Connect with us
Monday,05-October-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

पंजाब में कांग्रेस का अभी भी खत्म नहीं हुआ संकट

Published

on

 पंजाब कांग्रेस में खींचतान खत्म नहीं हुई है और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू अभी भी आमने-सामने हैं। सिद्धू मुख्यमंत्री को निशाना बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। नया बिजली का मुद्दा है जिसको लेकर सिद्धू ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और इस आरोप के बाद मुख्यमंत्री ने जवाबी हमला कर कहा कि सिद्धू खुद डिफॉल्टर रहे हैं और उन्होंने अपने बिलों का भुगतान नहीं किया है।

सिद्धू ने बिजली कटौती को लेकर पंजाब में अपनी ही सरकार का मजाक उड़ाया और सरकार से उत्पादन कंपनियों को सब्सिडी देने के आप के दिल्ली मॉडल का पालन करने को कहा।

प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल से मुलाकात करने वाले सिद्धू ने कहा, “पंजाब में बिजली कटौती या मुख्यमंत्री के लिए कार्यालय समय या आम लोगों के एसी के उपयोग को विनियमित करने की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर हम सही दिशा में कार्य करते हैं।”

गांधी ने 30 जून को नई दिल्ली में अलग से मुलाकात की और उन्हें पंजाब की राजनीतिक स्थिति से अवगत कराया, जहां अगले साल की शुरूआत में चुनाव होंगे।

पंजाब कांग्रेस के असंतुष्ट नेता ने बुधवार को प्रियंका और राहुल से अलग-अलग मुलाकात की और ऐसी अटकलें हैं कि प्रियंका गांधी ने सिद्धू को पंजाब कांग्रेस प्रमुख बनाने का सुझाव दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पार्टी के कुछ अन्य गुट इस फॉर्मूले को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

सिद्धू को संगठन में शीर्ष पर रखने के लिए प्रियंका गांधी द्वारा जाहिर तौर पर सुझाए गए फॉमूर्ले का राहुल गांधी ने समर्थन नहीं किया है और पूर्व कांग्रेस प्रमुख मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से निशाना बनाने के लिए सिद्धू से नाराज हैं।

सूत्रों ने कहा कि पंजाब कांग्रेस के नेता सिद्धू को कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में स्वीकार कर सकते हैं, लेकिन एक पूर्ण राज्य इकाई के प्रमुख के रूप में नहीं, क्योंकि मुख्यमंत्री राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में एक गैर-सिख चेहरा रखने के इच्छुक हैं।

हालांकि कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने उम्मीद जताई कि अगले सप्ताह के आसपास इस मुद्दे को सुलझा लिया जाएगा।

लेकिन अमरिंदर सिंह हार मानने वाले नहीं हैं क्योंकि उन्होंने गुरुवार को दोपहर के भोजन के लिए समर्थन करने वाले विधायकों को चंडीगढ़ में बुलाया और उनके समर्थन में रैली कर रहे हैं और सिद्धू के हर कदम को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

इस कदम ने कथित तौर पर पार्टी आलाकमान को परेशान कर दिया है, जो इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखते हैं, खासकर जब कांग्रेस द्वारा पंजाब मुद्दे को देखने के लिए गठित पैनल ने कहा है कि मुख्यमंत्री को हटाने का कोई सवाल ही नहीं है।

बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ उनकी बैठकों के दौरान क्या हुआ, इसके बारे में सिद्धू चुप हैं, ना ही कांग्रेस ने दोनों पार्टियों को शांत करने के लिए कोई आधिकारिक बयान दिया है।

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस ने मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट सोनिया गांधी को सौंप दी थी और यहां तक कि मुख्यमंत्री भी उनसे मिलने के लिए दो बार दिल्ली आए थे, लेकिन समिति द्वारा बुलाए जाने पर सिद्धू उनसे नहीं मिले और कॉल का जवाब भी नहीं दिया।

