अंतरराष्ट्रीय
वैश्विक कच्चे तेल की दरों में वृद्धि के बावजूद ओएमसी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में नहीं किया संशोधन
पिछले कुछ दिनों से तेजी से बढ़ रहे कच्चे तेल में फिर से उछाल के साथ वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच देश में ऑटो ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने गुरुवार को ऑटो ईंधन, पेट्रोल और डीजल की पंप की कीमतों को बिना किसी संशोधन के लगातार ग्यारहवें दिन अपरिवर्तित रखा, क्योंकि उन्होंने कीमतों में कोई संशोधन करने से पहले वैश्विक तेल की स्थिति को देखना पसंद किया।
देश के सबसे बड़े ईंधन खुदरा विक्रेता इंडियन ऑयल कॉपोर्रेशन के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमत दिल्ली में 101.19 रुपये और 88.62 रुपये प्रति लीटर पर अपरिवर्तित बनी हुई है।
मुंबई में गुरुवार को पेट्रोल की कीमत 107.26 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर थी, जबकि डीजल की दर भी 96.19 रुपये प्रति लीटर पर अपरिवर्तित रही।
देश भर में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें गुरुवार को स्थिर रहीं, लेकिन उनकी खुदरा दरें किसी विशेष राज्य में स्थानीय करों के स्तर के आधार पर भिन्न थीं।
इस साल अप्रैल से इसकी खुदरा दरों में 41 वृद्धि के कारण ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर मँडरा रही हैं।
तेल कंपनियों द्वारा अपनाए गए मूल्य निर्धारण फामूर्ले के तहत, उनके द्वारा दैनिक आधार पर पेट्रोल और डीजल की दरों की समीक्षा और संशोधन किया जाना है। नई कीमतें सुबह छह बजे से प्रभावी हो गई हैं।
कीमतों की दैनिक समीक्षा और संशोधन पिछले 15 दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क ईंधन की औसत कीमत और विदेशी विनिमय दरों पर आधारित है।
लेकिन, वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव ने ओएमसी को इस फॉमूर्ले का समग्रता से पालन करने से रोक दिया है और अब लंबे अंतराल के साथ संशोधन किए जा रहे हैं। इसने कंपनियों को ईंधन की कीमतों में वृद्धि करने से भी रोका है।
ईंधन उपभोक्ता उम्मीद कर सकते हैं कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा या कुछ राहत मिल सकती है क्योंकि वैश्विक तेल में फिर से नरमी आने की उम्मीद है। ऑयल कार्टेल ओपेक और उसके सहयोगी धीरे-धीरे उत्पादन स्तर बढ़ाने पर सहमत हुए हैं जिससे कीमतों में बढ़ोतरी को रोका जा सके। महामारी के कारण मांग पर चिंता का असर तेल की कीमतों पर पड़ रहा है।
कुछ ह़फ्ते पहले 74 डॉलर प्रति बैरल के निशान को छूने और फिर गिरने के बाद बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें अब 76 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं।
व्यापार
टाटा मोटर्स ने कमर्शियल वाहनों के दाम 2.5 प्रतिशत तक बढ़ाए, 1 जुलाई से लागू होंगी नई कीमतें

टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स (टीएमसीवी) ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है और नई कीमतें 1 जुलाई से लागू होंगी। यह जानकारी गुरुवार को कंपनी की ओर से दी गई।
एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा कि इस बढ़ोतरी की वजह कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी होना और लागत का बढ़ना है। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल पर विभिन्न होगी और 2.5 प्रतिशत तक सीमित होगी।
इस बढ़ोतरी से टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स भी उन कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्होंने मध्य पूर्व संकट के चलते कच्चे माल और लागत में बढ़ोतरी के कारण कीमतों में इजाफा किया है।
इससे पहले, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल (टीएमपीवी) ने 12 जून को अपनी ईंधन (पेट्रोल, डीजल और सीएनजी) और इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमतों में 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। नई कीमतें एक जुलाई से लागू होंगी।
कंपनी की ओर से जारी की गई एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया कि कीमतों में बढ़ोतरी की वजह इनपुट लागत में बढ़ोतरी होना था।
टीएमपीवी ने कहा कि वह लागत में हुई बढ़ोतरी का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है, जबकि हालिया कीमत संशोधन के जरिए बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल रही है।
कंपनी ने कहा कि कीमत में बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वैरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होगी। वहीं, मध्य पूर्व तनाव के चलते मारुति सुजुकी और हुंडई मोटर इंडिया जैसी कंपनियां गाड़ियों की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं।
इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में, टीएमसीवी के मुनाफे में सालाना आधार पर 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई जबकि आय 22 प्रतिशत बढ़कर 24,452 करोड़ रुपए हो गया। इस दौरान कंपनी का एबिटा मार्जिन 13.90 प्रतिशत रहा है। कंपनी ने प्रति शेयर 4 रुपए का डिविडेंड भी घोषित किया।
व्यापार
शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का मार्केटकैप 1.90 लाख करोड़ रुपए बढ़ा

