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Wednesday,30-September-2026
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इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जर लगाने के लिए सिंगल विंडो प्रक्रिया

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दिल्ली सरकार ने धीमे और तेज ईवी चार्जर लगाने के लिए सिंगल विंडो प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड ने तीन दिल्ली डिस्कॉम्स बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल के साथ निजी चाजिर्ंग इंफ्रास्ट्रक्च र प्रदाताओं के पैनल चयन के लिए रिक्वेस्ट फॉर सेलेक्शन (आरएफएस) जारी किया है। पैनल का चयन स्लो और फास्ट चार्जर के लिए किया जाएगा। उपभोक्ता के पास ईवी चार्जर की खरीद-स्थापना के लिए, एकमुश्त खरीदने और मासिक सदस्यता के आधार पर लेने का विकल्प उपलब्ध होगा।

दिल्ली में निजी और अर्ध-सार्वजनिक स्थानों में पैनल के जरिए ईवी चार्जर की स्थापना के लिए सिंगल विंडो सुविधा होगी। जिसके जरिए आवासीय स्थान जैसे अपार्टमेंट और ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, संस्थागत भवन जैसे अस्पताल और वाणिज्यिक स्थान जैसे मॉल और थिएटर में ईवी चाजिर्ंग बने जा सकें। उपभोक्ता सुविधा शुरू होने के बाद, डिस्कॉम की वेबसाइटों पर विभिन्न चार्जर की लागत और सुविधाओं की तुलना कर सकेंगे। इसके अलावा एक फोन और ऑनलाइन माध्यम से चार्जर लगाने के लिए ऑर्डर-शेड्यूल कर सकेंगे।

डीडीसी उपाध्यक्ष जस्मीन शाह ने कहा कि योजना के तहत डिस्कॉम ईवी चार्जर लगाने के लिए भारत में सबसे कम लागत वाले विक्रेताओं को सूची में शामिल करेगा। इसके अलावा चार्जर स्थापित करने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया तैयार करेगा। साथ ही दिल्ली सरकार की सब्सिडी को उपभोक्ताओं को प्रदान करेगा और ईवी टैरिफ के आधार पर मीटर लगाएगा।

शाह के मुताबिक दिल्ली को भारत की ईवी राजधानी बनाने की दिशा में भारत का दिल्ली पहला शहर होगा। यहां कोई भी ईवी चार्जर लगा सकता है, दिल्ली सरकार की सब्सिडी के लिए फोन या ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

सिंगल विंडो सुविधा और निजी और अर्ध-सार्वजनिक स्थानों पर आसानी ईवी चार्जर लगाने के लिए डिस्कोम के माध्यम से वेंडरों का पैनल बनाने का फैसला 14 जून 2020 को लिया गया था। डीडीसी वीसी जस्मीन शाह की अध्यक्षता में दिल्ली सरकार की चाजिर्ंग इंफ्रास्ट्रक्च र वकिर्ंग ग्रुप की बैठक में यह फैसला लिया गया था।

जस्मीन शाह ने कहा कि दिल्ली में तेजी से ईवी चार्जर लगाने की दिशा में दिल्ली सरकार की ओर से सिंगल विंडो प्रक्रिया बनाना महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली सरकार के स्विच दिल्ली अभियान के बाद अपार्टमेंट सोसाइटियों, आरडब्ल्यूए, मॉल मालिकों ने कहा कि वे ईवी चार्जर लगाना चाहते हैं लेकिन यह नहीं पता कि कैसे लगाएं। इसके चलते सिंगल विंडो प्रक्रिया बनाने की दिशा में काम किया गया।

योजना के शुरू होने के बाद दिल्ली का कोई भी निवासी डिस्कॉम के ऑनलाइन पोर्टल या फोन करके अपने परिसर में ईवी चार्जर लगाने का अनुरोध कर सकेगा। योजना के लागू होने के बाद सिंगल विंडो प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि उपभोक्ता पारदर्शी तरीके से डिस्कॉम के सूचिबद्ध ईवी चार्जर विक्रेताओं से चार्जर लगाने के लिए आवेदन कर सकें। इसके अलावा उपभोक्ता विशेष ईवी टैरिफ वाले बिजली कनेक्शन के लिए भी आवेदन कर सकेंगे।

योजना में चाजिर्ंग उपकरण की कीमत का 100 फीसदी अनुदान का वितरण भी शामिल है। दिल्ली ईवी नीति के अनुसार पहले 30,000 चाजिर्ंग पॉइंट के लिए 6 हजार रुपये प्रति चाजिर्ंग पॉइंट तक दिए जाएंगे।

