अपराध
दुर्गा पूजा के दौरान बंगाल में आतंक का अलर्ट जारी
राज्य सरकार ने ‘पूजा’ के दौरान राज्य में आतंकी अलर्ट जारी किया है, जो इस बात का संकेत देता है कि पश्चिम बंगाल अब नया आतंकी निशाना हो सकता है।
हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और कोलकाता स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा की गई गिरफ्तारी राज्य में आतंकी मॉड्यूल की गतिविधियों को दर्शाती है।
एनआईए के मुताबिक, ये आतंकी गुर्गे बांग्लादेश की झरझरा सीमा का इस्तेमाल देश में घुसने के लिए करते हैं।
राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी अलर्ट में दुर्गा पूजा आयोजकों को भीड़ की आवाजाही पर नजर रखने के लिए सिस्टम स्थापित करने को कहा गया है। उन्हें पूजा पंडालों के आसपास सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर लगाने और स्थानीय पुलिस थाने के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी मूर्तियों का विसर्जन स्थानीय पुलिस थानों के परामर्श से 15 अक्टूबर (दशमी) से 18 अक्टूबर के बीच पूरा किया जाना है। बयान में कहा गया है, “देश को अस्थिर करने और कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने के लिए विभाजनकारी और आतंकवादी समूहों से प्रचलित खतरों के संदर्भ में आपको त्योहारों के उत्सव के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।”
नोटिस में आगे सुझाव दिया, “सामुदायिक पूजा आयोजकों को पूजा पंडालों में पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों को संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही पर निगरानी रखने के लिए कहा जाना चाहिए और सभी स्वयंसेवकों को स्थानीय पुलिस के लगातार संपर्क में रहने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए।”
राज्य के गृह विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सुरक्षा तंत्र में पूजा समितियों को शामिल करने के लिए राज्य सरकार का प्रयास महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि राज्य का गृह विभाग एक व्यापक सुरक्षा और सुरक्षा सीरीज की योजना बना रहा है, जो अपने आप में इस महत्व और संभावना को समझने के लिए पर्याप्त निर्णायक है। “
एनआईए ने 2020 में बेंगलुरु से इस उपमहाद्वीप के सबसे खूंखार आईएस हैंडलर्स में से एक अल हलीफ उर्फ अबू इब्राहिम को गिरफ्तार किया। यह आईएस हैंडलर आतंकी दुनिया में प्रवेश करने से पहले अर्थशास्त्र का मेधावी छात्र था। सुजीत चंद्र देबनाथ के वेश में हलीफ बेंगलुरु में एक राजमिस्त्री के सहायक के रूप में काम कर रहा था।
इसी तरह, कोलकाता एसटीएफ, कुलीन कोलकाता पुलिस बल ने तीन जेएमबी संचालकों नजीउर रहमान पावेल, मिकैल खान और रबीउल इस्लाम को गिरफ्तार किया, जो भारत में घुसकर शहर के पॉश आवासीय क्षेत्र में रह रहे थे।
पहचान छुपाने के लिए पावेल ने हिंदू नाम जयराम बेपारी का इस्तेमाल किया। उसने और मिकैल खान उर्फ शेख सब्बीर ने हरिदेवपुर इलाके में दो हिंदू महिलाओं से दोस्ती की और शादी करने की योजना बनाई थी। इससे उन्हें संदेह पैदा किए बिना अधिक लोगों को भर्ती करने में मदद मिलती।
कभी सीधी बातचीत के जरिए तो कभी ऑनलाइन के जरिए राज्य में बेरोजगार युवक-युवतियों को निशाना बना रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और कोलकाता पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जेएमबी के तीन आतंकवादियों से यह जानकारी हासिल की है, जिन्हें एसटीएफ ने हाल ही में कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके में एक कॉलोनी से गिरफ्तार किया था। जांच अधिकारी चिंतित हैं कि इन आतंकवादी समूहों द्वारा व्यवस्थित ब्रेनवॉश करने के कारण कई मेधावी लेकिन बेरोजगार युवा मुख्यधारा के समाज से अलग रहे हैं।
अपराध
सिरसा में युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या, लड़की के भाई और उसके साथी ने दिया वारदात को अंजाम

सिरसा, 10 जून: हरियाणा के सिरसा में कुछ युवकों द्वारा एक युवक की चाकुओं से गोदकर बड़ी बेरहमी से हत्या करने का मामला सामने आया है। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। हमलावरों के हमले से संदीप नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे, सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है।
मौत से पहले के -वीडियो में युवक गंभीर रूप घायल दिखाई दे रहा है। युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह घटना की जानकारी दे रहा है। पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
संदीप कुमार (22) सिरसा शहर के एकता नगर का निवासी था। संदीप का पिछले करीब दो वर्षों से वाल्मीकि मोहल्ला निवासी एक युवती के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। बताया जा रहा है कि दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे। हालांकि, युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार तनाव की स्थिति उत्पन्न हो चुकी थी।
घटना वाले दिन युवती के भाई ने अपने एक साथी के साथ मिलकर संदीप को बातचीत करने के बहाने घर से बाहर बुलाया। युवक बिना किसी आशंका के उनसे मिलने पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
आरोप है कि युवती के भाई और उसके साथी ने संदीप पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से वह खुद को संभाल नहीं पाया और लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और युवक के परिजनों ने तुरंत घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। सिरसा के नागरिक अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए।
मोहल्ला निवासी राजू लाडवाल ने बताया कि संदीप कुमार और एक लड़की के बीच काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। हत्या की यह वारदात पूर्व नियोजित थी और आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से युवक को बुलाकर हमला किया। पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर युवती के भाई और उसके साथी के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। सिरसा शहर थाना प्रभारी बलराज सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही आगामी कार्रवाई की जाएगीएगी।
अपराध
एनआईए ने आतंकवादी शहजाद भट्टी से जुड़े टेरर-गैंगस्टर मामलों में पंजाब और हरियाणा में 18 जगहों पर ली तलाशी

