अंतरराष्ट्रीय
क्लाउड इंफ्रा में नौकरियों में 3.71 अरब डॉलर का किया निवेश : अमेजॅन वेब सर्विसेज
अमेजॅन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस) ने पिछले छह वर्षों में स्थानीय क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण और भारत में नौकरियां पैदा करने में 3.71 अरब डॉलर का निवेश किया है। कंपनी के एक अधिकारी ने शुक्रवार को ये जानकारी दी।
मैक्स पीटरसन, वाइस प्रेसिडेंट, वल्र्डवाइड पब्लिक सेक्टर, एडब्ल्यूएस ने आईएएनएस को बताया कि कंपनी देश के डिजिटल विजन को लेकर उत्साहित है और 2030 तक इसे 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद करेगी।
पीटरसन ने कहा, 2016 में एडब्ल्यूएस एशिया पैसिफिक (मुंबई) क्षेत्र की शुरूआत के बाद, एडब्ल्यूएस ने पूरे भारत में स्थानीय बुनियादी ढांचे और नौकरियों में 3.71 अरब डॉलर का निवेश किया है।
ई-कॉमर्स दिग्गज एडब्ल्यूएस की क्लाउड शाखा, हैदराबाद में दूसरा बुनियादी ढांचा क्लाउड क्षेत्र खोलने के लिए तैयार है।
मौजूदा हैदराबाद क्लाउड क्षेत्र मुंबई जोन में शामिल हो जाएगा ताकि ग्राहकों को महत्वपूर्ण क्लाउड वर्कलोड, कम देरी और बेहतर अनुपालन क्षमता के लिए और भी अधिक लचीलापन दिया जा सके।
पीटरसन ने कहा कि वह भारत में विशेष रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अंतरिक्ष के क्षेत्रों में डिजिटलीकरण की दिशा में प्रगति देख रहे हैं।
एडब्ल्यूएस के शीर्ष कार्यकारी ने जोर देकर कहा, हम भारत सरकार, उद्यमों और स्टार्टअप्स को कोविड के बाद के युग में उनकी क्लाउड यात्रा में मदद करने के लिए तैयार हैं। क्लाउड हर संगठन का एक अभिन्न अंग बन जाता है।
मुंबई और जल्द ही हैदराबाद क्लाउड जोन, स्टार्टअप से लेकर उद्यमों और सार्वजनिक क्षेत्र तक, लाखों भारतीय संगठनों को अपनी सेवा के साथ दुनिया के अग्रणी तकनीकों का लाभ उठाने के लिए बुनियादी ढांचा प्राप्त करने में मदद करेगा।
एडब्ल्यूएस ने बेंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, नई दिल्ली और कोलकाता में बढ़त के स्थानों के माध्यम से अपनी सेवाओं का विस्तार किया है।
व्यापार
भारतीय शेयर बाजार में लौटी रौनक; सेंसेक्स 1,372 अंक चढ़कर बंद, निवेशकों ने कमाए करीब 8 लाख करोड़ रुपए

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मुंबई, 24 मार्च : सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली और घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी और सेंसेक्स 1.5 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए।
ऑटो और बैंक शेयरों ने बाजार को समर्थन दिया, जिससे दोनों प्रमुख बेंचमार्क अपने दिन के उच्चतम स्तर के करीब बंद हुए। दोनों पक्षों के विरोधाभासी बयानों के बीच अमेरिका-ईरान युद्ध में तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों में जोखिम भावना में सुधार हुआ।
बाजार बंद होने के समय एनएसई निफ्टी50 399.75 अंक या 1.78 प्रतिशत बढ़कर 22,912.40 पर था, तो वहीं बीएसई सेंसेक्स 1.89 प्रतिशत या 1,372.06 अंकों की बढ़त के साथ 74,068.45 पर था।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 74,212.47 पर खुलकर एक समय 74,489.39 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 22,878.45 पर खुलकर एक समय 23,057.30 को टच कर गया था।
व्यापक बाजारों ने बेंचमार्क सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप में जहां 2.60 प्रतिशत की तेजी आई, तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो सेक्टर में 2.43 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं निफ्टी मीडिया (3.45 प्रतिशत की तेजी) और निफ्टी बैंक सेक्टर (2.27 प्रतिशत की तेजी) ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। इसके अलावा, निफ्टी आईटी में 1.72 प्रतिशत तो निफ्टी एफएमसीजी में 1.25 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
निफ्टी50 में इंडिगो और एलएंडटी के शेयरों में सबसे ज्यादा क्रमशः 5.49 प्रतिशत और 5.17 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई। इसके बाद बजाज फाइनेंस, इटरनल, एशियन पेंट्स और अपोलो हॉस्पिटल के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली, जबकि कोल इंडिया, पावरग्रिड, सन फार्मा और सिप्ला के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में आई इस तेजी से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में 7.74 लाख करोड़ रुपए की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह पहले (सोमवार) के 415.11 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 422.85 लाख करोड़ रुपए हो गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों को करीब 8 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार झूमा, बैंक और डिफेंस स्टॉक्स में खरीदारी

