राजनीति
हल्द्वानी रेलवे अतिक्रमण मामला : सबसे पहले कटेगी बिजली, भारी संख्या में फोर्स मौजूद
हल्द्वानी, 28 दिसंबर : हल्द्वानी में अवैध रूप से बने चार हजार से ज्यादा मकानों को ढहाने की तैयारी है। प्रशासन के बुलडोजर बनभूलपुरा से अतिक्रमण हटाएंगे। रेलवे की जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। नैनीताल हाईकोर्ट ने रेलवे की 78 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए 4365 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश दिए हैं। बुधवार से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू होनी है। शहर के कई लोग अतिक्रमण ध्वस्त करने के पक्ष में हैं, तो वहीं कई विरोध भी कर रहे हैं। जिससे क्षेत्र में माहौल गर्म है। कार्रवाई के विरोध में सैकड़ों लोगों ने थाने के बाहर धरना देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने के लिए पांच चौराहे से बनभूलपुरा का रास्ता ब्लॉक किया गया है। इस अभियान में 23 करोड़ खर्च किए जाएंगे और जिला अधिकारी ने अलग-अलग व्यवस्था के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। ‘सात हजार पुलिस कर्मियों व 15 कंपनी पैरामिल्रिटी फोर्स की मौजूदगी’ में अतिक्रमण पर बुलडोजर गरजेगा। हजारों घरों को ध्वस्त करने से पहले ऊर्जा निगम साढ़े चार हजार घरों की बिजली काटेगी। निगम ने इसके लिए जिला प्रशासन को लाइन हटाने में आने वाले खर्च का बजट बनाकर भेज दिया है। अतिक्रमण टूटने से पहले विभाग बिजली के मीटर हटाने के साथ बेसमेंट को भी खाली करेगा।
रेलवे भूमि को लेकर पिलर लगाने की कार्रवाई के तहत पांच चौराहे से बनभूलपुरा का रास्ता ब्लॉक है। रेलवे बाजार, नया बाजार एवं ताज चौराहे के आसपास के क्षेत्र की दुकानें बंद की गई हैं। रेलवे और प्रशासनिक अमले की तैयारी पूरी है।
इसी क्रम में बुधवार को पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के अधिकारी स्थानीय प्रशासन व पुलिस अधिकारियों के साथ बनभूलपुरा पहुंचेंगे। जहां तक अतिक्रमण टूटना है, वहां पिलर लगाए जाएंगे। रेलवे बुधवार को पिलर लगाने के बाद मुनादी कराना शुरू कर देगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यहां बड़ी तादाद में पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। खुफिया एजेंसियां भी नजर बनाए हुए हैं।
बनभूलपुरा में बाजार बंद का ऐलान हो गया है। कारोबारियों, दुकानदारों व कर्मचारियों ने एक दिन विरोध में बाजार बंद करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि घर बचाने के लिए सब लोग एकजुट होकर आगे आएंगे।
राष्ट्रीय समाचार
ऑपरेशन सिंदूर में क्रीक और रन के इलाके में भारतीय सेना के शौर्य की अनसुनी कहानी

ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा हो चुका है। पाकिस्तान की साजिशों को भारतीय सेना ने लद्दाख से लेकर गुजरात के भुज इलाके तक जमींदोज कर दिया। ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है, और तैयारियों को पिछले एक साल से लगातार धार दी जा रही है। इसी कड़ी में गुजरात के सबसे विषम इलाकों—क्रीक और रन—में भी सेना रोज पसीना बहा रही है। भारतीय सेना क्रीक के 96 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में अपनी हाई-स्पीड बोट के जरिए निगरानी को लगातार मजबूत बनाए हुए है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी यही स्थिति रही और पिछले एक साल में इसमें कोई बदलाव नहीं आया है। क्रीक का पूरा इलाका सेना की 75 (इंडिपेंडेंट) इंफैंट्री ब्रिगेड के अधीन आता है। ब्रिगेड कमांड ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उठाए गए कदमों का खुलासा किया। ब्रिगेडियर नीरज खजुरिया ने बताया कि शुरुआती चरणों में उन्होंने तेजी से सेना की तैनाती कर सुरक्षा सुनिश्चित की। साथ ही, उन्होंने संतुलित और सुदृढ़ तैनाती बनाए रखी, ताकि आवश्यकता पड़ने पर किसी भी आक्रामक ऑपरेशन को अंजाम दिया जा सके।
ब्रिगेडियर नीरज खजुरिया ने यह भी बताया कि 7 से 12 मई के बीच पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए हमारे संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की। इसका जवाब भारतीय सेना ने सभी एजेंसियों के साथ मिलकर मुंहतोड़ तरीके से दिया। एक मजबूत और बहु-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया, जिसमें एंटी-ड्रोन सिस्टम, आर्मी एयर डिफेंस के दस्ते और इंटीग्रेटेड सर्विलांस टीमें शामिल थीं। इन सभी ने मिलकर दुश्मन के ड्रोन को नष्ट कर दिया और रन-क्रीक जैसे संवेदनशील इलाके में होम ऑपरेशन कंट्रोल स्थापित करने में भी मदद की।
अगर 75 (इंडिपेंडेंट) इंफैंट्री ब्रिगेड की बात करें तो यह देश की एक अनोखी फॉर्मेशन है, जिसमें इंफैंट्री, आर्मर्ड, आर्टिलरी, एयर डिफेंस और आर्मी इंजीनियर्स एक साथ शामिल हैं। पैंगोंग झील में पेट्रोलिंग करने वाली आर्मी की हाई-स्पीड पेट्रोल बोट क्रीक इलाके में भी तैनात हैं। इनका मुख्य कार्य बीएसएफ और कोस्ट गार्ड के साथ मिलकर क्रीक क्षेत्र में पेट्रोलिंग करना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
यह भारत और पाकिस्तान के बीच की अंतरराष्ट्रीय सीमा है और यहां विवाद भी पुराना है, इसलिए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स शांतिकाल में निगरानी करती है, जबकि भारतीय सेना दूसरी परत (सेकेंड लेयर) के रूप में तैनात रहती है। युद्ध के समय सेना बीएसएफ उसके साथ मिलकर नेतृत्व संभालती है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वीरता और सूझबूझ के लिए कई सैनिकों को सम्मानित भी किया गया। एक सैनिक ने बताया कि उन्होंने पाकिस्तानी ड्रोन को न केवल ट्रैक किया, बल्कि उन्हें मार गिराया। भारतीय सेना की एयर डिफेंस गन एल-70 ने पाकिस्तान की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया। पाकिस्तान की ओर से इस इलाके में लगभग 100 ड्रोन लॉन्च किए गए थे, जिन्हें विफल कर दिया गया।
अगर पूरे पश्चिमी सीमा की बात करें तो भारतीय सेना के एयर डिफेंस गन और मिसाइल सिस्टम ने पाकिस्तान के 600 से अधिक ड्रोन मार गिराए, जिसमें एल-70 की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कच्छ क्षेत्र में तैनात एयर डिफेंस यूनिट के कमांडिंग अधिकारी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान यूनिट ने तेजी से कार्रवाई की और तुरंत सक्रिय हो गई।
राजस्थान और कच्छ सेक्टर में सेना और महत्वपूर्ण नागरिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। 7 मई तक सभी एयर डिफेंस सिस्टम और टुकड़ियां पूरी तरह ऑपरेशनल तैनाती में आ चुकी थीं।अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के ड्रोन को लगातार मार गिराया गया और पूरे ऑपरेशन के दौरान भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को कोई नुकसान नहीं हुआ। पाकिस्तान को उसकी गुस्ताखी का सबक सिखाने के लिए भारतीय टैंक और तोपों को भी अग्रिम मोर्चे पर तैनात किया गया था। रन के इलाके में आवश्यकता पड़ने पर ऐसा जवाब दिया जाता कि दुश्मन उसे कभी भूल नहीं पाता।
महाराष्ट्र
मुंबई में मसाला दुकान से चोरी करने के आरोप में कर्मचारी यूपी से गिरफ्तार, कैश बरामद

