राष्ट्रीय समाचार
अदाणी ग्रुप मध्य प्रदेश में 1.10 लाख करोड़ रुपये करेगा निवेश, 1.2 लाख नौकरियां होंगी पैदा
भोपाल, 24 फरवरी। भारत के लीडिंग इंटीग्रेटेड व्यापार समूह अदाणी ग्रुप की ओर से मध्य प्रदेश में पंप स्टोरेज, सीमेंट, खनन, स्मार्ट मीटर और थर्मल ऊर्जा जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में 1.1 लाख करोड़ रुपये के भारी निवेश का ऐलान किया गया।
सोमवार को राज्य की राजधानी में शुरू हुए दो दिवसीय ‘मध्य प्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025’ में गई इस घोषणा से दशक के अंत तक 1,20,000 से अधिक नौकरियां पैदा होंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस समिट का उद्घाटन किया गया।
गौतम अदाणी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्य प्रदेश के निवेश केंद्र में तब्दील होने की प्रशंसा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि ये निवेश वित्तीय लेन-देन से कहीं बढ़कर हैं।
गौतम अदाणी ने कहा, “ये साझा यात्रा में मील का पत्थर है, जो मध्य प्रदेश को भारत के औद्योगिक और आर्थिक परिदृश्य में सबसे आगे ले जाएंगे।”
अदाणी ग्रुप ने पहले ही मध्य प्रदेश के पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और कृषि-व्यवसाय क्षेत्रों में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे 25,000 से अधिक नौकरियां पैदा हुई हैं।
नया निवेश राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए तैयार है, जो भारत की आत्मनिर्भरता और इनोवेशन की महत्वाकांक्षाओं के साथ जुड़ा है।
गौतम अदाणी ने 1 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश के बारे में राज्य सरकार के साथ चल रही बातचीत के बारे में भी बताया।
इसमें एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, एक हवाई अड्डा परियोजना और एक महत्वाकांक्षी कोयला गैसीकरण पहल की योजनाएं शामिल हैं।
मध्य प्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025 ने नए आर्थिक अवसरों की खोज करने और अंतर-क्षेत्रीय निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित किया है।
गौतम अदाणी ने हाल ही में अपने बेटे जीत की शादी के उपलक्ष्य में सामाजिक कार्यों के लिए 10,000 करोड़ रुपये दान करने की घोषणा की थी।
इस उदार दान का उद्देश्य वंचितों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास में किफायती और सुलभ विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है।
राष्ट्रीय समाचार
आज तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार ही शक्ति के नए स्रोत, ‘पावर टू एम्पावर’ ही नए युग की सबसे बड़ी ताकत: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘पावर टू एम्पावर’ (सशक्तिकरण की शक्ति) की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आज के दौर में तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार ही असली शक्ति हैं, लेकिन इनकी वास्तविक कीमत इस बात में है कि उनका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाता है।
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष के फोरम का विषय उभरती शक्तियों पर आधारित है और 21वीं सदी के तीसरे दशक में दुनिया बड़े बदलावों से गुजर रही है। आज तकनीक, डेटा, ज्ञान और नवाचार ही शक्ति के नए स्रोत बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि शक्ति किसके पास है, बल्कि यह है कि उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है। क्या तकनीक केवल कुछ लोगों को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होगी या फिर करोड़ों लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यहीं से ‘पावर टू एम्पावर’ का विचार जन्म लेता है। उन्होंने कहा, “नियंत्रण की शक्ति से आगे बढ़कर सशक्त बनाने की शक्ति है, प्रतिस्पर्धा की शक्ति से आगे सहयोग की शक्ति है और केवल स्वयं सफल होने से आगे दूसरों को सफल बनाने की शक्ति है।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शक्ति के वास्तविक मूल्य को समझना बेहद जरूरी है।
पीएम मोदी ने भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ बताते हुए कहा कि देश में 100 से अधिक भाषाएं हैं, करीब 80,000 पंजीकृत समाचार पत्र और प्रकाशन, 1,000 से अधिक सैटेलाइट टीवी चैनल, 50 करोड़ से ज्यादा यूट्यूब उपयोगकर्ता और 50 करोड़ से ज्यादा इंस्टाग्राम उपयोगकर्ता हैं।
उन्होंने कहा, “भारत में विभिन्न मुद्दों पर खुली बहस होती है, लोग अलग-अलग विचारों पर चर्चा करते हैं और इस प्रक्रिया में डिजिटल शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि 12-13 वर्ष पहले मोबाइल इंटरनेट तक पहुंच भी अपने आप में एक शक्ति थी, क्योंकि जिसके पास इंटरनेट था, उसके पास जानकारी, ज्ञान और अवसर भी थे।
उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार बनने के बाद भारत ने मोबाइल डेटा को सस्ता और सुलभ बनाने पर विशेष ध्यान दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि आज गांव का एक छोटा दुकानदार भी डिजिटल माध्यम से अपने ग्राहकों तक पहुंच सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में कनेक्टिविटी ने सिर्फ लोगों को आपस में नहीं जोड़ा, बल्कि उन्हें अवसरों से भी जोड़ा है। यही ‘पावर टू एम्पावर’ का सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां तकनीक का उपयोग लोगों को सशक्त बनाने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विभिन्न क्षेत्रों में हमारे काम करने के तरीके को बदल रही है। बढ़ती उम्र से संबंधित चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। विश्वास दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।”
