राजनीति
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों को विभागों का आवंटन किया
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी कार्मिक, सतर्कता, सामान्य प्रशासन, न्याय, कानूनी और विधायी मामलों आदि विभागों को संभालेंगे। इसकी घोषणा मंगलवार को की गई। उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा को गृह मंत्रालय, सहकारिता और जेल विभाग, जबकि एक अन्य उप मुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, रक्षा सेवा कल्याण और स्वतंत्रता सेनानियों के विभाग आवंटित किए गए हैं।
वरिष्ठतम कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा को स्थानीय सरकार, संसदीय कार्य, चुनाव और शिकायत निवारण विभाग दिया गया है। इसी तरह, मनप्रीत सिंह बादल को वित्त, कराधान, शासन सुधार, योजना और कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग सौंपा गया है।
तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा को ग्रामीण विकास और पंचायत, पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी विकास का प्रभार दिया गया है, जबकि अरुणा चौधरी को राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन विभाग दिया गया है।
सुखबिंदर सिंह सरकारिया को जल संसाधन और आवास एवं शहरी विकास विभाग आवंटित किए गए हैं, जबकि राणा गुरजीत सिंह को तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण, रोजगार सृजन और प्रशिक्षण, बागवानी और मिट्टी और जल संरक्षण विभाग आवंटित किए गए हैं।
रजिया सुल्ताना को जलापूर्ति एवं स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास एवं मुद्रण तथा लेखन सामग्री विभाग जबकि विजय इंदर सिंगला को लोक निर्माण एवं प्रशासनिक सुधार का प्रभार दिया गया है।
भारत भूषण आशु को खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग दिया गया है।
पहली बार कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे रणदीप सिंह नाभा को कृषि और किसान कल्याण और खाद्य प्रसंस्करण का प्रभार दिया गया है, राजकुमार वेरका को सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामले, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत, संगत सिंह गिलजियान को वन, वन्यजीव और श्रम, परगट सिंह को स्कूल और उच्च शिक्षा, खेल और एनआरआई मामलों का प्रभार दिया गया है।
वहीं अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को परिवहन का प्रभार दिया गया है और गुरकीरत सिंह कोटली को उद्योग और वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राष्ट्रीय समाचार
गांधी जयंती पर राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति ने पुष्पांजलि अर्पित की, पूर्व पीएम लाल बहादुर को किया नमन

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने पुष्पांजलि अर्पित की है।
राष्ट्रपति ने राजघाट जाकर बापू को पुष्पांजलि अर्पित की। उनकी ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा गया, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर, मैं सभी देशवासियों की ओर से उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।”
राष्ट्रपति ने एक संदेश में लिखा, “विश्व समुदाय द्वारा गांधीजी के जीवन और आदर्शों को बहुत सम्मान दिया जाता है। आज विश्व के अनेक क्षेत्रों में अशांति और युद्ध का वातावरण है तथा सभी देशों पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। ऐसी स्थितियों में महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।”
राष्ट्रपति ने आगे लिखा, “वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर हमारा देश आगे बढ़ रहा है। विकास की इस यात्रा में संवेदनशीलता और समावेश के मूल्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कोई भी देशवासी विकास के लाभ से वंचित न रहे। यह महात्मा गांधी के ‘सर्वोदय’ के आदर्श के अनुरूप है, जिसमें सभी के कल्याण और उत्थान की भावना निहित है। आइए, गांधी जयंती के शुभ अवसर पर हम यह संकल्प लें कि अपने नैतिक आचरण तथा सक्रिय भागीदारी द्वारा आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में पूरी निष्ठा से अपना योगदान देंगे।”
वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के विजय घाट पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके कार्यालय आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा गया, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को उनकी जयंती पर राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की। सत्य और अहिंसा में उनकी अटूट आस्था, न्याय के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता और हर व्यक्ति की गरिमा में उनका गहरा विश्वास आज भी मानवता को प्रेरित करता है। महात्मा गांधी जी का जीवन और संदेश शांति, करुणा, निस्वार्थ भाव और सेवा की एक स्थायी प्रेरणा है। इस विशेष अवसर पर, आइए हम उन मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं जिन्हें वे मानते थे और एक न्यायपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण के लिए खुद को समर्पित करें।”
उपराष्ट्रपति ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके कार्यालय के आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा गया, “आज विजय घाट पर पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शांत शक्ति और असाधारण संकल्प के धनी नेता, शास्त्री जी विनम्रता, ईमानदारी और देश के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल थे। भारत की यात्रा के एक निर्णायक मोड़ पर, उनके नेतृत्व ने आत्मविश्वास और एकता का संचार किया, जबकि उनके “जय जवान, जय किसान” के आह्वान ने हमारे सैनिकों के बलिदान और किसानों के महत्वपूर्ण योगदान को चिरस्थायी पहचान दिलाई। उनका जीवन इस बात की सशक्त याद दिलाता है कि सच्चा नेतृत्व सादगी, साहस और राष्ट्र सेवा में निहित होता है।”
