अंतरराष्ट्रीय
इराक ने अप्रैल में 101 मिलियन बैरल कच्चे तेल का निर्यात किया
इराक ने अप्रैल में लगभग 101 मिलियन बैरल कच्चे तेल का निर्यात किया, जिससे 10.55 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ। तेल मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, स्टेट ऑर्गनाइजेशन फॉर मार्केटिंग ऑफ ऑयल के आंकड़ों का हवाला देते हुए मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, अप्रैल में कच्चे तेल की औसत बिक्री मूल्य 104.09 डॉलर प्रति बैरल थी।
बयान में कहा गया है कि मध्य और दक्षिणी इराक में तेल क्षेत्रों से बसरा बंदरगाह के माध्यम से कुल 98.1 मिलियन बैरल का निर्यात किया गया था और भूमध्य सागर पर तुर्की के सेहान के तुर्की बंदरगाह के माध्यम से किरकुक के उत्तरी प्रांत से लगभग 2.99 मिलियन बैरल का निर्यात किया गया था।
रूसी-यूक्रेनी संकट के फैलने के बाद से वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे इराक और अन्य तेल निर्यात देशों को लाभ हुआ है।
इराक की अर्थव्यवस्था कच्चे तेल के निर्यात पर बहुत अधिक निर्भर करती है, जिसका देश के राजस्व का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है।
व्यापार
मध्य पूर्व तनाव का असर: इस हफ्ते करीब 6 प्रतिशत गिरा भारतीय शेयर बाजार, एक ही दिन में निवेशकों के डूबे करीब 10 लाख करोड़ रुपए

SHARE MARKET
मुंबई, 14 मार्च : पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। इस सप्ताह प्रमुख घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स लगभग 6 प्रतिशत तक गिर गए, जिससे बाजार में लगातार बिकवाली का माहौल बना रहा।
सप्ताह के दौरान निफ्टी में 5.31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और आखिरी कारोबारी दिन यह 2.06 प्रतिशत टूटकर 23,151 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 1,470.50 अंक यानी 1.93 प्रतिशत गिरकर 74,564 पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और ऊर्जा आयात करने वाले देशों के लिए बढ़ती आर्थिक चिंताओं के कारण बाजार में यह बड़ी गिरावट देखने को मिली।
इस दौरान निफ्टी ऑटो इंडेक्स में करीब 10 से 11 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जो मार्च 2020 के बाद इसका सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन माना जा रहा है। इस इंडेक्स के लगभग सभी शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बैंकिंग, मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
इस तेज गिरावट के कारण एक ही कारोबारी सत्र (शुक्रवार) में निवेशकों के करीब 10 लाख करोड़ रुपए डूब गए।
वहीं व्यापक बाजार सूचकांकों में भी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 4.59 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 3.66 प्रतिशत गिर गया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट स्तर 23,000 के आसपास है, जबकि 23,300 और 23,500 के स्तर पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 53,500 पहला सपोर्ट स्तर माना जा रहा है, इसके बाद 53,000 का स्तर महत्वपूर्ण होगा। दूसरी ओर 54,000 और 54,300 के स्तर को रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
विश्लेषकों ने यह भी बताया कि इंडिया वीआईएक्स 22 के स्तर से ऊपर पहुंच गया है, जो बाजार में बढ़ते डर और आने वाले समय में ज्यादा उतार-चढ़ाव की संभावना का संकेत देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि एलएनजी और एलपीजी की संभावित कमी से उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है, जबकि सीएनजी की उपलब्धता पर दबाव पड़ने से उपभोक्ताओं की मांग के पैटर्न में बदलाव आ सकता है, खासकर उन शहरी इलाकों में जहां सीएनजी वाहन ज्यादा इस्तेमाल होते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई के जोखिम को बढ़ाती हैं और इससे रुपए पर भी दबाव पड़ता है, जिससे निवेशकों की धारणा कमजोर होती है।
इसी बीच भारतीय रुपया लगातार दूसरे सप्ताह कमजोर रहा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.45 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
व्यापार
भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों से लाल निशान में खुला, आईटी और मेटल में बिकवाली

share market
मुंबई, 13 मार्च : कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शुक्रवार को गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 590.20 अंक या 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,444.22 और निफ्टी 176.65 अंक या 0.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,462.50 पर खुला।
शुरुआती कारोबार में बाजार में गिरावट का नेतृत्व आईटी और मेटल शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी आईटी और निफ्टी मेटल टॉप लूजर थे। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, रियल्टी, सर्विसेज, डिफेंस और इन्फ्रा जैसे सूचकांक भी लाल निशान में थे।
सूचकांकों में केवल एनर्जी इंडेक्स ही हरे निशान में था।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 181 अंक या 1.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,123 और निफटी मिडकैप 100 इंडेक्स 519 अंक या 0.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 55,734 पर था।
सेंसेक्स पैक में पावर ग्रिड, आईटीसी, एचयूएल, एनटीपीसी और सन फार्म गेनर्स थे। टाटा स्टील, एलएंडटी, इंडिगो, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एमएंडएम, एचसीएल, इन्फोसिस और टाइटन लूजर्स थे।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में गिरावट देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ, जिसमें डाओ जोन्स में 1.56 प्रतिशत और नैस्डैक में 1.78 प्रतिशत की कमजोरी थी।
भारत के साथ वैश्विक बाजारों में कमजोरी की वजह अमेरिका, इजरायल-ईरान युद्ध का जारी रहना है। लंबे समय तक खींचने के कारण इस युद्ध का असर आपूर्ति श्रृंखलाओं पर हो सकता है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले मुकाबले और धीमी हो सकती है या मंदी में जा सकती है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय बाजारों में बिकवाली जारी रखी और गुरुवार को 7,049.87 करोड़ रुपए की इक्विटी से निकासी की। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 7,449.77 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।
व्यापार
मध्य पूर्व में तनाव से भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स एक प्रतिशत से अधिक फिसला

मुंबई, 12 मार्च : मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:19 पर सेंसेक्स 963 अंक या 1.25 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,899 और निफ्टी 303 अंक या 1.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,563 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार में करीब सभी सूचकांक लाल निशान में थे। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग में सबसे अधिक दबाव था।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,070 अंक या 1.90 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 55,390 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 286 अंक या 1.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,127 पर था।
सेंसेक्स पैक में इटरनल, इंडिगो, एमएंडएम, टाटा स्टील, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, एलएंडटी, मारुति सुजुकी,बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, बीईएल, आईटीसी, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक लूजर्स थे। दूसरी तरफ टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक गेनर्स थे।
ज्यादा एशियाई बाजारों में बिकवाली है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल, बैंकॉक और जकार्ता के बाजार लाल निशान में खुले थे। अमेरिकी बाजार का मुख्य सूचकांक डाओ बुधवार को लाल निशान में बंद हुआ था।
बाजार में गिरावट की वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष में अब तेल टैंकरों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे इसमें और इजाफा हो गया है।
इस कारण से कच्चे तेल में बड़ी तेजी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 9.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.54 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड भी करीब 9 प्रतिशत की तेजी के साथ 95.14 डॉलर प्रति बैरल पर था।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बिकवाली जारी रखे हुए हैं और बुधवार को इक्विटी में 6,267.31 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने 4,965.53 करोड़ रुपए इक्विटी में निवेश किए थे।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र9 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
महाराष्ट्र12 months agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
