राजनीति
इनकम टैक्स: केंद्रीय बजट 2023 में नई टैक्स व्यवस्था में बदलाव
बजट 2023 के तहत अब 7 लाख रुपये तक पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा. यह है संशोधित टैक्स स्लैब आज (1 फरवरी, 2023) केंद्रीय बजट 2023 में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि नई कर प्रणाली में 7 लाख रुपये तक कोई आयकर नहीं होगा। सीता रमन ने कहा कि सरकार ने नई कर व्यवस्था में आयकर छूट की सीमा पांच लाख रुपये से बढ़ाकर सात लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है.
नई कर प्रणाली के तहत संशोधित कर स्लैब है: 0 रुपये से 3 लाख रुपये के बीच आय पर कोई कर नहीं।
. 3 लाख रुपये से अधिक और 5 लाख रुपये तक की आय पर 5% कर लगेगा।
. नए बजट के तहत 6 लाख रुपये और 9 लाख रुपये तक की आय पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा.
. 12 लाख रुपये से अधिक और 15 लाख रुपये तक की आय पर 20% कर लगेगा।
. 15 लाख रुपये से ऊपर की आय पर 30% कर लगेगा।
नए टैक्स सिस्टम में 7 लाख रुपये तक की आय पर इनकम टैक्स में छूट दी गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि नई कर व्यवस्था में 7 लाख रुपये तक की आय पर आयकर छूट बढ़ा दी गई है। निर्मला सीता रमन ने कहा कि मैंने 2020 में 2.5 लाख रुपये से शुरू होने वाले 6 आय स्लैब के साथ व्यक्तिगत आयकर की नई प्रणाली की शुरुआत की। मेरा सुझाव है कि इस सिस्टम में टैक्स स्ट्रक्चर को घटाकर 5 स्लैब कर देना चाहिए और टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर देना चाहिए. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 2 लाख करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं. अंतोदिया योजना के तहत गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न देने का प्रावधान एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा आर्थिक एजेंडा नागरिकों के लिए अवसरों को सुविधाजनक बनाने, विकास में तेजी लाने और रोजगार के अवसर पैदा करने और व्यापक आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने पर केंद्रित है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सही रास्ते पर है और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रही है। कोविड महामारी के दौरान, हमने 28 महीने तक 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त अनाज देकर सुनिश्चित किया कि कोई भी भूखा न सोए। उन्होंने कहा कि यह अमृत कल का पहला बजट है। यह आजादी के 100 साल बाद का भारत का विजन बजट है। इस बजट में किसान, मध्यम वर्ग, महिलाओं से लेकर समाज के सभी वर्गों के विकास की रूपरेखा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
डोनाल्ड ट्रंप के कड़ा रुख अपनाने से ईरान से चल रही वार्ता लड़खड़ाई

trump
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता असमंजस की स्थिति में लग रही है क्योंकि तेहरान ने पाकिस्तान में होने वाली बातचीत में शामिल होने को लेकर हिचकिचाहट दिखाई है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कड़ा रुख अपना लिया है। इससे आगामी संघर्ष विराम की समय सीमा से पहले किसी समझौते को लेकर नए संदेह पैदा हो गए हैं।
वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा दौर, जिसके इस्लामाबाद में होने की उम्मीद थी, अब अनिश्चित हो गया है। ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अमेरिका की ओर से ईरान के झंडे वाले एक जहाज को ज़ब्त किए जाने के बाद वे इस बातचीत में शामिल नहीं हो सकते हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अब तक, हमने बातचीत के अगले दौर के बारे में कोई फैसला नहीं किया है।
यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का संघर्ष-विराम खत्म होने वाला है। इससे दोनों पक्षों पर किसी समझौते पर पहुंचने का दबाव बढ़ गया है, वरना उन्हें फिर से दुश्मनी शुरू होने का जोखिम उठाना पड़ सकता है।
सीएनएन के अनुसार, इस अनिश्चितता को और बढ़ाते हुए, ट्रंप के सार्वजनिक बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट ने इस नाज़ुक बातचीत को और भी पेचीदा बना दिया है।
दोनों पक्ष सात हफ्ते से चले आ रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए किसी समझौते के काफी करीब लग रहे थे। लेकिन ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि ईरान कुछ अहम शर्तों पर सहमत हो गया है, जबकि अधिकारियों का कहना था कि उन शर्तों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया था।
ईरानी अधिकारियों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इन दावों को खारिज कर दिया और इस बात पर संदेह जताया कि क्या बातचीत का अगला दौर आगे बढ़ पाएगा?
