राजनीति
विपक्षी दलों ने निकाला पैदल मार्च, राहुल ने कहा, ‘हम उन्हें नहीं बख्शेंगे’
राज्यसभा में 12 सांसदों के निलंबन एवं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे की मांग करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने मंगलवार को संसद से लेकर विजय चौक तक मार्च निकाला।
दरअसल लखीमपुर खीरी मामले को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ विपक्ष हमलावार रुख अपनाए हुए है। शीतकालीन सत्र के 17वें दिन एक बार फिर विपक्ष ने संदन के अंदर और बाहर दोनों जगह इस मामले को लेकर सरकार पर आक्रमक रुख अपनाया। मंगलवार को अजय मिश्रा टेनी को लेकर विपक्ष ने पैदल मार्च निकाल कर उनके इस्तीफे की मांग की।
मार्च में शामिल हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी विपक्षी सांसदों के साथ गांधी प्रतिमा से विजय चौक तक मार्च में हिस्सा लिया और कहा, विपक्ष एक बार फिर लखीमपुर खीरी की घटना को उठा रहा है। एक मंत्री के बेटे ने किसानों की हत्या की है, रिपोर्ट में इसे साजिश बताया गया है। प्रधानमंत्री इस मामले पर कुछ नहीं करते। वे किसानों से माफी मांगते हैं, लेकिन मंत्री को नहीं हटा रहे हैं। हम उन्हें नहीं बख्शेंगे, आज नहीं तो कल हम उन्हें जेल भेज कर रहेंगे।
वहीं टीएमसी सांसद डोला सेन ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर दिन सदन की गरिमा को कम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को निरस्त करने और डीमोनिटाइजेशन पर एकतरफा घोषणाएं ही की गईं हैं। इन मामलों पर सदनों में विचार नहीं किया गया। बिना चर्चा के 10 मिनट में बिल पास हो जाते हैं। जब वे हमें बोलने का मौका नहीं देते, तो हम चिल्लाते हैं, नारे लगाते हैं।
वहीं शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि किसानों के साथ हिंसक व्यवहार हुआ। हम केंद्र की मोदी सरकार से इस मामले में दोषी केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के इस्तीफे की मांग करते हैं।
गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र के समाप्त होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार अन्य कुछ विधेयकों को जल्द से जल्द पास करवाना चाहती है। लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। इस बीच मंगलवार को मतदाता सूची में दोहराव और फर्जी मतदान को रोकने से संबंधित चुनाव सुधार (संशोधन) विधेयक 2021 को राज्यसभा में पेश किये जाने को लेकर भी विपक्ष केंद्र पर हमलावर है। तमाम विपक्षी दलों ने इस बिल का सदन में और पैदल मार्च के दौरान भी विरोध किया।
इससे पहले राजयसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड्गे के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने बैठक की आगामी सत्र को लेकर सदन के तमाम मुद्दों को लेकर रणनीति बनाई।
राष्ट्रीय समाचार
दुनिया का इनोवेशन पार्टनर बनना भारत का लक्ष्य, उभरती हुई ग्लोबल टेक्नोलॉजी में साझेदारी पर जोर: पीयूष गोयल

भारत उभरती हुई ग्लोबल टेक्नोलॉजी में साझेदारी को गहरा करने और स्वयं को दुनिया का इनोवेशन पार्टनर में बदलने के लिए काम कर रहा है। यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से रविवार को दी गई।
फ्रांस के नीस में भारत इनोवेट्स समिट के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए गोयल ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ का मकसद भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम के लिए एक ग्लोबल एक्सेलेरेटर के तौर पर काम करना है और भारत को दुनिया के लिए एक भरोसेमंद इनोवेशन पार्टनर के तौर पर स्थापित करना है।
गोयल ने कहा, “साल 2026 को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के तौर पर मनाया जा रहा है, जो इस पहल के लिए एक सही माहौल देता है। हम एक ऐसे अनिश्चित समय में मिल रहे हैं जब भू-राजनीतिक स्तर पर बड़े हो रहे बदलाव, नई टेक्नोलॉजी में हो रहे बदलावों से मिल रहे हैं।”
भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का जिक्र करते हुए, गोयल ने कहा कि इस साल दोनों देशों ने आपसी संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा है।
उन्होंने कहा कि इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े वैश्विक चिंतन को आकार देने के लिए दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2025 में पेरिस में एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की थी, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों फरवरी 2026 में एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत के साथ शामिल हुए थे।
गोयल ने कहा, “मैं अपने फ्रांसीस सहयोगियों से अपील करता हूं कि वे इस मौके का इस्तेमाल सार्थक साझेदारी बनाने के लिए करें। साथ ही, मैं अपने फ्रांसीसी दोस्तों को भारत आने, यहां निवेश करने, डिजाइन करने, इनोवेशन करने और मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए आमंत्रित करता हूं, ताकि वे भारत के बड़े घरेलू बाजार और यहां से बाकी दुनिया में निर्यात, दोनों के लिए काम कर सकें।”
‘भारत इनोवेट्स’ समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने संयुक्त रूप से किया।
इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप, निवेशक, उद्यमी, टेक्नोलॉजी लीडर और नीति-निर्माता एक साथ आते हैं ताकि इनोवेशन, निवेश और आपसी सहयोग के नए अवसर तलाशे जा सकें।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
पीएम मोदी फ्रांस में भारत इनोवेट्स समिट से पहले वैश्विक निवेशकों से मिले

भारत इनोवेट्स समिट के उद्घाटन से पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारत, फ्रांस और कई अन्य देशों के चुनिंदा निवेशकों और वेंचर कैपिटल लीडर्स के साथ बातचीत की।
इस इनोवेशन-केंद्रित समिट को प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मिलकर शुरू करेंगे।
इस कार्यक्रम में प्रमुख स्टार्टअप, निवेशक, उद्यमी और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग एक साथ आएंगे। वे भारत, फ्रांस और व्यापक ग्लोबल इकोसिस्टम के बीच सहयोग, निवेश और इनोवेशन-आधारित पार्टनरशिप के मौकों पर चर्चा करेंगे।
निवेशकों के साथ यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब भारत और फ्रांस अपनी ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ के तहत उभरती टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करना चाहते हैं।
‘भारत इनोवेट्स समिट’ के दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच आपसी निवेश को बढ़ावा देने और संबंधों को मजबूत करने के लिए एक अहम मंच बनने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच नीस में द्विपक्षीय बातचीत होने की भी उम्मीद है, जिसमें वे भारत-फ्रांस संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा करेंगे।
बातचीत मुख्य रूप से इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, व्यापार, रक्षा सहयोग और व्यापक रणनीतिक मुद्दों पर केंद्रित होने की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के दायरे को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस यात्रा 13 जून से 18 जून तक चलेगी, जिसमें वह तीन प्रमुख शहर नीस, एवियन और पेरिस का दौरा करेंगे।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस पहुंचने के तुरंत बाद नीस में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ अपनी बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “नीस में भारतीय समुदाय की ओर से यादगार स्वागत। भले ही वे अपने देश से कई किलोमीटर दूर हैं, लेकिन भारत के साथ हमारे प्रवासी समुदाय का रिश्ता पहले से कहीं अधिक मजबूत है।”
