राष्ट्रीय
फेसबुक, इंस्टाग्राम ने अक्टूबर में भारत में 18.8 मिलियन से अधिक कंटेंट्स हटाए
फेसबुक और उसके ऐप्स के परिवार की नवगठित मूल कंपनी मेटा ने बुधवार को कहा कि उसने भारत में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अक्टूबर में 18.8 मिलियन से अधिक कंटेंट को हटा दिया है, क्योंकि यह उपयोगकर्ता डेटा गोपनीयता पर गहन जांच का सामना कर रही है। कंपनी ने अपनी मासिक रिपोर्ट में बताया कि सोशल नेटवर्क की दिग्गज कंपनी ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021, के अनुपालन में, 1 से 31 अक्टूबर तक फेसबुक के लिए 13 नीतियों में 18.8 मिलियन से अधिक कंटेंट और 12 नीतियों में 3.07 मिलियन से अधिक कंटेंट पर काम किया।
मेटा के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “आईटी नियमों के अनुसार, हमने 31 दिनों- 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक की अवधि के लिए अपनी पांचवीं मासिक अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित की है।”
इसमें कहा गया है, “इस रिपोर्ट में उस कंटेंट का विवरण होगा जिसे हमने अपने स्वचालित टूल का उपयोग करके सक्रिय रूप से हटा दिया है और उपयोगकर्ता की शिकायतों और की गई कार्रवाई का विवरण शामिल है।”
अक्टूबर में, फेसबुक को भारतीय शिकायत तंत्र के माध्यम से 686 रिपोर्ट प्राप्त हुई, और उन सभी रिपोटरें का जवाब दिया। इनमें से कंपनी ने 497 मामलों में यूजर्स को उनकी समस्याओं को हल करने के लिए उपकरण प्रदान किए।
प्राप्त रिपोर्ट मुख्य रूप से फर्जी प्रोफाइल (170) और अकाउंट हैक (157) के लिए थीं।
अक्टूबर में, इंस्टाग्राम को भारतीय शिकायत तंत्र के माध्यम से 652 रिपोर्ट प्राप्त हुई और सभी का जवाब दिया। इनमें से, फोटो-शेयरिंग ऐप ने यूजर्स को 420 मामलों में अपने मुद्दों को हल करने के लिए उपकरण प्रदान किए।
सोशल नेटवर्क ने देश में एडल्ट न्यूडिटीऔर यौन गतिविधि से संबंधित 2.3 मिलियन सामग्री और बदमाशी और उत्पीड़न श्रेणी में 87,000 कंटेंट के टुकड़ों पर कार्रवाई की।
मेटा ने भारत में अभद्र भाषा से संबंधित कंटेंट के 172,400 टुकड़ों पर भी कार्रवाई की।
सभी टेक दिग्गजों को नए आईटी नियम 2021 के तहत मासिक अनुपालन रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
दुर्घटना
कानपुर में खड़े ट्रक से टकराई स्कॉर्पियो, दो बच्चों समेत तीन की मौत

कानपुर, 13 जुलाई: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दुर्घटना में स्कॉर्पियो कार सवार दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, कानपुर जिले के महाराजपुर इलाके में सोमवार सुबह 6 बजे स्कॉर्पियो कार राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक खड़े ट्रक से जा टकराई। स्कॉर्पियो कार में हादसे के समय करीब 8 लोग सवार थे। यह कार फतेहपुर की ओर जा रही थी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। बताया गया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि कार चकनाचूर हो गई। अंदर फंसे लोग दर्द से तड़पते रहे।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने सभी तीन मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लिया और बाकी घायलों को अस्पताल के लिए भेजा। बताया गया कि मरने वालों में दो मासूम बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, मृतकों की पहचान अभी सामने नहीं आई।
इससे पहले, एटा जिले में एक कार से सांड की टक्कर के बाद ड्राइवर की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र में निधोली रोड स्थित जवाहरपुर गोदाम के पास यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान 35 वर्षीय नरेंद्र शर्मा के रूप में हुई, जो एटा जिले के जिटौली गांव के निवासी था। बताया गया कि नरेंद्र अपनी दुकान बंद करने के बाद गांव लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में सांड से कार की टक्कर हुई।
अग्निशमन प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें हादसे की सूचना मिली थी। बताया गया कि कार की सांड से टक्कर हुई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इस दुर्घटना में घायल युवक को अस्पताल भेजा गया। साथ ही, पुलिस टीम ने कार को सड़क से हटाकर किनारे किया।
राजनीति
प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धि लोकतंत्र की शक्ति का प्रमाण : नीतीश कुमार

