अपराध
मथुरा-दिल्ली मार्ग पर मालगाड़ी के 15 डिब्बे पटरी से उतरे, 10 ट्रेनें रद्द, 12 के रूट बदले
उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले में मथुरा-दिल्ली रेल मार्ग पर भूतेश्वर वृंदावन के मध्य एक मालगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। ये मालगाड़ी राजस्थान से गाजियाबाद के लिए सीमेंट लेकर जा रही थी जिसके 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। इसके कारण 10 से अधिक ट्रेनों को रद्द किया गया और करीब 12 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। मालगाड़ी के शुक्रवार देर रात 11:32 पर पटरी से उतरने और धुंध होने के कारण रेस्क्यू में दिक्कत हो रही है। अधिकारियों में रात भर हड़कंप मचा रहा। दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेलवे और पुलिस प्रशासन के स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
हादसे के बाद रेलवे ने कई ट्रेनों के रूट परिवर्तित किये गये, कई ट्रेनें रद्द की गई। हादसे की वजह से मथुरा की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है।
उत्तर मध्य रेलवे के अनुसार वंडर सीमेंट साइडिंग राजस्थान से गाजियाबाद जा रही मालगाड़ी के 15 डिब्बे मथुरा-पलवल मुख्य मार्ग पर वृंदावन-भूतेश्वर पर पलट जाने से तीनों लाइन (अप, डाउन एवं तीसरी लाइन) बाधित हो गई है।
फिलहाल रेलवे की टीम युद्ध स्तर पर ट्रैक से डिब्बे हटाने का काम कर रही है। बड़ी-बड़ी क्रेन से ट्रैक बोगियां हटाई जा रही हैं। इसके बाद मुंबई से आने वाली गाड़ी राजधानी शताब्दी साप्ताहिक ट्रेन युवा स्पेशल सहित आदि महत्वपूर्ण गाड़ियों को दिल्ली जाने के लिए अलग रूट पर डायवर्ट किया गया। मथुरा रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
वहीं जिन गाड़ियां को रद्द किया गया है, उनमें शनिवार को चलने वाली गाड़ी संख्या 04496 पलवल -आगरा कैंट, गाड़ी संख्या 04419 मथुरा -गाजियाबाद, गाड़ी संख्या 12050 निजामुद्दीन -वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन, गाड़ी संख्या 12049 वीरांगना लक्ष्मीबाई स्टेशन -निजामुद्दीन, गाड़ी संख्या 12280 नई दिल्ली -ग्वालियर, गाड़ी संख्या 12279 ग्वालियर -नई दिल्ली, गाड़ी संख्या 12059 कोटा -निजामुद्दीन, गाड़ी संख्या 12060 निजामुद्दीन -निजामुद्दीन, गाड़ी संख्या 12002 नई दिल्ली -रानी कमलापति स्टेशन, गाड़ी संख्या 12001 रानी कमलापति स्टेशन -नई दिल्ली कोशामिल है।।
वहीं इन गाड़ियों का किया गया मार्ग परिवर्तन किया गया है। गाड़ी संख्या 12001 रानी कमलापति स्टेशन -नई दिल्ली, मार्ग परिवर्तित बरास्ता – आगरा कैंट -एत्मादपुर -मितावली -गाजियाबाद -नई दिल्ली, 14623 छिंदवाड़ा-फिरोजपुर छावनी। आगरा कैंट-एत्मादपुर-मितावली-गाजियाबाद होते हुए, 11057 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-अमृतसर वाया आगरा कैंट-एत्मादपुर-मितावली-गाजियाबाद। गाड़ी संख्या 12472 श्रीमाता वैष्णो धाम कटरा -बांद्रा टर्मिनस , यात्रा प्रारंभ करने की तिथि- 21 जनवरी. वर्तमान में वृदावन से वापस नई दिल्ली /दिल्ली होते हुए – मार्ग परिवर्तित बरास्ता – रेवाड़ी-अलवर-जयपुर। गाड़ी संख्या 12416 नई दिल्ली -इंदौर यात्रा प्रारंभ करने की तिथि – 21 जनवरी वर्तमान में छाता से वापस नई दिल्ली /दिल्ली होते हुए – मार्ग परिवर्तित बरास्ता – रेवाड़ी-अलवर-जयपुर। गाड़ी संख्या 22634 निजामुद्दीन -थिरुअनंतपुरम यात्रा प्रारंभ करने की तिथि- 21 जनवरी वर्तमान में छाता से वापस नई दिल्ली /दिल्ली होते हुए – मार्ग परिवर्तित बरास्ता – रेवाड़ी-अलवर-जयपुर। गाड़ी संख्या 11058 अमृतसर – छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के मार्ग को परिवर्तित किया गया है।
