अंतरराष्ट्रीय
आईपीएल 2021: धोनी और रैना की जोड़ी ने चेन्नई को छह विकेट से जीताया
चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) ने यहां शारजाह क्रिकेट स्टेडियम खेले गए आईपीएल 2021 के 35वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) को छह विकेट से हरा दिया। सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीत कर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 156 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीएसके की टीम ने धोनी के नाबाद नौ गेंदों में दौ चौकों की मदद से 11 और सुरेश रैना के नाबाद दस गेंदों में दो चौकों और एक छक्के के साहारे 11 रनों की पारी के दम पर 18.1 ओवर में चार विकेट पर 157 रन बना कर मैच जीत लिया। आरसीबी की ओर से हर्षल पटेल ने दो जबकि युजवेंद्र चहल और ग्लेन मैक्सवेल ने एक-एक विकेट लिए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी सीएसके की टीम ने शानदार शुरूआत की और सलामी बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ और फाफ डुपलेसी ने पहले विकेट के लिए 71 रनों की साझेदारी की। चहल ने गायकवाड़ को आउट कर सीएसके का पहला झटका दिया। गायकवाड़ ने 26 गेंदों में चार चौकों और एक छक्के की मदद से 38 रन की पारी खेली।
पहला विकेट गिरने के बाद डुपलेसी भी ज्यादा देर नहीं टिक सके और वह भी 26 गेंदो में दो चौकों और दो छक्को की मदद से 26 रन की पारी खेली। मोइन अली (23) और अंबती रायडू के ताबड़तोड़ 22 गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के के सहारे 32 रन की पारी के बदौलत सीएसके जीत के और करीब पहुंच गई। इन दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद कप्तान धोनी और रैना की जोड़ी ने टीम को जीत के दहलीज पर पहुंचाया।
इससे पहले, कप्तान कोहली और पड्डिकल ने आरसीबी को अच्छी शुरूआत दिलाई और दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 111 रनों की साझेदारी की । इस साझेदारी को ब्रावो ने कप्तान कोहली को आउट कर तोड़ा, जिन्होंने 41 गेंदों में छह चौकों और एक छक्के की मदद से 53 रन बनाए। इसके कुछ देर बाद नए बल्लेबाज के रुप में उतरे एबी डिविलयर्स (12) को शार्दुल ने आउट कर पवेलियन भेजा।
पड्डिकल भी ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए और वह भी 50 गेंदों में पांच चौकों और तीन छक्के की मदद से 70 रन बनाए। पड्डिकल का विकेट भी शार्दुल ने ही लिया।
अंतरराष्ट्रीय
ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को लिखा खुला पत्र, कहा-अमेरिकी जनता से कोई दुश्मनी नहीं

तेहरान, 2 अप्रैल : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरानी जनता अमेरिकी लोगों के प्रति कोई दुश्मनी नहीं रखती है। वहीं, उन्होंने अमेरिकी प्रशासन पर ईरान के खिलाफ “इज़रायल के प्रतिनिधि (प्रॉक्सी)” के रूप में लड़ने का आरोप लगाया।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने ये टिप्पणियां अमेरिकी जनता को संबोधित एक पत्र में कीं, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इज़रायल के साथ चल रहे युद्ध को लेकर ईरान के रुख को विस्तार से बताया।
पेज़ेशकियन ने कहा, “ईरानी लोग अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों के लोगों सहित किसी भी अन्य राष्ट्र के प्रति दुश्मनी नहीं रखते।” उन्होंने कहा, “अपने गौरवशाली इतिहास के दौरान बार-बार विदेशी हस्तक्षेप और दबावों का सामना करने के बावजूद, ईरानियों ने हमेशा सरकारों और उनके लोगों के बीच स्पष्ट अंतर किया है।”
पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान ने “अपने आधुनिक इतिहास में कभी भी आक्रामकता, विस्तारवाद, उपनिवेशवाद या प्रभुत्व का रास्ता नहीं चुना,” जबकि उसे वैश्विक शक्तियों द्वारा कब्जे, आक्रमण और दबाव का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि ईरान को खतरे के रूप में प्रस्तुत करना इज़रायल द्वारा गढ़ी गई कहानी है जिसका उद्देश्य “फिलिस्तीनियों के खिलाफ अपने अपराधों से वैश्विक ध्यान हटाना” है।
