राजनीति
दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकसभा व विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की मांग वाली याचिका की खारिज
नई दिल्ली, 6 फरवरी : दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार और चुनाव आयोग (ईसी) को निर्देश देने के लिए दायर एक जनहित याचिका के संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। याचिका इस बात को लेकर थी कि क्या 2024 में एक ही समय में लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराना संभव है। मुख्य न्यायाधीश (सीजे) सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की एक खंडपीठ ने कहा कि जनहित याचिका एक कानून बनाने की मांग करती है जो चुनाव आयोग का काम है न कि उनके (अदालत के) डोमेन का।
सीजे शर्मा ने कहा: हम लॉ मेकर्स नहीं हैं, हम अपनी सीमाएं जानते हैं। हम कानून का अनुपालन सुनिश्चित करते हैं। हम इस तरह के दिशा-निर्देश जारी नहीं कर सकते। अपनी जनहित याचिका में, याचिकाकर्ता और अधिवक्ता अश्विनी के. उपाध्याय ने स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, सेवा उद्योगों और विनिर्माण संगठनों के मूल्यवान समय को बचाने के लिए शनिवार और रविवार समेत छुट्टियों के दिन चुनाव कराने के लिए केंद्र और चुनाव आयोग दोनों को निर्देश देने की मांग की।
अदालत ने यह कहते हुए कोई भी निर्देश पारित करने से इनकार कर दिया कि यह चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है। चुनाव आयोग का प्रतिनिधित्व करते हुए अधिवक्ता सिद्धांत कुमार ने अदालत से कहा कि अगर देश में एक साथ चुनाव कराए जाते हैं तो यह संसद का काम है कि वह संविधान और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन पर विचार करे।
जैसा कि उपाध्याय ने कहा कि याचिका को प्रतिनिधित्व के रूप में माना जाना चाहिए, पीठ ने चुनाव आयोग को कानून के अनुसार प्रतिनिधित्व पर विचार करने का निर्देश देते हुए मामले का निस्तारण कर दिया। उपाध्याय ने अपनी याचिका में कहा कि सार्वजनिक धन बचाने, चुनाव ड्यूटी पर सुरक्षा बलों और लोक प्रशासन पर भार कम करने, और चुनाव आयोग के कर्मचारियों को बूथ, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और मतदाता पर्ची व्यवस्थित करने के लिए एक साथ चुनाव कराना महत्वपूर्ण है। दलील में कहा गया है: चूंकि चुनाव काफी महंगा हो गया है, कानून आयोग ने चुनावी कानूनों में सुधार (1999) पर अपनी 170 वीं रिपोर्ट में शासन में स्थिरता के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के एक साथ चुनाव कराने का सुझाव दिया है। लेकिन केंद्र और चुनाव आयोग ने उचित कदम नहीं उठाए हैं।
उपाध्याय ने लॉ कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की मांग की।
याचिका में कहा गया है कि जिन विधानसभाओं का कार्यकाल 2023 और 2024 में समाप्त हो रहा है, उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ उनके कार्यकाल को कम या बढ़ा कर लाया जा सकता है। उन्होंने कहा, अगर राजनीतिक दलों के बीच सहमति बनती है, तो 2024 के आम चुनाव के साथ 16 राज्यों यानी मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम, राजस्थान, तेलंगाना, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। दलील में कहा गया है कि चूंकि अधिकांश राज्यों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार का शासन है, इसलिए आम सहमति बिना किसी कठिनाई के उभरेगी, इसके चलते 2024 में आम चुनाव के साथ 16 राज्यों के विधानसभा चुनाव होंगे। इसमें कहा गया कि एक बार चुनाव एक साथ होने और चुनाव प्रक्रिया समाप्त हो जाने के बाद, सरकार को महत्वपूर्ण सुधारों को करने के लिए 58 महीने का समय मिलेगा। याचिका में कहा गया है, इससे राजनीतिक वर्ग के लिए जीवन आसान हो जाएगा।
राजनीति
टीवीके ने तमिलनाडु उपचुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों के नामों की घोषणा की

मदुरंतकम और धारापुरम की आरक्षित विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की अंतिम सूची शनिवार को जारी की जाएगी। इसके साथ ही 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान के लिए जोरदार प्रचार अभियान औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।
शनिवार उम्मीदवारों के लिए अपना नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख है। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारी अंतिम सूची जारी करेंगे और निर्दलीय उम्मीदवारों तथा गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित करेंगे।
चेंगलपट्टू जिले में स्थित मदुरंतकम सीट के लिए 48 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। जांच के बाद 28 उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार किए गए, जिससे नामांकन वापसी की समय-सीमा से पहले मैदान में काफी उम्मीदवार बने हुए हैं।
प्रमुख उम्मीदवारों में टीएमसी की मरगथम कुमारवेल, डीएमके के परंथमन, एआईए़डीएमके की गनिथा संपत, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) की सुगंधि और नाम तमिलर काची के जानकीरमन शामिल हैं। चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की सही संख्या शनिवार को अधिकारियों द्वारा नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
धारापुरम निर्वाचन क्षेत्र में, चुनाव अधिकारियों ने जांच के बाद 22 नामांकन पत्र स्वीकार किए। यहां भी, अंतिम मुकाबले की तस्वीर तभी साफ होगी जब जो उम्मीदवार दौड़ में बने नहीं रहना चाहते, वे औपचारिक रूप से अपना नामांकन वापस ले लेंगे।
इन उपचुनावों ने काफी राजनीतिक ध्यान खींचा है, क्योंकि पार्टियां इन मुकाबलों को अपनी संगठनात्मक ताकत और जनता के समर्थन की एक अहम परीक्षा मान रही हैं। कई उम्मीदवार पहले ही मतदाताओं से मिलना, नुक्कड़ सभाएं करना और स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं को एकजुट करना शुरू कर चुके हैं। उम्मीद है कि उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होने के बाद चुनाव प्रचार में तेजी आएगी।