बातचीत से परिचित एक व्यक्ति ने सीएनएन को बताया कि ईरानियों को यह बात पसंद नहीं आई कि अमेरिकी राष्ट्रपति सोशल मीडिया के जरिए बातचीत कर रहे थे और ऐसा दिखा रहे थे जैसे उन्होंने उन मुद्दों पर सहमति दे दी हो जिन पर वे अभी तक सहमत नहीं हुए थे।
बदलती समय-सीमाओं और अमेरिका से मिलने वाले मिले-जुले संकेतों ने इस भ्रम को और भी बढ़ा दिया है। ट्रंप कभी यह संकेत देते हैं कि समझौता बस होने ही वाला है, तो कभी चेतावनी देते हैं कि अगर बातचीत विफल रही तो फिर से सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ट्रंप के बुधवार के बाद संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने की संभावना कम है, जिससे कूटनीतिक प्रयासों में और भी तेजी आ गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तों पर सहमत नहीं होता है, तो उसे पुलों और बिजली संयंत्रों जैसे अहम बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने वाले हमलों का सामना करना पड़ सकता है।
हालाँकि, ईरान ने जोर देकर कहा है कि वह दबाव में आकर बातचीत नहीं करेगा। ईरान की संसद के स्पीकर और एक अहम वार्ताकार मोहम्मद बाकिर गालिबफ ने कहा कि तेहरान ‘धमकियों के साये में’ बातचीत स्वीकार नहीं करेगा।
यह गतिरोध दोनों पक्षों के बीच गहरे अविश्वास को दर्शाता है। ईरानी अधिकारी वाशिंगटन की कूटनीति के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि दोनों पक्ष संभावित बातचीत की तैयारियां जारी रखे हुए हैं।
अनिश्चितता के बावजूद अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि एक प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान जाने की उम्मीद है। हालांकि इसका समय और इसमें कौन शामिल होगा, यह अभी तय नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक महत्व को देखते हुए मौजूदा बातचीत के नतीजों का क्षेत्रीय स्थिरता, वैश्विक ऊर्जा बाजारों और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है।
राजनीति
टीएमसी ने चुनाव आयोग से उत्तरपारा से भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ की शिकायत, मतदाताओं को रिश्वत देने का आरोप

टीएमसी ने हुगली जिले की उत्तरपारा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार दिपांजन चक्रवर्ती के खिलाफ चुनाव आयोग से शिकायत की है। टीएमसी का दावा है कि भाजपा कुछ दिन पहले शुरू किए गए “मातृ शक्ति भरोसा कार्ड” के जरिए मतदाताओं को रिश्वत देने की कोशिश कर रही है।
भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त, मुख्य निर्वाचन आयुक्त पश्चिम बंगाल, डीईओ हुगली और सामान्य पर्यवेक्षक को संबोधित करते हुए टीएमसी ने पत्र लिखकर शिकायत की है। पत्र में टीएमसी ने लिखा है, “हमें यह जानकारी मिली है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा 185 उत्तरपारा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाए गए दिपांजन चक्रवर्ती और उनके एजेंट व समर्थक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं को एक फॉर्म भरवाकर, जिसका नाम “मातृशक्ति भोष कार्ड” है, उन्हें 3000 मासिक भत्ता देने का वादा कर रहे हैं। मतदाताओं को रिश्वत देने की यह भ्रष्ट प्रथा भारतीय जनता पार्टी और उसके उम्मीदवार द्वारा मुख्य रूप से उत्तरपारा निर्वाचन क्षेत्र के पंचायत क्षेत्रों में अपनाई गई है।”
टीएमसी ने आगे लिखा है, “मतदाताओं की व्यक्तिगत जानकारी इस वादे के साथ एकत्र करना कि सत्ता में आने पर पार्टी उन्हें 3000 मासिक भत्ता देगी, अवैध, अनैतिक और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत परिभाषित भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है। केवल इसी कृत्य के लिए भाजपा उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जानी चाहिए और उसके खिलाफ उचित आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।”