वहीं शुक्रवार को चलने वाली अझई से वापस निजामुद्दीन /गाजियाबाद होते हुए मार्ग परिवर्तित बरास्ता- गाजियाबाद-अलीगढ़ -मितावली -एत्मादपुर -आगरा कैंट के मार्ग को बदला गया। इसीत्ोरह गाड़ी संख्या 19053 सूरत -मुजफ्फरपुर मार्ग परिवर्तित बरास्ता – ग्वालियर -भिंड -इटावा-कानपुर जाएगी। गाड़ी संख्या 19019 बांद्रा टर्मिनस -हरिद्वार मार्ग परिवर्तित बरास्ता – मथुरा -अलवर -रेवाड़ी -दिल्ली-गाजियाबाद किया गया है।
अपराध
जंतर मंतर प्रदर्शन : दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए बुलाया

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन मामले के सिलसिले में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। सीजेपी सदस्यों को दोपहर में राजौरी गार्डन स्थित दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।
इससे पहले अक्टूबर में भी दिल्ली पुलिस ने दास और रांका को समन भेजा था। हालांकि, वे समन पर पेश नहीं हुए और बाद में पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच के सामने हाजिर होने के लिए और समय मांगा।
सीजेपी नेताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले अक्टूबर में क्राइम ब्रांच को सौंप दिए गए थे। ये मामले 13 अक्टूबर की उस घटना से जुड़े हैं, जब दास, रांका और अजिंक्य शिंदे 11 अन्य लोगों के साथ जंतर-मंतर में घुस गए थे। जंतर-मंतर को अब विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह के रूप में हटा दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने इन सभी को हिरासत में ले लिया था। शिंदे को तो जमानत बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया लेकिन सौरव दास और रांका एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहे।
सीजेपी सदस्य मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध कर रहे थे और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे भी लगाए।
21 अक्टूबर को एक सप्ताह की न्यायिक हिरासत के बाद दास और रांका को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। उन्होंने एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने लिखित अंडरटेकिंग दी, जिसमें उन्होंने शांति बनाए रखने और जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान न करने का भरोसा दिलाया था।
जंतर-मंतर पर अनाधिकृत प्रवेश के मामले में चल रही जांच पूरी होने तक एसईएम ऋतु राज ने दोनों कार्यकर्ताओं को 50,000-50,000 रुपये के निजी मुचलके और जमानत बांड भरने पर रिहा करने का आदेश दिया।
अपने लिखित वचनपत्रों में दोनों कार्यकर्ताओं ने शांति भंग न करने का वादा किया और न्यायपालिका तथा एसईएम कोर्ट सहित उसकी सभी इकाइयों में पूरा भरोसा जताया। एसईएम कोर्ट ने माना कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 135(3) के तहत शांति भंग या सार्वजनिक व्यवस्था में खलल को रोकने के लिए तत्काल कदम, बांड भरवाने और लिखित वचनपत्र लेने के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाए जा सकते हैं।
अपराध
एआई डीपफेक और अश्लील तस्वीरों से परेशान रूपाली गांगुली पहुंचीं बॉम्बे हाईकोर्ट, 4 नवंबर को होगी सुनवाई

टीवी की मशहूर अभिनेत्री रूपाली गांगुली ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कई ऑनलाइन पोर्टल उनकी तस्वीरों और अन्य कंटेंट का इस्तेमाल बिना अनुमति कर रहे हैं। इतना ही नहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से उनकी नकली तस्वीरें बनाई जा रही हैं और कुछ वीडियो के साथ भी छेड़छाड़ की गई है।
रूपाली का कहना है कि इस तरह तैयार किए गए कंटेंट को कुछ ऐसी वेबसाइटों पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री दिखाई जाती है।