नई दिल्ली, 10 जून: नरेंद्र मोदी बुधवार को भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने। इस अवसर पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने उनकी प्रशंसा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक उपलब्धि को लोकतंत्र की शक्ति का सशक्त प्रमाण बताया और कहा कि साधारण शुरुआत से उठकर सबसे ऊंचे चुने हुए पद तक पहुंचने वाले वे लाखों युवा भारतीयों, खासकर साधारण पृष्ठभूमि वाले लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत बन गए हैं।
नीतीश कुमार ने अपने एक लेख में प्रधानमंत्री मोदी को लेकर अपना नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि दशकों तक यह धारणा रही कि सबसे ऊंचे पद कुछ खास लोगों या प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में पैदा हुए लोगों के लिए ही आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी के सफर ने इस धारणा को चुनौती दी है।
पीएम मोदी की सराहना करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत जैसे बड़े और प्रतिस्पर्धी लोकतंत्र में जनता का भरोसा जीतना मुश्किल है और उसे बनाए रखना और भी कठिन। फिर भी, लगातार राजनीतिक खींचतान और जनता की कड़ी नजर के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों का विश्वास बनाए रखा है। भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनकर उन्होंने लोकतांत्रिक राजनीति में एक नया मानदंड स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि हम भारत के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं, लेकिन पीएम मोदी और मैं एक ही पीढ़ी से हैं, जिसकी राजनीतिक चेतना आपातकाल के दौर में आकार ग्रहण कर रही थी। हमने लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं पर हुए आघात को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उन्हें पुनर्स्थापित करने वाले आंदोलन में भाग लिया। वह संघर्ष सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि एक ऐसा अनुभव था जिसने सार्वजनिक जीवन और लोकतांत्रिक मूल्यों के बारे में हमारी समझ को आकार दिया।
नीतीश कुमार ने कहा कि दशकों तक यह धारणा बनी रही कि देश के सर्वोच्च पद सिर्फ कुछ विशेषाधिकार प्राप्त लोगों या प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में जन्मे व्यक्तियों के लिए आरक्षित हैं। प्रधानमंत्री मोदी की जीवन-यात्रा ने इस धारणा को चुनौती दी है। साधारण पृष्ठभूमि से उठकर देश के सर्वोच्च निर्वाचित पद तक पहुंचने वाले प्रधानमंत्री मोदी लाखों युवाओं, विशेषकर साधारण परिवारों से आने वाले युवाओं, के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हैं। उनकी कहानी इस विश्वास को मजबूत करती है कि एक जीवंत लोकतंत्र में दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और क्षमता जन्म व परिस्थितियों से उत्पन्न बाधाओं को पार कर सकती है। यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र की शक्ति और खुलेपन का सबूत है।
इस दौरान, नीतीश कुमार ने अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े वर्गों, अति पिछड़े वर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों के लिए मोदी सरकार के निर्णयों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन पर पीएम मोदी के विशेष ध्यान के कारण एनडीए सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सहायता की है। शौचालय, बैंक खाते, आवास, गैस कनेक्शन, नल का जल, स्वास्थ्य बीमा और अन्य अनेक बुनियादी सुविधाएं करोड़ों लोगों तक पहुंची हैं।
नीतीश कुमार ने कहा कि कई वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए मैं जानता हूं कि यह सुनिश्चित करना कितना चुनौतीपूर्ण होता है कि योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। सिर्फ अच्छी नीयत काफी नहीं होती, प्रभावी क्रियान्वयन भी उतना ही जरूरी है। मैंने यह भी देखा है कि नीतिगत निर्णयों को वास्तविक परिणामों में बदलने के लिए लगातार निगरानी, सुधार, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और सूक्ष्म स्तर तक ध्यान देना जरूरी होता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लीडरशिप इस विश्वास को और मजबूत करती है कि एक सशक्त लोकतंत्र में दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और योग्यता जन्म व परिस्थितियों से उत्पन्न हर बाधा को पार कर सकती है।
उन्होंने पीएम मोदी की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति, संस्थागत सुधारों, रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव व वंदे भारत जैसी नई ट्रेनों की शुरुआत और गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर उनके सफल कार्यकाल का भी उल्लेख किया।
इसके साथ ही, नीतीश कुमार ने बिहार के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन को सराहा। नीतीश ने कहा, “पीएम मोदी बिहार की अनोखी संस्कृति और परंपराओं का बहुत सम्मान करते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को राज्य से मखाना, मधुबनी पेंटिंग और अन्य उत्पाद भेंट करके वैश्विक मंच पर बिहार की विरासत को पेश किया है।”
नीतीश कुमार ने कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल की एक खास बात यह रही है कि वैश्विक मंच पर भारत का महत्व बढ़ा है। एक भारतीय के तौर पर मुझे गर्व होता है जब अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, तकनीक, स्वास्थ्य या सहयोग जैसे मामलों में हमारी बात का सम्मान के साथ स्वागत किया जाता है। उन्होंने कहा, “अलग-अलग देशों और समूहों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखते हुए पीएम मोदी हमेशा शांति और प्रगति के पक्ष में खड़े रहे हैं। परिणामस्वरूप, 21वीं सदी में वैश्विक विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में दुनिया अब हमारे देश की ओर आशा से देखती है।”
राजनीति
पीएम मोदी राष्ट्र धर्म निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटे : सीएम मोहन यादव

भोपाल, 9 जून: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं को हमेशा प्रधान सेवक मनाया माना है और वे अपना राष्ट्र धर्म निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुड़े हुए हैं । दरअसल, नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री का पद संभाला था।
सीएम मोहन यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 12 वर्ष पूर्व देश ने जोश और अटूट विश्वास के साथ नरेंद्र मोदी को अपना ‘प्रधानमंत्री’ चुना था, लेकिन उन्होंने स्वयं को हमेशा एक ‘प्रधानसेवक’ माना। इसी रूप में वे अपना ‘राष्ट्रधर्म’ निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ भारतीयों की सेवा को ही ईश्वर की सेवा मानते हुए सुशासन और प्रगति के नए-नए रिकॉर्ड बनाए हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ उन्होंने समाज के हर वर्ग- विशेषकर गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के जीवन में समृद्धि का नित नया सवेरा लाकर उनका भरोसा जीता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के अभिशाप से मुक्ति दिलाकर उनके आत्मसम्मान की रक्षा की। कोविड महामारी के संकटकाल में हर पात्र नागरिक को मुफ्त राशन और देशव्यापी मुफ्त टीकाकरण की सुरक्षा दी। कई देशों को भी टीके देकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव से दुनिया का परिचय कराया। उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास कराया है।
मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाएं और सपने पूरे हो रहे हैं। देश विश्व पटल पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा हो रहा है। ये युगांतरकारी परिवर्तन इसलिए संभव हो पाए हैं, क्योंकि सरकार की हर नीति, नीयत और निर्णय के मूल में मानवीय संवेदना रही है।
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