राष्ट्रीय समाचार
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फिनटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम बना
बेंगलुरु, 10 अक्टूबर : भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फिनटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है और 2025 के पहले नौ महीनों में यह 1.6 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाने में कामयाब रहा है। यह जानकारी शुक्रवार को एक रिपोर्ट में दी गई।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म ट्रैक्सन के आंकड़ों के अनुसार, स्टार्टअप फंडिंग के मामले में भारत अब केवल अमेरिका और ब्रिटेन से पीछे है, जो वैश्विक स्तर पर भारत के फिनटेक क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दिखाता है।
अर्ली स्टेज स्टार्टअप्स ने 2025 में अब तक 598 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है, जो कि 2024 के 555 मिलियन डॉलर के आंकड़े से अधिक है, जो दर्शाता है कि निवेशकों का विश्वास भारतीय फिनटेक सेक्टर में बना हुआ है।
हालांकि, लेट-स्टेज फंडिंग 2025 के पहले नौ महीनें में कम होकर 863 मिलियन डॉलर पर पहुंच गई है, जो कि 2024 में समान अवधि में 1.2 अरब डॉलर पर थी। इसके साथ, सीड-स्टेज फंडिंग कम होकर 129 मिलियन डॉलर हो गई है।
समीक्षा अवधि में दो स्टार्टअप 100 मिलियन डॉलर से अधिक की फंडिंग जुटाने में कामयाब रहे हैं, जिसमें ग्रो ने सीरीज एफ राउंड में 202 मिलियन डॉलर जुटाए हैं, जबकि वीवर सर्विसेज ने 170 मिलियन डॉलर जुटाए हैं।
इस अवधि में 23 अधिग्रहण हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में मामूली वृद्धि है, जिसमें सबसे बड़ा अधिग्रहण डिजीनेक्स द्वारा रिजल्टिक्स का 2 अरब डॉलर में अधिग्रहण था।
बेंगलुरु फिनटेक फंडिंग के प्राइमरी हब के रूप में अपना दबदबा बनाए हुए है, जिसकी कुल निवेश में 52 प्रतिशत की हिस्सेदारी रही है, जबकि मुंबई 22 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है।
ट्रैक्सन की सह-संस्थापक नेहा सिंह ने कहा, “भारत का फिनटेक इकोसिस्टम फंडिंग में नरमी के दौर के बावजूद मजबूत प्रदर्शन कर रहा है।”
उन्होंने कहा, “शुरुआती दौर में लगातार सक्रियता और नए यूनिकॉर्न का उदय इस क्षेत्र की दीर्घकालिक क्षमता में निवेशकों के निरंतर विश्वास को दर्शाता है।”
सिंह ने आगे कहा, “प्रमुख इनोवेशन हब के रूप में बेंगलुरु और मुंबई का प्रभुत्व भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की परिपक्वता को दिखाता है।”
राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी को आई मां की याद, बोले- ‘आज भी महसूस करता हूं कमी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपनी मां को याद किया। उन्होंने कहा कि वे आज भी मां की कमी महसूस करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स’ के विमोचन के समय उनके जीवन संघर्षों का विशेष उल्लेख किया। इसी बीच, पीएम मोदी ने अपनी मां को भी याद किया।
उन्होंने कहा, “मैं भाग्यशाली रहा हूं कि मेरी मां सौ साल से भी अधिक समय तक जीवित रहीं और मुझे आशीर्वाद देती रहीं। उसके बावजूद आज भी मैं मां की कमी महसूस करता हूं।”
रामनाथ कोविंद के जीवन के बारे में बात करते प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सभी अनुभव करते हैं कि इंसान का एक स्वभाव होता है और लोग अपनी सफलता का श्रेय खुद को देते हैं, जबकि जीवन की मुश्किलों और कठिनाइयों के लिए समाज को जिम्मेदार ठहराते हैं। मगर जब हृदय उदार हो, भारतीय संस्कार हो, तब व्यक्ति समाज की कमियां निकालने में समय नहीं गंवाता है। वह उसके सकारात्मक पक्ष पर फोकस करता है। वह अपनी सफलता में समाज को बराबर की भागीदार मानता है। रामनाथ कोविंद की आत्मकथा और उसका शीर्षक इसके उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा, “रामनाथ कोविंद का कानपुर देहात के