भारतीय शेयर बाजार में बीते हफ्ते शीर्ष 10 में से आठ कंपनियों का मार्केटकैप 1.90 लाख करोड़ रुपए बढ़ा है। इसकी वजह घरेलू बाजार में मजबूती रैली थी।
इस दौरान सेंसेक्स 1,284.61 अंक या 1.73 प्रतिशत की मजबूती के साथ 75,527.95 और निफ्टी 256.20 अंक या 1.10 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,622.90 पर बंद हुआ।
बाजार में तेजी की वजह अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ना है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता में कमी आई, जिसमें भारत के साथ दुनिया के बाजार में खरीदारी देखने को मिली।
विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों पक्ष एक शांति समझौता करने के अंतिम दौर में है। जल्द ही अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए एक डील हो सकती है।
समीक्षा अवधि में आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, एलएंडटी और एचयूएल के मार्केट कैप में बढ़ोतरी हुई है, जबकि टीसीएस और एलआईसी के वैल्यूएशन में कमी देखने को मिली है।
आईसीआईसीआई बैंक का मार्केटकैप 56,223 करोड़ रुपए बढ़कर 9.61 लाख करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 38,571 करोड़ रुपए बढ़कर 11.89 लाख करोड़ रुपए हो गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) का बाजार मूल्यांकन 36,138 करोड़ रुपए बढ़कर 9.39 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
बजाज फाइनेंस का मार्केटकैप 18,367 करोड़ रुपए बढ़कर 5.72 लाख करोड़ रुपए हो गया है। भारती एयरटेल का मार्केटकैप 14,380 करोड़ रुपए बढ़कर 11.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
एलएंडटी का मार्केटकैप 13,241 करोड़ रुपए बढ़कर 5.57 लाख करोड़ रुपए हो गया है। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केटकैप 10,984 करोड़ रुपए बढ़कर 5.09 करोड़ रुपए हो गया है।
दूसरी तरफ, टीसीएस का मार्केटकैप 13,296 करोड़ रुपए घटकर 7.82 लाख करोड़ रुपए हो गया है। एलआईसी का मार्केटकैप 822 करोड़ रुपए कम होकर 5.05 लाख करोड़ रुपए रह गया है।
व्यापार
सोना एक हफ्ते में करीब 6,400 रुपये और चांदी 14,300 रुपये से अधिक सस्ती हुई

सोने और चांदी में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 6,400 रुपये और 14,300 हजार रुपये से अधिक सस्ते हो गए हैं।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 6,438 रुपये कम होकर 1,47,800 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,54,238 रुपए पर था।
22 कैरेट सोने की कीमत कम होकर 1,35,385 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,41,282 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम कम होकर 1,10,850 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,15,679 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 11 जून को सुबह के सत्र में 1,44,782 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 9 जून को सुबह के सत्र में 1,52,519 रुपये प्रति 10 ग्राम देखा गया। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है।
चांदी का दाम 14,326 रुपये कम होकर 2,42,582 रुपये प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,56,908 रुपये प्रति किलो था। इस हफ्ते चांदी में सबसे न्यूनतम दाम 11 जून को शाम के सत्र में 2,32,591 रुपये प्रति किलो देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 9 जून को शाम के सत्र में 2,45,938 रुपये प्रति किलो देखा गया।
वैश्विक अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,248 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 68 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में गिरावट की वजह महंगाई बढ़ने की आशंका और अमेरिका – ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत उच्च स्तर पर रहना है। इसके साथ ही ब्याज दरों के बढ़ाने की आसान कहां है निवेशकों को सोने और चांदी में मुनाफा वसूली पर मजबूर किया है।
बीते एक वर्ष में सोने और चांदी ने शानदार रिटर्न दिया है। डॉलर में इस दौरान सोने ने 24 प्रतिशत से अधिक और चांदी ने 87 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है।
-
दुर्घटना10 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र12 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
