राजनीति
यूपी विधानसभा चुनाव : सरकार बनाती नजर आ रही भाजपा, सपा का भी हो रहा आधार मजबूत
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत की प्रबल संभावना बनी हुई है। मगर पार्टी को पिछले चुनाव के मुकाबले 108 सीटें कम मिलने की संभावना है, क्योंकि समाजवादी पार्टी (सपा) तेजी से आगे बढ़ रही है। एबीपी-सीवोटर-आईएएनएस फाइव स्टेट्स स्नैप पोल में सामने आए निष्कर्षो में यह जानकारी मिली है। 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा और गठबंधन सहयोगियों को 217 सीटें मिलने का अनुमान है। यह 2017 के चुनावों में गठबंधन को मिली 325 सीटों से 108 सीटें कम हैं।
सर्वे से पता चला है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा 2022 में विधानसभा चुनाव जीतने के लिए अभी भी फेवरेट (लोगों की राय में पसंदीदा) बनी हुई है, वहीं समाजवादी पार्टी जोर पकड़ रही है और दोनों पार्टियों के बीच अंतर कम होता जा रहा है।
सर्वे में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और अब उसे 156 सीटें मिलने की उम्मीद है। यूपी में अब साफ तौर पर बीजेपी और सपा के बीच लड़ाई है और दोनों के बीच की खाई कम होती जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि जहां भाजपा को 108 सीटों का नुकसान हो रहा है, वहीं सपा यूपी में सीटों की सही संख्या हासिल करती दिख रही है।
अन्य दो दलों, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस को क्रमश: 18 और 8 सीटें मिलने की उम्मीद है।
यूपी के मुख्य क्षेत्रों की बात की जाए तो सपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़ी बढ़त हासिल कर रही है और 60 सीटों पर जीत हासिल करती दिख रही है, जबकि बीजेपी इस क्षेत्र की 136 सीटों में से 66 सीटें जीत रही है।
पूर्वांचल में भाजपा 68 सीटें जीत रही है, जबकि सपा क्षेत्र की कुल 130 सीटों में से 49 सीटें जीत रही है।
बुंदेलखंड में 19 में से बीजेपी 13 और सपा 5 सीटों पर जीत दर्ज करती दिखाई दे रही है।
अवध क्षेत्र में भाजपा 70 सीटें जीत रही है जबकि सपा क्षेत्र की 118 सीटों में से 42 सीटें जीत रही है।
उत्तर प्रदेश स्नैप पोल में सामने आए आंकड़े 403 सीटों पर कुल 3571 लोगों से बातचीत पर आधारित हैं।
उत्तर प्रदेश में भाजपा को अपने वोट शेयर में 0.7 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है और इसका शेयर 40.7 प्रतिशत पर रह सकता है, क्योंकि वह पिछले बार के मुकाबले 108 कम सीटों पर जीत हासिल करते हुए दिखाई दे रही है। इसके अलावा सपा अपने वोट शेयर में 7.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 31.1 प्रतिशत वोट पाने में कामयाब हो सकती है।
राष्ट्रीय समाचार
आविन ने दूध की कीमत में 5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का रखा प्रस्ताव, सरकार की मंजूरी का इंतजार

तमिलनाडु की सहकारी दुग्ध आपूर्तिकर्ता कंपनी आविन ने खुदरा दूध कीमतों में 5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। संस्था का कहना है कि बढ़ती परिचालन लागत और दूध बिक्री केंद्र संचालकों की वित्तीय चुनौतियों को देखते हुए यह कदम आवश्यक हो गया है। हालांकि यह बढ़ोतरी तभी लागू होगी जब राज्य सरकार इसे मंजूरी देगी।
आविन सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित 5 रुपए की बढ़ोतरी में से 4 रुपए सहकारी समिति को मिलेंगे, जबकि 1 रुपया दूध आउटलेट संचालकों के लिए निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य उनके कारोबार को आर्थिक रूप से अधिक टिकाऊ बनाना है।
आविन प्रतिदिन लगभग 35 लाख लीटर दूध की खरीद करती है, जबकि अकेले चेन्नई में इसकी दैनिक बिक्री करीब 15 लाख लीटर है। अपेक्षाकृत कम कीमत के कारण आविन दूध घरेलू उपभोक्ताओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों दोनों के बीच लोकप्रिय है।
