राष्ट्रीय समाचार
जामिया और यूएसए ने न्यूरोलोजी डिसऑर्डर्स के लिए विकसित किया टूल
यूएसए के सहयोग से जामिया मिल्लिया इस्लामिया के शोधकर्ताओं ने न्यूरोलोजी डिसऑर्डर्स के लिए एक टूल विकसित किया है। इसके तहत न्यूरॉन्स में मोलेक्यूलर ट्रेफिकिंग का अध्ययन करने के लिए एक ऑप्टोजेनेटिक रिपोर्टर विकसित किया है। टूल, लीड ऑथर डॉ तनवीर अहमद द्वारा विकसित किया गया है। उन्होंने जामिया में सहायक प्रोफेसर के रूप में शामिल होने से पहले अमेरिकी संस्थान में पोस्टडॉक्टरल किया है। डॉ. अहमद ने कहा कि उनके ऑप्टोजेनेटिक उपकरण में अल्जाइमर रोग, अवसाद और स्किजोफ्रेनिया जैसे मस्तिष्क विकारों को समझने की क्षमता है। इन रोगों के आणविक विवरण को समझने से लक्षित उपचारों को विकसित करने में मदद मिलेगी। डॉ. अहमद ने आगे कहा कि इस ऑप्टोजेनेटिक उपकरण को स्मृति निर्माण जैसे अन्य जैविक प्रश्नों के समाधान के लिए और कैंसर और न्यूरोडीजेनेरेशन के उपचार के लिए उपयोग किया जा सकता है।
वहीं प्रोफेसर जुल्फेक्वार ने कहा कि ये नवीन भविष्यवादी ऑप्टोजेनेटिक तकनीक मानव रोगों को समझने और नवीन उपचार समाधान खोजने में अभूतपूर्व सुविधा प्रदान करेगी। प्रो. जुल्फेक्वार ने कहा कि ऑप्टोजेनेटिक तकनीक ने तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। एनआईएच, यूएसए जैसे दुनिया के प्रमुख संस्थानों के साथ हमारा सहयोग दर्शाता है कि भारत इन अत्याधुनिक तकनीकों को विकसित करने और लागू करने में सबसे आगे है।
यह अध्ययन द रॉकफेलर यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा एक अत्यधिक प्रतिष्ठित सहकर्मी-समीक्षित वैज्ञानिक पत्रिका जर्नल ऑफ सेल बायोलॉजी में प्रकाशित हुआ। डॉ तनवीर अहमद के अलावा, रितुपर्णा चौधरी सुश्री निशा चौधरी, भारत से इस अध्ययन में योगदान देने वाली अन्य लेखिकाएं हैं। एनआईएच की टीम में डॉ. एन्ड्रेस बुओनानो, जो वरिष्ठ लेखक हैं और डॉ. डेटलेफ वुल्होस्र्ट, डॉ. कार्लोस गार्डिया, डॉ. इरिना करावानोवा, और अन्य सह-लेखकों के रूप में डॉ. जुआन बोनिफेसिनो शामिल हैं।
यह रिसर्च नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (एनआईएच), यूएसए के सहयोग से मल्टीडिसिप्लिनरी सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च एंड स्टडीज (एमसीएआरएस), जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने मिलकर की है।
लाइट-ऑक्सीजन-वोल्टेज सेंसिंग डोमेन के रूप में ज्ञात फोटोट्रोपिक रिसेप्टर्स की क्षमता का लाभ उठाते हुए, एवेना सैटिवा प्राप्त होता है। न्यूरोगुलिन 3 (एनआरजी 3) नामक प्रोटीन के साथ एलओवी2 आनुवंशिक जांच और आणविक विधियों को पहले अन्य शोध समूहों द्वारा विकसित किया गया था और डॉ अहमद और डॉ वुल्होस्र्ट द्वारा, जो अध्ययन में लेखकों में से एक हैं।
इसके अलावा, अल्जाइमर, स्किजोफ्रेनिया और अवसाद जैसी बीमारियों में एनआरजी 3 में आनुवंशिक बहुरूपता होती है। इसके कारण इसे इन रोगों के लिए अतिसंवेदनशील जीन माना जाता है। इस अभिनव उपकरण का उपयोग करते हुए, शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क के हिप्पोकैम्पस न्यूरॉन्स में प्रोटीन ट्रेफिकिंग के एक नए तंत्र की खोज की जिसे उन्होंने ट्रांस-सिनैप्टिक रिटेंशन कहा।
अपराध
झारखंड की मुखर आदिवासी नेत्री निशा भगत ने फेसबुक लाइव के दौरान लगाई फांसी, इलाज के दौरान मौत

झारखंड में आदिवासी अधिकारों और सरना धर्म के मुद्दों पर मुखर रहने वाली रांची के पिठोरिया निवासी आदिवासी नेत्री निशा भगत की मौत हो गई है। उन्होंने शुक्रवार को फेसबुक पर लाइव आने के दौरान कथित तौर पर फांसी लगा ली। गंभीर हालत में उन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना से पहले निशा भगत ने फेसबुक पर लाइव वीडियो बनाया था, जो अब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह काफी भावुक और परेशान नजर आ रही हैं। उन्होंने जमीन माफिया के खिलाफ अपने संघर्ष, खुद को बदनाम किए जाने और व्यवस्था से जुड़े कई सवाल उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, फांसी लगाने से पहले निशा भगत ने पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन किया था। फेसबुक लाइव में उन्होंने कहा कि उनके साथ कोई नहीं है और वह लंबे समय से अकेले संघर्ष कर रही हैं।
