राजनीति
सुनंदा पुष्कर मौत मामले में दिल्ली की अदालत ने शशि थरूर को बरी किया
सुनंदा पुष्कर मौत मामले में दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर को बड़ी राहत देते हुए उन्हें बरी कर दिया। विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने कहा, “आरोपी को बरी कर दिया गया है। यह आदेश थरूर, थरूर की ओर से मौजूद वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा और अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव की उपस्थिति में सुनाया गया।
वर्चुअली अदालती कार्यवाही में भाग लेने वाले थरूर ने अदालत को सभी अपराधों से मुक्त करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “साढ़े सात साल हो गए थे और यह एक यातना थी। मैं बहुत आभारी हूं।”
इस मामले में आदेश पहले भी कई बार टाला जा चुका है। 27 जुलाई को, अभियोजन पक्ष ने पेश किया था कि वह रिकॉर्ड पर लाना चाहता था और आरोप तय करते समय ‘प्रथम ²ष्टया’ मामले के पहलू पर हाल के एक फैसले पर भरोसा करना चाहता था। गोयल ने फैसले को रिकॉर्ड में रखने और इसकी कॉपी थरूर के वकील को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया, “मैं और आवेदनों पर विचार नहीं करूंगा।”
इससे पहले 29 अप्रैल, 19 मई और 16 जून को महामारी के कारण न्यायिक कार्य प्रभावित होने के कारण आदेश को टाल दिया गया था। अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से लिखित दलीलें दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय देने का आवेदन मिलने के बाद दो जुलाई को आदेश की घोषणा फिर से स्थगित कर दी गई थी।
सुनंदा पुष्कर को 17 जनवरी 2014 की शाम को मृत पाया गया था। शुरू में, दिल्ली पुलिस ने एक हत्या के रूप में जांच की, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। थरूर पर धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 498ए (पति द्वारा क्रूरता) के तहत आरोप लगाया गया था।
श्रीवास्तव ने तर्क दिया था कि उनकी मृत्यु से पहले, पुष्कर के शरीर पर चोटें आई थीं और वे पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दिखी थीं। उन्होंने उनके कमरे से एल्प्रैक्स की 27 गोलियां जमा की थी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं था कि उन्होंने कितनी गोलियां खाई थीं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
सीजफायर खत्म होने से पहले ईरान-अमेरिका में बातचीत जारी, गालिबफ का दावा-कई मुद्दों पर अभी मतभेद

ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा दो हफ्ते का सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। इस बीच ईरान ने संकेत दिया है कि अमेरिका के साथ उसकी चल रही बातचीत आगे बढ़ रही है। हालांकि यह भी कहा कि हम अंतिम फाइनल समझौते से अभी दूर हैं।
ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को टीवी पर दिए एक भाषण में कहा कि दोनों पक्षों के बीच बड़े मतभेद अभी बने हुए हैं।
गालिबफ ने कहा, “बातचीत अभी तक किसी अहम मोड़ पर नहीं पहुंची है। कई कमियां हैं और कुछ बुनियादी बातें अभी बाकी हैं।”
गालिबफ का यह भी दावा है कि संघर्ष के हाल के हफ्तों में ईरान का पलड़ा भारी रहा। तेहरान अस्थायी सीजफायर के लिए तभी राजी हुआ, जब वॉशिंगटन ने उसकी शर्तें मान लीं।
ईरान की रणनीतिक स्थिति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने मकसद पूरे करने में नाकाम रहा है, जबकि ईरान ने ग्लोबल एनर्जी सप्लाई के लिए एक अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल बनाए रखा है।
ईरानी पार्लियामेंट के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने कहा, ““दुश्मन की हर कोशिश हम पर अपनी शर्तें थोपने की थी और यह जरूरी है कि हम अपने अधिकारों को दर्ज कराएं। इसलिए बातचीत भी संघर्ष का एक तरीका है।
इस बीच, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (एसएनएससी) ने कहा कि देश तब तक होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले ट्रैफिक पर कंट्रोल और निगरानी रखने के लिए तैयार है, जब तक कि युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता और इलाके में पक्की शांति नहीं आ जाती।
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बयान ईरान के मुख्य मिलिट्री कमांड, खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर की तरफ से शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट पर सख्त कंट्रोल फिर से शुरू करने की घोषणा के बाद आया है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, एसएनएससी ने कहा कि वह जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करेगा। इसके तहत जहाजों की जानकारी ली जाएगी, प्रवेश और निकास के लिए परमिट जारी किए जाएंगे। सुरक्षा और पर्यावरण सेवाओं के बदले शुल्क लिया जाएगा और अपने नियमों व युद्धकालीन प्रोटोकॉल के अनुसार समुद्री यातायात को संचालित किया जाएगा।
राष्ट्रीय समाचार
दिल्ली: एलपीजी की कालाबाजारी रैकेट का भंडाफोड़, 57 सिलेंडर जब्त, एक गिरफ्तार