वर्तमान में 500 मिलीलीटर के नारंगी पैकेट वाला दूध 30 रुपए में बिकता है, जबकि समान मात्रा के हरे और बैंगनी पैकेट की कीमत 24 रुपए है। नीले पैकेट की कीमत 20 रुपए है।
दूध विक्रेताओं का कहना है कि उन्हें प्रति पैकेट केवल 75 पैसे का कमीशन मिलता है, जो बिजली बिल, दुकान किराया और अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। कई विक्रेता लगातार मांग होने के बावजूद अपने कारोबार को बनाए रखने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, वित्तीय दबाव के कारण कई नए खुले आविन आउटलेट कुछ महीनों के भीतर बंद हो गए हैं। यही वजह है कि प्रस्तावित मूल्य वृद्धि में विक्रेताओं के लिए अतिरिक्त सहायता का प्रावधान रखा गया है।
आविन और निजी ब्रांडों के बीच बढ़ते मूल्य अंतर ने व्यावसायिक ग्राहकों की मांग भी बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, निजी कंपनियां दूध 75 रुपए प्रति लीटर से अधिक कीमत पर बेच रही हैं। इसके चलते होटल, चाय की दुकानें और मिठाई विक्रेता बड़ी मात्रा में आविन दूध खरीदते हैं, जिससे कई बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए उपलब्धता प्रभावित होती है।
आविन का कहना है कि कम बिक्री मूल्य का दबाव किसानों, सहकारी समिति और खुदरा विक्रेताओं तीनों पर पड़ रहा है। हाल ही में सरकार द्वारा दूध खरीद मूल्य बढ़ाए जाने से किसानों को राहत मिली है, लेकिन सहकारी संस्था और उसके वितरण नेटवर्क के सामने मौजूद वित्तीय चुनौतियों का समाधान अभी भी आवश्यक है।
कंपनी ने यह भी उल्लेख किया है कि पड़ोसी राज्य कर्नाटक में हाल ही में दूध की कीमतों में 8 रुपए प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है, जबकि तमिलनाडु के लिए प्रस्तावित बढ़ोतरी उससे कम है।
फिलहाल 5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी केवल प्रस्ताव के रूप में सरकार के विचाराधीन है। जब तक राज्य सरकार मंजूरी नहीं देती, तब तक मौजूदा खुदरा कीमतें ही लागू रहेंगी।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका चीन और रूस की जासूसी ‘और भी बेहतर’ तरीके से करता है : ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को अपने मध्यावधि चुनाव प्रचार अभियान का समापन किया। ईरान पर अमेरिकी हमले का बचाव किया, तेल की कीमतों को लेकर अपना पक्ष रखा और चीन -रूस की जासूसी को लेकर भी बड़ा बयान दिया। दावा किया कि अमेरिका ये काम उनसे कहीं बेहतर तरीके से करता है।
आयोवा के डुबुक में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने चीन और रूस की जासूसी को लेकर जताई गई चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “किसी ने मुझसे कहा कि चीन हमारी जासूसी कर रहा है। मैंने कहा, हां और हम भी उनकी जासूसी कर रहे हैं। इस बारे में चिंता न करें।”
उन्होंने आगे कहा, “चीन और रूस हमारी जासूसी कर रहे हैं। मैंने कहा, यह सच है। और हम भी उनके साथ ऐसा ही कर रहे हैं। लेकिन हम उनसे कहीं बेहतर तरीके से ऐसा करते हैं। इसलिए, इस बात की चिंता न करें।”
ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब न तो कोई सैन्य क्षमता बची है और न ही बातचीत करने के लिए कोई नेता। उन्होंने कहा, “हमने इसकी शुरुआत नहीं की थी, लेकिन हम इसे खत्म कर रहे हैं। हम उनकी अच्छे से धुनाई कर रहे हैं।”
ट्रंप ने कहा, “उनके पास न तो रडार है, न ही विमान-रोधी हथियार और न ही कोई नेता। शायद हम नेताओं के मामले में कुछ ज्यादा ही आगे निकल गए हैं (इसका मतलब शीर्ष ईरानी नेतृत्व की हमलों में मौत से है), अब बात करने के लिए कोई बचा ही नहीं है। मैं किसी ऐसे व्यक्ति को खोजने की कोशिश कर रहा हूं जिससे बात की जा सके, लेकिन कोई भी राष्ट्रपति नहीं बनना चाहता।”
डुबुक में दो घंटे से कुछ अधिक समय तक बोलने के बाद, ट्रंप अपने मध्यावधि (मिडटर्म) अभियान की आखिरी रैली के लिए कंसास के सलीना रवाना हो गए।