समिति ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि चुनाव से पहले सिद्धू को एक महत्वपूर्ण भूमिका दी जाए, लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धू को एक मंत्री के रूप में समायोजित करने के लिए तैयार नहीं हैं, जो सिद्धू को स्वीकार्य नहीं है जो चुनाव से पहले एक बड़ी भूमिका चाहते हैं।

राष्ट्रीय समाचार

नोएडा में आईवरी काउंटी पर 50 लाख रुपए का पर्यावरणीय जुर्माना, निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां

Published

on

शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने निर्माणाधीन परियोजनाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सेक्टर-115 स्थित आईवरी काउंटी (एम्बाइंसी प्राइवेट लिमिटेड) पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के मामले में 50 लाख रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाए जाने की संस्तुति की गई है। परियोजना में वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी कई व्यवस्थाएं मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं।

निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर धूल उड़ती हुई पाई गई, जबकि एंटी स्मॉग गन भी बंद मिलीं। यूपीपीसीबीबी के क्षेत्रीय कार्यालय नोएडा की ओर से मुख्य पर्यावरण अधिकारी (वृत्त-1), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लखनऊ को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक 5 अक्टूबर 2026 को सेक्टर-116 स्थित सीएएक्यूएम स्टेशन के आसपास सघन निरीक्षण किया गया। पिछले करीब चार दिनों से इस क्षेत्र में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) बढ़ने के कारण प्रदूषण के संभावित स्रोतों की जांच की जा रही थी।

निरीक्षण के दौरान सेक्टर-116 स्थित सीएएक्यूएम स्टेशन से करीब 750 मीटर दूर सेक्टर-115 के प्लॉट नंबर जीएच -01 पर आईवरी काउंटी परियोजना में निर्माण कार्य जारी मिला। रिपोर्ट में बताया गया है कि निरीक्षण के समय परियोजना की ओर से विनोद कुमार सहानी, डीजीएम प्रतिनिधि के रूप में मौजूद थे। निरीक्षण टीम ने निर्माण कार्य से जुड़ी कई गंभीर कमियां दर्ज कीं। रिपोर्ट के अनुसार परियोजना परिसर के चारों ओर मानकों के अनुरूप विंडब्रेकिंग वॉल स्थापित नहीं मिली। निर्माणाधीन इमारतों पर आवश्यक ग्रीन नेट कवर भी नहीं पाया गया।

इसके अलावा स्प्रे गन के माध्यम से खुले में पेंट का काम किया जा रहा था। निरीक्षण में निर्माण सामग्री, मिट्टी और सीएंडडी वेस्ट को खुले में रखा पाया गया। इन सामग्रियों को ढकने और नियमित पानी का छिड़काव करने की उचित व्यवस्था नहीं मिली। हवा चलने पर खुले में रखी सामग्री से धूल उड़ती हुई पाई गई। निर्माणाधीन परिसर और अंदरूनी मार्गों पर भी बड़ी मात्रा में धूल जमा मिली। वाहनों के आवागमन के कारण धूल का उत्सर्जन हो रहा था, लेकिन इसे नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा था। जांच के दौरान परियोजना परिसर में दो एंटी स्मॉग गन स्थापित मिलीं, लेकिन दोनों कार्यरत अवस्था में नहीं थीं।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इन मशीनों की स्थापना मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। परियोजना परिसर के अंदर और बाहर वाहनों की आवाजाही से अत्यधिक धूल उड़ रही थी। इसके अलावा परियोजना के मुख्य गेट पर टायर वॉशिंग सिस्टम भी स्थापित नहीं मिला। यूपीपीसीबी के निरीक्षण में पाया गया कि परियोजना की ओर से वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्र व राज्य सरकार, सुप्रीम कोर्ट तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशों का पर्याप्त अनुपालन नहीं किया जा रहा है।

