राष्ट्रीय
दुबई एक्सपो का समापन, इंडिया पवेलियन की विरासत जारी
इंडिया पवेलियन ने एक्सपो 2020 दुबई में छह महीने तक चली अपनी प्रदर्शनी का 31 मार्च को सफलतापूर्वक समापन किया। एक्सपो में सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित मंडपों में से एक के रूप में इंडिया पवेलियन ने रिकॉर्ड कायम किया। पिछले साल 1 अक्टूबर को इसके उद्घाटन के बाद से इसमें 17.5 करोड़ से अधिक लोग देखने पहुंचे। यूएई में भारत की विरासत के हिस्से के रूप में यह मंडप भविष्य के लिए रहेगा। यह केएलटी इमारत के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मूर्त रूप देगा और पर्यावरण के अनुकूल होगा। वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता मामले और खाद्य और सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने इसका उद्घाटन इंडिया पवेलियन में 31 मार्च को किया था। एक्सपो के बंद होने तक 1,753,889 लोग देखने आए। 29 मार्च को एक्सपो 2020 दुबई में भारत का सम्मान दिवस समारोह हुआ, जिसमें गोयल ने भी भाग लिया।
संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने कहा, “जिस तरह से भारत दुबई एक्सपो में खुद को प्रदर्शित करने में सक्षम है, उससे हमें खुशी और गर्व है। 6 महीनों के दौरान भाग लेने वाले विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों ने हर अवसर का उपयोग करने में सक्षम हैं। विस्तार करने और बढ़ने के लिए। इसके अलावा, हमारे उज्जवल युवा दिमाग और उद्यमियों ने भी इस अवसर का लाभ उठाया है, और हमें इस बात पर गर्व है कि इंडिया इनोवेशन हब केवल शुरू हो रहा है। इंडिया पवेलियन उन कुछ लोगों में से एक है जो इसके लिए बने रहेंगे भावी पीढ़ी और आने वाले वर्षो में हमारे देश की कहानी सुनाती रहेगी।”
सुधीर ने कहा, “दुबई एक्सपो में भारत की बेहद सफल भागीदारी के साथ संयुक्त अरब अमीरात के साथ हमारे संबंधों को और मजबूत किया गया है। हमने पिछले छह महीनों में यहां कई बैठकें देखी हैं, जिन्होंने भविष्य के संघों के लिए एक संवाद शुरू किया है और उनमें से कई ने पहले ही सफल साझेदारी की है।”
इंडिया पवेलियन में विभिन्न भाग लेने वाले राज्यों और क्षेत्रों के प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित 2000 से अधिक बैठकें हुईं, जिसमें निवेश के अवसरों और सहयोग के पारस्परिक क्षेत्रों पर चर्चा की गई। पवेलियन में पिछले 6 महीनों में विभिन्न राज्यों, क्षेत्रों और स्टार्टअप्स द्वारा 100 से अधिक एमओयू/एलओआई पर हस्ताक्षर किए गए।
इंडिया पवेलियन के इंडिया इनोवेशन हब प्रोजेक्ट के तहत ‘एलिवेट’ पिचिंग सीरीज ने पिछले 6 महीनों में 700 से अधिक स्टार्टअप्स को भी प्रदर्शित किया। एलिवेट ने भारतीय स्टार्टअप्स को अवसर प्रदान किए और उभरते उद्यमियों को अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए सही सलाह, मंच और नेटवर्किं ग के अवसरों के साथ मदद की।
इंडिया पवेलियन ने भारत की विशाल सांस्कृतिक विविधता, क्षेत्रीय विशेषज्ञता और भाग लेने वाले राज्यों की व्यावसायिक क्षमता का सफलतापूर्वक प्रतिनिधित्व किया। एक्सपो की थीम ‘कनेक्टिंग माइंड्स, क्रिएटिंग द फ्यूचर’ को प्रतिबिंबित करते हुए इंडिया पवेलियन ने देश की क्षेत्रीय विशेषज्ञता, राज्यों के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों और देश भर के नवोदित उद्यमियों के नवीन विचारों को प्रदर्शित किया। इसे हाल ही में शीर्ष के बीच भी पहचाना गया था। प्रदर्शनी समूह द्वारा ‘पीपुल्स चॉइस’ श्रेणी के तहत अपने विशिष्ट डिजाइन और नवाचार के लिए एक्सपो 2020 दुबई में तीन मंडप बनाए गए थे।
इन मंडपों ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, गोवा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों जैसे कई राज्यों की मेजबानी की, जिन्होंने सफलतापूर्वक अपने व्यावसायिक आकर्षण का प्रदर्शन किया। समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ और उनकी भागीदारी के दौरान प्रमुख वैश्विक निवेशकों से निवेश के अवसर प्राप्त किए।
