Connect with us
Friday,25-September-2026
ताज़ा खबर

व्यापार

मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच लाल निशान में खुला शेयर बाजार, फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली

Published

on

मुंबई, 11 नवंबर: मिलेजुले वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:32 पर सेंसेक्स 191 अंक या 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,332 और निफ्टी 55 अंक या 0.22 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,518 पर था।

शुरुआती सत्र में गिरावट का नेतृत्व फाइनेंशियल और बैंकिंग शेयर कर रहे थे। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.85 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.71 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 0.31 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.25 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 0.25 प्रतिशत और निफ्टी पीएसई 0.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 174 अंक या 0.29 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 59,907 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 41 अंक या 0.23 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 18,097 पर था।

सेंसेक्स पैक में बीईएल, एमएंडएम, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, सन फार्मा, एचयूएल,अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, मारुति सुजुकी और आईटीसी गेनर्स थे। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एनटीपीसी और कोटक महिंद्रा बैंक लूजर्स थे।

ज्यादातर एशियाई बाजारों में लाल निशान में कारोबार हो रहा था। टोक्यो और सोल हरे निशान में थे। शंघाई, बैंकॉक, हांगकांग और जकार्ता लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ था।

जानकारों के मुताबिक, मिलेजुले वैश्विक संकेतों और कोई मजबूत घरेलू संकेत न होने के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं। छोटी अवधि में निवेशकों की निगाहें वैश्विक बाजार के रुझान, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और संस्थागत इनफ्लो पर होंगी।

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) 10 नवंबर को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 4,114 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस बीच, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखते हुए 5,805 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य के शेयर खरीदे।

राष्ट्रीय समाचार

33.60 लाख करोड़ रुपए की 1,731 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर सरकार की नजर, कनेक्टिविटी क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता: सरकार

Published

on

केंद्र सरकार वर्तमान में देशभर में चल रही 1,731 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी कर रही है, जिनकी संशोधित कुल लागत 33.60 लाख करोड़ रुपए है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के अनुसार, अगस्त 2026 तक ये परियोजनाएं 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के तहत संचालित की जा रही हैं।

मंत्रालय ने बताया कि इन परियोजनाओं पर अब तक 16.33 लाख करोड़ रुपए का खर्च किया जा चुका है, जो कुल संशोधित परियोजना लागत का लगभग 48.59 प्रतिशत है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स) के क्रियान्वयन में लगातार प्रगति हो रही है।

आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में परियोजनाएं उन्नत चरण में पहुंच चुकी हैं। कुल 647 परियोजनाओं ने 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति हासिल कर ली है, जबकि 312 परियोजनाएं वित्तीय दृष्टि से 80 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी हैं। मंत्रालय का कहना है कि परियोजनाएं शुरुआती और अंतिम दोनों चरणों में संतुलित रूप से मौजूद हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि एक तरफ नई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं तो दूसरी ओर कई परियोजनाएं पूर्णता के करीब पहुंच चुकी हैं।

सरकार ने बताया कि केंद्रीय क्षेत्र की अवसंरचना परियोजनाओं की निगरानी के लिए पैमाना (पीएआईएमएएनए) प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है, जिससे विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय, समय पर समीक्षा और डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद मिल रही है।

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सबसे अधिक 1,191 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी संशोधित अनुमानित लागत 16.05 लाख करोड़ रुपए है, जो दर्शाता है कि सरकार कनेक्टिविटी-आधारित विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है।

कुल 1,731 परियोजनाओं में 715 मेगा परियोजनाएं शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक की लागत 1,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक है। इनका मूल लागत मूल्य 25.89 लाख करोड़ रुपए है। वहीं 1,016 प्रमुख परियोजनाएं ऐसी हैं जिनकी लागत 150 करोड़ रुपए से 1,000 करोड़ रुपए के बीच है और उनकी कुल लागत 4.83 लाख करोड़ रुपए है।