रिपोर्ट में सेक्टर-116 के सीएएक्यूएम स्टेशन के एक्यूआई बढ़ने में परियोजना को एक प्रमुख कारक भी बताया गया है। क्षेत्रीय अधिकारी ऋतेश कुमार तिवारी की ओर से यह निरीक्षण रिपोर्ट मुख्य पर्यावरण अधिकारी को अग्रिम आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। रिपोर्ट की प्रतिलिपि गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी तथा नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक/नोडल पर्यावरण अधिकारी को भी सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

Continue Reading

महाराष्ट्र

बैंक ऑफ महाराष्ट्र फ्रॉड केस : पूर्व मैनेजर राम भरोस मीणा को 7 साल की कठोर कैद

Published

on

जयपुर की सीबीआई अदालत ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 3.61 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी के मामले में तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राम भरोस मीणा को दोषी ठहराते हुए सात साल की कठोर कैद (आरआई) की सजा सुनाई है।

अदालत ने उन पर 2,85,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

इसी मामले में एक निजी व्यक्ति माखन लाल मीणा को भी दोषी ठहराया गया है और उसे तीन साल की कठोर कैद तथा 25,000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यह मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र के जोनल ऑफिस, जयपुर की ओर से 3 जून 2016 को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर 9 नवंबर 2016 को दर्ज किया था।

शिकायत में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर राम भरोस मीणा पर अपने पद का दुरुपयोग करने और धोखाधड़ी एवं जालसाजी के जरिए बैंक को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे।

आरोप के मुताबिक, 15 जनवरी 2015 से 6 मई 2015 के बीच उन्होंने बिना वैध लोन आवेदन, जरूरी दस्तावेज और पर्याप्त सिक्योरिटी के 17 अकाउंट्स में अवैध तरीके से ऋण मंजूर किए।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के मुताबिक, इन अनियमितताओं के चलते बैंक को करीब 3.61 करोड़ रुपए का गलत नुकसान हुआ। जांच एजेंसी ने मामले की जांच पूरी करने के बाद राम भरोस मीणा और माखन लाल मीणा के खिलाफ 9 जुलाई 2020 को चार्जशीट दाखिल की।

चार्जशीट दाखिल करने के बाद अदालत ने 1 दिसंबर 2021 को दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए और मामले की सुनवाई आगे बढ़ी।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष जांच एजेंसी की ओर से आरोपों से संबंधित साक्ष्य और दस्तावेज पेश किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद सीबीआई अदालत, जयपुर ने दोनों आरोपियों को मामले में दोषी ठहराया।

अदालत ने राम भरोस मीणा को सात साल की कठोर कैद के साथ 2.85 लाख रुपए का जुर्माना और माखन लाल मीणा को तीन साल की कठोर कैद के साथ 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

जंतर-मंतर 2.0 को समर्थन देने वाले संगठनों के नेताओं की जल्द हो सकती है गिरफ्तारी: सौरभ भारद्वाज

Published

on

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने जंतर-मंतर 2.0 आंदोलन को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने सूत्रों के हवाले से आशंका जताई है कि आंदोलन का समर्थन कर रहे विभिन्न संगठनों के नेताओं को जल्द ही कथित तौर पर झूठे मामलों में गिरफ्तार किया जा सकता है। भारद्वाज ने कहा कि यदि ऐसी स्थिति सामने आती है तो भी 10 अक्टूबर को प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हर हाल में जारी रखा जाना चाहिए।

सौरभ भारद्वाज के इस बयान के बाद जंतर-मंतर 2.0 आंदोलन की आगे की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने आंदोलन से जुड़े नेताओं और संगठनों से संभावित गिरफ्तारियों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही वैकल्पिक नेतृत्व तैयार रखने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी एक नेता की गिरफ्तारी की स्थिति में आंदोलन की गतिविधियां रुकनी नहीं चाहिए और संगठनात्मक स्तर पर जिम्मेदारियां संभालने के लिए दूसरी पंक्ति का नेतृत्व तैयार रहना जरूरी है।