मोदी ने आगे कहा कि विश्वभर में कई अंतरराष्ट्रीय समूह हैं, लेकिन भारत ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस, बिग कैट अलायंस, बायोफ्यूल अलायंस, मिशन लाइफ, आईएमईसी जैसे समूह बनाए हैं, जो सभी के लिए मददगार साबित हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “एक सूर्य, एक दुनिया और एक नेटवर्क; एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य। हम दुनिया को जोड़ने और दूसरों को सशक्त बनाने के लिए शक्ति का उपयोग करने को प्राथमिकता देते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने जीएसटी, दिवालियापन जैसे कई कानूनों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। हमारी सुधार की रफ्तार तेज है। हमारे लिए सुधार कोई मजबूरी नहीं, बल्कि एक दृढ़ विश्वास है।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
समुद्र में एक साथ नजर आएंगे भारत और रूस की नौसेनाओं के आधुनिक युद्धापोत

भारत और रूस की मजबूत दोस्ती को और आगे बढ़ाते हुए मंगलवार से दोनों देशों के बीच नौसैनिक अभ्यास ‘इंद्र-2026’ शुरू हो रहा है। भारतीय नौसेना के मुताबिक, यह अभ्यास मंगलवार 13 अक्टूबर से शुरू हो रहा है और 18 अक्टूबर तक जारी रहेगा। यहां दोनों देशों के आधुनिक युद्धापोत एक साथ समुद्र में नजर आएंगे।
भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि इस अभ्यास में शामिल होने के लिए पहले ही 10 अक्टूबर को रूस के व्लादिवोस्तोक पहुंच चुका है। यही युद्धपोत द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास ‘इंद्र-2026’ में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। इस अभ्यास के दौरान भारत-रूस की पुरानी रक्षा साझेदारी को और अधिक मजबूती मिलेगी।
इस नौसैनिक अभ्यास का उद्देश्य भारत और रूसी नौसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, एक-दूसरे के संचालन तरीकों को समझना और समुद्र में मिलकर काम करने की क्षमता को मजबूत करना है। दोनों देशों की नौसेना यहां एक-दूसरे के संचालन तरीकों को समझेंगी व समुद्र में मिलकर काम करने की क्षमता को मजबूत किया जाएगा। यहां दोनों देशों के बीच बंदरगाह से समुद्र तक तालमेल स्थापित किया जाएगा।
‘इंद्र-2026’ के तहत दो अलग-अलग चरण आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण में बंदरगाह पर विभिन्न गतिविधियां होंगी। इस दौरान पेशेवर बातचीत और समुद्री गतिविधियों के माध्यम से दोनों नौसेनाएं अपने अनुभव साझा करेंगी। इससे संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। इसके बाद दोनों देशों की नौसेनाएं समुद्र में मिलकर अभ्यास करेंगी।
गौरतलब है कि भारतीय युद्धपोत की यह तैनाती भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा और समुद्री सहयोग का हिस्सा है। यह भारत सरकार के विजन ‘महासागर’ के अनुरूप है। इसके तहत क्षेत्र में समुद्री सहयोग और साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
इस बीच असाधारण युद्ध कौशल और अभियान की तैयारी का प्रदर्शन करते हुए, भारतीय सेना की शत्रुजीत ब्रिगेड ने चुनौतीपूर्ण ऊंचाई वाले क्षेत्र में गहन हवाई अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा किया है। भारत में आयोजित इस अभ्यास से कठिन परिस्थितियों में हवाई योद्धाओं की तेजी से तैनाती, विभिन्न टुकड़ियों के बीच बेहतर तालमेल और मिशन के अनुरूप कार्रवाई करने की क्षमता की पुष्टि हुई। पल भर के नोटिस पर ही सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार शत्रुजीत के योद्धाओं ने अपनी तेज गति, सटीकता और युद्धक्षेत्र में बढ़त बनाए रखने की क्षमता को फिर साबित किया है।
राष्ट्रीय समाचार
85,854 फॉर्म-7 स्वतः तैयार कर मतदाताओं के नाम काटने का दावा भ्रामक: यूपी चुनाव आयोग

उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने सफाई दी है। आयोग ने 85,854 फॉर्म-7 स्वतः तैयार कर बिना किसी कारण मतदाताओं के नाम हटाए जाने संबंधी दावे को भ्रामक बताया है। आयोग का कहना है कि संबंधित मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत नोटिस, सुनवाई, जांच और आदेश के बाद कार्रवाई की गई।
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “यूपी एसआईआर में 85,854 फार्म-7 स्वतः बनाकर बिना कारण मतदाताओं के नाम हटाने का दावा भ्रामक है। संबंधित मामलों में नोटिस, सुनवाई, जांच और आदेश के बाद कार्रवाई हुई। 6 मार्च के बाद लंबित मामलों पर निर्णय भी नियमानुसार हुए। सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।”
आयोग के मुताबिक, छह मार्च के बाद लंबित मामलों का निस्तारण भी नियमानुसार किया गया। आयोग ने लोगों से सही जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की। ज्ञात हो कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के रवैये और कार्यप्रणाली को भेदभावपूर्ण बताते हुए एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर को शून्य कर दिया गया है और अब दोबारा मतदाता बनाने का अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, प्रचार किया गया और पूरा प्रशासन लगाया गया, उसे अब शून्य कर दिया गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि एसआईआर में किसी का फर्जी वोट नहीं बनना चाहिए था, लेकिन मतदाता सूची में लाखों फर्जी वोट बन गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कई विधानसभा क्षेत्रों में एक ही व्यक्ति के दो-दो, तीन-तीन, चार-चार, पांच-पांच और यहां तक कि दस-दस वोट तक बने हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग को अपनी विश्वसनीयता साबित करनी चाहिए और निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए।
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