मंत्रालय के अनुसार, भौतिक और वित्तीय प्रगति के आंकड़े बड़े पैमाने पर एक-दूसरे के अनुरूप हैं। शुरुआती चरण में वित्तीय व्यय अपेक्षाकृत अधिक दिखाई देता है क्योंकि परियोजनाओं में प्रारंभिक निवेश अधिक होता है, जबकि अंतिम चरण में भौतिक प्रगति वित्तीय प्रगति से आगे निकल जाती है, जो निर्माण कार्यों के समापन को दर्शाती है।

मंत्रालयवार आंकड़ों में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय सबसे आगे है। इसके अंतर्गत 982 परियोजनाएं (57 प्रतिशत) चल रही हैं, जो कुल परियोजनाओं का लगभग 57 प्रतिशत हैं। इनकी संशोधित लागत 9.52 लाख करोड़ रुपए है, जो कुल लागत का लगभग 28 प्रतिशत है। इससे राष्ट्रीय अवसंरचना विकास में सड़क क्षेत्र की केंद्रीय भूमिका स्पष्ट होती है।

वहीं रेल मंत्रालय के पास 147 परियोजनाएं (8 प्रतिशत) हैं, जिनकी कुल संशोधित लागत 3.14 लाख करोड़ रुपए (9 प्रतिशत) है। दूसरी ओर कोयला मंत्रालय के तहत 122 परियोजनाएं (7 प्रतिशत) चल रही हैं, जिनकी लागत 2.22 लाख करोड़ रुपए (7 प्रतिशत) है।

Continue Reading

व्यापार

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अगस्त में भारत के इंजीनियरिंग निर्यात में करीब 25 प्रतिशत की हुई वृद्धि

Published

on

भारत के इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात ने चालू वित्त वर्ष में लगातार पांचवें महीने मजबूत वृद्धि दर्ज की है। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) इंडिया ने शुक्रवार को बताया कि अगस्त में देश का इंजीनियरिंग निर्यात सालाना आधार पर 24.86 प्रतिशत बढ़कर 12.32 अरब डॉलर पहुंच गया।

उद्योग संगठन ईईपीसी इंडिया ने कहा कि भारत के इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात शीर्ष 25 प्रमुख बाजारों में से अधिकांश में बढ़ा है। केवल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब में निर्यात प्रभावित रहा, जिसका प्रमुख कारण पश्चिम एशिया संकट से पैदा हुई लॉजिस्टिक्स चुनौतियां थीं। इसके बावजूद अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, दक्षिण कोरिया और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख बाजारों में मांग मजबूत बनी रही।

अमेरिका को इंजीनियरिंग निर्यात अगस्त में 31 प्रतिशत बढ़कर 2.20 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं चीन को होने वाला निर्यात पिछले वर्ष अगस्त के 242.50 मिलियन डॉलर से बढ़कर 424.65 मिलियन डॉलर हो गया, जो लगभग 75 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

ब्रिटेन को इंजीनियरिंग निर्यात में 28.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया को निर्यात दोगुने से अधिक बढ़कर 466 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। वहीं इंडोनेशिया को निर्यात में 182 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज करते हुए यह 292.30 मिलियन डॉलर रहा।

ओमान को होने वाला इंजीनियरिंग निर्यात लगभग चार गुना बढ़कर 198 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। उद्योग संगठन के अनुसार, जून 2026 में लागू हुए भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा।

अगस्त के दौरान इंजीनियरिंग क्षेत्र के 34 में से 31 उत्पाद समूहों ने सालाना आधार पर सकारात्मक वृद्धि दर्ज की, जो निर्यात वृद्धि के व्यापक आधार को दर्शाता है।

ईईपीसी इंडिया के अध्यक्ष पंकज चड्ढा ने कहा, “प्रमुख व्यापार मार्गों में व्यवधान और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद हाल के महीनों में इंजीनियरिंग निर्यात का प्रदर्शन यह दिखाता है कि वैश्विक बाजारों में ‘ब्रांड इंडिया’ पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है।”

उन्होंने कहा कि यह सुधार इस बात का संकेत है कि वैश्विक मांग की परिस्थितियां भारतीय इंजीनियरिंग निर्यातकों के लिए अधिक अनुकूल हो रही हैं। ऐसे में भारत को अपने प्रमुख बाजारों में उपस्थिति और मजबूत करनी चाहिए, नए निर्यात गंतव्यों की तलाश करनी चाहिए और सप्लाई चेन को अधिक लचीला बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

