Connect with us
Monday,06-April-2026
ताज़ा खबर

खेल

‘यह अलग एहसास है’: टी20 विश्व कप 2024 बनाम आयरलैंड मुकाबले से पहले न्यूयॉर्क में खेलने पर भारत के कप्तान रोहित शर्मा

Published

on

टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने बुधवार, 5 जून को नासाउ काउंटी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आयरलैंड के खिलाफ टीम के टी20 विश्व कप 2024 के शुरुआती मैच से पहले न्यूयॉर्क में खेलने के माहौल पर जोर दिया।

रोहित शर्मा की अगुवाई में टीम इंडिया के खिलाड़ी रविवार सुबह न्यूयॉर्क पहुंचे और अगले दिन अपना पहला अभ्यास सत्र किया। मेन इन ब्लू ने अपना एकमात्र अभ्यास मैच बांग्लादेश के खिलाफ न्यूयॉर्क में खेला, जिसमें वे बांग्ला टाइगर्स को 20 ओवरों में 122/9 पर रोकने के बाद 60 रन से विजयी हुए।

आयरलैंड के खिलाफ भारत के शुरुआती मैच की पूर्व संध्या पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, रोहित शर्मा ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि अमेरिका किसी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क के स्थानीय लोग शहर में होने वाले प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से उत्सुक हैं।

“हम वास्तव में उत्साहित हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि अमेरिका में क्रिकेट किसी भी चरण में खेला जाएगा। लेकिन, अब जब हम यहां हैं, तो यह एक अलग एहसास है।” भारत के कप्तान ने कहा.

“न्यूयॉर्क के स्थानीय लोग यहां होने वाले विश्व कप को लेकर काफी उत्सुक हैं। क्योंकि हम कैफे में जाते हैं और वहां बहुत सारे लोग आते हैं और हमें शुभकामनाएं देते हैं।” उसने जोड़ा।

मौजूदा टी20 विश्व कप संयुक्त राज्य अमेरिका में खेले जाने वाला पहला आईसीसी आयोजन है। यूएसए ने 2021 में शोपीस इवेंट की सह-मेजबानी का अधिकार जीता। यूएसए वेस्ट इंडीज के साथ शोपीस इवेंट की सह-मेजबानी कर रहा है, जो 2 जून से शुरू हुआ और 29 जून को समाप्त होगा।

अंतरराष्ट्रीय

ईरान को लेकर ट्रंप की धमकियों का पूरे अमेरिका में हो रहा है विरोध

Published

on

TRUMP

वॉशिंगटन, 6 अप्रैल : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करने की हालिया धमकी ने देश के भीतर विरोध को जन्म दिया है। कानूनी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकती है जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तेहरान के साथ तनाव लगातार बढ़ रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स और पुलों को निशाना बना सकता है।

पोलिटिको के अनुसार, ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “मंगलवार ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा-सब एक साथ। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ होगा। उस स्ट्रेट को खोलो, नहीं तो तुम लोग नरक में जियोगे, देख लेना।”

यह बयान उस समय आया है जब इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर तनाव बढ़ रहा है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक अहम मार्ग है।

ट्रंप ने ईरान को जलडमरूमध्य खोलने के लिए एक समयसीमा भी दी। सीएनएन के अनुसार, उन्होंने संकेत दिया कि यदि तेहरान कार्रवाई नहीं करता, तो हमले हो सकते हैं।

व्हाइट हाउस ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि अमेरिका “हमेशा कानून के दायरे में रहकर काम करेगा।”

कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत गंभीर चिंता का विषय है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, पावर प्लांट और परिवहन प्रणाली जैसे ढांचे “ईरान में नागरिक जीवन की नींव हैं” और उनका विनाश “ज्यादातर मामलों में अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध अपराध माना जा सकता है।”

अंतरराष्ट्रीय कानून नागरिक ठिकानों पर हमले की अनुमति नहीं देता, जब तक कि वे सैन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग में न हों और सैन्य लाभ नागरिक नुकसान से अधिक न हो।

