महाराष्ट्र
महाराष्ट्र सीएम उध्दव ठाकरे पर दिए बयान को लेकर गिरफ्तार किए गए नारायण राणे
राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के तहत, महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार दोपहर को केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ उनकी ‘थप्पड़ मारने’ वाली टिप्पणी के लिए गिरफ्तार कर लिया। ऐसा कहा जाता है कि राज्य में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक सेवारत केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 20 साल बाद केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों, दिवंगत मुरासोली मारन और टी.आर. बालू, दोनों दिवंगत प्रधानमंत्री ए.बी. वाजपेयी को चेन्नई पुलिस ने जून 2001 में गिरफ्तार किया था।
पुलिस कर्मियों की एक टीम कोंकण क्षेत्र के रत्नागिरी के संगमेश्वर में राणे के शिविर में गई और उन्हें एक प्रतीक्षारत वाहन में ले गई और कड़ी सुरक्षा के बीच गिरफ्तारी संबंधी अन्य औपचारिकताओं के लिए उन्हें स्थानीय पुलिस स्टेशन ले गई।
इस घटना के बमुश्किल कुछ घंटों के बाद राणे ने हिम्मत से कहा कि “कोई भी उनके साथ कुछ नहीं कर सकता या उन्हें स्वतंत्र रूप से घूमने से रोक सकता है।”
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक टीम ने राणे से मुलाकात की और बाद में गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी कीं, जबकि बड़ी संख्या में उनके समर्थक और भारी संख्या में पुलिस मौजूद थी।
राणे, जिनका स्वास्थ्य मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित होने के कारण बिगड़ता हुआ लग रहा था, उनकी प्रारंभिक चिकित्सा जांच की गई और बाद में नासिक ले जाने की उम्मीद है।
गिरफ्तारी की संभावना को देखते हुए, राणे की टीम ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया गया था।
राणे के खिलाफ पुणे, रायगढ़, नासिक में पुलिस में कई शिकायतें दर्ज की गई हैं और नासिक और पुणे पुलिस की कम से कम दो टीमों ने केंद्रीय मंत्री को पकड़ने के लिए पहुंची।
आज दोपहर, विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने आगामी संभावनाओं पर संकेत देते हुए कहा कि यदि राणे को गिरफ्तार किया गया था, तो पार्टी ने चल रही जन आशीर्वाद यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए एक प्लान बी तैयार रखा था।
फडणवीस ने आश्वासन दिया कि हालांकि, भाजपा ने राणे के बयानों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है, लेकिन मौजूदा संकट में पूरी पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
राणे की आश्चर्यजनक गिरफ्तारी – शिवसेना के एक पूर्व मुख्यमंत्री – पार्टी के पूर्व सहयोगी, भाजपा के साथ और कड़वाहट पैदा करने की संभावना है, जो ठाकरे द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-कांग्रेस के साथ महाविकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार का नवंबर 2019 में नेतृत्व करने के लिए हाथ मिलाने के बाद नीचे की ओर चला गया।
राकांपा-कांग्रेस दोनों के शीर्ष नेताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ राणे की टिप्पणी की निंदा की है, यहां तक कि गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया।
यहां तक कि जब एक पुलिस दल राणे के साथ थी, उनके एक सहयोगी, प्रमोद जथर ने दावा किया कि “कोई गिरफ्तारी वारंट पेश नहीं किया गया है और पुलिस ने कथित तौर पर अनुरोध किया था कि वे राणे को पांच मिनट में गिरफ्तार करने के लिए ‘दबाव’ में थे।”
जथार ने तर्क दिया कि पुलिस उचित प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रही है, ना ही गिरफ्तारी वारंट या अन्य दस्तावेज दिखा रही है और यह खुलासा नहीं कर रही है कि वे किसके कथित ‘दबाव’ के तहत कार्रवाई कर रहे थे।
नाराज राणे समर्थकों और भाजपा कार्यकतार्ओं ने महाराष्ट्र सरकार विरोधी नारे लगाए और उनकी ‘अवैध गिरफ्तारी’ रद्द होने तक सड़कों और राजमार्गों को अवरुद्ध करने की धमकी दी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्रः बीड में बस और कार की भीषण टक्कर, 5 लोगों की घटनास्थल पर मौत

महाराष्ट्र के बीड जिले के माजलगांव में रविवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। तुलजापुर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की कार और एसटी बस में टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत होने की प्राथमिक जानकारी सामने आई है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा सुबह करीब 11 बजे खामगांव-पंढरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर माजलगांव तालुका के शिंदेवाड़ी फाटा के पास हुआ। हादसे में कार में सवार माजलगांव शहर के गजानन नामदास समेत 5 लोगों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खामगांव-पंढरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर माजलगांव-तेलगांव-धारूर मार्ग का निर्माण कार्य घटिया गुणवत्ता का होने के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। सड़क पर कई जगह ऊबड़-खाबड़ हिस्से हैं और बीच में दरारें भी पड़ गई हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।
इसी तरह मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भीषण सड़क हादसा हुआ है। धान की बोरियों से लदा एक ट्रक पहाड़ी से नीचे उतरते समय अनियंत्रित होकर ऐतिहासिक शीतला माता मंदिर के पास दुकानों से जा टकराया। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई और 25 लोग घायल हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायलों को अस्पताल के लिए भेजा।