नई दिल्ली, 9 जून: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को पाकिस्तान में रहने वाले आतंकवादी शहजाद भट्टी से जुड़े तीन टेरर-गैंगस्टर नेटवर्क मामलों के सिलसिले में पंजाब और हरियाणा में कई जगहों पर तलाशी ली।
एनआईए की टीमों ने दोनों राज्यों के नौ जिलों में 18 जगहों पर कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली और जरूरी जानकारी इकट्ठा करने के लिए कई लोगों से पूछताछ की। उन्होंने कई डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज भी जब्त किए, साथ ही उन लोगों की गतिविधियों, कम्युनिकेशन नेटवर्क और पैसों के लेन-देन से जुड़ी जानकारी भी हासिल की, जो इन तीन मामलों में एजेंसी की नजर में हैं।
तलाशी के दौरान इकट्ठा की गई सभी जानकारी और सबूतों को जांच-पड़ताल और फॉरेंसिक व टेक्निकल जांच के लिए भेजा गया है, ताकि सीमा पार की बड़ी साजिश का पता लगाया जा सके।
गैंगस्टर से आतंकवादी बने भट्टी द्वारा सीमा पार से चलाए जा रहे नेटवर्क के पीछे की बड़ी साजिश का पता लगाने के लिए एनआईए की चल रही जांच के तहत, कुछ लोगों को आगे की पूछताछ के लिए जांच में शामिल होने का नोटिस जारी किया गया है। आज की तलाशी का मकसद भट्टी के साथियों और उन अन्य लोगों की पहचान करना था जो इन तीनों मामलों से जुड़ी आतंकवादी साजिश में शामिल थे।
एनआईए की अब तक की जांच में जालंधर, पंजाब में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोजर संधू के घर पर मार्च 2025 में हुए ग्रेनेड हमले का कनेक्शन शहजाद भट्टी से जुड़ा पाया गया है। अप्रैल 2026 में एनआईए ने भट्टी को भगोड़ा घोषित करते हुए और मामले में एक अन्य आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
एनआईए को यह भी पता चला है कि भट्टी ने नवंबर 2025 में सिरसा, हरियाणा के महिला पुलिस स्टेशन में हुए धमाके और जनवरी 2026 में अंबाला, हरियाणा के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन में हुए धमाके की भी साजिश रची थी। सिरसा मामले में एनआईए ने मई 2026 में भट्टी और पाकिस्तान में मौजूद एक और हैंडलर, सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच, समेत नौ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
बलदेव नगर पुलिस स्टेशन का मामला कार बम धमाके से जुड़ा है, जिसमें गिरफ्तार एक आरोपी भट्टी के संपर्क में पाया गया था। आतंकी हमलों से जुड़े सभी कनेक्शन का पता लगाने की एनआईए की जोरदार कोशिशों के तहत इन मामलों की जांच जारी है।
अपराध
कर्नाटक: ब्लैकमेल कर व्यापारी से 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस नेता और उसका साथी गिरफ्तार

मंगलुरु, 9 जून: कर्नाटक के मंगलुरु में जबरन वसूली का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक प्रमुख व्यापारी को ब्लैकमेल करने और लगभग दो साल में 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मंगलुरु यूथ कांग्रेस के महासचिव निजाम और जितेश के तौर पर हुई है। आरोप है कि जितेश ने पहले व्यापारी को अपने जाल में फंसाया और बाद में उसकी अश्लील तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके उसे ब्लैकमेल किया। पुलिस ने बताया कि जितेश ने शुरू में 35 लाख की मांग की और वीडियो को पीड़ित की पत्नी को दिखाने की धमकी दी। अपनी बदनामी के डर से व्यापारी ने चेक के जरिए यह रकम दे दी।
जब पैसों की मांग जारी रही तो व्यापारी ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया, हालांकि पुलिस का आरोप है कि निजाम ने मदद करने के बजाय जितेश का साथ दिया और जबरन वसूली के इस रैकेट में शामिल हो गया।
इसके बाद दोनों ने आत्महत्या की एक झूठी कहानी रची। निजाम ने मई 2024 में व्यापारी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में पीड़ित का नाम लिखा है। कहानी को सच साबित करने के लिए आरोपियों ने जितेश की मौत और अंतिम संस्कार की तस्वीरें दिखाईं और व्यापारी को आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी।
गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी के डर से व्यापारी पैसे देता रहा। पुलिस ने बताया कि 2024 से 2026 के बीच पीड़ित से कुल 2.77 करोड़ रुपए वसूले गए। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब जून 2026 में व्यापारी ने जितेश को मंगलुरु में जिंदा देखा। जिस व्यक्ति को वह मरा हुआ समझ रहा था, उसे जिंदा देखकर वह हैरान रह गया और उसने उरवा पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने निजाम और जितेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की और जानकारी के लिए आगे की जांच चल रही है। इस बीच गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर मंगलुरु और पूरे कर्नाटक के कई राजनीतिक नेताओं के साथ निजाम की तस्वीरें वायरल हो गई हैं।
-
दुर्घटना9 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र11 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
