अपराध
सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी करने वाले चार विदेशी गिरफ्तार
नोएडा पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लाखों रुपए की ठगी करने वाले गैंग का पदार्फाश कर 4 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। थाना सेक्टर 20 पुलिस व साइबर सेल द्वारा इनको पकड़ने का ऑपरेशन चलाया गया, वहीं पुलिस ने इनके कब्जे से 4 लैपटॉप, 3 दर्जन मोबाइल फोन, 4 इंटरनेट डोंगल सहित पुलिस ने 3 लाख 50 हजार कैश बरामद किए हैं।
पुलिस विभाग द्वारा बताया गया कि, थाना सेक्टर 20 क्षेत्र की महिला निवासी से सोशल मीडिया के माध्यम से पहले इन्होंने दोस्ती की, फिर जन्मदिन पर गिफ्ट भेज कर कस्टम ड्यूटी के नाम पर लाखों की ठगी की थी।
इस घटना के सामने आने के बाद नोएडा पुलिस सतर्क हुई और मुकदमा दर्ज कर इनको पकड़ने का प्रयास किया गया।
दरअसल नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार हुए विदेशी नागरिक सोशल मीडिया पर अपना फर्जी प्रोफाइल बना विभिन्न लोगों से दोस्ती करते, वहीं अपनी सम्पूर्ण मिथ्या जानकरी देकर सहानुभूतिपूर्वक अपने टारगेट का मोबाइल नम्बर सहित सम्पूर्ण जानकारी हासिल कर लेते थे।
पुलिस विभाग ने बताया कि, दोस्ती करने के बाद आरोपियों द्वारा बोला जाता था कि वह उसके लिए महंगे गिफ्ट भेजेंगे। वहीं कुछ समय बाद पीड़ित व्यक्ति के पास कस्टम विभाग (जो कि फर्जी) के नाम से एक फोन आता था।
उस फर्जी कॉल पर लोगों से कहते थे कि, आपके लिए विदेश से गिफ्ट आया है, जिसमें काफी बड़ी मात्रा में धन, ज्वैलरी शामिल है जो कि मनी लांड्रिंग की श्रेणी में आता है। इसकी वजह से आपको जेल भी हो सकती है। इसलिए आपके ऊपर कस्टम ड्यूटी सहित जुर्माना लगेगा नहीं तो जेल जाना होगा, इससे डरकर पीड़ित द्वारा अभियुक्तों को धन दे दिया जाता था।
एडिशनल डीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि, हमारी टीम ने मिलकर विदेशी गैंग द्वारा की जा रही ठगी का पदार्फाश किया है। नाइजीरिया मूल के निवासी 4 लोगों को इसमें गिरफ्तार किया है। यह लोग सोशल मीडिया के जरिये लोगों के साथ दोस्ती करते और लोगों को बेवकूफ बना ठगी करते थे।
इन आरोपियों का वीजा एक्सपायर हो गया है और मेडीकल ट्रीटमेंट के नाम पर यह लोग भारत आये थे। अब तक कई लोगों को यह ठग चुके हैं। इनके कब्जे से हमने साढ़े तीन लाख कैश और आदि सामान बरामद किया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
अपराध
2.65 लाख रुपये की भारतीय नकली करेंसी के साथ दो आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने नकली करेंसी सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पहाड़गंज थाना पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते 2.65 लाख की नकली करेंसी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी दिनेश कुमार झा (36) और सतीश कुमार (20) के रूप में हुई। उन्हें पहाड़गंज के नीलम गेस्ट हाउस में छापेमारी के दौरान पकड़ा गया। इनके पास से 2,65,100 रुपये की नकली भारतीय करेंसी बरामद की गई।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे नकली करेंसी बेचने के लिए दिल्ली आए थे और ग्राहकों की तलाश कर रहे थे। उनकी योजना 1 लाख रुपये की नकली करेंसी को 25,000 से 30,000 रुपये की असली करेंसी के बदले बेचने की थी। हालांकि, पकड़े जाने से पहले कोई ग्राहक तय नहीं हो पाया था।
इनमें से एक आरोपी पहले भी नकली करेंसी से जुड़े एक मामले में शामिल रहा है, जो 2023 में पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाने में दर्ज किया गया था। उन्होंने आगे बताया कि उन्हें यह नकली करेंसी ‘एस’ नाम के एक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी।
