व्यापार
भारतीय शेयर बाजार ने लगातार नौवें वर्ष दिया सकारात्मक रिटर्न
नई दिल्ली, 25 दिसंबर। अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार, मजबूत आधार और राजनीतिक स्थिरता के कारण भारतीय शेयर बाजार ने 2024 में अब तक सकारात्मक रिटर्न दिया है। यह लगातार नौवां वर्ष है, जब घरेलू बाजार तेजी देखी गई है।
स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 भारतीय इक्विटी और बॉन्ड के लिए दो अलग-अलग हिस्सों का साल रहा। पहली छमाही में मजबूत आर्थिक गतिविधि और कॉर्पोरेट आय के समर्थन से मजबूत वृद्धि देखी गई, जबकि दूसरी छमाही में कंसोलिडेशन के बीच अस्थिरता देखने को मिली।
उतार-चढ़ाव के बीच भी भारतीय शेयर बाजार सकारात्मक रिटर्न देने में कामयाब रहा है। इस दौरान निफ्टी में 9.21 प्रतिशत और सेंसेक्स में 8.62 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
इससे पहले मोतीलाल ओसवाल द्वारा जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले 35 वर्षों में भारतीय इक्विटी ने अमेरिकी बाजारों से बेहतर प्रदर्शन किया है। इसकी वजह भारतीय शेयर बाजारों में निवेश बढ़ना है। 1990 के बाद से भारतीय इक्विटी बाजारों में निवेश लगभग 95 गुना बढ़ा है।
रिपोर्ट में कहा गया कि अगर किसी ने 1990 में भारतीय शेयर बाजारों में 100 रुपये का निवेश किया होता, तो नवंबर 2024 तक यह राशि बढ़कर 9,500 रुपये हो जाती। वहीं, इसी अवधि में अमेरिकी शेयर बाजारों में निवेश किए गए 100 रुपये बढ़कर 8,400 रुपये हो गए हैं।
हालांकि, इस दौरान गोल्ड के द्वारा भी 32 गुना का रिटर्न दिया गया है।
मोतीलाल ओसवाल वेल्थ मैनेजमेंट की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में कमजोर आय प्रदर्शन के बाद ग्रामीण खर्च में वृद्धि, शादियों के सीजन एवं सरकारी खर्च में तेजी के कारण दूसरी छमाही में आय में सुधार की उम्मीद है।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 25-27 के दौरान आय में 16 प्रतिशत सीएजीआर की वृद्धि होगी। इसके अलावा हाल ही में बाजार में आई गिरावट और मूल्यांकन में नरमी से चुनिंदा बॉटम-अप स्टॉक जोड़ने का अवसर मिला है।”
रिपोर्ट में कहा गया है, “कॉर्पोरेट इंडिया की बैलेंस शीट की मजबूती और विकास की संभावनाओं को देखते हुए हम दीर्घकालिक रुझान को लेकर आशावादी बने हुए हैं।”
राष्ट्रीय
आंधी-तूफान के बाद ग्रेटर नोएडा में जाम, विकास प्राधिकरण का विशाल बोर्ड गिरा (लीड -1)

नोएडा, 4 जून: तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हुआ। ग्रेटर नोएडा के दादरी थाना क्षेत्र में स्थित एनएच-91 पर लुहारली टोल प्लाजा के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तेज हवाओं के कारण विकास प्राधिकरण का एक भारी-भरकम सूचना बोर्ड टूटकर सीधे हाईवे पर गिर पड़ा।
इस घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं का दबाव इतना अधिक था कि सड़क किनारे लगा विशाल लोहे का बोर्ड अपनी जगह से उखड़कर हाईवे पर आ गिरा।
बोर्ड गिरने से सड़क पर चल रहे वाहन चालक घबरा गए और वाहनों की रफ्तार अचानक थम गई। देखते ही देखते हाईवे पर लंबा जाम लग गया। घटना के दौरान एक लग्जरी कार भी बोर्ड की चपेट में आ गई, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है। जाम के कारण एक एंबुलेंस भी काफी देर तक फंसी रही, जिससे मरीज को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे पर जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सामान्य कराने के प्रयास शुरू किए।
पुलिसकर्मियों के साथ टोल प्लाजा के कर्मचारियों और कुछ यात्रियों ने भी सड़क पर गिरे बोर्ड को हटाने में सहयोग किया। काफी मशक्कत के बाद बोर्ड को सड़क से हटाया गया और धीरे-धीरे वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवाओं के दौरान इस प्रकार के बड़े बोर्ड और होर्डिंग्स लोगों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य कर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय
इजरायल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में युद्धविराम पर बनी सहमति

वॉशिंगटन, 4 जून: इजरायल और लेबनान ने वॉशिंगटन में दो दिनों तक चली अमेरिका की मध्यस्थता वाली बातचीत के बाद युद्धविराम लागू करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने आगे भी सीधे बातचीत जारी रखने और सुरक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाने का वादा किया है, ताकि दक्षिणी लेबनान में किसी भी गैर-सरकारी सशस्त्र समूह की वापसी रोकी जा सके।
यह समझौता दो और तीन जून को अमेरिकी विदेश विभाग में हुई अमेरिका, इजरायल और लेबनान की चौथी उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक के बाद सामने आया।
इस फैसले की घोषणा करते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के काउंसलर डैन हॉलर ने कहा, “अमेरिका के नेतृत्व में हुई बातचीत के नतीजे के तौर पर इजरायल और लेबनान ने युद्धविराम लागू करने पर सहमति दी है।”
तीनों देशों के संयुक्त बयान के मुताबिक, यह युद्धविराम इस शर्त पर लागू होगा कि “हिज्बुल्लाह की ओर से पूरी तरह से गोलीबारी बंद हो और उसके सभी लड़ाके दक्षिण लिटानी क्षेत्र से हट जाएं।”
यह भी तय हुआ है कि जल्द ही कुछ ‘पायलट जोन’ बनाए जाएंगे, जहां लेबनान की सेना पूरी तरह नियंत्रण संभालेगी।
डैन हॉलर ने कहा, “दोनों पक्षों ने अमेरिका के मार्गदर्शन में इस बात पर सहमति दी है कि ऐसे पायलट जोन जल्दी बनाए जाएंगे, जहां लेबनानी सेना पूरी तरह नियंत्रण रखेगी और किसी भी गैर-सरकारी सशस्त्र समूह की मौजूदगी नहीं होगी।”
बयान में कहा गया कि ये कदम आगे चलकर दोनों देशों के बीच ‘एक व्यापक शांति और सुरक्षा समझौते’ की स्थिति बनाने में मदद करेंगे।
तीनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल और लेबनान के भविष्य के रिश्ते उनकी अपनी सरकारों की ओर से तय किए जाने चाहिए, किसी बाहरी ताकत की ओर से नहीं।
डैन हॉलर ने कहा कि सभी देशों ने इस बात की पुष्टि की कि इजरायल और लेबनान के भविष्य के संबंध दोनों संप्रभु सरकारों की ओर से तय किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश या गैर-सरकारी ताकत को लेबनान के भविष्य को बंधक बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इजरायल और लेबनान ने अपने बयान में कहा कि उनके बीच ‘कोई शत्रुता का इरादा नहीं है’ और उन्होंने सीधे बातचीत जारी रखने का वादा किया है, ताकि भरोसा बढ़ाया जा सके, पुराने विवाद सुलझाए जा सकें और एक बड़े समझौते की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
प्रतिनिधियों ने एक सुरक्षा ढांचे पर भी चर्चा की, जो 29 मई को पेंटागन में हुई बातचीत पर आधारित है। इसका मकसद दोनों देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता सुनिश्चित करना है। इसमें ‘गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों को खत्म करना और उनकी वापसी रोकना’ भी शामिल है।
बातचीत का एक बड़ा हिस्सा क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं पर केंद्रित रहा।
वॉशिंगटन ने लेबनान की सेना को समर्थन जारी रखने का भी वादा किया, ताकि वह पूरे देश में अपना नियंत्रण मजबूत कर सके। डैन हॉलर ने कहा कि अमेरिका ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो के दो जून वाले बयान को भी दोहराया, जिसमें कहा गया था कि ‘हिज्बुल्लाह सिर्फ इजरायल का नहीं, बल्कि अमेरिका और लेबनान का भी दुश्मन है।’
इजरायल ने दोहराया कि उसकी सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता तभी सुनिश्चित हो सकती है जब ‘हिज्बुल्लाह का हथियार खत्म किया जाए और उसके पूरे ढांचे को लेबनान में पूरी तरह खत्म किया जाए।’
वहीं लेबनान ने कहा कि वह ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के आपसी सम्मान’ को जरूरी मानता है और ‘क्षेत्रीय अखंडता और पूरी तरह से संप्रभुता’ के सिद्धांतों पर जोर देता है। बेरूत ने यह भी कहा कि वह अमेरिका के सहयोग से अपनी सेना की क्षमता बढ़ाएगा, ताकि पूरे देश में प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय
ट्रंप का बड़ा दावा-सप्ताह के अंत तक हो सकता है ईरान से समझौता, परमाणु सामग्री भी होगी नष्ट

वॉशिंगटन, 4 जून: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो होर्मुज स्ट्रेट तुरंत को खोल दिया जाएगा। उनके इस बयान को ईरान के साथ चल रही बातचीत में प्रगति का संकेत माना जा रहा है।
ट्रंप ने यह बात बुधवार (स्थानीय समयानुसार) व्हाइट हाउस में कही। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार हाल की सैन्य झड़पों और कूटनीतिक बातचीत के बाद ईरान के साथ एक नया समझौता करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, “समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज स्ट्रेट खुल जाएगा और बहुत जल्दी खुल जाएगा।”
ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी सेना ने पहले ही इस क्षेत्र में बारूदी सुरंगें (माइंस) हटाने की व्यवस्था कर दी है और ज्यादातर संदिग्ध सुरंगों को साफ कर दिया गया है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यह फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों से जोड़ता है। दुनिया के तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट कई देशों के लिए चिंता का विषय बन जाती है, जिनमें भारत भी शामिल है।
ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है और आने वाले कुछ दिनों में समझौता हो सकता है। जब उनसे पूछा गया कि समझौता कब तक हो सकता है तो उन्होंने जवाब दिया, “अगर यह होता है तो शायद इसी सप्ताह के अंत तक हो सकता है।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार दोहराया कि इस पूरी बातचीत का सबसे बड़ा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बना सके। उन्होंने कहा है कि ‘हम परमाणु हथियार या बम नहीं रखेंगे। हम इसे विकसित नहीं करेंगे और न ही खरीदेंगे।’
ट्रंप के अनुसार, यही वह मुख्य वादा है जो अमेरिका ईरान से इस समझौते के तहत चाहता है। उन्होंने कहा कि हमारे समझौते के तहत ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख पाएगा।
अपने एक महत्वपूर्ण बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान मिलकर ईरान के परमाणु स्थलों पर बची हुई परमाणु-संबंधी सामग्री को हटाने और नष्ट करने का काम कर सकते हैं।
ट्रंप ने कहा, “फिलहाल स्थिति यह है कि हम वहां जल्द ही जाएंगे। इस समय यह तय हो चुका है कि हम उनके साथ मिलकर वहां जाएंगे, उस सामग्री को हासिल करेंगे और उसे नष्ट कर देंगे। उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि बी-2 बॉम्बर्स ने ऐसा काम किया है जैसा शायद किसी ने पहले कभी नहीं देखा होगा। ट्रंप ने दावा किया कि इन हमलों से ईरान के परमाणु ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई परमाणु सामग्री बची भी है, तो उसे ढूंढना और वहां तक पहुंचना आसान नहीं होगा, लेकिन फिर भी वह चाहते हैं कि भविष्य के किसी समझौते के तहत उसे हटाकर नष्ट कर दिया जाए।
हालांकि ट्रंप ने माना कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी काफी ज्यादा है, लेकिन उनका कहना था कि हाल की घटनाओं और जवाबी कार्रवाइयों से बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक ऐसे कूटनीतिक संपर्क का भी खुलासा किया जिसे उन्होंने अभूतपूर्व बताया। यह संपर्क ईरान समर्थित लेबनानी संगठन हिज्बुल्लाह से जुड़ा था।
ट्रंप ने कहा कि हमने पहली बार हिज्बुल्लाह से बात की है। उन्होंने कल सहमति दी कि वे गोलीबारी नहीं करेंगे और इजरायल भी गोलीबारी नहीं करेगा। अब हम देखेंगे कि आगे क्या होता है।
ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक बेहतरीन साझेदार बताया और कहा कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई ने क्षेत्र में बड़े संकट को रोकने में मदद की है।
-
दुर्घटना9 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र11 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