द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, एक कानूनी विशेषज्ञ ने कहा कि “सभी पुलों या पावर प्लांट्स पर बिना भेदभाव के हमला करने की धमकी देना युद्ध अपराध करने की धमकी के समान हो सकता है।” इन टिप्पणियों पर दोनों दलों के नेताओं ने आलोचना की है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, सीनेटर क्रिस मर्फी ने ट्रंप के बयान को “पूरी तरह असंतुलित” बताया। रिपब्लिकन प्रतिनिधि डॉन बेकन ने कहा कि अमेरिकी “अपने राष्ट्रपति से अशोभनीय भाषा की उम्मीद नहीं करते,” और नेतृत्व में आत्मसंयम जरूरी है।

हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफ्रीज़ ने कहा कि प्रशासन ने अमेरिका को “बिना योजना के एक लापरवाह युद्ध” में धकेल दिया है।

कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने प्रशासन का समर्थन भी किया। प्रतिनिधि माइक लॉरलर ने सैन्य अभियान को “अविश्वसनीय ऑपरेशन” बताया।

ईरान ने अमेरिकी दबाव को खारिज कर दिया है। सीएनएन के अनुसार, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य “तब तक बंद रहेगा जब तक ईरान को युद्ध क्षति का भुगतान नहीं मिल जाता।”

ट्रंप ने अपनी बयानबाजी और तेज कर दी। द वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यदि ईरान नहीं मानता, तो वह “अपने हर पावर प्लांट और अन्य संयंत्र खो सकता है।”

उन्होंने कहा, “अगर उन्होंने मंगलवार शाम तक कुछ नहीं किया, तो उनके पास कोई पावर प्लांट और कोई पुल नहीं बचेगा।”

इन बयानों से अमेरिका के सहयोगियों में भी चिंता बढ़ी है। द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, इन टिप्पणियों ने सहयोगियों को झटका दिया है, खासकर तब जब वॉशिंगटन कूटनीतिक प्रयास भी कर रहा है।

विश्लेषकों का कहना है कि यह रणनीति दबाव और बातचीत का मिश्रण है लेकिन इसमें तनाव बढ़ने का खतरा भी है।

द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, “अमेरिका की भाषा और कार्रवाई के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं,” और इस तरह की बयानबाजी अंतरराष्ट्रीय मानकों को कमजोर कर सकती है।

पेंटागन ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की किसी योजना की पुष्टि नहीं की है और इस पर सवालों को यूएस सेंट्रल कमांड की ओर भेजा है।

ट्रंप ने अपनी रणनीति का बचाव करते हुए कहा कि ईरान पर दबाव जरूरी है और बातचीत की संभावना अभी भी बनी हुई है।

फॉक्स न्यूज के अनुसार, उन्होंने कहा, “हम स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखे हुए हैं।” यह टकराव होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है, जहां से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है। यहां किसी भी व्यवधान का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और व्यापार पर पड़ सकता है।

हालिया तनाव अमेरिका-ईरान संबंधों के सबसे गंभीर चरणों में से एक माना जा रहा है, जिसमें सैन्य दबाव, आर्थिक जोखिम और तीखी बयानबाजी शामिल है।

पिछले अनुभव बताते हैं कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले की धमकियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच और व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ा सकती हैं। विश्लेषकों का कहना है कि स्थिति अभी भी बदलती हुई है और कूटनीतिक व सैन्य दबाव लगातार बढ़ रहे हैं।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

ट्रंप की धमकी से होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा संकट, तेल कीमतों में आया उछाल

Published

on

वाशिंगटन, 6 अप्रैल : ईरान के साथ-साथ होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति शृंखलाएं दबाव में आ रही हैं। तेल की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जहाजरानी मार्गों में से एक पर व्यवधान की आशंकाएं बढ़ रही हैं।

सीएनएन के अनुसार, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा न खोलने पर ईरानी ऊर्जा केंद्रों पर हमले की धमकी के बाद रविवार को तेल की कीमतों में तेजी आई।”

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ब्रेंट क्रूड 1.4 प्रतिशत बढ़कर 110.60 डॉलर हो गया, जबकि अमेरिकी क्रूड 1.8 प्रतिशत बढ़कर 113.60 डॉलर हो गया है।

ईरान और ओमान के बीच स्थित संकरा जलमार्ग होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां किसी भी प्रकार की व्यवधान का बाजारों पर तत्काल प्रभाव पड़ता है।

वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा हर साल इस स्ट्रेट से होकर गुजरता है, जिससे यह दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील चोकपॉइंट्स में से एक बन गया है।

मौजूदा गतिरोध ने पहले ही जहाजरानी प्रवाह को बाधित करना शुरू कर दिया है। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन के विदेश मंत्री ने कहा, “ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के आवागमन में बाधा डालने से टैंकरों का आवागमन 90 प्रतिशत से अधिक कम हो गया है और अब यह वैश्विक खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा बन गया है। इसका प्रभाव केवल ऊर्जा बाजारों तक ही सीमित नहीं है। समुद्री व्यापार में व्यवधान से खाद्य और उर्वरक आपूर्ति शृंखलाएं भी प्रभावित हो रही हैं।”

बहरीन के मंत्री ने कहा कि संकट जहाजों को होने वाले शुरुआती खतरों से कहीं आगे बढ़ गया है और अब वैश्विक स्थिरता के लिए एक व्यापक खतरा पैदा कर रहा है। इसके परिणाम अब केवल ऊर्जा बाजारों तक ही सीमित नहीं हैं।

बाजार में अस्थिरता ईंधन की कीमतों में पहले से ही दिखाई दे रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका में संघर्ष से जुड़ी कच्चे तेल की बढ़ती लागत के कारण गैसोलीन की कीमतों में उछाल आया है।

फॉक्स न्यूज के अनुसार, राष्ट्रीय औसत गैसोलीन की कीमत लगभग 4.11 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, जो हाल के हफ्तों में तेजी से बढ़ी है। लगभग हर क्षेत्र में कीमतें बढ़ी हैं और कुछ क्षेत्रों में तो राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर पहुंच गई हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है, “ईरान के साथ जारी संघर्ष के चलते कच्चे तेल की लागत बढ़ने से गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।”

जेट ईंधन की कीमतों में भी भारी उछाल आया है, जिससे एयरलाइनों की परिचालन लागत बढ़ गई है और हवाई किराए में वृद्धि तथा उड़ान क्षमता में कमी की संभावना बढ़ गई है।

फॉक्स न्यूज़ ने उद्योग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया, “अमेरिका में जेट ईंधन की कीमतों में पिछले कई वर्षों में सबसे तेज वृद्धि हुई है, कुछ ही हफ्तों में ये दोगुनी से भी अधिक हो गई हैं।”

विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक व्यवधान से वैश्विक रसद पर और दबाव पड़ सकता है, विशेष रूप से एशिया और यूरोप के ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर असर पड़ेगा।

तत्काल कीमतों में उछाल के अलावा, यह स्थिति वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता को बढ़ावा दे रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, तेल बाजारों ने सप्ताहांत के घटनाक्रम पर बढ़ती कीमतों और व्यापक आर्थिक चिंताओं के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त की।

रिपोर्ट में कहा गया है, “रविवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 111 डॉलर तक पहुंच गई। इस संघर्ष ने उन बाजारों को हिला दिया है जो पहले से ही आपूर्ति में व्यवधान के प्रति संवेदनशील हैं।”

सीएनएन के अनुसार, ओमान ईरान के साथ अंतिम दौर की बातचीत में शामिल रहा है, जबकि पाकिस्तान सहित क्षेत्रीय देशों ने भी चर्चा में भाग लिया है। इन प्रयासों के बावजूद ईरान ने संकेत दिया है कि जब तक उसकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वह स्ट्रेट को बंद रखेगा, जिससे और तनाव बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।

सीएनएन के अनुसार, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि जलमार्ग “तब तक अवरुद्ध रहेगा जब तक ईरान को युद्ध क्षति के लिए मुआवजा नहीं मिल जाता।”

इस संकट ने ऊर्जा उत्पादकों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी चेतावनी जारी कर दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ओपेक+ के सदस्यों ने ऊर्जा बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और लंबे समय तक आपूर्ति में व्यवधान की संभावना पर चिंता व्यक्त की है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

ईरान में दुर्घटनाग्रस्त विमान के पायलट को बचाने के अमेरिकी अभियान में शामिल था उच्च जोखिम