अप्रैल से अगस्त 2026-27 की अवधि में भारत का कुल इंजीनियरिंग निर्यात 58.70 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 49.10 अरब डॉलर था। इस प्रकार पांच महीनों में इंजीनियरिंग निर्यात में 19.55 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

Continue Reading

व्यापार

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला; सेंसेक्स 73,700 के करीब

Published

on

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में हल्की मजबूती के साथ खुला। सुबह 9:17 पर सेंसेक्स 151 अंक या 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,725 और निफ्टी 26 अंक या 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,091 पर था।

शुरुआती कारोबार में सूचकांकों में भी मिलाजुला कारोबार हो रहा था। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो टॉप गेनर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी मीडिया भी हरे निशान में थे। दूसरी तरफ निफ्टी आईटी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी कमोडिटीज लाल निशान में थे।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी हल्की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 10 अंक की मजबूती के साथ 61,001 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 5 अंक की मामूली तेजी के साथ 19,688 पर था।

सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, पावर ग्रिड, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इंडिगो, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक और टाइटन गेनर्स थे। इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचयूएल, इटरनल, एनटीपीसी, टाटा स्टील, सन फार्मा, ट्रेंट और आईटीसी लूजर्स थे।

वैश्विक बाजार में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। टोक्यो और बैंकॉक हरे निशान में थे, जबकि ऑस्ट्रेलिया और जकार्ता लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और लगातार बनी हुई महंगाई के कारण अक्टूबर में फेड द्वारा ब्याज दरें फिर से बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है। इससे बाजार के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं, जिससे बाजार में बड़ी तेजी आने की संभावना कम हो गई है। अब बाजार में तेजी तभी आ सकती है जब कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आए। इसलिए, कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलावों पर नजर रखें। लंबे समय के लिए निवेश करने वाले निवेशक बाजार की मौजूदा कमजोरी का फायदा उठाकर अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों—खासकर लार्जकैप शेयरों—को धीरे-धीरे खरीद सकते हैं, जो अभी आकर्षक कीमतों पर मिल रहे हैं।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

33.60 लाख करोड़ रुपए की 1,731 इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर सरकार की नजर, कनेक्टिविटी क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता: सरकार

राष्ट्रीय समाचार5 hours ago

तमिलनाडु : मदुरांतकम रैली में विजय ने भ्रष्टाचार को लेकर स्टालिन को दी चुनौती

व्यापार5 hours ago

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अगस्त में भारत के इंजीनियरिंग निर्यात में करीब 25 प्रतिशत की हुई वृद्धि

खेल5 hours ago

एशियन गेम्स: डिफेंडिंग चैंपियन सात्विक-चिराग पुरुष डबल्स के पहले ही राउंड में बाहर

राष्ट्रीय समाचार6 hours ago

गुजरात: भारतमाला एक्सप्रेसवे पर खड़े डंपर से एसयूवी की टक्कर, चार की मौत

राष्ट्रीय समाचार7 hours ago

भारत में ईयू के राजदूत जीन-एरिक पाकेट ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपा परिचय पत्र

व्यापार7 hours ago

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला; सेंसेक्स 73,700 के करीब

खेल8 hours ago

एशियन गेम्स: शूटिंग में देश को गोल्ड और सिल्वर दिलाने वाले निशानेबाज खुश, कहा- अभी और मेडल आएंगे

राष्ट्रीय समाचार8 hours ago

बैंक यूनियनों के प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक जगह देने पर पुलिस सोमवार तक ले फैसला: दिल्ली हाईकोर्ट

राष्ट्रीय समाचार8 hours ago

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 36 सीनियर असिस्टेंट इंजीनियर पदों पर निकली वैकेंसी, 50 वर्ष के उम्मीदवारों के पास मौका

महाराष्ट्र3 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल1 week ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल4 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध3 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

खेल3 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार4 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

रुझान