पुलिस ने बताया कि कथित सप्लायर की पहचान करने, नकली मुद्रा के स्रोत का पता लगाने और इसकी आपूर्ति व प्रचलन में शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच चल रही है। इस मामले में दोनों आरोपियों की मेडिकल जांच कराई गई है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इससे पहले अक्टूबर में दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर के थाना नॉलेज पार्क की पुलिस ने जाली भारतीय करेंसी के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200-200 रुपये के कुल 920 जाली नोट बरामद किए, जिनकी कुल अंकित कीमत 1 लाख 84 हजार रुपये थी।
पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को थाना नॉलेज पार्क की टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ग्राम कोंडली पुस्ता के पास से अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शांतनु सिंह और वैभव शुक्ला को गिरफ्तार किया था।
अपराध
कर्नाटक: बेंगलुरु में पत्नी सहित ससुराल के 7 सदस्यों की हत्या करने के आरोप में कैब ड्राइवर गिरफ्तार

बेंगलुरु में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक कैब ड्राइवर को ससुराल के सात सदस्यों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मृतकों में उसकी पत्नी और सात वर्ष का एक बच्चा भी शामिल है। बताया जा रहा है कि घरेलू विवाद के चलते आरोपी ने वारदात के अंजाम दिया है।
आरोपी की पहचान इंदुशेखर के रूप में हुई है। उसे राजाजीनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चिक्काबल्लापुर जिले में नंदी हिल्स के पास सात वर्षीय पुनीत का शव बरामद हुआ, जबकि बाकी शवों की तलाश की जा रही है। आरोपी ने वारदात को दो दिन पहले अंजाम दिया था।
पीड़ितों की पहचान श्रीरामपुरा की रूपावती, उनकी बेटी सुनीता, बेटे शिवकुमार और शंकर, बहुओं दिव्या और नलिनी, और सात वर्षीय पोते पुनीत के रूप में हुई है।
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, इंदुशेखर ने लगभग 20 वर्ष पहले सुनीता से शादी की थी। सुनीता का अपने मायके वालों से लगातार जुड़ाव था, जिसे लेकर अक्सर पति-पत्नी के बीच झगड़े होते थे। इन झगड़ों के दौरान सुनीता की मां और भाइयों ने उसका साथ दिया था, जिससे आरोपी नाराज था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इंदुशेखर ने इन हत्याओं की योजना पहले ही बना ली थी। उसने सबसे पहले अपने घर पर पत्नी सुनीता की सिल-बट्टे (पत्थर) से हमला करके हत्या कर दी। इसके बाद, शक न हो, इसलिए उसने सुनीता के परिवार वालों से कह दिया कि वह अपनी सहेलियों के साथ कहीं घूमने गई है।
आरोपी ने अपने सालों शिवकुमार और शंकर को शराब पीने के बहाने अपने घर बुलाया और उनकी हत्या कर दी। उस पर अपनी सास रूपावती, सालों की पत्नियों नलिनी और दिव्या, और सात वर्षीय पुनीत की भी हत्या करने का आरोप है।
यह मामला तब सामने आया जब नलिनी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई और उसकी मां ने श्रीरामपुरा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने इंदुशेखर से पूछताछ की, जिसमें उसके विरोधाभासी बयानों से पुलिस को शक हुआ।
उसके घर की तलाशी लेने पर अपराध से जुड़े कुछ सुराग मिले। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने हत्याएं करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने शवों को नंदी हिल्स के आसपास अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगा दिया था। गुरुवार को उसे उस इलाके में ले जाया गया और करीब चार घंटे की तलाश के बाद पुनीत का शव बरामद हुआ। बाकी शवों को खोजने की कोशिशें जारी हैं।