इससे पहले, नीस पहुंचने पर प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में अपनी फ्रांस यात्रा के बारे में जानकारी शेयर की थी और बताया था कि उनके कार्यक्रम नीस, एवियन और पेरिस में होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं अभी नीस पहुंचा हूं। नीस के अलावा, फ्रांस की इस यात्रा में एवियन और पेरिस में भी कार्यक्रम शामिल हैं।”
राजनीति
पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा पर हुसैन दलवई बोले, ‘जबसे सत्ता में आए हैं तब से दुनिया की सैर कर रहे’

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस दौरे समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी जब से आए हैं, तब से दुनिया की सैर कर रहे हैं। इससे हासिल क्या हुआ? हमारी विदेश नीति बिल्कुल फेल हो गई है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध में हमने गलत भूमिका निभाई है।
सीपीआई (एम) के जनरल सेक्रेटरी एम.ए. बेबी के विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोपों पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, “केरल में कांग्रेस और सीपीआई (एम) के बीच राजनीतिक लड़ाई है। जहां राजनीतिक लड़ाई होती है, वहां कांग्रेस अपनी भूमिका निभाएगी। इसका मतलब यह नहीं है कि राहुल गांधी कोई गलती कर रहे हैं। राहुल गांधी स्वाभाविक रूप से अपनी पार्टी का ही पक्ष लेंगे।
टीएमसी के विधायकों और सांसदों के बीच मतभेद पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई कहते हैं, “यह हर जगह हो रहा है। उनके पास सत्ता है। लोगों को परेशान करने का काम किया जाता है। ईडी जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल करके धमकियां दी जाती हैं। आपराधिक कार्रवाई की जाती है। इसलिए कुछ लोग डरकर यहां-वहां जाते हैं। ये सभी नेता स्वार्थ के लिए जा रहे हैं।
शिवसेना (यूबीटी) सांसदों की बैठक पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि शिवसेना में ऐसा कुछ (टीएमसी जैसा) होगा। वे सांसद शिवसेना की वजह से ही चुने गए थे। दूसरी बात, ‘इंडिया’ गठबंधन के लोगों ने बड़े पैमाने पर मदद की है। कांग्रेस ने पूरी तरह से मदद की है। ऐसे हालात में, अगर वे (सांसद) कहीं और जाते हैं, तो कैसे चलेगा? अगर कोई पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाना चाहता है, तो उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए।
‘370 रुपए बिरयानी’ विवाद पर स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के माफी मांगने पर कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा, “उन्होंने जिस तरह से बात की है, वह बिल्कुल गलत है। इससे महिलाओं का अपमान होता है। आप स्टेज पर ऐसी बातें कहते हैं। यह कितना गलत है? आज भी हम समाज में महिलाओं को बराबरी की नजर से नहीं देखते; यह बहुत गलत है। इसमें सुधार लाना बहुत जरूरी है।
कर्नाटक सरकार की ओर से शराब को लेकर 21 वर्ष उम्र के मामले में हुसैन दलवई ने कहा कि सरकार की ओर से अच्छा निर्णय लिया जा रहा है। इससे हमारी युवा पीढ़ी खत्म हो रही है।
श्री राम मंदिर में कथित अनियमितता को लेकर हुसैन दलवई ने कहा कि एक शख्स को पकड़ कर कुछ नहीं होने वाला है। वहां इतना बड़ा घपला हो रहा था, तब सरकार क्या कर रही थी? श्री राम जी के नाम लेकर घपला किया जा रहा है।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की ओर से दत्तात्रेय होसबोले के बयान पर बचाव को लेकर हुसैन दलवई ने कहा कि मेरे अनुसार यह ठीक है। पाकिस्तान के सरकार की नीति पाकिस्तान के नागरिक पूरी तरह से नहीं मानते हैं। एक बार मैं वहां गया था और देखा है कि वहां के लोग सरकार से परेशान हैं। पाकिस्तान में ऐसे लोग भी हैं जो भारत से दोस्ती करना चाहते हैं।
संजय राउत की ओर से पीएम मोदी की अभद्र टिप्पणी पर हुसैन दलवई ने कहा कि उनको अभद्र टिप्पणी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि वे देश के प्रधानमंत्री हैं। प्रधानमंत्री की ओर से बहुत गलतियां की गई हैं। देश की इकॉनमी खत्म कर दी गई और भाईचारे को खत्म किया गया।
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