मीडिया और मनोरंजन, जल, इस्पात, खाद्य, कृषि और आजीविका, स्वास्थ्य और कल्याण, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण, अंतरिक्ष, शहरी और ग्रामीण विकास, तेल और गैस जैसे प्रमुख क्षेत्र। इन क्षेत्रों में विकास और निवेश के अवसरों को उजागर करने के लिए टेक्सटाइल, नॉलेज एंड लर्निग, और पर्यटन ने भी इंडिया पवेलियन में संबंधित सप्ताह आयोजित किए।
मंडप में उच्च प्रोफाइल महमान पहुंचे, जिनमें अनुराग सिंह ठाकुर, सूचना और प्रसारण, युवा मामले और खेल मंत्री, एन.वी. रमना, भारत के मुख्य न्यायाधीश, रामचंद्र प्रसाद सिंह, केंद्रीय इस्पात मंत्री, एम.के. स्टालिन, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री, ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष, पिनाराई विजयन, केरल के मुख्यमंत्री, हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री और आवास और शहरी मामलों के मंत्री, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री, डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, रसायन और उर्वरक मंत्री, भूपेंद्र पटेल, गुजरात के मुख्यमंत्री, राजीव चंद्रशेखर, केंद्रीय मंत्री इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री और कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री, बीएस येदियुरप्पा, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री, और भारत के विदेश सचिव, हर्ष वी. श्रृंगला, डॉ. के. सिवन, अध्यक्ष, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और सचिव, अंतरिक्ष विभाग सहित अन्य शामिल हैं।
इनके अलावा, नारायण राणे, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री (एमएसएमई), आर.के. सिंह, केंद्रीय ऊर्जा, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, दर्शन वी. जरदोश, केंद्रीय कपड़ा और रेल राज्य मंत्री, भानु प्रताप सिंह वर्मा, एमएसएमई राज्यमंत्री और सतीश महाना, औद्योगिक विकास मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार (यूपी), कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ वर्चुअल तौर पर शामिल हुए।
इंडिया पवेलियन देखने वालों में सलमान खान, रणवीर सिंह, रणबीर कपूर, दीपिका पादुकोण, एस.एस. राजामौली, राम चरण, एनटीआर जूनियर, जान्हवी कपूर, जावेद जाफरी, आर. माधवन, शान, कैलाश खेर, सलीम-सुलेमान, हरिहरन, नेहा कक्कड़, बेनी दयाल, जोनिता गांधी जैसे गायक, भारतीय टेनिस स्टार, सानिया मिर्जा और प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर, उद्यमी और फिल्म निर्माता मनीष मल्होत्रा सहित कई हस्तियां शामिल हैं।
राष्ट्रीय
नीट परीक्षा रद्द, सीबीआई करेगी जांच, जल्द होगा नई परीक्षा की डेट का ऐलान

नई दिल्ली, 12 मई। देश भर में आयोजित की गई मेडिकल की नीट यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। यह परीक्षा एमबीबीएस में दाखिले के लिए थी। मंगलवार को यह जानकारी साझा की गई।
परीक्षा आयोजित करने वाले संस्थान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का कहना है कि 3 मई को आयोजित की गई नीट परीक्षा रद्द कर दी गई है। अब यह परीक्षाएं दोबारा से आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा की तारीख घोषित नहीं की गई है।
गौरतलब है कि नीट परीक्षा में पूछे गए कई प्रश्न परीक्षा होने से पहले ही लीक होने की बातें सामने आई थी। अब इस पूरे मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी परीक्षा से जुड़े सारे दस्तावेज एवं अन्य जानकारियां सीबीआई के समक्ष प्रस्तुत करेंगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने यह बड़ा फैसला लेते हुए 3 मई 2026 को आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को रद्द करने और परीक्षा दोबारा आयोजित करने की घोषणा की है।
