Connect with us
Tuesday,27-October-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

तमिलनाडु पुलिस ने कोयंबटूर में पीएम मोदी के रोड शो को अनुमति देने से किया इनकार

Published

on

तमिलनाडु पुलिस ने कोयंबटूर में 18 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

पुलिस ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि सुरक्षा कारणों से अनुमति नहीं दी गई है।

चार किलोमीटर लंबे रोड शो का समापन उस मैदान पर होना था जहां 1998 का कोयंबटूर बम विस्फोट हुआ था। इस ब्लास्ट में 58 लोग मारे गए थे और 200 से अधिक घायल हुए थे।

तमिलनाडु पुलिस के फैसले के खिलाफ भाजपा ने मद्रास हाई कोर्ट में एक याचिका लगाई है।

पीएम मोदी तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना के दौरे पर हैं। कर्नाटक में पार्टी का मजबूत जनाधार होने के कारण पार्टी अन्य दक्षिणी राज्यों में भी अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

राजनीति

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ गर्भवती पत्रकार की याचिका पर नोटिस जारी किया, सुनवाई 3 नवंबर को होगी।

Published

on

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह 3 नवंबर को एक गर्भवती महिला पत्रकार की याचिका पर सुनवाई करेगा। पत्रकार का आरोप है कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया और खींचा। यह घटना तब हुई जब विपक्षी ‘इंडिया’ (भारत) गठबंधन के नेता मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एस आई आर) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट परिसर की ओर मार्च कर रहे थे। वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के समक्ष यह मामला उठाया और बताया कि महिला पत्रकार की याचिका अभी तक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हुई है। इस पर सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले में नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है और इस पर 3 नवंबर को सुनवाई होगी। एक समाचार वेबसाइट के लिए काम करने वाली पत्रकार ऋचा पाराशर ने आरोप लगाया है कि विपक्षी नेताओं के मार्च को कवर करते समय राहुल गांधी ने उनका हाथ पकड़ा और जोर से खींचा। इसके बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं।

इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। तीन महीने की गर्भवती पाराशर का आरोप है कि यह घटना 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में विपक्षी नेताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान मची अफरा-तफरी के बीच हुई। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया है। वहीं, पार्टी नेताओं और समर्थकों ने घटना के वीडियो साझा किए हैं और सवाल उठाया है कि क्या इन दृश्यों से यह साबित होता है कि राहुल गांधी ने पत्रकार को धक्का दिया था। यह घटनाक्रम एक अन्य याचिका के संदर्भ में सामने आया है, जिसमें विपक्षी मार्च के बाद सुप्रीम कोर्ट परिसर और उसके आसपास होने वाले राजनीतिक प्रदर्शनों के खिलाफ सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की गई है। 15 अक्टूबर को, सीजेआई सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इस याचिका पर नोटिस जारी किया और घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। यह मार्च ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं (जिसमें राहुल गांधी भी शामिल थे) द्वारा तब निकाला गया था, जब सीजेआई ने उनसे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करने तथा मतदाता सूची के पुनरीक्षण (एस आई आर) पर ज्ञापन सौंपने के उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था। सीजेआई ने विपक्षी नेताओं को सलाह दी थी कि वे तय कानूनी प्रक्रिया के जरिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करें। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाना, शक्तियों के बंटवारे के संवैधानिक सिद्धांत के खिलाफ होगा।

Continue Reading

महाराष्ट्र

नवी मुंबई में शहरी नियोजन और ट्रैफिक संकट पर राज ठाकरे का हमला, बोले- महाराष्ट्र में सत्ता का इंतजार

Published

on

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने सोमवार को राज्य के जर्जर शहरी बुनियादी ढांचे और बिगड़ते यातायात प्रबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जब महाराष्ट्र की जनता उन्हें सत्ता सौंपेगी।

नवी मुंबई में वाणिज्यिक वाहन परिवहन सम्मेलन और ट्रांसपोर्टरों की रैली को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने नागरिक अनुशासन की कमी, खराब शहरी नियोजन और ई-चालान प्रणाली के दोषपूर्ण कार्यान्वयन की आलोचना की और चेतावनी दी कि राज्य का यातायात संकट जल्द ही बेकाबू हो जाएगा।