सलीना की रैली में, ट्रंप ने फिर से अर्थव्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “पिछले तीन महीनों में आपकी महंगाई दर 1.7 प्रतिशत तक गिर गई है। मुझे ‘स्लीपी’ (सुस्त) जो बाइडेन से विरासत में ऊंची कीमतें मिली थीं; मैंने ये कीमतें नहीं बढ़ाईं।”
उन्होंने कहा, “मैंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है।” साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि “तेल की कीमतें बाइडेन और बराक हुसैन ओबामा के समय की तुलना में काफी कम हैं।”
ट्रंप ने ईंधन की ऊंची कीमतों को “इस देश और दुनिया की सुरक्षा के लिए चुकाई जाने वाली एक बहुत छोटी कीमत” बताते हुए कहा, “जब यह संघर्ष खत्म हो जाएगा, तो कीमतें तेजी से नीचे आ जाएंगी।”
अमेरिका में मंगलवार को मतदान होगा, जिसमें हाउस (प्रतिनिधि सभा) और सीनेट पर नियंत्रण दांव पर लगा है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
हूती के खिलाफ सऊदी गठबंधन का अभियान, दावा- अहम सैन्य संसाधनों को किया तबाह

यमन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा है कि उसने हूती गुट के महत्वपूर्ण संसाधनों को निष्क्रिय करने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने रविवार (स्थानीय समयानुसार) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “अभियान रविवार सुबह चलाया गया। यह कदम सऊदी अरब और यमन में नागरिकों और नागरिक ठिकानों पर हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के जवाब में उठाया गया था।”
अल-मल्की ने बताया कि हूती विद्रोही इन संसाधनों का इस्तेमाल अपने युद्ध प्रयासों को समर्थन देने और अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने के लिए कर रहे थे, खासकर अपने बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों के लिए।
समाचार एजेंसी ‘सिन्हुआ’ के अनुसार, उन्होंने इस अभियान की जगह या इसके नतीजों के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
इसके अलावा, रविवार को यमन के दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में स्थानीय निवासियों और एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि शहर में एक सरकारी सैन्य ठिकाने के पास हूती मिसाइल गिरी, जिससे एक जोरदार धमाका हुआ।
अपना नाम न बताने की शर्त पर ‘सिन्हुआ’ से बात करते हुए अधिकारी ने बताया कि मिसाइल पश्चिमी अदन के अल-बुरैका जिले में उस सैन्य ठिकाने के पास गिरी, जिसका इस्तेमाल सऊदी समर्थित यमनी सरकारी सेना कर रही थी। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूंज कई इलाकों तक सुनाई दी। हूती समूह ने इस हमले पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।
अदन, जो यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का अस्थायी मुख्यालय है, हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों की चपेट में आ गया है।
यमन 2014 के आखिर से ही संघर्ष में उलझा हुआ है। उस समय हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमनी सरकार के समर्थन में हस्तक्षेप किया।
पिछले हफ्ते, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने ‘एक्स’ पर लिखा कि हूती समूह द्वारा भेजे गए एक ड्रोन को मक्का क्षेत्र में रोककर नष्ट कर दिया गया। मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है।
हालांकि, हूती समूह ने सऊदी अरब पर किसी भी तरह का हमला करने से इनकार किया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक बयान में, हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने मक्का के ऊपर ड्रोन रोके जाने के सऊदी अरब के दावे को खारिज करते हुए इसे “झूठा” बताया।
सरिया ने कहा कि उनके समूह ने शुक्रवार को “सऊदी अरब के क्षेत्र की ओर कोई अभियान नहीं चलाया।”
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