सरकार द्वारा शनिवार को जारी एक फैक्टशीट के अनुसार, भारत वैश्विक रसायन उद्योग में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और यह क्षेत्र देश की औद्योगिक एवं विनिर्माण वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है।

फैक्टशीट में कहा गया है कि भारत वर्तमान में दुनिया का छठा सबसे बड़ा रसायन उत्पादक और एशिया का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है। इस क्षेत्र के उत्पादों का उपयोग औषधि, वस्त्र, निर्माण, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता वस्तुओं सहित अनेक उद्योगों में किया जाता है।

सरकार ने अधिकांश रसायन क्षेत्रों में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को स्वचालित मार्ग के तहत अनुमति दे रखी है, जिसके तहत विदेश से आने वाले निवेश को सरकार की पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। इसी का परिणाम है कि 2014 से 2026 के बीच इस क्षेत्र में 1,04,895 करोड़ रुपए का एफडीआई आया, जो 2004 से 2014 के दौरान प्राप्त 45,240 करोड़ रुपए के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।

फैक्टशीट के अनुसार, प्रमुख रसायनों और पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन 2015-16 के 45,638 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 में 58,617 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया। यह वृद्धि उत्पादन क्षमता विस्तार, विशेषीकृत विनिर्माण हब के विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार का परिणाम मानी जा रही है।

बयान में आगे कहा गया है कि विशेष रसायनों के क्षेत्र में भी भारत की वैश्विक उपस्थिति मजबूत है। देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा डाई निर्माता और निर्यातक है, जबकि कृषि रसायनों के निर्यात में तीसरे स्थान पर है। वर्तमान में इस क्षेत्र में लगभग 13,000 बड़े उद्योग और 4.45 लाख सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) कार्यरत हैं।

सरकार इस क्षेत्र को और गति देने के लिए कई नई पहलें लागू कर रही है, जिनमें समर्पित केमिकल पार्क, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने वाली योजनाएं तथा गुणवत्ता और निवेश को प्रोत्साहित करने वाले कदम शामिल हैं। इनका उद्देश्य भारत की वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में भागीदारी को मजबूत करना है।

जुलाई 2026 में मंजूर की गई भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (भव्य रसायन) के तहत देश में तीन विशेष केमिकल पार्क स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक पार्क का क्षेत्रफल कम से कम 8 वर्ग किलोमीटर (करीब 2,000 एकड़) होगा। केंद्र सरकार प्रत्येक पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपए तक की सहायता देगी, जबकि संबंधित राज्य सरकार को कम से कम 500 करोड़ रुपए का योगदान देना होगा।

इस योजना का कुल वित्तीय प्रावधान 3,030 करोड़ रुपए है, जिसमें 3,000 करोड़ रुपए बुनियादी ढांचे और सामान्य सुविधाओं के विकास के लिए तथा 30 करोड़ रुपए प्रशासनिक खर्चों के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू रहेगी।

इसके अलावा, नवंबर 2025 में शुरू की गई अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) योजना के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का कोष बनाया गया है, जिसका उद्देश्य निजी क्षेत्र के अनुसंधान और नवाचार निवेश को बढ़ावा देना है। यह योजना दीर्घकालिक वित्तपोषण और पुनर्वित्त सुविधा प्रदान करती है, जिससे उन्नत तकनीकों को अपनाने, औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और महत्वपूर्ण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता हासिल करने में मदद मिलेगी।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार5 minutes ago

‘अल नीनो’ से प्रभावित 225 जिलों के लिए केंद्र की विशेष योजना, रबी बुवाई में मदद करेगा नया कृषि डैशबोर्ड

अपराध11 minutes ago

मुंबई की ज्वेलरी दुकान में ग्राहक बनकर सोने की चेन चुराने वाला आरोपी दिल्ली में गिरफ्तार, चोरी का सामान बरामद।

राष्ट्रीय समाचार18 minutes ago

एलआईसी का तिमाही-छमाही प्रदर्शन काफी मजबूत, आईडीबीआई बैंक विनिवेश से बैंकएश्योरेंस कारोबार पर नहीं पड़ेगा बड़ा असर: सीईओ

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 hour ago

पेरिस से भी बड़ा होगा अमेरिकी एयर शो : ट्रंप

राजनीति2 hours ago

तमिलनाडु सरकार ने स्टालिन की केंद्र-राज्य संबंध समिति भंग की, विधि आयोग को सौंपी जिम्मेदारी

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

अवनि लेखरा: पैरालंपिक में तीन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला

मनोरंजन2 hours ago

इस बार ‘वर्किंग दीपावली’ मनाएंगी सयामी खेर, बोलीं- सेट ही मेरी दूसरी फैमिली है

मनोरंजन3 hours ago

4 साल की हुईं राहा कपूर, आलिया भट्ट ने शेयर कीं कार्टून-थीम बर्थडे पार्टी की तस्वीरें

व्यापार4 hours ago

दिवाली पर दें भारत का सबसे अनोखा ‘गोल्ड’, कश्मीरी केसर और खास गोल्ड फिल्ट्रेशन से तैयार है जैसलमेर गोल्ड

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

भारत की केमिकल और पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2040 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है: सरकार

अपराध4 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

मनोरंजन4 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति4 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

महाराष्ट्र3 weeks ago

टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना पर सियासत तेज, विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

फिल्मी खबरे3 weeks ago

“समुदाय से माफी मांगें, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें”: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई की सलमान खान को चेतावनी।

फिल्मी खबरे3 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना पर अमाल मलिक की प्रतिक्रिया, बोले, ‘आखिर मुंबई में यह सब क्या हो रहा है?’

व्यापार4 weeks ago

सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स में 412 अंकों की बढ़त; निफ्टी में 0.58 प्रतिशत की तेजी

फिल्मी खबरे3 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद बॉलीवुड निशाने पर, बिश्नोई गैंग के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू, तीन शूटर गिरफ्तार।

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई महानगर क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों के लिए महाराष्ट्र सरकार की व्यापक जल योजना तैयार

रुझान