राजनीति
बजट सत्र: संसद की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित
यह स्थगन आया क्योंकि नेताओं ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर चर्चा की मांग की जिसमें अडानी समूह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। विपक्षी नेताओं के विरोध के बाद संसद के दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। रिपोर्टों के अनुसार, स्थगन आया क्योंकि नेता ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर चर्चा की मांग की जिसमें अडानी समूह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सभापति जगदीप धनखड़ द्वारा एलआईसी, एसबीआई और बाजार से संबंधित अन्य विषयों जैसे विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करने से इनकार करने के बाद राज्यसभा सत्र स्थगित कर दिया गया था।
संसद में बजट सत्र
दोनों सदन बुलाए गए थे और बजट प्रस्तुति से पहले 31 जनवरी को दोनों सदनों के सामने दिए गए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पहले अभिभाषण पर अलग-अलग चर्चा शुरू होनी थी।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिकी एयर फोर्स का बी-52 बॉम्बर टेकऑफ के तुरंत बाद हुआ क्रैश, आठ लोगों की मौत

कैलिफोर्निया के मोजावे रेगिस्तान में एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस से उड़ान भरने के तुरंत बाद अमेरिकी एयर फोर्स का बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस क्रैश हो गया। इस भयानक हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई।
बेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि क्रैश सोमवार को स्थानीय समय के हिसाब से सुबह करीब 11:20 बजे हुआ। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया और ऑपरेशन अभी भी जारी हैं।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि एक्स पर एक अलग पोस्ट में, सैन्य बेस ने बताया कि एयरफील्ड बंद कर दिया गया है और आने वाले सभी एयरक्राफ्ट को डायवर्ट किया जा रहा है।
कर्नल जेम्स हेस ने मीडिया को बताया, “आज, एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर एक भयानक हादसा हुआ और हमने आठ महान अमेरिकियों को खो दिया।” उन्होंने मृतको को “मिलिट्री, सरकारी सिविलियन और सरकारी कॉन्ट्रैक्टर का मिला-जुला क्रू” बताया।
बेस ने कहा कि सभी नॉन-कमर्शियल विजिटर पास अगली सूचना तक सस्पेंड कर दिए गए हैं ताकि इंस्टॉलेशन पूरी तरह से इमरजेंसी रिस्पॉन्स ऑपरेशन पर फोकस कर सके।
बेस ने बताया कि बी-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस में आठ लोग सवार थे और एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस से टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया, जिसमें किसी के बचने की खबर नहीं है।
बेस ने एक्स पर बताया कि एयरक्राफ्ट एक रूटीन टेस्ट मिशन पर था। क्रैश से हवा में काले धुएं का एक बड़ा गुबार उठा जो मीलों दूर से देखा जा सकता था। शुरुआती संकेत हैं कि क्रैश में कोई बच नहीं सकता था।
अधिकारी इसमें शामिल सभी लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। क्रैश के कारण की जांच अभी चल रही है।
बी-52 एक लंबी दूरी का स्ट्रेटेजिक बॉम्बर है जो ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध के दौरान बमबारी में भी शामिल रहा है। यह विशाल बमवर्षक विमान 50,000 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है, जबकि वाणिज्यिक यात्री विमान आमतौर पर लगभग 35,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ते हैं। इसकी 70,000 पाउंड की भारी पेलोड क्षमता में सैकड़ों पारंपरिक बमों के साथ-साथ 32 परमाणु क्रूज मिसाइलें भी शामिल हो सकती हैं।
राजनीति
इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व पर बोले टीएस सिंहदेव, फैसला सभी सहयोगी दल मिलकर करें

कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने इंडिया ब्लॉक के नेतृत्व को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा? इसका फैसला किसी एक व्यक्ति या पार्टी को नहीं, बल्कि इंडिया ब्लॉक में शामिल सभी सहयोगी दलों को मिलकर करना चाहिए।
टीएस सिंहदेव ने राहुल गांधी की कार्यशैली की सराहना करते हुए समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा कि उन्होंने कभी किसी पद या नेतृत्व की जिम्मेदारी पाने के लिए खुद पहल नहीं की। राहुल गांधी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हैं और कई बार ऐसी परिस्थितियों में भी आगे नहीं आते जहां उनसे पहल की अपेक्षा की जाती है।
उन्होंने कहा कि यह केवल किसी पद का सवाल नहीं है, बल्कि देश के राजनीतिक भविष्य और पूरी व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा विषय है। इसलिए राहुल गांधी, कांग्रेस या किसी अन्य नेता को नेतृत्व मिले, इसका निर्णय गठबंधन के सभी घटक दलों को सामूहिक रूप से लेना चाहिए।
वहीं, राम जन्मभूमि दान मामले में गठित एसआईटी को लेकर भी टीएस सिंहदेव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस मुद्दे को बेहद संवेदनशील और चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि भगवान राम से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला करोड़ों लोगों की आस्था के आधार पर आया था। ऐसे में यदि वहां किसी तरह की भ्रष्टाचार या अनियमितता की बात सामने आती है तो यह देश के लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं और विश्वास पर सीधा आघात होगा।
उन्होंने कहा कि इससे पहले तिरुपति लड्डू और उसमें इस्तेमाल होने वाले घी को लेकर भी विवाद सामने आया था। ऐसे मामलों में लोगों की धार्मिक भावनाओं और आस्था के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
टीएस सिंहदेव ने कहा कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं संज्ञान लिया था और ऐतिहासिक फैसला दिया था, इसलिए इस मामले की भी निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह विषय अत्यंत संवेदनशील है, और इसकी सच्चाई सामने आना देशहित में आवश्यक है।
राजनीति
सांसदों के बाद अब उद्धव ठाकरे ने 22 जून को विधायकों की बैठक बुलाई

शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सांसदों के बाद अब विधायकों की बैठक बुलाई। ठाकरे ने 22 जून को शाम चार बजे पार्टी कार्यालय में सभी विधायकों की मीटिंग बुलाई है।
मुख्य सचेतक सुनील प्रभु और एमएलसी अनिल परब की ओर से लिखे पत्र में कहा गया, “शिवसेना (यूबीटी) विधायक दल (विधानसभा और विधान परिषद दोनों) के सभी सदस्यों की बैठक 22 जून को शाम 4:00 बजे मुंबई में मंत्रालय के सामने स्थित ‘शिवालय’ में बुलाई गई है। पार्टी प्रमुख उद्धव बालासाहेब ठाकरे इस बैठक में मार्गदर्शन करेंगे। आपसे अनुरोध है कि उक्त बैठक में समय पर उपस्थित हों।”
रविवार को उद्धव ठाकरे ने सांसदों की बैठक बुलाई थी। नौ लोकसभा सदस्यों में से अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजभाऊ वाजे और संजय पाटिल व्यक्तिगत रूप से बैठक में शामिल हुए थे। संजय राउत ने बताया था कि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापुराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ने ऑनलाइन बैठक में भाग लिया, जबकि संजय जाधव ने फोन पर ठाकरे से बात की। बता दें कि शिवसेना यूबीटी के वर्तमान में 9 सांसद हैं और 19 विधायक हैं।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की ओर से 12 जून को दावा किया गया था कि देश की राजनीति अब केवल अपने फायदे के सौदे तक सिमटकर रह गई है। ‘दल-बदलने वाले नेताओं के बढ़ते चलन के बीच राजनीति अब निजी स्वार्थ का धंधा बनी’ शीर्षक से शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि वोटर किसी खास पार्टी के चुनाव चिह्न और विचारधारा के आधार पर वोट देते हैं और उम्मीद करते हैं कि उन्हें सही प्रतिनिधित्व मिलेगा, लेकिन अपना फायदा देखने वाले राजनीतिक अवसरवादी नेता अपने निजी फायदे के लिए तुरंत एक पार्टी से दूसरी पार्टी में कूद जाते हैं। ये अवसरवादी नेता और उनके लीडर कूदते-फांदते दिल्ली पहुंच जाते हैं।
संपादकीय में तर्क दिया गया कि जिस तरह अंगूर और आम की कई किस्में विकसित की गई हैं, उसी तरह इन अस्थिर नेताओं की भी नई नस्लें सामने आई हैं। इनमें सबसे आगे ‘सयानी घोष’ किस्म है। चुनाव प्रचार के दौरान घोष ने अपने तीखे और जोशीले भाषणों से अपनी पहचान बनाई। उन्होंने ‘मिनी-ममता’ की छवि बनाई, हर रैली में भाजपा पर निशाना साधा और ममता बनर्जी को अपनी मां जैसा माना। टीएमसी के सांसदों के बीच दरारें पड़ने लगीं तो बहुत कम लोगों की उम्मीद थी कि सयानी का भी नाम उस सूची में होगा।”
-
दुर्घटना9 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र12 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