भारद्वाज ने आंदोलन से जुड़े संगठनों के बीच संचार व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्लान-बी फॉर कम्युनिकेशन तैयार किया जाना चाहिए। इसके तहत ऐसी वैकल्पिक संचार व्यवस्था होनी चाहिए, जिसके माध्यम से किसी भी विपरीत परिस्थिति में आंदोलन से जुड़े नेताओं, संगठनों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच संपर्क बना रहे।

उन्होंने कहा कि किसी आंदोलन की ताकत केवल उसके नेतृत्व में नहीं होती, बल्कि उससे जुड़े लोगों की सामूहिक भागीदारी और उद्देश्य में होती है। इसी बात पर जोर देते हुए भारद्वाज ने कहा, “यह आंदोलन किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक पार्टी से बड़ा है।” उन्होंने आंदोलन से जुड़े लोगों से अपील की कि वे किसी भी दबाव या संभावित कार्रवाई के बावजूद शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहें।

सौरभ भारद्वाज ने विशेष रूप से 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने की बात कही। उन्होंने आंदोलन से जुड़े संगठनों से संभावित परिस्थितियों के लिए पहले से रणनीति तैयार करने और नेतृत्व की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि कुछ प्रमुख नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होती है, तब भी आंदोलन की निरंतरता प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

Continue Reading
Advertisement
खेल34 minutes ago

स्लो ओवर रेट के कारण आईसीसी ने भारत-वेस्टइंडीज टीम पर लगाया जुर्माना

व्यापार47 minutes ago

होर्मुज जलडमरूमध्य खुलना बेहद जरूरी, घटते तेल भंडार से बढ़ रहा वैश्विक ऊर्जा संकट का जोखिम: सऊदी अरामको सीईओ

राष्ट्रीय समाचार50 minutes ago

नोएडा में आईवरी काउंटी पर 50 लाख रुपए का पर्यावरणीय जुर्माना, निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां

महाराष्ट्र53 minutes ago

बैंक ऑफ महाराष्ट्र फ्रॉड केस : पूर्व मैनेजर राम भरोस मीणा को 7 साल की कठोर कैद

खेल2 hours ago

वनडे डेब्यू के बाद आकिब नबी जम्मू-कश्मीर के रणजी ट्रॉफी तैयारी कैंप में शामिल

मनोरंजन2 hours ago

‘संजय दत्त ने बिल्कुल सच कहा’, ‘भारत में शांति नहीं’ वाले बयान पर सियासी घमासान

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

जंतर-मंतर 2.0 को समर्थन देने वाले संगठनों के नेताओं की जल्द हो सकती है गिरफ्तारी: सौरभ भारद्वाज

व्यापार2 hours ago

संचार साथी पोर्टल पर विजिट्स 30 करोड़ के पार; 5,000 करोड़ रुपए की साइबर धोखाधड़ी रोकने में मिली मदद

राजनीति3 hours ago

दुर्गा पूजा से पहले फंड जारी करने की मांग, ममता गुट ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया

राजनीति3 hours ago

सत्ताधारी पार्टी ने खो दिया है अपना मानसिक संतुलन : संजय राउत

राजनीति3 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल3 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन4 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

मनोरंजन3 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

राजनीति4 weeks ago

दिल्ली में इमारत गिरने का मामला: मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

राजनीति4 weeks ago

मुंबई: एप्पल मोबाइल और उसके पार्ट्स बेचने वाले गैंग का पर्दाफाश, चोरी के 64 मोबाइल फोन बरामद, चार गिरफ्तार, आगे की जांच जारी

खेल4 weeks ago

ला लीगा: एथलेटिक बिलबाओ ने एटलेटिको मैड्रिड को 3-0 से हराया, विलियम्स ने दागा सीजन का अपना पहला गोल

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

तमिलनाडु के 12 जिलों में बारिश की संभावना, कई जिलों में महीनों बाद हो रही बारिश

रुझान