राष्ट्रीय
प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क मुहैया कराएगा हजारों लोगों को स्थायी रोजगार
मेडिकल डिवाइस पार्क, टॉय पार्क, टेक्सटाइल पार्क और लेदर पार्क के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क भी विकसित करेगा। ये पार्क सौ एकड़ में विकिसत किया जाएगा। ऐसा ही एक पार्क गोरखपुर में भी 52 एकड़ में स्थापित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। सूबे में स्थापित किए जाने वाले इन प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्कों से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रदेश में प्लास्टिक इंड्रस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। अगले 10 साल में प्लास्टिक की कई गुना बढ़ने वाली डिमांड का संज्ञान लेते हुए ही प्रदेश सरकार ने राज्य में इन प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना की कार्यवाही शुरू की है।
प्लास्टिक की बढ़ती डिमांड को ध्यान में रखते हुए ऑल इंडिया प्लास्टिक इंडस्ट्री एसोसिएशन लगातार यीडा क्षेत्र में प्लास्टिक उद्योगों के लिए योजना लाने का आग्रह कर रहा था। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्लास्टिक की बढ़ती डिमांड को देखते हुए वर्ष 2030 तक प्लास्टिक की डिमांड 5 से 6 गुना तक बढ़ सकती है। ऐसे में भविष्य की जरूरत को पूरा करने को नई इंडस्ट्री लगना जरूरी है। यीडा क्षेत्र में नई-नई इंडस्ट्री लग रही हैं। प्लास्टिक इंडस्ट्री भी स्थापित होने से क्षेत्र की लोकप्रियता में इजाफा तो होगा ही, इस क्षेत्र में यह प्रोजेक्ट (प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क ) निश्चित रूप से सफल होगा। इसके अलावा रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। नए उद्योग स्थापित होने से यमुना प्राधिकरण की भी अच्छी कमाई हो सकेगी।
यीडा के अधिकारी भी इस तर्क से सहमत हैं। इनका कहना है कि यीडा के क्षेत्र जेवर एयरपोर्ट के बनने के फैसले के बाद से अब तक 1942 निवेशकों को उद्यम स्थापित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराई गई है। ये 1942 निवेशक 17,272.74 करोड़ रुपए का निवेश कर अपनी फैक्ट्री स्थापित कर रहे हैं। इन निवेशकों के फैक्ट्रियों में 2,65,718 लोगों को रोजगार मिलेगा। यीडा में हो रहे इस निवेश में सबसे अधिक रोजगार जेवर एयरपोर्ट, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिल्म सिटी, टॉय पार्क, लेदर पार्क और प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क में लोगों को मिलेगा। सबसे अधिक नौकरियां जेवर एयरपोर्ट से लोगों को मिलगी। इसके बाद सेक्टर-28 में 350 एकड़ जमीन पर 5,250 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जाने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क में 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। फिल्म सिटी में 15 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसी प्रकार गोरखपुर के प्लास्टिक पार्क में 100 से ज्यादा प्लास्टिक की इकाइयां लगने की संभावना है ,जिससे प्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा इस पार्क में प्लास्टिक पर शोध करने और प्लास्टिक के रिसाइकिं्लग करने के लिए सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी(सिपेट) 5 एकड़ जमीन में टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएगी।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह ने बताया कि सरकार ने औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए जो नीतियां बनाई हैं, उनसे बड़े निवेशक बहुत प्रभावित हुए हैं। ये निवेशक सरकार की इंवेस्टर फ्रेंडली नीतियों का लाभ लेते हुए अपना उद्यम राज्य में स्थापित करना चाहते हैं। इसका संज्ञान लेते हुए यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ऑल इंडिया प्लास्टिक इंडस्ट्री एसोसिएशन ने यीडा के क्षेत्र में प्लास्टिक प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना का आग्रह किया था। इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति जताते हुए यीडा के सेक्टर 10 में ये पार्क विकसित करने का फैसला किया गया। इस पार्क में 20 से अधिक निवेशकों ने निवेश करने संबंधी प्रस्ताव दिए हैं। इन निवेशकों ने यहाँ मेडिकल उपकरण, कृषि संबंधी उपकरण, पीवीसी पाइप, पैकेजिंग तथा प्लास्टिक फर्नीचर आदि बनाने के प्रस्ताव दिए हैं। इन निवेशकों से प्राधिकरण ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट मांगी है। जल्दी ही प्लास्टिक इंडस्ट्री की कई ख्याति प्राप्त इस पार्क में निवेश करेंगी।
राष्ट्रीय
एचपीसीएल का सख्त एक्शन: सरकार की सख्ती के बीच एलपीजी से संबंधित अनियमितताओं के चलते 10 डिस्ट्रीब्यूटर को किया सस्पेंड

