राष्ट्रीय समाचार
सीओपी 28 : भारत के पर्यावरण मंत्री व राष्ट्रमंडल प्रमुख ने जलवायु संकट से लड़ने के तरीकों पर की चर्चा
विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दुबई पहुंचने से कुछ घंटे पहले, राष्ट्रमंडल महासचिव पेट्रीसिया स्कॉटलैंड ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव से मुलाकात की और जलवायु संकट से लड़ने के तरीकों पर चर्चा की।
दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रमंडल सचिवालय के काम, भारत के अभिनव जलवायु समाधान और नेतृत्व के साथ-साथ उनके चल रहे सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
बैठक के बाद महासचिव ने कहा: “मैं भारत के अपने सहयोगी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, भूपेन्द्र यादव के साथ हाथ मिलाने में सक्षम होने पर वास्तव में प्रसन्न और गौरवान्वित हूं।
“हम चर्चा कर रहे हैं कि हम इस जलवायु संकट से कैसे निपटेंगे। हम यह सुनिश्चित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भू-स्थानिक डेटा और सभी तकनीकी विकास का उपयोग कैसे करेंगे कि हम इस समय हमारे जीवन में आने वाली जलवायु आपदा को पलट दें?
“मैं वास्तव में जलवायु कार्रवाई के प्रति भारत के समर्पण, उसकी प्रतिबद्धता और उसकी ऊर्जा की सराहना करता हूं, लेकिन सबसे बढ़कर, जलवायु से संबंधित प्रौद्योगिकी को साझा करने की भारत की इच्छा, जिसकी हम सभी को जलवायु संकट को उलटने के लिए आवश्यकता होगी, उसे अब स्वयं खोजें।”
राष्ट्रमंडल महासचिव छोटे और कमजोर सदस्य देशों के लिए बढ़ते खतरों के मद्देनजर जलवायु संकट पर त्वरित कार्रवाई का आह्वान करने के लिए गुरुवार को शुरू हुए दो सप्ताह के संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन (सीओपी28) में राष्ट्रमंडल प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
राष्ट्रीय समाचार
‘सपा के समर्थन के बिना रायबरेली सीट भी जीत पाओगे या नहीं?’, राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर कटाक्ष

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का मकसद चुनाव सुधार या मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ा नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर देश में अराजकता पैदा करना और सत्ता हासिल करना है।
उन्होंने राहुल गांधी पर संविधान का हवाला देकर अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के इतिहास और चुनाव आयोग को लेकर उसके रुख पर भी सवाल उठाए।
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की राजनीतिक ताकत पर सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की कमजोर स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में 37 वर्षों से सत्ता से बाहर है। रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना कांग्रेस रायबरेली में अपनी सीट भी जीतने की क्षमता रखती है?
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश में ‘रिजीम चेंज’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार, एसआईआर या मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी कवायद के पीछे देश में अस्थिरता पैदा कर सत्ता हासिल करने की साजिश है। कांग्रेस और उसके सहयोगी देश के युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के बजाय उसे नकारात्मक गतिविधियों में लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ”मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि 1975 में इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को सलाखों के पीछे डाल दिया था। उन्होंने लोकतंत्र को कैद कर लिया था। आज राहुल गांधी संविधान को अपनी जेब में रखकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस के इतिहास के पन्ने पलटकर देखिए, आपको कई काले अध्याय मिलेंगे।”
रक्षा मंत्री ने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए उसके पुराने कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में चुनाव आयोग को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश की थी। इस संदर्भ में उन्होंने वर्ष 1993 में चुनाव आयोग में किए गए बदलावों और दो नए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का उल्लेख किया।
राजनाथ सिंह ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी की ओर से तत्कालीन राष्ट्रपति को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयुक्त नवीन चावला को पद से हटाने की सिफारिश की थी। रक्षा मंत्री के मुताबिक, गोपालस्वामी ने आरोप लगाया था कि नवीन चावला ने चुनाव आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस नेताओं के साथ साझा की थी। उन्होंने इन आरोपों को गंभीर बताते हुए कांग्रेस से उसके पुराने रिकॉर्ड पर जवाब देने की जरूरत जताई।
राष्ट्रीय समाचार
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत : निर्मला सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को भारत-अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को जल्द अंतिम रूप देने की वकालत करते हुए कहा कि इसका निष्पादन वैश्विक व्यापार और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के हित में होगा।