अभिनेत्री ने अपनी याचिका में इसे अपने पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन बताया। उनका कहना है कि किसी व्यक्ति की पहचान, तस्वीर, आवाज और छवि का इस्तेमाल उसकी सहमति के बिना नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अदालत से इस मामले में दखल देने की मांग की है।
इस याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट में 4 नवंबर को सुनवाई होगी। इस मामले को जस्टिस माधव जामदार की बेंच सुनेगी।
रूपाली से पहले कई दूसरी अभिनेत्रियां भी अपनी तस्वीरों और पहचान के गलत इस्तेमाल के खिलाफ अदालत पहुंच चुकी हैं। हाल ही में अभिनेत्री सामंथा रुथ प्रभु ने भी बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
उन्होंने आरोप लगाया था कि कई वेबसाइट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उनकी तस्वीरों, आवाज और पहचान का इस्तेमाल करके एआई से नकली वीडियो, मॉर्फ की गई तस्वीरें और अश्लील कंटेंट तैयार कर रहे हैं।
इस मामले में कोर्ट ने सामंथा को अंतरिम राहत दी थी। अदालत ने गूगल, मेटा और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल करने वाले चिह्नित कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया था।
इससे पहले जुलाई में अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने भी एआई से तैयार किए गए डीपफेक वीडियो और मॉर्फ तस्वीरों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के निर्देश दिए थे।
अपराध
कर्नाटक: नकली दवाओं के रैकेट से जुड़े लोगों और कंपनी के पांच ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ईडी की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत नकली दवाओं के रैकेट से जुड़े लोगों और कंपनी के पांच ठिकानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया है।
ईडी की ओर से यह कार्रवाई 18 अगस्त से चल रही मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई। यह केस तवरेकेरे पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।
यह एफआईआर ड्रग कंट्रोलिंग अथॉरिटी और पुलिस वालों की ओर से 18 अगस्त को सीके तांड्या गांव में एक रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर की गई जॉइंट सर्च और रेड से जुड़ी है, जहां आरोपी बिना वैलिड लाइसेंस, परमिट या ऑथराइजेशन के दवाएं और फार्मास्युटिकल ड्रग्स स्टोर करते हुए और स्टोर की गई दवाओं पर लेबल बदलते हुए पाए गए।
ईडी ने केस दर्ज किया और पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की। जांच से पता चला है कि आर. प्रशांत ने कथित तौर पर बिना ड्रग लाइसेंस या परमिट के दवाओं को बनाने, री-पैकेजिंग और री-लेबलिंग के लिए बिदादी के पास एक फार्महाउस का इंतजाम किया था। अलग-अलग राज्यों के मैन्युफैक्चरिंग सेंटरों से मंगाए गए सस्ते बल्क फॉर्मूलेशन को कथित तौर पर नई शीशियों में रीपैकेज किया गया और धोखे से महंगे फाइजर एंटीबायोटिक्स, जैसे कि जेविसेफ्टा, एम्ब्लेवो वगैरह के तौर पर रीलेबल किया गया।
शीशियों में जेनेरिक दवाएं थीं, लेकिन उन पर फाइजर-ब्रांडेड लेबल थे। ये दवाएं कथित तौर पर मेसर्स डीएम फार्मास्यूटिकल्स के जरिए बांटी गईं और मेसर्स कृपा हेल्थकेयर को सप्लाई की गईं। इसके बाद मेसर्स कृपा हेल्थकेयर ने पता लगने से बचने के लिए असली दवाओं के साथ दूसरी फार्मास्यूटिकल कंपनियों और अस्पतालों को भी सप्लाई कीं।
छापेमारी के दौरान, वीरेश कुमार के बैंक अकाउंट में लगभग 9 लाख रुपए थे। उस अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है। इसके अलावा, सर्च एक्शन के दौरान अलग-अलग लोगों के डिजिटल डिवाइस, रिकॉर्ड और गलत जानकारी देने वाले डॉक्यूमेंट्स जब्त किए गए। इस मामले में आगे की जांच की जा रही है।
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