Published

on

war

वॉशिंगटन, 6 अप्रैल : कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी बलों ने ईरान के भीतर गिराए गए एक अमेरिकी पायलट को बचाने के लिए एक उच्च जोखिम वाला अभियान चलाया। इसमें एक जटिल सैन्य ऑपरेशन का इस्तेमाल किया गया, ताकि उसे शत्रुतापूर्ण क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

यह मिशन ईरान के ऊपर एक अमेरिकी एफ-15ई फाइटर जेट के गिराए जाने के बाद शुरू हुआ, जिसमें एक क्रू सदस्य लगभग दो दिनों तक फंसा रहा जबकि ईरानी सुरक्षा बल उसकी तलाश कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्टपोलिटिको के अनुसार, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने धोखे की रणनीति के तहत झूठी जानकारी फैलाई कि पायलट को पहले ही ढूंढ लिया गया है और उसे देश से बाहर ले जाया जा रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया, “सीआईए ने ईरान के भीतर यह खबर फैलाई कि अमेरिकी बलों ने पायलट को ढूंढ लिया है और उसे जमीन के रास्ते देश से बाहर निकाला जा रहा है।” इस रणनीति का उद्देश्य ईरानी खोज टीमों को भ्रमित करना और अमेरिकी बलों को लापता पायलट की सटीक लोकेशन का पता लगाने का समय देना था।

पोलिटिको ने कहा, “इस चाल ने सीआईए को गिराए गए विमान के पायलट का पता लगाने और उसकी सटीक लोकेशन को चुपचाप व्हाइट हाउस और पेंटागन तक पहुंचाने के लिए समय दिया।”

जमीन पर पायलट ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में गिरफ्तारी से बचते हुए जीवित रहने की कोशिश की। सीएनएन के अनुसार, वह पहाड़ी इलाकों में अकेले छिपा रहा, ऊंचाई पर चढ़ता रहा और ईरानी गश्ती दलों से बचते हुए एक दरार (क्रेविस) में शरण ली।

उसके पास सीमित उपकरण थे, जिनमें एक पिस्तौल, संचार उपकरण और एक ट्रैकिंग बीकन शामिल था। एक दिन से अधिक समय तक वह अमेरिकी बलों की पहुंच से बाहर रहा जबकि वे उसे खोजने की कोशिश कर रहे थे।

अमेरिकी सेना ने एक बड़े स्तर का सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें स्पेशल ऑपरेशंस सैनिक, निगरानी विमान और हवाई समर्थन शामिल थे। सीएनएन के अनुसार, इस मिशन में आर्मी डेल्टा फोर्स और नेवी सील टीम सिक्स जैसी एलीट यूनिट्स भी शामिल थीं।

विमान के पायलट को पहले ही बचा लिया गया था लेकिन दूसरा क्रू सदस्य लापता रहा, जिससे खोज अभियान और तेज कर दिया गया।

द वॉशिंगटन पोस्ट के अनुसार, यह बचाव अभियान जल्द ही अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों के लिए प्राथमिकता बन गया। रिपोर्ट में कहा गया, “अमेरिकी सेना और सीआईए ने ईरान के ऊपर गिराए गए फाइटर जेट के एक क्रू सदस्य को बचाने के लिए एक उच्च जोखिम वाला मिशन समन्वित किया।”

जब पायलट की स्थिति की पुष्टि हो गई, तो अमेरिकी कमांडो अंधेरे की आड़ में आगे बढ़े। द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, युद्धक विमानों ने पास के इलाकों में हमले कर ईरानी बलों को पास आने से रोकने के लिए समर्थन दिया।

रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से कहा गया, “कमांडो ने अपने हथियारों से जोरदार फायरिंग की ताकि आसपास मौजूद ईरानी बल उनके करीब न आ सकें।”

बचाव अभियान के दौरान कुछ जटिलताएं भी सामने आईं। ऑपरेशन में इस्तेमाल किए गए विमानों को जमीन पर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिससे कमांडरों को अपनी योजना में बदलाव करना पड़ा और अतिरिक्त सहायता बुलानी पड़ी।

इन बाधाओं के बावजूद, अमेरिकी बलों ने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया और पायलट को सुरक्षित निकाल लिया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे “अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसिक सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक” बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “हमने गंभीर रूप से घायल और बेहद बहादुर एफ-15 क्रू सदस्य/अधिकारी को ईरान के पहाड़ों के भीतर से बचा लिया है… सभी का अद्भुत साहस और कौशल!”