क्षेत्र में एक साधारण परिवार में जन्म हुआ। कोविंद जी ने अपनी किताब में है ‘कैसे गर्मी के मौसम में एक दिन उनके घर में आग लग गई। उनकी मां अपनी चिंता छोड़कर घर की चीजों को बचा रही थी। आखिर एक सामान्य परिवार में मां के लिए एक-एक चीज बच्चों के पालन-पोषण का जरिया होती है। उसी कोशिश में आग में फंसकर उनकी मां की मृत्यु हो गई। आप कल्पना कर सकते हैं कि छोटी सी उम्र में इस तरह की घटना कितना दर्दनाक रही होगी। यह ऐसा घटनाक्रम था, कोई भी उससे टूट सकता था, लेकिन कोविंद जी को उन मुश्किलों को मजबूत किया। पड़ोस की एक माता जी ने उनके पालन-पोषण में मदद की”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “संघर्षों के बीच रामनाथ कोविंद ने शिक्षा को अपना सामर्थ बढ़ाने का मार्ग बनाया। उन्होंने मेहनत की, संसाधनों की कमी को कमजोर नहीं बनने दिया और एक ऐसे मुकाम तक पहुंचे, जिसकी कल्पना तब लोगों ने नहीं की होगी। वे भारत जैसे विशाल देश के राष्ट्रपति बने। इतने बड़े पद पर पहुंचने के बाद भी कोविंद जी का विनम्र व्यक्तित्व और उनकी सादगी कायम रही।”
उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद के भीतर देशसेवा की भावना थी। मोरारजी भाई देसाई के साथ काम करके उन्हें सीखने को मिला। साथ ही,नया रास्ता मिला। वहां से राजनीति और समाजसेवा को कोविंद जी ने अपना मार्ग बनाया। वे अपने कर्तव्यों के लिए समर्पित रहे और सेवा को उन्होंने अपना लक्ष्य बनाकर काम किया। संसद में रामनाथ कोविंद का कार्यकाल इसका गवाह है।
राष्ट्रीय समाचार
जम्मू-कश्मीर में ‘हर घर तिरंगा अभियान 2026’ की धूम, जम्मू से पुंछ तक निकाली गईं रैलियां

स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरे जम्मू-कश्मीर में देशभक्ति का माहौल है। ‘हर घर तिरंगा अभियान 2026’ के तहत रविवार को जम्मू, त्राल, बांदीपोरा और पुंछ में बड़ी-बड़ी तिरंगा रैलियां निकाली गईं। हजारों छात्रों, युवाओं और आम लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर एकता और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
जम्मू में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने बलिदान स्तंभ से एक विशाल तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया। रैली में भाजपा के वरिष्ठ नेता सत शर्मा, अशोक कौल, गुलाम अली खटाना और सांसद जुगल किशोर शर्मा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। सभी ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे हुए देशभक्ति, एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया। बाइक रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और लोगों ने जगह-जगह कार्यकर्ताओं का स्वागत किया।
पुलवामा के त्राल में जिला प्रशासन ने गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज से त्राल बस स्टैंड तक एक बड़ी तिरंगा रैली निकाली। रैली का नेतृत्व पुलवामा के डिप्टी कमिश्नर बशारत कय्यूम और एडीसी त्राल ने किया। इसमें हजारों छात्रों, युवाओं और स्थानीय निवासियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
उपायुक्त (डीसी) बशारत कयूम ने बताया, “इस साल का ‘हर घर तिरंगा अभियान’ 9 अगस्त से शुरू होकर 17 अगस्त तक चलेगा। आज हमने पुलवामा के त्राल सब-डिविजन में इसकी शुरुआती रैली की। पूरे सब डिविजन से लोग बड़ी संख्या में इसमें शामिल हुए हैं।”
बांदीपोरा में भी भाजपा की जिला इकाई ने ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तहत तिरंगा रैली आयोजित की। रैली में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस मौके पर भाजपा के राज्य महासचिव मोहम्मद अनवर खान ने कहा, “जब से हमारे देश में पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई है। हर 15 अगस्त या 26 जनवरी को हमारी पार्टी ‘हर घर तिरंगा’ और तिरंगा रैलियों का आयोजन करती है। यह अभियान देश को एकजुट करने और युवाओं में देशभक्ति जगाने का काम करता है।”