वहीं, मध्य प्रदेश में जबलपुर-कटंगी रोड पर शनिवार को एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा पाटन थाना क्षेत्र में सैयद बाबा दरगाह के पास हुआ, जब जबलपुर से दमोह की ओर जा रहे एक ट्रक ने दो लोगों को ले जा रही एक मोटरसाइकिल और सड़क पर चल रहे एक पैदल यात्री को टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान नरेंद्र यादव और मनीष बर्मन के रूप में हुई है, जबकि घायल व्यक्ति का नाम राहुल यादव है।
महाराष्ट्र
सीएम फडणवीस का विपक्ष पर हमला, प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद कहा- ‘आखिर होठों पर आ गई मन में छुपी बात’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के विवादित ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) बयान के बाद छिपा हुआ सच आखिरकार सामने आ गया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशांत भूषण का एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया। आखिरकार, यह सब ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) के बारे में ही तो था।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने और सत्ता हथियाने के लिए विरोध प्रदर्शनों को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने अपने पोस्ट में लिखा, “आखिर मन में छुपी बात होठों पर आ ही गई। सारा खेल सत्ता की कुर्सी पाने का है, फिर उसके लिए विद्यार्थियों और किसानों को उकसाना ही क्यों ना पडे। जाति और भाषा के नाम पर द्वेष फैलाना पडे, या देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं की प्रतिमा मलीन करनी पडे।”
विपक्षी दलों और प्रशांत भूषण पर हमला जारी करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाना ही ‘इनका’ उद्देश्य है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रशांत भूषण ने सीजेपी प्रतिनिधियों और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खुले तौर पर ‘सत्ता परिवर्तन’ (रेजीम चेंज) से जुड़े उद्देश्यों पर चर्चा की।
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर शांतिपूर्ण आंदोलन की आड़ में सुनियोजित तरीके से अराजकता फैलाने के आरोप लगाए। सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि इन बयानों (प्रशांत भूषण की टिप्पणी) ने विपक्ष के असली एजेंडे को उजागर कर दिया है।
तीखी आलोचना के बाद सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सफाई देने की कोशिश की। देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिपके ने कहा कि उनके विरोध-प्रदर्शन का मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ नहीं था, बल्कि वे सिर्फ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
महाराष्ट्र
विरार में महिला ने की आत्महत्या, फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

महाराष्ट्र के विरार में एक महिला की आत्महत्या का मामला सामने आया है। महिला ने ओलांडा स्थित एक सार्वजनिक पार्क में कीटनाशक पी लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम ने बताया कि मृतका (ननीली जोशी ) जेपी नगर की रहने वाली थी। आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में ‘पतकी’ नामक व्यक्ति पर फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के बहाने महिला से समय-समय पर पैसे लेने और बाद में निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कथित तौर पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट में उल्लेख है कि महिला जनवरी से आरोपी के संपर्क में थी। आरोप है कि फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का भरोसा देकर उससे पैसे लिए गए। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बने और इस दौरान महिला के कुछ निजी वीडियो बनाए गए। महिला को कथित तौर पर इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पैसों की मांग की जा रही थी।
चिट्ठी में करीब एक करोड़ रुपए की रकम का उल्लेख किया गया है। हालांकि, पैसों के लेन-देन और कथित मांग की सटीक रकम की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
मृतका के भाई ने भी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि महिला और आरोपी जनवरी से एक-दूसरे के संपर्क में थे। शिकायत के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर अलग-अलग बहानों से महिला को परेशान और ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के मुताबिक, आरोपी मुंबई का रहने वाला है और मृतका का परिचित बताया जा रहा है। फिलहाल उसका मोबाइल फोन बंद है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। मृतका के भाई को भी आरोपी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण पुलिस उसके अन्य विवरण जुटाने में लगी है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 308 (जबरन वसूली) के तहत मामला दर्ज किया है। घटनास्थल का पंचनामा और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सतीश निकम के अनुसार, फिलहाल जांच शुरुआती चरण में है और आरोपी (योगेश म्हापणकर उर्फ सौरभ पतकी) की गिरफ्तारी पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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