राजनीति
चंद्रबाबू नायडू ने जगन रेड्डी से पेट्रोल-डीजल के टैक्स में कटौती करने की मांग की

तेलुगू देशम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आंध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबूू नायडू ने सोमवार को मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से पेट्रोल-डीजल पर राज्य सरकार की ओर से वसूले जाने वाले कर में कटौती करने की मांग की।
तेदेपा अध्यक्ष ने आम लोगों को राहत देने के मकसद से केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती किये जाने की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने केंद्र सरकार के राज्य सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर वसूले जाने वाले कर में कटौती के आह्वान का भी स्वागत किया।
नायडू ने कहा कि आंध्रप्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार को भी राजस्थान, ओडिशा और तमिलनाडु सरकार की तरह ईंधन पर लगने वाले कर में कटौती की घोषणा करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में आठ रुपये प्रति लीटर और डीजल में छह रुपये प्रति लीटर की कटौती की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने केंद्र सरकार के आह्वान पर कर में कटौती की घोषणा की है तो आखिर आंध्रप्रदेश की जनता ने ऐसा क्या गुनाह किया है कि जगन सरकार उन्हें राहत नहीं दे रही है।
चंद्रबाबू नायडू ने राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कर में कटौती करने के बजाय जगन रेड्डी की सरकार लोगों पर नये करों का बोझ डाल रही है। इससे राज्य में आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ गये हैं और वाईएसआरसीपी के शासन में लोगों का जीना दूभर हो गया है।
उन्होंने कहा कि तेदेपा के शासनकाल में आंध्रप्रदेश विकास के मामले में अव्वल था लेकिन जगन रेड्डी की सरकार ने राज्य को पेट्रोल और डीजल की सर्वाधिक कीमत के मामले में अव्वल बना दिया है।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र सरकार राज्य भर में सभी 22 आरटीओ सीमा चौकियों को बंद करने जा रही है; जानिए क्यों

महाराष्ट्र सरकार राज्य भर में सभी 22 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) सीमा चौकियों को बंद करने जा रही है। यह निर्णय केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप है और देश भर में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के लागू होने के कारण लिया गया है, जिसके कारण कई पारंपरिक चौकियाँ अप्रचलित हो गई हैं।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी आवश्यक प्रशासनिक कार्य पूरे कर लिए गए हैं और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक अनुकूल रिपोर्ट भेज दी गई है। मुख्यमंत्री द्वारा अंतिम मंजूरी दिए जाने के बाद, चेकपोस्टों को हटाने का काम शुरू हो जाएगा।
सरनाईक ने जोर देकर कहा कि जीएसटी प्रणाली अब मजबूती से लागू हो गई है और डिजिटल ट्रैकिंग तकनीक में सुधार हुआ है, इसलिए मैनुअल बॉर्डर चेकिंग की जरूरत काफी कम हो गई है। इन चेकपोस्टों के बंद होने से यातायात की भीड़ कम होने, सड़क सुरक्षा में सुधार, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और महाराष्ट्र के भीतर व्यापार संचालन को सरल बनाने से लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मूल रूप से 1966 में स्थापित, इन चेकपोस्टों का उद्देश्य वाहनों की आवाजाही पर नज़र रखना, कानूनी अनुपालन लागू करना और सड़क कर एकत्र करना था। हालाँकि, वास्तविक समय की ट्रैकिंग, इलेक्ट्रॉनिक कर संग्रह और डिजिटल प्रवर्तन में प्रगति ने इन भौतिक संरचनाओं को निरर्थक बना दिया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सीएम फडणवीस दोनों ने पहले पुरानी प्रणाली को समाप्त करने की वकालत की थी।
इस बदलाव में एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) परियोजना को चलाने के लिए जिम्मेदार अडानी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड को 505 करोड़ रुपये का मुआवजा देना शामिल है। इस भुगतान के बाद, सभी चेकपोस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सिस्टम परिवहन विभाग को हस्तांतरित कर दिए जाएंगे।
मिडिया रिपोर्ट के अनुसार , परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार की अध्यक्षता वाली समीक्षा समिति ने इन मैनुअल चेकपोस्ट को हटाने के परिणामों का मूल्यांकन किया। समिति के निष्कर्षों ने सुझाव दिया कि डिजिटल विकल्प मालवाहक वाहनों की जांच को सहजता से संभाल सकते हैं, साथ ही देरी को कम कर सकते हैं, दक्षता बढ़ा सकते हैं और कदाचार की गुंजाइश को कम कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से विनियामक प्रवर्तन में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
एक बार लागू होने के बाद, महाराष्ट्र उन 18 अन्य भारतीय राज्यों में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने पहले ही प्रौद्योगिकी-संचालित, कागज़ रहित ढाँचों का उपयोग करके अपने परिवहन विनियमन प्रणालियों का आधुनिकीकरण कर लिया है। यह राज्य के भीतर शासन और रसद में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है। अंतिम मंज़ूरी अब मुख्यमंत्री फडणवीस के पास है, जिनकी मंज़ूरी के साथ ही आधिकारिक तौर पर राज्य के सीमा चेकपोस्ट युग का अंत हो जाएगा।
अपराध
अमृतसर में 14 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत, मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह गिरफ्तार