बैंकॉक में आयोजित आईएमएफ-विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के इतर अटलांटिक काउंसिल के साथ बातचीत में सीतारमण ने कहा कि दोनों देशों के बीच चल रही वार्ता अब अंतिम चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि एक-दो दिन पहले वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि यह समझौता जल्द हस्ताक्षर के लिए तैयार हो जाएगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने मजबूत आर्थिक वृद्धि बनाए रखी है।
उन्होंने कहा, “भारत तमाम चुनौतियों के बावजूद अपनी विकास दर को बनाए रखने में सफल रहा है। वास्तव में, कोविड के बाद पिछले चार-पांच वर्षों से हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहे हैं।”
सीतारमण ने इस प्रदर्शन का श्रेय समावेशी विकास नीतियों, कौशल विकास में निवेश और वित्तीय अनुशासन को दिया।
उन्होंने कहा, “हम इस बात को लेकर पूरी तरह जागरूक हैं कि सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर हमारी जिम्मेदारी है। इसलिए हम यह अच्छी तरह समझते हैं कि अर्थव्यवस्था के कमजोर वर्गों की मदद करते हुए भी हमें अनियंत्रित खर्च नहीं करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय पर सार्वजनिक खर्च ने देश में बुनियादी ढांचे के निर्माण को गति दी है और इसका अर्थव्यवस्था पर व्यापक गुणक प्रभाव (मल्टीप्लायर इफेक्ट) पड़ा है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत-अमेरिका बीटीए की पहली खेप (फर्स्ट ट्रांच) को अंतिम रूप दिया जा चुका है और वर्तमान में उसका कानूनी मसौदा तैयार किया जा रहा है।
गोयल ने कहा था कि यह समझौता तब लागू किया जाएगा, जब भारत को समान प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले पर्याप्त प्रतिस्पर्धात्मक लाभ सुनिश्चित हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा था कि प्रस्तावित समझौते का व्यापक ढांचा तैयार हो चुका है और दोनों देश जल्द ही इसे अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं।
नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम में बोलते हुए गोर ने कहा था कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब पहुंच चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों का विरोध, भारत की सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील

भारत ने सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हो रहे हमलों के बीच अपनी एकजुटता व्यक्त की है। इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की भी जान चली गई है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने गुरुवार को कहा कि सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के मामले में भारत, वहां की सरकार और जनता के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मध्य पूर्व की स्थिति पर आयोजित तिमाही खुली बहस के दौरान कहा कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव बेहद चिंताजनक है।
हरीश ने कहा कि मौजूदा हालात अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं। हम सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील करते हैं। हालांकि उन्होंने किसी संगठन का नाम नहीं लिया, लेकिन सऊदी अरब पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि हम पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों सहित नागरिक ढांचे पर हुए बार-बार के हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। हरीश ने बताया कि इन हमलों में कई लोगों की जान गई है, जिनमें एक भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली भी शामिल हैं।
हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद यूसुफ अली एक आईटी इंजीनियर थे। उनकी शनिवार को रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में मौत हो गई। वह इस्लाम के पवित्र स्थल की यात्रा पर गए हुए थे।
हूती विद्रोही यमन का एक शक्तिशाली समूह है, जिसे ईरान का समर्थन प्राप्त माना जाता है। यह समूह यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ लड़ रहा है और सऊदी अरब पर भी हमले करता रहा है। सऊदी अरब यमन की सरकार का समर्थन करता है। भारत ने यमन की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
हरीश ने कहा, “भारत यमन गणराज्य की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराता है और उसके आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप का विरोध करता है।”
उन्होंने कहा कि बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट और दक्षिणी लाल सागर की सुरक्षा पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है। इसके अलावा भारत ने समुद्री मार्गों पर हो रहे हमलों की भी निंदा की।
हरीश ने कहा कि हम समुद्री जहाजों और नाविकों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। इनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखना पूरी दुनिया के हित में है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
