महाराष्ट्र
महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी में विधायक रईस शेख का पत्ता कटा, यूसुफ अब्राहनी ने ली जगह
मुंबई: (कमर अंसारी) महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी में चल रही आंतरिक खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पिछले कई दिनों से पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू असीम आज़मी, अपने ही विधायक रईस शेख से नाराज़ चल रहे थे। कई बार उन्होंने अपने बयानों में भी इस नाराज़गी का परोक्ष रूप से उल्लेख किया था। अब यह मामला पूरी तरह उजागर हो चुका है — महाराष्ट्र में अबू असीम आज़मी ने रईस शेख की जगह कांग्रेस छोड़कर आए यूसुफ अब्राहनी को तरजीह दी है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि रईस शेख को बाहर का रास्ता दिखाने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
अगर जमीनी हकीकत पर नज़र डालें, तो रईस शेख की लोकप्रियता भी इस पूरे घटनाक्रम की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। मुंबई और भिवंडी में रईस शेख ने अपने कार्यकाल के दौरान जनहित में कई अहम कार्य किए हैं, जिससे उनकी पकड़ जनता में मजबूत हुई है। भिवंडी विधानसभा क्षेत्र से वह लगातार दूसरी बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए हैं। क्षेत्र की जनता का भी मानना है कि उन्होंने रईस शेख को उनके काम के आधार पर ही दोबारा मौका दिया।
शिक्षा, सड़क, पानी जैसी मूलभूत समस्याओं को हल करने के साथ-साथ रईस शेख का आम जनता से सीधे जुड़ाव उनकी लोकप्रियता में इज़ाफा कर रहा है। यही नहीं, दक्षिण मुंबई में नगरसेवक के रूप में उनके किए गए कार्यों को आज भी लोग सराहते हैं। यही कारण है कि आगामी नगर निगम चुनावों में उनके समर्थित उम्मीदवारों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, अबू असीम आज़मी को रईस शेख की इसी बढ़ती लोकप्रियता से खतरा महसूस होने लगा था। पार्टी हाईकमान अखिलेश यादव की आज़मी से नाराज़गी भी इसी क्रम में देखी जा रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, रईस शेख को और अधिक सशक्त होने से रोकने के लिए उन्हें अबू असीम द्वारा पार्टी से बाहर किया जा रहा है।
वहीं, कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी में आए यूसुफ अब्राहनी को अब पार्टी में नई जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन यह वही यूसुफ अब्राहनी हैं, जिन्होंने करीब 20 साल पहले समाजवादी पार्टी के दर्जनों नगरसेवकों को साथ लेकर कांग्रेस ज्वॉइन कर ली थी और मुंबई में समाजवादी पार्टी को लगभग तोड़ दिया था। कांग्रेस ने उन्हें मानखुर्द विधानसभा क्षेत्र से टिकट देकर विधायक बना दिया, लेकिन अगली बार वह चुनाव नहीं जीत सके।
बाद में मानखुर्द से अबू असीम आज़मी ने चुनाव लड़ा और यूसुफ अब्राहनी को हराया। दिलचस्प बात यह है कि आज़मी की इस जीत में रईस शेख की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। लेकिन अब पार्टी से रईस शेख को निकालने के लिए आज़मी ने उन्हीं यूसुफ अब्राहनी को पुनः पार्टी में शामिल कर लिया है, इस उम्मीद में कि वह फिर से दर्जनों नगरसेवक पार्टी में ला सकेंगे।
रईस शेख जिस पार्टी कार्यालय से वर्षों से कार्य कर रहे थे, उसे भी अब यूसुफ अब्राहनी को सौंप दिया गया है — एक स्पष्ट संकेत कि पार्टी में अब रईस शेख के लिए कोई स्थान नहीं है।
उत्तर प्रदेश समाजवादी पार्टी के हाईकमान और अखिलेश यादव के करीबी सूत्रों के अनुसार, पार्टी महाराष्ट्र में अब एक ऐसे नेता की तलाश में है, जो अबू असीम आज़मी की जगह ले सके। पार्टी को भविष्य में किसी नुकसान से बचाने के लिए आज़मी के हर निर्णय को अब अनदेखा किया जा रहा है।
महाराष्ट्र
सीएम फडणवीस का विपक्ष पर हमला, प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद कहा- ‘आखिर होठों पर आ गई मन में छुपी बात’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के विवादित ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) बयान के बाद छिपा हुआ सच आखिरकार सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और सत्ता हथियाने के लिए विरोध प्रदर्शनों को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने अपने पोस्ट में लिखा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे।”
विपक्षी दलों और प्रशांत भूषण पर हमला जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही ‘इनका’ उद्देश्य है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रशांत भूषण ने सीजेपी प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुले तौर पर ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में सुनियोजित तरीके से अराजकता फैलाने के आरोप लगाए। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि इन बयानों (प्रशांत भूषण की टिप्पणी) ने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है।