आरोप है कि उसने खून के धब्बों को साफ किया और अपराध में इस्तेमाल किए गए सिल-बट्टे (पत्थर) को धो दिया था। पुलिस ने कथित तौर पर शवों को ले जाने वाली कार को भी जब्त कर लिया है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इंदुशेखर ‘थाना वरदी’ नाम का एक अखबार चलाता था और पिछले आठ वर्षों से भाष्यम सर्कल के पास एक किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस उन आरोपों की भी जांच कर रही है, जो आरोपी और उस इमारत के मालिक के बीच किसी विवाद से जुड़े हैं।
अपराध
भुवनेश्वर में युवक की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने आठ आरोपियों को किया गिरफ्तार

शहर के धौली थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में गुरुवार को आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई कमिश्नरेट पुलिस ने बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को हुई घटना के बाद की।
मृतक की पहचान कटक जिले के बैदेश्वर निवासी टापू नाइक के रूप में हुई है, जो शहर के भरतपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीताराम बस्ती में रह रहा था।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान उमेश कुमार पटनायक, विष्णुप्रसाद सामंतराय उर्फ पिकुन, रत्नाकर साहू, आलोक जेना, मानस स्वैन, अक्षय प्रधान, कलिंग केशरी पात्रा और चित्रसेन गजेंद्र के रूप में की है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात धौली थाना क्षेत्र के शिशुपाल गढ़ गांव में नवज्योति कॉलेज के पीछे स्थित ‘मां दक्षिणकाली कंस्ट्रक्शन’ ऑफिस परिसर में हुई।
कमिश्नरेट पुलिस ने बयान में कहा, “बुधवार को लगभग सात लोगों का एक समूह ‘मां दक्षिणकाली कंस्ट्रक्शन’ ऑफिस परिसर के खुले इलाके में पार्टी कर रहा था। रात करीब 11:30 बजे, समूह में से एक व्यक्ति ने पिस्तौल निकाली और टापू नाइक पर गोली चला दी।”
बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक, उमेश ने पुरी में किसी व्यक्ति से पिस्तौल खरीदी थी। वह और उसके दोस्त (मृतक भी शामिल) इस हथियार के आने की खुशी में पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान, शराब के नशे में दोस्तों के बीच बहस हो गई और अचानक भड़के आरोपी पिकुन ने टापू पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
गोली चलने के बाद दो आरोपी उमेश और पिकुन तुरंत घायल टापू को स्कूटर से कैपिटल अस्पताल ले गए। बाद में उसे शहर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पुलिस को इस घटना की जानकारी बुधवार रात करीब 1 बजे मिली। उन्होंने कहा कि पुलिस तुरंत कैपिटल अस्पताल पहुंची और बाद में निजी अस्पताल भी गई। पूछताछ के दौरान, उमेश और पिकुन (मृतक को अस्पताल ले गए थे) ने एक झूठी कहानी गढ़ी। उन्होंने दावा किया कि वे मौसी मां ब्रिज के पास बातचीत कर रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर दो अनजान लोग वहां आए। उनमें से एक ने हेलमेट पहना हुआ था, जबकि दूसरे ने अपने चेहरे को मास्क से ढका हुआ था। उन्होंने टापू नाइक पर गोली चलाई और फिर मौके से फरार हो गए।
उन्होंने आगे बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच से पता चला कि यह पूरी कहानी मनगढ़ंत थी। बाद की पूछताछ में आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली और पुलिस को बताया कि उन्होंने पिस्तौल को एक जलाशय में फेंक दिया था। पुलिस ने अब उस हथियार को बरामद कर लिया है।
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