राष्ट्रीय समाचार
‘सत्य, अहिंसा और निर्भयता, यही बापू की सबसे बड़ी विरासत’, गांधी जयंती पर राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और निडरता के संदेश का जिक्र किया और कहा कि यही महात्मा गांधी की सबसे बड़ी विरासत है।
नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शुक्रवार सुबह राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के मौके पर गांधी जी की समाधि पर आयोजित सर्व-धर्म प्रार्थना में शामिल हुए। उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान देशभर के नेताओं और नागरिकों ने गांधी जयंती मनाई और शांति, अहिंसा व स्वच्छता के उनके संदेश को याद किया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “सत्य, अहिंसा और निर्भयता, यही बापू की सबसे बड़ी विरासत है। उन्होंने सिखाया कि अन्याय के सामने कभी झुकना नहीं, सत्य और अहिंसा के साथ डटे रहना ही सच्ची ताकत है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।”
मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर राजघाट पहुंचकर गांधी समाधि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इससे पहले, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “सत्य को शक्ति, अहिंसा को साहस और सत्याग्रह को अन्याय के विरुद्ध सबसे प्रभावशाली अस्त्र बनाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम को दिशा दी, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता, करुणा और शांति का मार्ग दिखाया।”
खड़गे ने आगे लिखा, “आज जब उनके विचारों और मूल्यों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हैं, तब बापू के सत्य, अहिंसा, सद्भाव और न्याय के सिद्धांतों पर अडिग रहना ही उन्हें हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है। गांधी जयंती पर बापू को विनम्र नमन और सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।”
राष्ट्रीय समाचार
आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट

मौजूदा समय में जोखिमों का संतुलन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 25 आधार अंक (0.25 प्रतिशत) की ब्याज दर बढ़ोतरी के पक्ष में निर्णायक रूप से झुक गया है। इसकी वजह महंगाई का दबाव बढ़ना, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का बिगड़ना, तरलता की बदलती स्थिति और वैश्विक स्तर पर जोखिमों के नए सिरे से उभरना है। यह जानकारी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक रिपोर्ट में दी गई।
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक होनी है, जिसमें बेंचमार्क रेपो रेट पर फैसला किया जाएगा।
एसबीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों से जुड़े जोखिम और वैश्विक स्तर पर जोखिमों के पुनर्मूल्यांकन को देखते हुए, “हमारे लिए बेहतर होगा कि हम स्थिति से पीछे रहने के बजाय पहले से ही एहतियाती कदम उठाएं।”
रिपोर्ट में कहा गया, “हमें यह भी उम्मीद है कि आरबीआई वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि के अनुमान में 30 आधार अंक और महंगाई के अनुमान में 20 आधार अंक की बढ़ोतरी करेगा।”
महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई जुलाई के 4.45 प्रतिशत से बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रुपया लगातार गिरावट के दौर में है, डॉलर इंडेक्स मजबूत हो रहा है और पिछले शुक्रवार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार बिकवाली के कारण 4.45 अरब डॉलर की निकासी हुई है। ऐसे में सट्टेबाजी वाली ताकतों को रोकने और प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप करने की आरबीआई की क्षमता पर भरोसा उसकी आंतरिक मजबूती की बड़ी परीक्षा होगी।
रिपोर्ट में कहा गया, “भले ही ब्याज दर में बढ़ोतरी अब करीब आती दिख रही है, लेकिन मानसून की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। 2026 का मानसून वर्ष 2000 के बाद चौथा सबसे कम बारिश वाला मानसून रहा, जो दीर्घकालिक औसत (एपीए) का केवल 87 प्रतिशत रहा। वहीं, 43 प्रतिशत जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई।”
मजबूत अल नीनो परिस्थितियां और अक्टूबर में सामान्य से कम बारिश रबी फसलों के उत्पादन के लिए और जोखिम पैदा कर सकती हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल मिलाकर तरलता भले ही अधिक है, लेकिन वास्तविक स्तर पर प्रभावी तरलता का सृजन काफी कम है।
विशेष स्वैप सुविधा के तहत रिकॉर्ड 143.5 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा प्रवाह के बावजूद, नियामकीय आवश्यकताएं (सीआरआर/एसएलआर/एलसीआर) बैंकों द्वारा अतिरिक्त जमा राशि के इस्तेमाल को सीमित करती हैं।
एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, “हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में अनुमानित 16 प्रतिशत ऋण वृद्धि को समर्थन देने के लिए, नियामकीय प्रावधानों, यूपीआई और स्पर्श संबंधी आवश्यकताओं के कारण बैंकों के स्तर पर जमा सृजन में अभी भी 8.2 लाख करोड़ रुपए का अंतर रहेगा।”
रिपोर्ट में कहा गया कि फिलहाल भारत को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नीति निर्माताओं और नियामकों के लिए यह बेहतर होगा कि वे ऐसी संभावित स्थिति के लिए तैयार रहें, जहां बदलती व्यापक आर्थिक परिस्थितियां व्यापक हितों की सुरक्षा के लिए कुछ असामान्य ब्याज दर संबंधी उपायों को अपनाने के लिए मजबूर कर सकती हैं।
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