अपराध
अंधेरी :एक ही रेस्तरां के 10 स्टाफ कोरोना संक्रमित मिलने से हड़कंप
मुंबई में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए पश्चिम उपनगर अंधेरी में रेस्तरां की स्कैनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले 15 दिनों में 40 रेस्तरां की जांच की है। इस दौरान सभी स्टाफ की कोरोना टेस्ट कराई गई। 40 रेस्तरां के 10 लोग ही कोरोना संक्रमित पाए गए। इन सभी 10 लोगों को कोरोना केयर सेंटर्स में क्वारंटीन किया गया है। बीएमसी के अनुसार सभी 10 कर्मचारी अंधेरी वेस्ट के राधा कृष्ण रेस्टोरेंट के हैं।
अंधेरी में के-पश्चिम वॉर्ड के स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर अजित पम्पटवार के मुताबिक लोगों से सीधे संपर्क में आने वाले रेस्तरां के स्टाफ से लेकर सभी फेरीवालों की जांच की जा रही है, ताकि कोरोना वायरस की चेन को तोड़ा जा सके। साथ ही, मंदिर और अन्य सार्वजनिक जगहों पर भी कोरोना जांच कराई गई। 15 से 20 स्टाफ वाले रेस्तरां के प्रबंधकों को नजदीकी बीएमसी केंद्रों पर जाकर कोरोना का टेस्ट कराने का निर्देश दिया गया है। जहां पर 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां बीएमसी खुद जाकर स्टाफ की टेस्टिंग कर रही है। पिछले 15 दिनों में 40 रेस्तरां, जूस सेंटर और खाद्य पदार्थ केंद्रों की जांच की गई है। इस दौरान 10 लोग पॉजिटिव पाए गए। पॉजिटिव मरीज मिलने पर बीएमसी की ओर से सभी जगहों को सैनिटाइज किया गया। गुरुवार को अंधेरी के एक रेस्तरां में करीब 35 लोगों की कोरोना जांच की गई, जिसकी रिपोर्ट शुक्रवार शाम तक आने की संभावना है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।
इस बीच महाराष्ट्र में बृहस्पतिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 8,998 मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 21,88,183 हो गई। कोरोना की जद में आने से 60 मरीजों की मौत के बाद मृतकों की तादाद 52,340 हो गई। स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि बुधवार की तुलना में बृहस्पितवार को संक्रमण के कम मामले सामने आए, लेकिन मृतकों की संख्या अधिक रही। राज्य में बुधवार को संक्रमण के 9,855 नए मामले सामने आए थे, जबकि 42 रोगियों की मौत हो गई थी। इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 85,144 है। कुल 20,49,484 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं। मुंबई में दिनभर में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,104 मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 3,29,846 हो गई। पांच मरीजों की मौत के बाद मृतकों की तादाद 11,492 तक पहुंच गई।
अपराध
2.65 लाख रुपये की भारतीय नकली करेंसी के साथ दो आरोपियों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने नकली करेंसी सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पहाड़गंज थाना पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते 2.65 लाख की नकली करेंसी के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी दिनेश कुमार झा (36) और सतीश कुमार (20) के रूप में हुई। उन्हें पहाड़गंज के नीलम गेस्ट हाउस में छापेमारी के दौरान पकड़ा गया। इनके पास से 2,65,100 रुपये की नकली भारतीय करेंसी बरामद की गई।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे नकली करेंसी बेचने के लिए दिल्ली आए थे और ग्राहकों की तलाश कर रहे थे। उनकी योजना 1 लाख रुपये की नकली करेंसी को 25,000 से 30,000 रुपये की असली करेंसी के बदले बेचने की थी। हालांकि, पकड़े जाने से पहले कोई ग्राहक तय नहीं हो पाया था।
इनमें से एक आरोपी पहले भी नकली करेंसी से जुड़े एक मामले में शामिल रहा है, जो 2023 में पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाने में दर्ज किया गया था। उन्होंने आगे बताया कि उन्हें यह नकली करेंसी ‘एस’ नाम के एक व्यक्ति ने उपलब्ध कराई थी।
पुलिस ने बताया कि कथित सप्लायर की पहचान करने, नकली मुद्रा के स्रोत का पता लगाने और इसकी आपूर्ति व प्रचलन में शामिल पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे की जांच चल रही है। इस मामले में दोनों आरोपियों की मेडिकल जांच कराई गई है और उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इससे पहले अक्टूबर में दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर के थाना नॉलेज पार्क की पुलिस ने जाली भारतीय करेंसी के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 200-200 रुपये के कुल 920 जाली नोट बरामद किए, जिनकी कुल अंकित कीमत 1 लाख 84 हजार रुपये थी।
पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर को थाना नॉलेज पार्क की टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए ग्राम कोंडली पुस्ता के पास से अर्जुन सिंह, शशांक गुप्ता, शांतनु सिंह और वैभव शुक्ला को गिरफ्तार किया था।
अपराध
कर्नाटक: बेंगलुरु में पत्नी सहित ससुराल के 7 सदस्यों की हत्या करने के आरोप में कैब ड्राइवर गिरफ्तार

बेंगलुरु में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक कैब ड्राइवर को ससुराल के सात सदस्यों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मृतकों में उसकी पत्नी और सात वर्ष का एक बच्चा भी शामिल है। बताया जा रहा है कि घरेलू विवाद के चलते आरोपी ने वारदात के अंजाम दिया है।
आरोपी की पहचान इंदुशेखर के रूप में हुई है। उसे राजाजीनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चिक्काबल्लापुर जिले में नंदी हिल्स के पास सात वर्षीय पुनीत का शव बरामद हुआ, जबकि बाकी शवों की तलाश की जा रही है। आरोपी ने वारदात को दो दिन पहले अंजाम दिया था।