पुंछ जिले में ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के समारोह और ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के तीसरे चरण की शुरुआत की गई। जिला युवा सेवा और खेल विभाग ने स्थानीय स्टेडियम में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया और उसके बाद तिरंगा रैली निकाली।
जिला युवा सेवा और खेल अधिकारी मोहम्मद कासिम ने कहा, “आज पुंछ जिले में खेल विभाग को जिला प्रशासन की ओर से एक काम सौंपा गया था। इस काम के तहत अलग-अलग खेल गतिविधियां आयोजित की गईं और ‘हर घर तिरंगा’ रैली भी निकाली गई।”
कार्यक्रम के एक्टिविटी हेड विजय कुमार ने बताया, “यहां अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं और युवाओं को एक साथ लाया गया। इसका मकसद युवाओं में देशभक्ति की भावना पैदा करना है।”
रैली में शामिल खिलाड़ी पल्लवी ने कहा, “आज हमें बताया गया कि ‘हर घर तिरंगा’ के लिए एक रैली निकाली जा रही है। कुछ ही दिनों में स्वतंत्रता दिवस आने वाला है और उसी के लिए यह रैली आयोजित की गई थी। तिरंगा हाथ में लेकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है।”
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय शेयर बाजार की शीर्ष 10 में से चार कंपनियों का मार्केटकैप 1.43 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

भारत की शीर्ष 10 में से चार कंपनियों का मार्केटकैप 1.43 लाख करोड़ रुपए बढ़ गया है। इसमें सबसे अधिक फायदा भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को हुआ है। इसकी वजह सबसे बड़े सरकारी बैंक की ओर से वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के अच्छे नतीजे पेश करना था।
हालांकि, शीर्ष 10 में बाकी छह कंपनियों का मार्केटकैप 1.23 लाख करोड़ रुपए कम हुआ।
बीते हफ्ते सबसे ज्यादा मार्केटकैप वाली टॉप-10 कंपनियों में एसबीआई का बाजार पूंजीकरण 63,922.03 करोड़ रुपए बढ़कर 10,11,721.84 करोड़ रुपए हो गया है। इस जबरदस्त बढ़ोतरी की वजह से एसबीआई भारत की सबसे अधिक वैल्यू वाली कंपनियों की रैंकिंग में और ऊपर पहुंच गई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यूएशन में 32,816.4 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई, जिससे इसका मार्केटकैप 18,01,925.19 करोड़ रुपए हो गया।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की वैल्यूएशन 31,875.35 करोड़ रुपए बढ़कर 8,87,770.13 करोड़ रुपए हो गई।
लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का बाजार पूंजीकरण भी 14,637.76 करोड़ रुपर बढ़कर 5,56,482.45 करोड़ रुपए हो गया।
दूसरी ओर, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। इसकी मार्केट वैल्यूएशन 40,543.23 करोड़ रुपए घटकर 4,96,891.82 करोड़ रुपए रह गई।
बजाज फाइनेंस की मार्केट कैपिटलाइजेशन 37,168.96 करोड़ रुपए घटकर 6,73,648.55 करोड़ रुपए हो गई, जबकि एचडीएफीस बैंक की वैल्यूएशन में 24,183.16 करोड़ रुपए की कमी आई और यह 11,27,967.47 करोड़ रुपए पर आ गई।
आईसीआईसीआई बैंक की मार्केट कैपिटलाइजेशन 9,507.67 करोड़ रुपए घटकर 10,20,370.63 करोड़ रुपए रह गई, जबकि भारती एयरटेल की वैल्यूएशन में 7,581.65 करोड़ रुपए की कमी आई और यह 12,22,423.98 करोड़ रुपए हो गई।
हिंदुस्तान यूनिलीवर भी पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल रही। इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,793.16 करोड़ रुपए घटकर 4,88,808.97 करोड़ रुपए रह गई।
दूसरी तरफ भारतीय शेयर बाजार मामूली तेजी के साथ बंद हुआ, जिसमें सेंसेक्स 404.53 अंक यानी 0.51 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी में 187.05 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की बढ़त हुई।
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