राजनीतिक पार्टियां प्रचार के बचे हुए समय में जनसभाएं, घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने के कार्यक्रम और वरिष्ठ नेताओं की रैलियां आयोजित करने की तैयारी कर रही हैं।
इस बीच, टीवीके ने दो उपचुनावों के लिए 40 स्टार प्रचारकों के नामों की घोषणा की है। पार्टी द्वारा घोषित प्रमुख प्रचारकों में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय भी शामिल हैं। स्टार प्रचारकों की सूची में कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर, वीसीके अध्यक्ष थोल. थिरुमावलवन, एमडीएमके महासचिव वाइको, दुरई वाइको और कादर मोहिदीन के नाम भी शामिल हैं।
चुनाव अधिकारी दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग और वोटों की गिनती बिना किसी रुकावट के, सुचारू और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए पोलिंग स्टेशन तैयार करने, स्टाफ तैनात करने और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने जैसे काम कर रहे हैं।
दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में गठबंधन के बड़े नेताओं की भागीदारी से राजनीतिक मुकाबला और तेज होने की उम्मीद है। वोटिंग के दिन से पहले मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश में पार्टियां अपने प्रचार अभियान को स्थानीय विकास के मुद्दों और राज्य-स्तर के बड़े राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित कर सकती हैं।
राष्ट्रीय समाचार
लिस्टिंग से पहले ठंडी पड़ी एनएसई आईपोओ की ग्रे मार्केट चमक, जीएमपी 60 प्रतिशत से ज्यादा टूटा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) लिस्टिंग से पहले तेज गिरावट का शिकार हुआ है।
ग्रे मार्केट को कवर करने वाले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, शनिवार को 218 रुपए के उच्चतम स्तर पर पहुंचा जीएमपी शुक्रवार दोपहर तक घटकर 84 रुपए रह गया, जो अपने उच्चतम स्तर से करीब 61.46 प्रतिशत कम है।
हालांकि ग्रे मार्केट में उत्साह कमजोर पड़ा है, इसके बावजूद 22,569 करोड़ रुपए के एनएसई आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। शुक्रवार को बोली के दूसरे दिन यह इश्यू पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 10.28 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) आधारित है, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारक 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री कर रहे हैं। इसका मतलब है कि शेयर बिक्री से प्राप्त राशि सीधे एनएसई के पास नहीं जाएगी।
कंपनी ने आईपीओ के लिए 1,700 रुपए से 1,785 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर एनएसई का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग 4.42 लाख करोड़ रुपए बैठता है।
यह सार्वजनिक निर्गम 21 सितंबर को बंद होगा, जबकि कंपनी के शेयरों के 24 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल एक अनौपचारिक संकेतक होता है, जो यह दर्शाता है कि निवेशक सूचीबद्ध होने से पहले इश्यू मूल्य के ऊपर कितनी अतिरिक्त कीमत चुकाने को तैयार हैं। जीएमपी किसी भी तरह से यह सुनिश्चित नहीं करता कि शेयर प्रीमियम पर ही सूचीबद्ध होगा।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो एनएसई का वित्त वर्ष 2025-26 में संचालन से राजस्व 16,601.31 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 17,140.67 करोड़ रुपए की तुलना में तीन प्रतिशत से अधिक कम है।
इसी अवधि में एक्सचेंज की आय का प्रमुख स्रोत माने जाने वाले ट्रांजैक्शन शुल्क से राजस्व में भी गिरावट दर्ज की गई। यह वित्त वर्ष 2024-25 के 13,635.76 करोड़ रुपए से घटकर वित्त वर्ष 2025-26 में 13,057.01 करोड़ रुपए रह गया, जो लगभग 4 प्रतिशत की सालाना कमी को दर्शाता है।
बाजार की नजर अब आईपीओ के अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों और 24 सितंबर को होने वाली संभावित लिस्टिंग पर रहेगी, जहां निवेशकों की वास्तविक प्रतिक्रिया एनएसई के शेयर के प्रदर्शन को तय करेगी।
अपराध
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में खाली घर से मिला नाबालिग लड़की का शव, परिवार ने जताया हत्या का शक

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में शनिवार सुबह एक खाली घर से 16 साल की लड़की का शव मिला है। परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या एक नाबालिग लड़के और उसके परिवार वालों ने की है। बताया जा रहा है कि लड़की उस लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी। लड़की के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लड़की का शव पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन इलाके में एक खाली घर से मिला। लड़की के जीजा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह शुक्रवार रात से लापता थी। हमने पूरी रात उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। आज सुबह वह मृत पाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमें पता चला कि लड़की का एक स्थानीय लड़के के साथ संबंध था। वह ट्यूशन के लिए उनके घर जाती थी लेकिन बाद में उसने वहां ट्यूशन जाने से मना कर दिया। हमें शक है कि लड़की की हत्या की गई है। हमने सरकार से अपील की है कि उसे उचित न्याय मिले।
शनिवार सुबह लड़की का शव परिवार के ही एक खाली घर के अंदर मिला। उसके गले पर उसका स्कार्फ बंधा हुआ था।पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पुरुलिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा। अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। पुरुलिया जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शव बरामद कर लिया गया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लड़की के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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