उन्होंने अपने माता-पिता को होने वाले दुख का भी जिक्र किया। खुद को दलाल बताए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने सरना और सनातन से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के कारण पैदा हुई परिस्थितियों पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों और घटना के पीछे के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। निशा भगत की पहचान आदिवासी अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली एक मुखर नेत्री के रूप में रही हैं।
वह सरना धर्म और आदिवासी पहचान से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाती रही थीं। पिछले वर्ष सरना धर्म के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपना सिर भी मुंडवाया था। उनके इस कदम की उस समय काफी चर्चा हुई थी।
उन्होंने 2024 में गुमला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था। निशा भगत की मौत से आदिवासी सामाजिक और राजनीतिक हलकों में शोक है। उनके फेसबुक लाइव में उठाए गए मुद्दों और घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत और इटली की नौसेनाओं के बीच पहली बार हुई स्टाफ वार्ता

भारत और इटली की नौसेनाओं ने आपसी समुद्री सहयोग को नई दिशा देने की पहल की है। दोनों देशों के बीच पहली बार नौसेना स्तर की स्टाफ वार्ता आयोजित की गई है। इस दौरान समुद्री क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने, सूचनाओं के आदान-प्रदान और सैन्य प्रशिक्षण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। वार्ता भारतीय नौसेना और इतालवी नौसेना के प्रमुखों की ओर से तय किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर आयोजित की गई।
इसका मुख्य उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच साझा सोच को व्यावहारिक सहयोग में बदलना और आपसी संपर्क को संस्थागत रूप देना है। वार्ता में दोनों देशों ने नौसेनाओं के बीच नियमित ऑपरेशनल गतिविधियों को व्यवस्थित करने के तरीकों पर चर्चा की। इसके साथ ही समुद्री क्षेत्र के कुछ विशेष क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर भी विचार किया गया। इनमें समुद्र के भीतर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने और उनकी जानकारी जुटाने से जुड़ा क्षेत्र भी शामिल है।
इसे समुद्र के भीतर की गतिविधियों की जानकारी और निगरानी से जुड़े सहयोग के रूप में देखा जाता है। दोनों पक्षों ने समुद्री क्षेत्र से जुड़ी सूचनाओं को साझा करने की व्यवस्था मजबूत करने और प्रशिक्षण तथा पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। इस पहली स्टाफ वार्ता को भारत और इटली की नौसेनाओं के बीच संस्थागत सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा सकता है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच समुद्री संबंधों को मजबूत करना और भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशना है।
गौरतलब है कि इसी वर्ष नई दिल्ली में भारत और इटली के बीच रक्षा मंत्रियों की द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। इस महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता का उद्देश्य रक्षा सहयोग को नई मजबूती देना था। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ नौसेना प्रमुख, वायुसेना प्रमुख, थलसेना प्रमुख व अन्य अधिकारी मौजूद थे। इटली के रक्षा मंत्री के साथ यह वार्ता दिल्ली के मानेकशॉ केंद्र में हुई थी।