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नई दिल्ली, 3 अप्रैल : हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कथित अनियमितताओं के चलते 10 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को सस्पेंड कर दिया है। कंपनी ने अपने वितरण नेटवर्क में अनियमितताओं के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति को दोहराया है।
कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि जिन 10 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को गड़बड़ी में शामिल पाया गया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा, “जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत हम जवाबदेही सुनिश्चित कर रहे हैं और जहां जरूरत है, वहां समय पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर रहे हैं।”
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सरकार एलपीजी की उपलब्धता और वितरण से जुड़ी अनियमितताओं और अफवाहों पर काबू पाने के लिए सक्रिय हो गई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा था कि वे अफवाहों और गलत जानकारी को रोकने के लिए सक्रिय रूप से सही जानकारी साझा करें, क्योंकि कुछ इलाकों में इन अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी और जमाखोरी देखने को मिली है।
मंत्रालय ने अपने संदेश में कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों, खासकर एलपीजी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और फेक न्यूज काफी बढ़ गई है, जिससे वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
इसलिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे रोजाना वरिष्ठ स्तर पर प्रेस ब्रीफिंग करें और सोशल व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए सही जानकारी समय पर लोगों तक पहुंचाएं, ताकि लोगों को भरोसा दिलाया जा सके कि एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई सामान्य है।
सरकार ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि वे जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखें।
एचपीसीएल ने यह भी कहा कि उसकी प्राथमिकता उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना, पारदर्शिता बनाए रखना और भरोसेमंद सेवाएं देना है।
एक अन्य पोस्ट में कंपनी ने कहा कि डीलरों द्वारा की जा रही गड़बड़ियों को उसने गंभीरता से लिया है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
कंपनी ने कहा, “हम किसी भी ऐसी गतिविधि के लिए जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाते हैं जो ग्राहक हित, पारदर्शिता या सेवा की गुणवत्ता को प्रभावित करती हो। जवाबदेही तय की जा रही है और जहां जरूरत है, वहां सख्त कार्रवाई की जा रही है।
राजनीति
प्रियंका गांधी ने असम में ‘डबल-इंजन’ सरकार पर कसा तंज, ‘दोहरी गुलामी’ वाला मॉडल बताया

गुवाहाटी, 1 अप्रैल : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘डबल-इंजन’ सरकार पर तंज कसते हुए इसे ‘दोहरी गुलामी’ वाला मॉडल बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार शासन के ‘दोहरी गुलामी’ वाले मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक ऊंचे-नीचे कंट्रोल चेन में काम कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने नजीरा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री अमेरिका के प्रभाव में काम करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री सरमा बदले में पीएम मोदी के निर्देशों का पालन करते हैं। यह कोई डबल-इंजन सरकार नहीं है जैसा वे दावा करते हैं, बल्कि यह एक ‘दोहरी गुलामी’ वाली सरकार है।
उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर असम के लोगों की भलाई के बजाय बड़े उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता देने का भी आरोप लगाया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधन, जिसमें जमीन और खनिज संपदा शामिल है, चुनिंदा कॉर्पोरेट संस्थाओं को सौंपे जा रहे हैं, जिससे स्थानीय समुदायों के अधिकार और आजीविका हाशिए पर जा रही है।
मशहूर असमिया गायक स्वर्गीय जुबीन गर्ग से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री सरमा के उन आरोपों का जवाब दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। जुबीन गर्ग की पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में समुद्र की सैर के दौरान मृत्यु हो गई थी।
असम के प्रतिष्ठित गायक जुबीन गर्ग का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री शर्मा के उन आरोपों का जवाब दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।
उन्होंने कहा कि हम लाखों लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते। उनके साथ खड़ा होना हमारा कर्तव्य है। निर्धारित समय सीमा के भीतर न्याय दिलाने का वादा करना राजनीतिक अवसरवादिता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह कहना कि हम 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाएंगे, राजनीतिकरण नहीं है बल्कि एक वादा है।
उन्होंने मतदाताओं से भाजपा के शासन के रिकॉर्ड पर सवाल उठाने का भी आह्वान किया और उनसे ऐसी सरकार का समर्थन करने का आग्रह किया जो लोगों पर केंद्रित नीतियों और जवाबदेही को प्राथमिकता देती हो।
राष्ट्रीय
मुंबई पुलिस ने अंधेरी ईस्ट से लापता महिला को सुरक्षित बरामद किया

police
मुंबई, 18 मार्च : मुंबई की अंधेरी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने एक 52 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया और उसे उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया है। महिला की वापसी से परिवारवालों ने राहत की सांस ली है।
दरअसल, मुंबई पुलिस के कमिश्नर देवेन भारती के निर्देश पर लापता महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अंधेरी पुलिस ने 15 दिन की कड़ी मेहनत के बाद 52 साल की रत्ना धर्मेंद्र यादव को खोज निकाला, जो कि पिछले कई दिनों से लापता थीं।
रत्ना अंधेरी ईस्ट के सैवादी इलाके से गायब हुई थीं। उनकी बेटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और उसी के आधार पर लापता होने का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद अंधेरी पुलिस ने उनकी खोजबीन के लिए एक स्पेशल अभियान चलाया।
पुलिस की टीम ने हर छोटे-बड़े रास्ते, कॉलोनी और आस-पड़ोस की जगहों पर छानबीन की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के सहारे पता चला कि रत्ना अस्थायी तौर पर चेंबूर के एक होमलेस शेल्टर में रह रही थीं।
जांच के दौरान पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि रत्ना मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और बोल नहीं सकती थीं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित ढंग से ढूंढना और वहां से लाना आसान काम नहीं था। पुलिस ने बहुत धैर्य और समझदारी से काम लिया और आखिरकार उन्हें सुरक्षित उनके परिवार के पास पहुंचा दिया।
उनकी बेटी और परिवार ने मुंबई पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जो मेहनत और लगन दिखाई, उससे उन्हें रत्ना की खोज में बहुत मदद मिली। इसके लिए उनका परिवार मुंबई पुलिस का आभारी है।
पुलिस का कहना है कि उनके द्वारा लापता महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस की टीमें जल्द से जल्द लापता लोगों की खोज में लग जाती हैं। इस क्रम में रत्ना को भी सुरक्षित बरामद कर उनके परिवार को सौंप दिया गया।
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