यह परीक्षा 3 मई रविवार को देशभर के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में इस वर्ष लगभग 23 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। एजेंसी ने कहा कि यह निर्णय भारत सरकार की मंजूरी के बाद लिया गया है। एजेंसी के अनुसार, 8 मई 2026 को परीक्षा से जुड़े मामलों को स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया था। केंद्रीय एजेंसियों ने इस संबंध में जानकारी साझा की थी।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों व कानून प्रवर्तन संस्थाओं से प्राप्त जांच रिपोर्टों तथा तथ्यों की समीक्षा की गई है। प्राप्त रिपोर्ट व सूचनाओं और निष्कर्षों के आधार पर यह पाया गया कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को बरकरार रखना उचित नहीं होगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बताया कि मौजूदा हालात को देखते हुए नीट की परीक्षा दोबारा करवाना अनिवार्य हो गया है। राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह परीक्षा रद्द की गई है। इसलिए अब विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का कहना है कि दोबारा आयोजित की जाने वाली नीट परीक्षा की नई तिथियां और नए प्रवेश पत्र जारी करने का कार्यक्रम जल्द ही आधिकारिक माध्यमों से घोषित किया जाएगा। भारत सरकार ने पूरे मामले की व्यापक जांच के लिए इस प्रकरण को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीई) को सौंपने का भी निर्णय लिया है। एजेंसी ने कहा कि वह जांच एजेंसी को सभी रिकॉर्ड, दस्तावेज और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने यह माना कि परीक्षा दोबारा कराने से छात्रों और उनके परिवारों को वास्तविक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन एजेंसी के अनुसार परीक्षा प्रणाली पर लोगों का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। एजेंसी ने मंगलवार को इस विषय में जानकारी देते हुए कहा कि यदि यह कदम नहीं उठाया जाता तो राष्ट्रीय परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को अधिक गंभीर और दीर्घकालिक नुकसान पहुंच सकता था।
इसके साथ ही एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मई 2026 चक्र में छात्रों द्वारा किया गया पंजीकरण, उम्मीदवार विवरण और चुने गए परीक्षा केंद्र पुनर्परीक्षा में स्वत मान्य रहेंगे। जिन छात्रों ने नीट परीक्षा के लिए आवेदन किया था ऐसे छात्रों को दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले आवेदन कर चुके या परीक्षा में शामिल हो चुके छात्रों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा पहले जमा की गई परीक्षा फीस वापस की जाएगी।
पुनर्परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी अपने आंतरिक संसाधनों से आयोजित करेगी। एजेंसी ने अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबरों से बचें। छात्रों की सहायता के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। अभ्यर्थी 011-40759000 और 011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं।
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पश्चिम एशिया संकट के बीच डीजी शिपिंग का बड़ा कदम, निर्यातकों को राहत देने के निर्देश; नाविकों को सुरक्षित रहने की सलाह

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नई दिल्ली, 9 अप्रैल : पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच नौवहन महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) ने बंदरगाहों को निर्देश दिया है। कि युद्ध प्रभावित पर्शियन गल्फ (फारस की खाड़ी) क्षेत्र में फंसे माल (कार्गो) वाले निर्यातकों को राहत दी जाए और उन्हें जरूरी छूट प्रदान की जाए।
एक सर्कुलर में कहा गया है कि बंदरगाह प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली छूट, जैसे डिटेंशन चार्ज, ग्राउंड रेंट, रीफर प्लग-इन (कनेक्टेड लोड) और अन्य टर्मिनल चार्ज, सभी मामलों में समान रूप से निर्यातकों तक नहीं पहुंच रही हैं।