राज ठाकरे ने चेतावनी दी कि शहरी क्षेत्रों में यातायात की समस्या पहले ही चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है और सुव्यवस्थित सीमाओं या नागरिक नियमों के पूर्ण अभाव के कारण यह और भी बदतर होने वाली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ई-चालान प्रणाली के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जुर्माने लगाने के मनमाने तरीके की आलोचना की। उन्होंने तर्क दिया कि ई-चालानों की निगरानी कैमरे द्वारा सख्ती से की जानी चाहिए, न कि कर्मचारियों द्वारा मौके पर मैन्युअल रूप से जारी किए जाने चाहिए।

राज ठाकरे ने अधिकारियों पर विशेषज्ञों से परामर्श करने या उचित नगर नियोजन लागू करने के बजाय ‘बिल्डरों से दोस्ती’ के आधार पर विकास योजनाएं बनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने बताया कि आदर्श रूप से सड़कें किसी क्षेत्र के कुल क्षेत्रफल के लगभग 15 प्रतिशत हिस्से को कवर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों को मूल रूप से 50 लोगों के लिए बनाया गया था, उनमें अब पर्याप्त पार्किंग सुविधा के बिना 500 लोग रहते हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि पुल और सड़कें अक्सर दो साल के भीतर खराब होने के लिए बनाई जाती हैं ताकि मरम्मत के ठेके लगातार जारी किए जा सकें।

ठाकरे ने कहा कि इस देश के यातायात को देखकर मुझे इसके वर्तमान और भविष्य की झलक मिलती है। हमें न तो वाहन चलाना आता है और न ही उन्हें पार्क करना। आधुनिक यातायात प्रबंधन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि शहरों में स्वचालित यातायात सिग्नल तो हैं, लेकिन उनके ठीक बगल में मानव यातायात कांस्टेबल तैनात रहते हैं क्योंकि किसी को भी वाहन चालकों पर नियमों का पालन करने का भरोसा नहीं है।

मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) आयुक्त को दिए गए अपने अनसुने सुझाव को साझा करते हुए ठाकरे ने फुटपाथों के लिए रंग-कोडिंग का प्रस्ताव रखा (लाल और काला रंग सख्त ‘नो पार्किंग’ क्षेत्रों के लिए, पीला और काला रंग निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों के लिए)।

हालांकि, उन्होंने अफसोस जताया कि सार्वजनिक कार्यान्वयन की कमी के कारण ऐसे विचार निष्प्रभावी हो जाते हैं। ठाकरे ने चेतावनी दी कि शहरों में दूरदर्शिता की कमी है। यदि उपनगरीय रेलवे प्रणाली कभी ठप हो जाती है, तो सड़कों पर निजी वाहनों की अचानक बाढ़ से पूरा शहर जाम हो जाएगा और निवासी अपने घरों में ही फंसे रह जाएंगे।

उन्होंने खेल के मैदानों, बगीचों या टिकाऊ जल आपूर्ति जैसी पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाओं के अभाव में बन रही बेतरतीब इमारतों और कॉलोनियों की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या इस अव्यवस्थित शहरीकरण को सचमुच ‘अनुशासन’ कहा जा सकता है।

अपने भाषण का समापन एक प्रत्यक्ष राजनीतिक बयान के साथ करते हुए ठाकरे ने घोषणा की कि महाराष्ट्र के परिवहन और शहरी क्षेत्रों में अनुशासन लाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है, बल्कि राजनीतिक इच्छाशक्ति का काम है। ठाकरे ने कहा कि मैं वास्तव में उस पल का इंतजार कर रहा हूं जब महाराष्ट्र की जनता मुझे सत्ता सौंपेगी। इस तरह की चीजों में अनुशासन लाना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। इसके लिए बस इसे करने की इच्छाशक्ति चाहिए। उनके इस बयान पर ट्रांसपोर्टरों और पार्टी कार्यकर्ताओं से भरी सभा ने जोरदार तालियां बजाईं।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

सरकार ने चालू इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए 17.73 लाख करोड़ रुपए

Published

on

सरकार ने सोमवार को बताया कि सितंबर 2026 तक केंद्र के 17 मंत्रालयों और विभागों में कुल 37.56 लाख करोड़ रुपए की नवीनतम अनुमानित लागत वाली 1,853 इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की निगरानी की जा रही है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स पर अब तक कुल 17.73 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, जो प्रोजेक्ट्स की कुल लागत का लगभग 47.21 प्रतिशत है। यह इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।

बयान में कहा गया, “काफी संख्या में प्रोजेक्ट्स अग्रिम चरण में पहुंच गए हैं। कुल 654 प्रोजेक्ट्स (35 प्रतिशत) में 80 प्रतिशत से अधिक भौतिक प्रगति दर्ज की गई है, जबकि 338 प्रोजेक्ट्स (18 प्रतिशत) में 80 प्रतिशत से अधिक वित्तीय कार्य पूरा हो चुका है।”