दिल्ली सरकार की ओर से अपना गए अलग ²ष्टिकोण से कम लागत वाले स्मार्ट ईवी चार्जर जनता के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। पूरे शहर में ऐसे हजारों चार्जर स्थापित किए जा सकेंगे।

व्यापार

आईओसीएल में अप्रेंटिस के 58 पदों पर आवेदन जारी, युवाओं के पास 18 अक्टूबर तक अवसर

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इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) में नौकरी करने से अपने शानदार पेशेवर करियर की शुरुआत करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है। दरअसल, आईओसीएल ने अपनी बोंगाईगांव रिफाइनरी यूनिट में विभिन्न ट्रेड/विषय के आधार पर अप्रेंटिस के कुल 58 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की है।

आईओसीएल की ओर से जारी 58 रिक्तियों में ट्रेड अप्रेंटिस – अटेंडेंट ऑपरेटर (केमिकल प्लांट), डिसिप्लिन – केमिकल के 36; ट्रेड अप्रेंटिस (बॉयलर), विषय – मैकेनिकल के 14 और टेक्नीशियन अप्रेंटिस, विषय – इंस्ट्रूमेंटेशन के 8 पद शामिल हैं।

अप्रेंटिस के इन सभी पदों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 28 सितंबर के सुबह 10 बजे से जारी है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 18 अक्टूबर तक तय की गई है। एप्लीकेशन फॉर्म भरने के इच्छुक उम्मीदवार एनएपीएस/एनएटीएस पोर्टल पर रजिस्टर्ड होने के बाद आईओसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि की शाम 5 बजे तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर सकते हैं।

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से ट्रेड अप्रेंटिस पदों के लिए 3 वर्ष का बीएससी (गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान या औद्योगिक रसायन विज्ञान) और टेक्नीशियन अप्रेंटिस के लिए इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग/इंस्ट्रूमेंटेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स/इंस्ट्रूमेंटेशन और कंट्रोल इंजीनियरिंग/एप्लाइड इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग में 3 वर्ष का डिप्लोमा होना चाहिए।

आवेदकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 30 सितंबर 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदनों की जांच, मेरिट सूची के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल फिटनेस के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स को स्टाइपेंड आईओसीएल के नियमों के अनुसार दी जाएगी।

कैंडिडेट्स ध्यान दें कि प्रशिक्षण की अवधि पद के अनुसार 12 से 24 माह के बीच होगी। वहीं, दस्तावेज सत्यापन की संभावित तिथि 4 से 6 नवंबर 2026 होगी।

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अंतरराष्ट्रीय समाचार

मिल्वौकी में जुटेंगे जी20 के व्यापार मंत्री, जबरन मजदूरी से लेकर वैश्विक व्यापार नियमों तक होगी चर्चा

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अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर अगले हफ्ते अमेरिका के मिल्वौकी में जी20 देशों के व्यापार मंत्रियों की मेजबानी करेंगे। इस बैठक में जबरन मजदूरी, खाने-पीने की चीजों का व्यापार, जरूरत से ज्यादा औद्योगिक उत्पादन और वैश्विक व्यापार व्यवस्था के एक अहम नियम में संभावित बदलाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) की ओर से शुक्रवार को जारी कार्यक्रम के मुताबिक, यह मंत्रिस्तरीय बैठक 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक चलेगी।

ग्रीर वैश्विक सप्लाई चेन से जबरन मजदूरी को खत्म करने और जरूरत से ज्यादा उत्पादन तथा औद्योगिक क्षमता से जुड़ी समस्याओं पर बातचीत की अगुवाई करेंगे। इस बैठक में भारत की ओर से वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल हिस्सा लेंगे।

मंत्री ‘मोस्ट-फेवर्ड-नेशन’ के सिद्धांत को अपडेट करने पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा खाने-पीने की चीजों के व्यापार को दबाव बनाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने के मुद्दे पर भी बातचीत होगी, जिसे यूएसटीआर व्यापार का हथियार बनाना बताया है।

‘मोस्ट-फेवर्ड-नेशन’ सिद्धांत के तहत विश्व व्यापार संगठन (डब्‍ल्‍यूटीओ) के किसी सदस्य देश को अगर वह किसी दूसरे सदस्य देश को कोई खास व्यापारिक फायदा देता है, तो आमतौर पर वही फायदा दूसरे डब्‍ल्‍यूटीओ सदस्य देशों को भी देना होता है। हालांकि, डब्‍ल्‍यूटीओ के नियमों के तहत इसके कुछ अपवाद भी हैं।