पुलिस ने दावा किया है कि उसने मुंबई के काला चौकी इलाके में एक मसाले की दुकान से 13,86,200 रुपये चुराने वाले एक कर्मचारी चोर को यूपी के अयोध्या से गिरफ्तार किया है। काला चौकी इलाके में मसाले की दुकान पर 8 दिनों से जमा किए गए पैसे अनाज में रखे गए थे और अगले दिन शिकायतकर्ता दुकान मालिक ने अनाज में पैसे ढूंढे लेकिन नहीं मिले। उसके बाद उसने पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने जांच की तो पाया कि दुकान पर काम करने वाला कर्मचारी सुबह से गायब था, जिससे पुलिस को शक हुआ और पुलिस ने अजय कुमार श्याम सुंदर को यूपी के अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश बरामद किया। इस ऑपरेशन को मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती के निर्देश पर डीसीपी रागसुधा ने सुलझाया और पुलिस ने आरोपी को यूपी से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
महाराष्ट्र
मुंबई: ‘ई’ वार्ड में दो टंकी मौलाना शौकत अली मार्ग पर फर्नीचर विक्रेताओं के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई

मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘ई’ वार्ड डिपार्टमेंट ने हाल ही में ‘ई’ डिपार्टमेंट के तहत मौलाना शौकत अली मार्ग पर पुराने फर्नीचर बेचने वालों और दूसरे कब्ज़ों के खिलाफ कार्रवाई की। यह कार्रवाई डिप्टी कमिश्नर (ज़ोन 1) चंदा जाधव के गाइडेंस और असिस्टेंट कमिश्नर आनंद कंकल की लीडरशिप में की गई। ‘ई’ डिपार्टमेंट में मौलाना शौकत अली मार्ग पर, खासकर मुरलीदेवरा आई हॉस्पिटल से जेजे हॉस्पिटल सिग्नल तक के इलाके में, कब्ज़ों की वजह से पैदल चलने वालों को बहुत परेशानी हो रही थी। पैदल चलने वालों को फुटपाथ के बजाय सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था, जिससे उनकी जान खतरे में पड़ रही थी। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘ई’ डिवीजन की कंजर्वेशन और कब्ज़ा हटाने वाली टीमों ने मुंबई पुलिस के साथ मिलकर एक कैंपेन चलाया। इस बेदखली ऑपरेशन के दौरान, फर्नीचर बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। फुटपाथ पर पड़े पुराने फर्नीचर को जेसीबी की मदद से मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही, टूटे हुए फर्नीचर के कचरे को भी तुरंत हटा दिया गया। फुटपाथ पर किए गए सभी कब्ज़ों को हटा दिया गया। इसके अलावा, इलाके में बिना इजाज़त के फेरीवालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। जिससे सड़क पूरी तरह से ट्रैफिक के लिए खुल गई।
इस अभियान में 1 जेसीबी, 4 मजदूर, 3 अधिकारी और 2 इंजीनियर शामिल हुए। इसके अलावा, नागपारा पुलिस स्टेशन के 9 कर्मचारियों को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। इस बीच, मुंबई नगर निगम का ‘ई’ डिवीजन इस मौके पर एक बार फिर साफ कर रहा है कि बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन और बिना इजाज़त के फेरीवालों के खिलाफ रेगुलर कार्रवाई जारी रहेगी।
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