उन्होंने यह भी कहा कि बचाव से पहले ईरानी बल “बड़ी संख्या में उसकी तलाश कर रहे थे और उसे पकड़ने के करीब पहुंच चुके थे।”

इस ऑपरेशन में सैन्य और खुफिया संसाधनों का व्यापक इस्तेमाल हुआ। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, इसमें स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेस, कई विमान और अंतिम समय में सीआईए की धोखे की रणनीति शामिल थी।

यह स्थिति बेहद संवेदनशील थी। अगर पायलट को पकड़ लिया जाता, तो ईरान को संघर्ष में बड़ा फायदा मिल सकता था, जिससे उसे वार्ता या प्रचार में बढ़त मिलती।

इस घटना ने अमेरिकी वायुसेना के क्रू के लिए सर्वाइवल ट्रेनिंग के महत्व को भी उजागर किया। पूर्व सैन्य अधिकारियों ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ऐसी परिस्थितियां “उच्च स्तर की ट्रेनिंग” को दर्शाती हैं, जो पायलटों को कठिन हालात में मजबूत बनने और दुश्मन से बचने के लिए तैयार करती है।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति42 minutes ago

बारामती उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार आकाश मोरे की इस शर्त से बढ़ी सियासी हलचल

अंतरराष्ट्रीय1 hour ago

ईरान को लेकर ट्रंप की धमकियों का पूरे अमेरिका में हो रहा है विरोध

अंतरराष्ट्रीय1 hour ago

ट्रंप की धमकी से होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा संकट, तेल कीमतों में आया उछाल

अंतरराष्ट्रीय2 hours ago

ईरान में दुर्घटनाग्रस्त विमान के पायलट को बचाने के अमेरिकी अभियान में शामिल था उच्च जोखिम

राष्ट्रीय3 hours ago

अमित शाह और राहुल गांधी आज चुनाव प्रचार के लिए पहुंचेंगे चेन्नई

राष्ट्रीय3 hours ago

‘पीएम मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश’, भाजपा के स्थापना दिवस पर अमित शाह समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

ईरान के विदेश मंत्री की भारतीय और रूसी समकक्षों के साथ फोन पर बातचीत, युद्ध के हालातों पर हुई चर्चा

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

एयू की चेतावनी : मध्य-पूर्व का संघर्ष अफ्रीकी अर्थव्यवस्थाओं के लिए ‘गंभीर खतरा’

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

ट्रंप का दावा: ईरान के साथ ‘गहरी’ बातचीत जारी, सैन्य ऑपरेशन जारी रखने के दिए संकेत

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

विदेश मंत्री जयशंकर और ईरानी समकक्ष अराघची ने पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की

महाराष्ट्र1 week ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

अपराध3 weeks ago

मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

अंतरराष्ट्रीय1 week ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने फोन पर की बात, मध्य पूर्व संघर्ष को कम करने पर जोर

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई के लोगों को महायोति का बड़ा तोहफा… अब 500 स्क्वायर फीट तक के घरों पर कोई टैक्स नहीं, महानगरपालिका ने यह सीमा बढ़ाकर 700 स्क्वायर फीट कर दी है।

राष्ट्रीय4 weeks ago

मुंबई में गैस संकट से 20 फीसदी होटल-रेस्टोरेंट बंद, पेट्रोलियम मंत्री से आपूर्ति सुचारू रखने की मांग

महाराष्ट्र2 weeks ago

अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

अपराध1 week ago

मुंबई में डिलीवरी वाहन से 27 गैस सिलेंडर चोरी, जांच जारी

अपराध2 weeks ago

मुंबई में अभिनेत्री निमिषा नायर की कैब का पीछा करने वाले दो युवक हिरासत में, पुलिस ने नोटिस देकर छोड़ा

राजनीति3 weeks ago

ममता बनर्जी पर भाजपा का हमला, ‘मुख्यमंत्री टेंशन में, इसलिए करती हैं गलत बयानबाजी’

रुझान