यूएसटीआर की ओर से जारी जानकारी में यह नहीं बताया गया कि अमेरिका एमएफएन सिद्धांत में किस तरह के बदलाव का प्रस्ताव मिल्वौकी की बैठक में रख सकता है।

कार्यक्रम की शुरुआत मंगलवार शाम ‘बिज़नेस राउंडटेबल’ और ‘नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स’ की ओर से आयोजित स्वागत कार्यक्रम से होगी। बुधवार सुबह औपचारिक कार्यक्रम की शुरुआत ‘ग्लोबल फोरम ऑन स्टील एक्सेस कैपेसिटी’ की मंत्रिस्तरीय बैठक से होगी।

स्टील उत्पादन और जरूरत से ज्यादा औद्योगिक क्षमता हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बड़े विवादों में शामिल रही है। अमेरिका बार-बार कहता रहा है कि जरूरत से ज्यादा उत्पादन से उसके घरेलू उद्योगों और कामगारों पर दबाव पड़ता है।

स्टील से जुड़ी बैठक के बाद ग्रीर और दूसरे देशों के मंत्री मिल्वौकी में ‘रॉकवेल ऑटोमेशन’ की एक फैसिलिटी का दौरा करेंगे। यूएसटीआर के मुताबिक, वे फैक्ट्री के अंदर जाकर कामगारों और उद्योग के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।

इस दौरे के जरिए ट्रंप प्रशासन अपने इस दावे को सामने रखना चाहता है कि उसकी व्यापार नीति अमेरिका में औद्योगिक उत्पादन को दोबारा बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद कर रही है।

बुधवार दोपहर जी20 व्यापार मंत्रियों की पहली औपचारिक बैठक में ग्रीर शुरुआती संबोधन देंगे। उसी शाम अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय और अमेरिकी कृषि विभाग विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए स्वागत डिनर का आयोजन करेंगे। मुख्य मंत्रिस्तरीय बातचीत गुरुवार को होगी। इसमें सुबह का एक सत्र दोपहर एक बजे तक चलेगा और दूसरा सत्र दोपहर बाद होगा। इन दोनों सत्रों के बीच ग्रीर की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी तय है।

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व्यापार

भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों से लाल निशान में खुला, फाइनेंशियल स्टॉक्स पर दबाव

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कमजोर वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में खुला। सुबह 9:17 पर सेंसेक्स 628 अंक या 0.84 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,199 और निफ्टी 207 अंक या 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,299 पर था।

शुरुआती कारोबार में गिरावट का नेतृत्व फाइनेंशियल स्टॉक्स कर रहे थे। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक करीब 2-2 प्रतिशत की कमजोरी के साथ लूजर्स थे। निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी मेटल, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी कंजप्शन और निफ्टी एनर्जी के साथ करीब सभी सूचकांक लाल निशान में थे।

सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एचसीएल टेक, टीसीएस और इन्फोसिस गेनर्स थे। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, एमएंडएम, भारती एयरटेल और इटरनल लूजर्स थे।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 606 अंक या 0.97 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 61,808 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 147 अंक या 0.74 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,844 पर था।

एक्सपर्ट्स ने कहा कि ब्रेंट क्रूड की कीमत का 102 डॉलर प्रति बैरल के पार जाना और यूएस के 10-साल के बॉन्ड यील्ड का बढ़कर 5.11 प्रतिशत हो जाना बाजार के लिए नकारात्मक है। जब तक ये दो ग्लोबल चुनौतियां बनी रहेंगी, तब तक मार्केट में तेजी से रिकवरी की संभावना कम ही दिखती है। हाल के मार्केट ट्रेंड में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर लगातार फोकस बना हुआ है। इन सेगमेंट में ग्रोथ शेयरों में लगातार खरीदारी हो रही है, भले ही उनका वैल्यूएशन ज्यादा है।

उन्होंने आगे कहा कि इन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी घरेलू लिक्विडिटी का आना ही इस सेगमेंट के मजबूत बने रहने का मुख्य कारण है। वहीं, सही वैल्यूएशन के बावजूद लार्ज-कैप शेयर सुस्त पड़े हैं। यह ट्रेंड बदलेगा, लेकिन इसका समय कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड के ट्रेंड पर निर्भर करेगा।

ज्यादातर वैश्विक बाजार में कमजोरी देखी जा रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और जकार्ता लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार भी बुधवार को लाल निशान में बंद हुए थे।

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