पीड़ितों की पहचान श्रीरामपुरा की रूपावती, उनकी बेटी सुनीता, बेटे शिवकुमार और शंकर, बहुओं दिव्या और नलिनी, और सात वर्षीय पोते पुनीत के रूप में हुई है।
पुलिस की शुरुआती जानकारी के अनुसार, इंदुशेखर ने लगभग 20 वर्ष पहले सुनीता से शादी की थी। सुनीता का अपने मायके वालों से लगातार जुड़ाव था, जिसे लेकर अक्सर पति-पत्नी के बीच झगड़े होते थे। इन झगड़ों के दौरान सुनीता की मां और भाइयों ने उसका साथ दिया था, जिससे आरोपी नाराज था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इंदुशेखर ने इन हत्याओं की योजना पहले ही बना ली थी। उसने सबसे पहले अपने घर पर पत्नी सुनीता की सिल-बट्टे (पत्थर) से हमला करके हत्या कर दी। इसके बाद, शक न हो, इसलिए उसने सुनीता के परिवार वालों से कह दिया कि वह अपनी सहेलियों के साथ कहीं घूमने गई है।
आरोपी ने अपने सालों शिवकुमार और शंकर को शराब पीने के बहाने अपने घर बुलाया और उनकी हत्या कर दी। उस पर अपनी सास रूपावती, सालों की पत्नियों नलिनी और दिव्या, और सात वर्षीय पुनीत की भी हत्या करने का आरोप है।
यह मामला तब सामने आया जब नलिनी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई और उसकी मां ने श्रीरामपुरा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने इंदुशेखर से पूछताछ की, जिसमें उसके विरोधाभासी बयानों से पुलिस को शक हुआ।
उसके घर की तलाशी लेने पर अपराध से जुड़े कुछ सुराग मिले। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने हत्याएं करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने शवों को नंदी हिल्स के आसपास अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगा दिया था। गुरुवार को उसे उस इलाके में ले जाया गया और करीब चार घंटे की तलाश के बाद पुनीत का शव बरामद हुआ। बाकी शवों को खोजने की कोशिशें जारी हैं।
आरोप है कि उसने खून के धब्बों को साफ किया और अपराध में इस्तेमाल किए गए सिल-बट्टे (पत्थर) को धो दिया था। पुलिस ने कथित तौर पर शवों को ले जाने वाली कार को भी जब्त कर लिया है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इंदुशेखर ‘थाना वरदी’ नाम का एक अखबार चलाता था और पिछले आठ वर्षों से भाष्यम सर्कल के पास एक किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस उन आरोपों की भी जांच कर रही है, जो आरोपी और उस इमारत के मालिक के बीच किसी विवाद से जुड़े हैं।
अपराध
भुवनेश्वर में युवक की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने आठ आरोपियों को किया गिरफ्तार

शहर के धौली थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में गुरुवार को आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई कमिश्नरेट पुलिस ने बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को हुई घटना के बाद की।
मृतक की पहचान कटक जिले के बैदेश्वर निवासी टापू नाइक के रूप में हुई है, जो शहर के भरतपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीताराम बस्ती में रह रहा था।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान उमेश कुमार पटनायक, विष्णुप्रसाद सामंतराय उर्फ पिकुन, रत्नाकर साहू, आलोक जेना, मानस स्वैन, अक्षय प्रधान, कलिंग केशरी पात्रा और चित्रसेन गजेंद्र के रूप में की है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात धौली थाना क्षेत्र के शिशुपाल गढ़ गांव में नवज्योति कॉलेज के पीछे स्थित ‘मां दक्षिणकाली कंस्ट्रक्शन’ ऑफिस परिसर में हुई।
कमिश्नरेट पुलिस ने बयान में कहा, “बुधवार को लगभग सात लोगों का एक समूह ‘मां दक्षिणकाली कंस्ट्रक्शन’ ऑफिस परिसर के खुले इलाके में पार्टी कर रहा था। रात करीब 11:30 बजे, समूह में से एक व्यक्ति ने पिस्तौल निकाली और टापू नाइक पर गोली चला दी।”
बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक, उमेश ने पुरी में किसी व्यक्ति से पिस्तौल खरीदी थी। वह और उसके दोस्त (मृतक भी शामिल) इस हथियार के आने की खुशी में पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान, शराब के नशे में दोस्तों के बीच बहस हो गई और अचानक भड़के आरोपी पिकुन ने टापू पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
गोली चलने के बाद दो आरोपी उमेश और पिकुन तुरंत घायल टापू को स्कूटर से कैपिटल अस्पताल ले गए। बाद में उसे शहर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पुलिस को इस घटना की जानकारी बुधवार रात करीब 1 बजे मिली। उन्होंने कहा कि पुलिस तुरंत कैपिटल अस्पताल पहुंची और बाद में निजी अस्पताल भी गई। पूछताछ के दौरान, उमेश और पिकुन (मृतक को अस्पताल ले गए थे) ने एक झूठी कहानी गढ़ी। उन्होंने दावा किया कि वे मौसी मां ब्रिज के पास बातचीत कर रहे थे, तभी मोटरसाइकिल पर दो अनजान लोग वहां आए। उनमें से एक ने हेलमेट पहना हुआ था, जबकि दूसरे ने अपने चेहरे को मास्क से ढका हुआ था। उन्होंने टापू नाइक पर गोली चलाई और फिर मौके से फरार हो गए।
उन्होंने आगे बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच से पता चला कि यह पूरी कहानी मनगढ़ंत थी। बाद की पूछताछ में आरोपियों ने अपराध में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली और पुलिस को बताया कि उन्होंने पिस्तौल को एक जलाशय में फेंक दिया था। पुलिस ने अब उस हथियार को बरामद कर लिया है।
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