पेज़ेशकियन ने ईरान के आसपास अमेरिकी सैन्य जमावड़े और ठिकानों का जिक्र करते हुए कहा कि इन ठिकानों से शुरू हुई अमेरिकी “आक्रामकताएं” यह दिखाती हैं कि ऐसी सैन्य मौजूदगी कितनी खतरनाक हो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आने वाले दिनों में ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले की धमकी के जवाब में उन्होंने कहा कि देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमला सीधे ईरानी जनता को निशाना बनाता है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कदम “युद्ध अपराध” हैं और इनके प्रभाव ईरान की सीमाओं से बाहर तक जाएंगे।
पेज़ेशकियन ने कहा कि अमेरिका इज़रायल के “प्रॉक्सी” के रूप में और उसके प्रभाव में आकर ईरान के साथ युद्ध में शामिल हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इज़रायल अपने “अवैध हितों” के लिए “आखिरी अमेरिकी सैनिक और आखिरी अमेरिकी करदाता के पैसे तक” ईरान से लड़ना चाहता है।
उन्होंने सवाल किया, “क्या ‘अमेरिका फर्स्ट’ वास्तव में आज अमेरिकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है?” उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय “एक चौराहे पर खड़ी है,” जहां उसे टकराव और संवाद के बीच चयन करना होगा।
28 फरवरी को, इज़रायल और अमेरिका ने तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर संयुक्त हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई सहित वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और नागरिकों की मौत हो गई।
इसके जवाब में ईरान ने इज़रायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों व संपत्तियों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों की श्रृंखला शुरू की।
अंतरराष्ट्रीय
नासा ने ऐतिहासिक आर्टेमिस-II मानवयुक्त चंद्र मिशन का किया शुभारंभ

फ्लोरिडा, 2 अप्रैल : नासा का आर्टेमिस II चंद्र मिशन अमेरिका के फ्लोरिडा से प्रक्षेपित हुआ। इसमें चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर 50 से अधिक वर्षों में पहली बार चंद्रमा के चारों ओर मानवयुक्त उड़ान भरी गई।
स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट जिसके शीर्ष पर ओरियन अंतरिक्ष यान लगा था, बुधवार को शाम 6:35 बजे (ईस्टर्न टाइम) नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से प्रक्षेपित किया गया।
यह आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत नासा का पहला मानवयुक्त मिशन है। चार सदस्यीय दल में नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच शामिल हैं। साथ ही कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन भी दल का हिस्सा हैं।
लॉन्च काउंटडाउन को टी-10 मिनट के समय पर थोड़ी देर के लिए रोका गया था, जिसके बाद कुछ मिनटों में इसे फिर से शुरू कर दिया गया।
आर्टेमिस II मिशन गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए आवश्यक कई क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा। नासा के अनुसार, इसका उद्देश्य ओरियन के जीवन-समर्थन प्रणालियों को सत्यापित करना और अंतरिक्ष यात्रियों को आर्टेमिस III और आगामी चंद्र मिशनों की सफलता के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण संचालन का अभ्यास करने का अवसर देना है।
दल चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से से लगभग 7,400 किलोमीटर आगे तक यात्रा करेगा और फिर पृथ्वी पर लौटेगा। यह मिशन अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से पहले से कहीं अधिक दूर और चंद्रमा के पहले से कहीं अधिक निकट ले जाएगा, जैसा कि पिछले आधे शताब्दी में कभी नहीं हुआ।
पुनः प्रवेश (री-एंट्री) इस मिशन के सबसे चुनौतीपूर्ण चरणों में से एक होगा। ओरियन के पृथ्वी के वायुमंडल में लगभग 25,000 मील प्रति घंटे की गति से प्रवेश करने की उम्मीद है, जहां उसे लगभग 5,000 डिग्री तापमान का सामना करना पड़ेगा, इसके बाद यह प्रशांत महासागर में उतरेगा।