इस दौरान दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया, जो शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है। बैठक में दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई थी। खासतौर पर पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में सहयोग बढ़ाने और इटली के साथ मिलकर रक्षा क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित करने पर भी सहमति बनी थी। यह पहल दोनों देशों की सैन्य और औद्योगिक क्षमता को भविष्य में और मजबूत बनाने में मदद कर रही है।
राजनीति
पीएम मोदी ने शरद पवार को फोन कर जाना हाल, स्वास्थ्य पर चर्चा से महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी हलचल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एनसीपी(एसपी) अध्यक्ष शरद पवार को फोन किया और उनका हालचाल पूछा। इस बात की पुष्टि शरद पवार के पारिवारिक मित्र और करीबी सहयोगी विट्ठल मनियार ने की है। हालांकि, प्रधानमंत्री के इस फोन कॉल ने महाराष्ट्र में राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।
अस्पताल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए मनियार ने बताया कि पीएम मोदी ने वरिष्ठ नेता से आग्रह किया कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और आराम करें।
पीएम मोदी ने शरद पवार से कहा, “सुप्रिया और हम देश संभाल लेंगे। आप अपनी सेहत का ध्यान रखें और आराम करें। अपना आशीर्वाद हम पर बनाए रखें।”
पीएम मोदी के फोन कॉल के बाद पवार के अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया। पीएम मोदी ने सुबह-सुबह फोन करके शरद पवार का हाल-चाल पूछा था।
पवार ने फोन करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और उन्हें भरोसा दिलाया कि वे आराम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “आप सभी के रहते मुझे देश की कोई चिंता नहीं है।”
दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत ने महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों को लेकर मीडिया में फिर से अटकलें तेज कर दी हैं। हालांकि उनके करीबी सहयोगियों का कहना है कि यह केवल पवार की सेहत के बारे में पूछा गया एक शिष्टाचार भरा कॉल था।
मनियार ने पुष्टि की कि वरिष्ठ नेता की हालत स्थिर है और कोई गंभीर समस्या नहीं है। “उनकी सेहत काफी अच्छी है; कोई गंभीर बात नहीं है। दो दिन पहले उन्हें खांसी और सीने में जकड़न (कंजेशन) की शिकायत थी, जिसके चलते उन्हें यहां भर्ती कराया गया था। वे अपनी सेहत को लेकर हमेशा बहुत सतर्क रहते हैं, इसलिए वे रूटीन चेक-अप के लिए आए थे।”
पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में रूटीन मेडिकल चेक-अप और सीने की जकड़न व थकान के इलाज के बाद पवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। वे आराम करने के लिए मुंबई स्थित अपने आवास ‘सिल्वर ओक’ चले गए हैं। डॉक्टरों ने उन्हें अपनी यात्राओं को सीमित करने, ज्यादा भागदौड़ न करने और खान-पान के सख्त नियमों का पालन करने की सलाह दी है।
डॉक्टरों ने उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों में फिर से शामिल होने से पहले कम से कम 2 से 4 दिन तक पूरा आराम करने की सलाह दी है। शरद पवार अपनी बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले के साथ सीधे दक्षिण मुंबई स्थित अपने घर चले गए। आराम करने के दौरान वे अपनी निजी मेडिकल टीम की देखरेख में रहेंगे।
इससे पहले, सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “बाबा अब काफी बेहतर हैं और हम मुंबई जा रहे हैं। रूबी हॉल की पूरी टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने उनका इतना अच्छा ख्याल रखा। आप सभी की शुभकामनाओं के लिए मैं तहे दिल से आभारी हूं।”
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