एलपीजी सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने कालाबाजारी गिरोह से जुड़े एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने रोहिणी से 57 एचपी गैस सिलेंडर और रिफिलिंग उपकरण बरामद किए। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने इसे एक बड़ी सफलता बताया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (एनआर-1) ने विशिष्ट और विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर दिल्ली के रोहिणी इलाके में कई स्थानों पर समन्वित छापेमारी की। इन छापों से एलपीजी सिलेंडरों के अनधिकृत भंडारण और रिफिलिंग से जुड़े एक बड़े पैमाने पर अवैध धंधे का पर्दाफाश हुआ।
अभियान के दौरान पुलिस ने 57 एचपी गैस सिलेंडर और रिफिलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए, जो सुरक्षा नियमों और नियामक दिशानिर्देशों के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करते हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस जब्ती से एलपीजी वितरण प्रणाली के जानबूझकर दुरुपयोग का पता चलता है।
एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर व्याप्त चिंताओं को देखते हुए ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
टीम में इंस्पेक्टर पुखराज सिंह, सब-इंस्पेक्टर निरंजन सिंह, सब-इंस्पेक्टर राहुल, सहायक सब-इंस्पेक्टर प्रदीप, हेड कांस्टेबल विक्रांत, हेड कांस्टेबल हरजीत और कांस्टेबल मनोज शामिल थे। यह अभियान एनआर-1 के एसीपी अशोक शर्मा के पर्यवेक्षण में चलाया गया।
अधिकारियों के अनुसार लगातार छानबीन के बाद हेड कांस्टेबल नरेंद्र और हेड कांस्टेबल विक्रांत को रोहिणी जिले के रामा विहार क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी और रिफिलिंग के संबंध में विशिष्ट और विश्वसनीय गुप्त सूचनाएं संयुक्त रूप से प्राप्त हुईं।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रोहिणी के सेक्टर-22 स्थित सुरसुमन गैस एजेंसी के पास एक सुनियोजित छापेमारी की गई। इस अभियान के दौरान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एटा निवासी लोकपाल नामक 55 वर्षीय व्यक्ति कथित तौर पर एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और अवैध रिफिलिंग में सक्रिय रूप से शामिल पाया गया।
छापेमारी के बाद शनिवार को क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में आवश्यक वस्तु अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए 57 सिलेंडरों में से 50 भरे हुए थे, दो खाली थे और पांच में गैस की मात्रा कम थी। सिलेंडरों के अलावा, सिलेंडरों को ले जाने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया एक टाटा पिकअप ट्रक और एक वजन मशीन भी मौके से जब्त की गई।
जांचकर्ताओं ने आगे खुलासा किया कि आरोपी एचपी एलपीजी की वितरक एक अधिकृत गैस एजेंसी में पंजीकृत डिलीवरी कर्मी के रूप में काम करता था और रोहिणी क्षेत्र में सिलेंडर वितरण का प्रभारी था। एजेंसी का अधिकृत भंडारण गोदाम भी रोहिणी में ही स्थित है।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी ने डिलीवरी के लिए भेजे गए एलपीजी सिलेंडरों को अवैध रूप से अपने वाहन में जमा कर लिया था और अपने दैनिक वितरण लक्ष्यों को पूरा नहीं किया था।
अधिकारियों ने बताया कि उसने अनधिकृत स्टॉक बना रखा था और अवैध उपकरणों का उपयोग करके भरे हुए सिलेंडरों से खाली सिलेंडरों में गैस स्थानांतरित करने में कथित तौर पर शामिल था। फिर इन भरे हुए सिलेंडरों को खुले बाजार में बेचकर वह आर्थिक लाभ कमाता था।
पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
राजनीति
विजय की टीवीके ने एआईएडीएमके प्रमुख के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन किया

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने सलेम जिले के एडप्पाडी विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार की अयोग्यता के बाद एक निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन दिया है।
यह कदम तब उठाया गया जब एडप्पाडी से चुनाव लड़ने के लिए दाखिल किए गए टीवीके उम्मीदवार के नामांकन पत्र की जांच के दौरान उसे खारिज कर दिया गया। इस झटके के बाद विजय ने घोषणा की कि पार्टी अब इस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार प्रेमकुमार का समर्थन करेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विजय ने प्रेमकुमार को अपना पुराना सहयोगी और अपने फैन क्लब का पूर्व प्रशासक बताते हुए उन्हें ‘भाई’ कहा।
उन्होंने कहा कि पार्टी ने मौजूदा हालात में प्रेमकुमार का समर्थन करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है और एडप्पाडी निर्वाचन क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और मतदाताओं से उनके साथ एकजुट होने का आग्रह किया।
विजय ने मतदाताओं से अपील की कि वे प्रेमकुमार को वोट दें, जिसके लिए चुनाव आयोग ने निर्दलीय उम्मीदवार को ‘टेलीविजन सेट’ चिन्ह आवंटित किया है। उन्होंने विशेष रूप से मतपत्र पर चिन्ह का क्रमांक दिखाया और मतदाताओं से इसे पहचानने और प्रेमकुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए इसका समर्थन करने का आग्रह किया।
विजय ने अपने संदेश में कहा, “हालांकि हमारे उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के कारण हम सीधे चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं, फिर भी हम प्रेमकुमार को इस निर्वाचन क्षेत्र में अपना प्रतिनिधि मानते हैं।”
उन्होंने टीवीके के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से निर्दलीय उम्मीदवार की निर्णायक जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया।
अभिनेता से नेता बने विजय ने पार्टी की चुनावी संभावनाओं में बाधा डालने की कोशिश करने वालों पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एडप्पाडी में प्रेमकुमार की जीत उन लोगों के लिए एक सबक साबित होगी जिन्होंने पार्टी के चिन्ह को रोकने और चुनावी प्रक्रिया में उसकी भागीदारी में बाधा डालने की कोशिश की।
एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेता एडप्पाडी के. पलानीस्वामी द्वारा प्रतिनिधित्व किए जाने वाले एडप्पाडी निर्वाचन क्षेत्र में कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है, क्योंकि टीवीके समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के मैदान में उतरने से चुनावी लड़ाई में एक नया आयाम जुड़ गया है।
चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, ऐसे में विजय के समर्थन से जमीनी स्तर के समर्थकों में जोश आने और निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के समीकरणों पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
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