मिशन के दौरान, अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष यान के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे, आपातकालीन प्रक्रियाओं का अभ्यास करेंगे और चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से की तस्वीरें लेंगे।
यह दल कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का भी प्रतिनिधित्व करता है। इस मिशन में पहली महिला, पहला अफ्रीकी-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और चंद्रमा की ओर यात्रा करने वाला पहला कनाडाई शामिल है।
आर्टेमिस II को नासा की व्यापक योजना के शुरुआती कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य चंद्रमा पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति स्थापित करना और अंततः अंतरिक्ष यात्रियों को मंगल ग्रह तक भेजना है।
आर्टेमिस कार्यक्रम अपोलो मिशनों के बाद शुरू किया गया है, जिनके तहत 1968 से 1972 के बीच 24 अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजा गया था, जिनमें से 12 ने उसकी सतह पर कदम रखा था।
नासा इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए चंद्रमा पर एक दीर्घकालिक आधार (लूनर बेस) स्थापित करना चाहता है और इस दशक के अंत तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर मिशनों की योजना बना रहा है। इसके बाद मंगल की ओर आगे बढ़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय
ऑस्ट्रेलिया के पीएम की चेतावनी ‘आने वाले महीने आसान नहीं’, जनता से अपील ‘फ्यूल बचाएं’

कैनबरा, 1 अप्रैल : ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने जनता से खास अपील की है। चेतावनी भी दी कि मिडिल ईस्ट के वर्तमान हालात की वजह से तेल संकट गहराएगा और आने वाले महीने “आसान नहीं रहने वाले” हैं।
उन्होंने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा, “आने वाले महीने आसान नहीं हो सकते। मैं इस बारे में साफ-साफ कहना चाहता हूं। कोई भी सरकार इस युद्ध से पैदा हो रहे दबाव को खत्म करने का वादा नहीं कर सकती।
ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि वह देश से सीधे बात करना चाहते हैं कि सरकार “इस मुश्किल समय में ऑस्ट्रेलिया को बचाने के लिए” क्या कर रही है, और वे (जनता) देश की मदद के लिए क्या कर सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा, “पक्ष-विपक्ष सभी ऑस्ट्रेलिया को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। ताकि अगर दुनिया भर में हालात और खराब होते हैं और लंबे समय में हमारी फ्यूल सप्लाई में बहुत ज्यादा रुकावट आती है, तो हम अगले कदम मिलकर तय कर सकें।
अल्बनीज ने जनता को बताया कि वर्तमान स्थिति को ध्यान में रख फ्यूल एक्साइज आधा कर दिया गया है और अगले तीन महीनों के लिए हेवी रोड यूजर चार्ज जीरो कर दिया गया है। पीएम ने भरोसा दिलाया, “हम फ्यूल की कीमत कम करने के लिए काम कर रहे हैं। साथ ही यहां अधिक ईंधन लाने और अपने मजबूत ट्रेडिंग रिश्तों का इस्तेमाल कर ऑस्ट्रेलिया में ज्यादा पेट्रोल, डीजल और फर्टिलाइजर लाने के लिए काम कर रहे हैं।
3 मिनट 17 सेकंड के संबोधन में अल्बनीज ने आगे कहा, “मैं वादा कर सकता हूं कि हम ऑस्ट्रेलिया को इसके सबसे बुरे असर से बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेंगे।” उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई लोगों से अपील की कि वे घबराकर फ्यूल न खरीदें और जहां तक हो सके, कार की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
उन्होंने कहा, “अगर आप सड़क पर निकल रहे हैं, तो जरूरत से ज्यादा फ्यूल न लें—बस वैसे ही भरवाएं जैसे आप आम तौर पर भरवाते हैं। अपने समुदाय, दूरदराज के इलाके में रहने वाले लोग और जरूरी इंडस्ट्रीज से वास्ता रखने वालों के बारे में सोचें।
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