अमृतसर, 13 मई। पंजाब के अमृतसर के मजीठा में कम से कम 14 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई। इस मामले में पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
मजीठा में नकली शराब मामले के मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा, कुलबीर सिंह उर्फ जग्गू (मुख्य आरोपी प्रभजीत का भाई), साहिब सिंह उर्फ सराय, निवासी मारड़ी कलां, गुर्जंत सिंह और निंदर कौर पत्नी जीता, निवासी थीरेंवाल को गिरफ्तार किया गया है। अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि की है।
अवैध शराब मामले पर एसएसपी मनिंदर सिंह ने कहा कि सोमवार देर रात सूचना मिली थी कि कई गांवों में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत हुई है। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ के बाद पता चला कि मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह शराब को सप्लाई करने का काम करता है।
उन्होंने आगे कहा कि हमने मुख्य सप्लायर प्रभजीत सिंह को गिरफ्तार किया। हमने उससे पूछताछ की और किंगपिन सप्लायर साहब सिंह के बारे में पता लगाया। हमने उसे भी हिरासत में ले लिया है। हम इस बारे में जांच कर रहे हैं कि उसने किन-किन कंपनियों से यह शराब खरीदी है। हमें पंजाब सरकार की तरफ से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नकली शराब के सप्लायरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और इसके चलते छापेमारी जारी है।
साथ ही पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 105 और 61ए एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही पुलिस पूरे नकली शराब नेटवर्क की जांच कर रही है।
इस बीच, पंजाब सरकार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। पंजाब सरकार ने पुलिस को आदेश दिया है कि शराब माफियाओं का बख्शा नहीं जाए।
बता दें कि डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने अमृतसर के उन गांवों का दौरा किया है, जहां जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारी घटना की जांच कर रहे हैं और प्रभावित परिवारों को चिकित्सा सहायता सुनिश्चित कर रहे हैं।
अपराध
महाराष्ट्र के वाशिम में तनाव, दो पक्षों के बीच पथराव में कई लोग घायल

वाशिम, 13 मई। महाराष्ट्र के वाशिम शहर में दो गुटों के बीच पथराव हुआ है, जिसमें कई लोग घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि शहर के पाटणी चौक क्षेत्र में देर रात दो गुटों के बीच विवाद हुआ था, बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच पथराव की नौबत आ गई।
पाटणी चौक में हुई घटना का असर बागवानपुरा, डंडे चौक और गणेशपेठ जैसे इलाकों में भी देखने को मिला। देर रात करीब 11 बजे कुछ असामाजिक तत्वों ने घरों और वाहनों पर पथराव कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात पर काबू पाया। पुलिस अधीक्षक अनुज तारे ने इलाके का जायजा लिया। साथ ही प्रशासन ने नागरिकों से किसी भी तरह अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। साथ ही पुलिस ने पथराव में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। शहर में इस समय शांति का माहौल है, लेकिन पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
इससे पहले, इसी साल मार्च में नागपुर के महल क्षेत्र में दो गुटों के बीच हिंसा हुई थी। इस हिंसा में उपद्रवियों ने कई गाड़ियों में आग लगा दी और तोड़फोड़ की थी। इस हिंसा की शुरुआत तब हुई, जब दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ा और स्थिति बेकाबू हो गई। पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ के कारण इलाके में तनाव फैल गया था।
इसके अलावा, जनवरी में महाराष्ट्र के नंदुरबार में दो समूहों के बीच पथराव और आगजनी हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना नंदुरबार सिटी पुलिस स्टेशन की सीमा के भीतर घटी थी। यहां एक ऑटो रिक्शा और बाइक के बीच मामूली टक्कर हुई थी, इसके बाद स्थिति बिगड़ गई, जिससे क्षेत्र में अशांति फैल गई।
कुछ व्यक्तियों ने आगजनी और पत्थरबाजी का प्रयास किया, जिसके कारण नंदुरबार पुलिस को त्वरित कार्रवाई करनी पड़ी। आगजनी-पत्थरबाजी करने वाले कथित तौर पर सामाजिक कार्यकर्ता थे।
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