मुंबई, 24 मार्च : मध्य पूर्व में तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार की मंगलवार को शुरुआत तेजी के साथ हुई। सेंसेक्स 1,516.08 अंक या 2.09 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,212.47 और निफ्टी 365.80 अंक या 1.62 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,878.45 पर खुला।
बाजार में चौतरफा तेजी देखी जा रही है। शुरुआती कारोबार में करीब सभी सूचकांक हरे निशान में बने हुए थे, जिसमें निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स टॉप गेनर्स थे।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 772 अंक या 1.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 53,490 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 219 अंक या 1.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,318 पर था।
चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि निफ्टी अपने छोटे अवधि के सपोर्ट जोन से नीचे कारोबार कर रहा है और इसका रुझान कमजोर बना हुआ है। इसका रुकावट का स्तर 22,650-22,700 के आसपास है। दूसरी ओर, सपोर्ट 22,300-22,400 के आसपास देखा जा रहा है और इसके नीचे कमजोरी से निकट भविष्य में गिरावट और बढ़ सकती है।
सेंसेक्स पैक में एशियन पेंट्स, इंडिगो, इटरनल, ट्रेंट, टाइटन, बीईएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी, अदाणी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, एसबीआई और एचयूएल गेनर्स थे। केवल पावर ग्रिड ही लाल निशान में कारोबार कर रहा था।
एशियाई बाजारों में तेजी देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के हरे निशान में खुले थे। अमेरिकी बाजार भी सोमवार को तेजी के साथ बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ और टेक्नोलॉजी सूचकांक नैस्डैक में 1.38-1.38 प्रतिशत की तेजी थी।
बाजार में तेजी की वजह अमेरिकी की ओर से ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले को पांच दिनों के लिए टालने को माना जा रहा है, जिससे वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजारों में भी तेजी देखने को मिली है।
व्यापार
वैश्विक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट

oil
नई दिल्ली, 18 मार्च : वैश्विक स्तर पर तनाव के बीच कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बुधवार को कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुबह 10:28 पर डब्ल्यूटीआई क्रूड 3.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 92.40 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 2.35 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 100.99 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था।
अंतराराष्ट्रीय बाजारों के साथ भारतीय बाजारों में भी कच्चे तेल में गिरावट देखने को मिल रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कच्चे तेल का 20 अप्रैल 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 2.52 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,621 रुपए पर था।
ईरान द्वारा वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की हत्या की पुष्टि के बाद भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने के बावजूद कच्चे तेल में भारी गिरावट आई है। उनकी मृत्यु को ईरान के युद्ध नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है और यह क्षेत्रीय संघर्ष में और अधिक बिगड़ती स्थिति का संकेत है।
बाजार की चिंताओं के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है, जो एक महत्वपूर्ण तेल व्यापारिक मार्ग है और आमतौर पर वैश्विक ऑयल शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा इसी से होकर गुजरता है।
इस जलमार्ग से आवागमन अभी भी प्रतिबंधित है, और जहाजों का आवागमन सामान्य व्यापार प्रवाह के बजाय भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से अधिक प्रभावित हो रहा है।
मार्ग को सुरक्षित करने के लिए सहयोगी देशों का समर्थन जुटाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयास विफल होते दिख रहे हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाओं को सामान्य करने की समयसीमा को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।
इस बीच, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, ईरान ने हमले तेज कर दिए हैं और अमेरिकी सेना जलडमरूमध्य के पास स्थित मिसाइल ठिकानों को निशाना बना रही है।
तेल की कीमतों में इस वर्ष लगभग 70 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि हुई है, जिसका मुख्य कारण ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव का बढ़ना है।
अब इस उछाल का असर खुदरा ईंधन की कीमतों पर दिखने लगा है, अमेरिका में डीजल की कीमतें 5 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई हैं।
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