तीखी आलोचना के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सफाई देने की कोशिश की। देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं था, बल्कि वे सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
महाराष्ट्र
विरार में महिला ने की आत्महत्या, फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

महाराष्ट्र के विरार में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने ओलांडा स्थित एक सार्वजनिक पार्क में कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम ने बताया कि मृतका (ननीली जोशी ) जेपी नगर की रहने वाली थी। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में ‘पतकी’ नामक व्यक्ति पर फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के बहाने महिला से समय-समय पर पैसे लेने और बाद में निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उल्लेख है कि महिला जनवरी से आरोपी के संपर्क में थी। आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और इस दौरान महिला के कुछ निजी वीडियो बनाए गए। महिला को कथित तौर पर इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पैसों की मांग की जा रही थी।
चिट्ठी में करीब एक करोड़ रुपए की रकम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पैसों के लेन-देन और कथित मांग की सटीक रकम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मृतका के भाई ने भी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि महिला और आरोपी जनवरी से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से महिला को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मुताबिक, आरोपी मुंबई का रहने वाला है और मृतका का परिचित बताया जा रहा है। फिलहाल उसका मोबाइल फोन बंद है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। मृतका के भाई को भी आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस उसके अन्य विवरण जुटाने में लगी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया है। घटनास्थल का पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के अनुसार, फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और आरोपी (योगेश म्हापणकर उर्फ सौरभ पतकी) की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र : एसटी बस में बुजुर्ग यात्री से जेवर और नकदी चोरी, 4 महिला चोर गिरफ्तार

ARREST
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) बस में यात्रा कर रही 70 वर्षीय महिला से 1.5 लाख रुपये के सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद चुराने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने चोरी हुए गहने और नकदी बरामद कर बुजुर्ग महिला, जिनकी पहचान चंद्रकला बोडखे के रूप में हुई है, को वापस कर दिए।
यह घटना मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों आरोपियों ने यात्रा के दौरान बुजुर्ग यात्री के उस बैग को निशाना बनाया जिसमें सोने के गहने और नकदी थी।
जब बस शेलू बाजार पहुंची, तो चारों महिलाएं उतर गईं। अन्य यात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद बोडखे ने अपना बैग चेक किया और पाया कि उनके सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद वाला बैग गायब था। बुजुर्ग महिला ने शोर मचाया और अन्य यात्रियों से मदद मांगी।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चारों महिलाएं ऑटो-रिक्शा से उस इलाके से चली गई थीं।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और चारों महिलाओं को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी हुए सोने के गहने और नकदी बरामद की गई और बाद में बुजुर्ग महिला को वापस सौंप दी गई।
यह घटना भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर कीमती सामान ले जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है।
एक अलग घटना में, पुणे पुलिस ने शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों के सिलसिले में हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कई राज्यों में लगभग 4,600 किलोमीटर की यात्रा वाली जांच के बाद पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपये का कीमती सामान जब्त किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गणेशोत्सव समारोह और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाया था। इन मामलों की जांच विश्रामबाग पुलिस ने की, जिसने संदिग्धों की पहचान हरियाणा के पलवल के रहने वालों के तौर पर की।
इस बीच, गुजरात की अरावली पुलिस ने एक अन्य मामले के सिलसिले में उन्हीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस की मदद से पुणे पुलिस की एक टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान अजय शमशेर विनोद कुमार रूपसिंह कोली (20), अमन शमशेर अनिल कुमार नारायणसिंह कोली (24) और दीपक शमशेर राजूभाई सापसिंह (21) के तौर पर हुई।
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