इसके पहले 17 अप्रैल को तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल पर गंभीर आरोप लगाए था। पत्र में आरोप लगाया गया था कि चुनाव आयोग द्वारा जारी ‘फोर्स डिप्लॉयमेंट इन इलेक्शंस मैनुअल, 2023”, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 का उल्लंघन किया गया है।
फेसबुक पर प्रसारित एक वीडियो के आधार पर यह शिकायत की गई थी। वीडियो में कुछ नागरिक यह दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि सीआरपीएफ के जवान कथित तौर पर भाजपा उम्मीदवारों के साथ घूम रहे थे, भाजपा के पर्चे बांट रहे थे और मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में वोट देने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
पत्र में कहा गया था कि यह व्यवहार कथित तौर पर आपराधिक धमकी और चुनावी प्रक्रिया में अनुचित प्रभाव (धारा 174) के तहत अपराध है। इसमें यह भी आरोप लगाया गया है कि इस तरह की गतिविधियां मतदाताओं में डर का माहौल पैदा करती हैं और स्वतंत्र मतदान के अधिकार को प्रभावित करती हैं।
राजनीति
सिविल सेवा दिवस पर पीएम मोदी बोले, राष्ट्रसेवा ही है विकसित भारत की नींव

PM MODI
सिविल सेवा दिवस के मौके पर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सिविल सेवकों को शुभकामनाएं दीं और उनके काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह दिन सिर्फ एक औपचारिक अवसर नहीं है, बल्कि यह सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मौका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “सिविल सेवा दिवस के अवसर पर सभी सिविल सेवकों को मेरी शुभकामनाएं। यह सुशासन और राष्ट्र-निर्माण की दिशा में काम करने के हमारे संकल्प को और अधिक सुदृढ़ करने का एक अवसर है। जमीनी स्तर से लेकर नीति-निर्माण तक, सिविल सेवकों के प्रयास अनगिनत लोगों के जीवन को स्पर्श करते हैं और भारत की प्रगति में अपना योगदान देते हैं। कामना है कि हमारे सिविल सेवक अपने कर्तव्य के सर्वोच्च मानकों को बनाए रखते हुए उत्कृष्टता, करुणा और नवाचार के साथ देश की सेवा करते रहें।”
एक अन्य पोस्ट में पीएम ने कहा, “राष्ट्रसेवा ही विकसित भारत की नींव है। सिविल सेवा दिवस के गौरवशाली अवसर पर आइए, अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर सशक्त, समृद्ध एवं संवेदनशील भारतवर्ष के निर्माण का संकल्प दोहराएं।”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सिविल सेवा दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया, “सिविल सेवा दिवस के अवसर पर हमारे सिविल सेवकों को मेरी शुभकामनाएं। नीतियों को लागू करने, शासन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और पूरी ईमानदारी के साथ नागरिकों की सेवा करने के प्रति उनका समर्पण राष्ट्र-निर्माण में एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कामना है कि यह अवसर राष्ट्र-सेवा के प्रति उनके संकल्प को और अधिक दृढ़ करे।”
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर कहा, “सिविल सेवा दिवस के पावन अवसर पर, मैं सभी सिविल सेवकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। जनसेवा के प्रति आपका समर्पण और जमीनी स्तर पर किए गए आपके अथक प्रयास लोगों के जीवन में वास्तव में एक सकारात्मक बदलाव लाते हैं। नीतियों के क्रियान्वयन से लेकर रोजमर्रा की चुनौतियों से निपटने तक राष्ट्र-निर्माण और पूरे देश में सुशासन को मज़बूत बनाने में आपकी भूमिका अत्यंत निर्णायक है।”
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