डीजी शिपिंग ने निर्देश दिया है कि पोर्ट अथॉरिटी द्वारा दी गई सभी छूट पारदर्शी तरीके से सीधे संबंधित हितधारकों, जिनमें फ्रेट फॉरवर्डर्स और एनवीओसीसी शामिल हैं, को दी जाएं और वे आगे इसे निर्यातकों तक पहुंचाएं।
इसके साथ ही बंदरगाह प्राधिकरणों को यह जिम्मेदारी भी दी गई है कि वे टर्मिनल स्तर पर इसकी निगरानी करें ताकि छूट का लाभ बिना देरी के सही लोगों तक पहुंचे।
रेगुलेटर ने पोर्ट और टर्मिनल ऑपरेटर्स से कहा है कि वे इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें ताकि लागत में पारदर्शिता बनी रहे, निर्यातकों के हित सुरक्षित रहें और संकट के दौरान कामकाज प्रभावित न हो।
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि निर्यातक 497 करोड़ रुपए की रेजिलिएंस एंड लॉजिस्टिक्स इंटरवेंशन फॉर एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन (रिलीफ) योजना के तहत दावा कर सकें और लाभ उठा सकें।
डीजी शिपिंग ने कहा, “शिपिंग कंपनियां ऐसे मामलों में पूरी पारदर्शिता और ऑडिट की सुविधा बनाए रखें। साथ ही, कार्गो पर लगने वाला वॉर रिस्क प्रीमियम भी बदला है, जो पहले के निर्देशों के अनुरूप नहीं हो सकता। इस मामले को बीमा कंपनियों के साथ उठाया जा रहा है।
इसी बीच डीजी शिपिंग ने ईरान के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय नाविकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी भी जारी की है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि जो नाविक किनारे पर हैं, वे घर के अंदर रहें, संवेदनशील जगहों से दूर रहें और अपनी आवाजाही के लिए भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।
वहीं, जो नाविक जहाज पर हैं, उन्हें जहाज पर ही रहने और बिना जरूरत किनारे पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
सभी कर्मियों से सतर्क रहने, आधिकारिक जानकारी पर नजर रखने और अपनी कंपनी व संबंधित अधिकारियों के संपर्क में बने रहने की अपील की गई है।
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राणा अयूब के संदेशों पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एक्स से मांगा जवाब

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नई दिल्ली, 8 अप्रैल : दिल्ली उच्च न्यायालय में पत्रकार राणा अयूब से जुड़े एक मामले में अहम सुनवाई हुई है।
यह मामला वर्ष 2013 से 2017 के बीच उनके सामाजिक माध्यम पर किए गए संदेशों से जुड़ा है, जिनमें उन पर भारत विरोधी भावना फैलाने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने राणा अयूब द्वारा हिंदू देवी-देवताओं और वीर सावरकर को लेकर किए गए कुछ संदेशों पर कड़ी टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि ये संदेश अपमानजनक, भड़काऊ और सांप्रदायिक प्रकृति के प्रतीत होते हैं, जो समाज में तनाव पैदा कर सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई होना आवश्यक है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस संबंध में केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और एक्स को निर्देश दिया है कि वे इन संदेशों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दें। साथ ही, यह भी बताएं कि आगे क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में देरी उचित नहीं है और इसे तुरंत सुना जाना जरूरी है।
न्यायालय ने राणा अयूब को भी नोटिस जारी किया है और उनसे इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है। अदालत का कहना है कि यह मामला सार्वजनिक भावना और सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों का जवाब समय पर आना जरूरी है।
साथ ही, दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस, केंद्र सरकार और सोशल साइट एक्स को निर्देश दिया है कि वे अगले दिन तक अपना जवाब दाखिल करें। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को तय की है, जहां इस पूरे प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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