कुल 1,853 जारी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से 780 मेगा प्रोजेक्ट्स हैं, जिनकी लागत 1,000 करोड़ रुपए या इससे अधिक है। वहीं, 1,073 प्रमुख इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की लागत 1,000 करोड़ रुपए से कम है।

बयान के अनुसार, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सबसे अधिक 1,320 इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जिनकी कुल लागत 20.07 लाख करोड़ रुपए है। यह कनेक्टिविटी आधारित बुनियादी ढांचे के विकास को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाता है।

बयान में आगे कहा गया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत सबसे अधिक 974 इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, जो कुल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का 53 प्रतिशत है। इनकी संशोधित कुल लागत 9.46 लाख करोड़ रुपए है, जो सभी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की कुल लागत का 25 प्रतिशत है। यह राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे के विकास में मंत्रालय की केंद्रीय भूमिका को दिखाता है।

रेल मंत्रालय के तहत 284 प्रोजेक्ट्स (15 प्रतिशत) जारी हैं, जिनकी कुल संशोधित लागत 7.21 लाख करोड़ रुपए है। यह कुल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स लागत का 19 प्रतिशत है।

कोयला मंत्रालय के तहत 121 प्रोजेक्ट्स (6 प्रतिशत) चल रहे हैं, जिनकी कुल संशोधित लागत 2.22 लाख करोड़ रुपए है। यह कुल लागत का 6 प्रतिशत है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग क्रमशः 115, 106, 49 और 35 इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को क्रियान्वित कर रहे हैं। इनकी संबंधित लागत क्रमशः 4.30 लाख करोड़ रुपए, 6.40 लाख करोड़ रुपए, 3.41 लाख करोड़ रुपए और 1.95 लाख करोड़ रुपए है।

बयान में कहा गया कि शेष 169 इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स (9 प्रतिशत) विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अंतर्गत आते हैं। इनकी कुल लागत 2.62 लाख करोड़ रुपए है, जो सभी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की कुल लागत का 7 प्रतिशत है।

Continue Reading
Advertisement
राजनीति5 minutes ago

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ गर्भवती पत्रकार की याचिका पर नोटिस जारी किया, सुनवाई 3 नवंबर को होगी।

बॉलीवुड32 minutes ago

शाहरुख खान ने फिल्म ‘किंग’ का नया पोस्टर जारी करते हुए कहा, “कातिल नहीं… आशिक़ हूँ।”

बॉलीवुड1 hour ago

सोनम खान ने खुलासा किया कि वह संजय दत्त को चुपके से पसंद करती थीं। उन्होंने कहा कि वह ऐसे सह-कलाकार थे, जिनका दिल सोने जैसा था।

मनोरंजन18 hours ago

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: हथियार सप्लाई के आरोप में दो महिलाएं गिरफ्तार, एक ने खुद को बताया बेगुनाह

मनोरंजन19 hours ago

रश्मिका मंदाना ने रिश्ते पर उठे सवालों का दिया जवाब, विजय देवरकोंडा बोले- ‘मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं’

महाराष्ट्र19 hours ago

नवी मुंबई में शहरी नियोजन और ट्रैफिक संकट पर राज ठाकरे का हमला, बोले- महाराष्ट्र में सत्ता का इंतजार

राष्ट्रीय समाचार19 hours ago

सरकार ने चालू इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर खर्च किए 17.73 लाख करोड़ रुपए

महाराष्ट्र19 hours ago

मुंबई महानगर क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों के लिए महाराष्ट्र सरकार की व्यापक जल योजना तैयार

मनोरंजन19 hours ago

सेट पर झगड़े वाली धारणा पर राधिका आप्टे बोलीं-‘महिलाएं नहीं पुरुष होते हैं ज्यादा असुरक्षित’

मनोरंजन19 hours ago

राजनीति से दूरी पर राज बब्बर का दो टूक जवाब, पंजाबी फिल्मों में वापसी का भी दिया संकेत

बॉलीवुड4 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

अपराध3 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

राजनीति2 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

खेल3 weeks ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

मनोरंजन3 weeks ago

‘तुम झूठे हो गौतम गुलाटी’, प्रियंका चाहर चौधरी से भिड़े गौतम, ‘राइज एंड फॉल 2’ में छिड़ी तीखी जंग

राजनीति4 weeks ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

व्यापार4 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मनोरंजन4 weeks ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

मनोरंजन3 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

रुझान