राजनीति
वित्तमंत्री निर्मला ने ‘हम दो हमारे दो’ वाले बयान को लेकर राहुल पर तंज कसा
लोकसभा में शनिवार को बजट पर चर्चा के दौरान केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने ‘हम दो हमारे दो’ वाले बयान को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसा। निर्मला ने राहुल पर निजी हमला करते हुए उन्हें डूम्सडे मैन ((प्रलय की बात करने वाला व्यक्ति) करार दिया।
वित्तमंत्री ने उनके बयान को प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का अपमान बताते हुए राहुल की आलोचना की।
वित्तमंत्री ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2021-2022 पर चर्चा के दौरान अपना अंतिम भाषण देते हुए राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह झूठा नैरेटिव बनाते हैं, जो भारत के लिए प्रलय का दिन बन रहा है।
वित्तमंत्री ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि कांग्रेस नेता फर्जी विमर्श गढ़ते हैं, देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ खड़े होते हैं और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करते हैं।
राहुल ने गुरुवार को बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए तीन नए कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि यह यह सरकार ‘हम दो, हमारे दो’ की सरकार है। इशारा किन लोगों की तरफ है, यह देश के लोग अच्छी तरह जानते हैं।
राहुल ने यह दावा भी किया था कि तीनों कृषि कानूनों के कारण मंडिया खत्म हो जाएंगी और कृषि क्षेत्र किसानों के हाथ से निकलकर कुछ बड़े उद्योगपतियों के नियंत्रण में चला जाएगा।
वित्तमंत्री ने अपने जवाब में 10 सवालों के माध्यम से राहुल गांधी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “मैं सहमत हूं कि बजट पर चर्चा के दौरान कृषि के मुद्दे पर बात होती है, क्योंकि यह बजट का हिस्सा है। लेकिन जब वह (राहुल गांधी) बोलने खड़े हुए तो बजट पर बोलने के लिए भूमिका तो बनाई, लेकिन इस पर बोले ही नहीं।”
निर्मला ने कहा कि उस समय उम्मीद थी कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष बताएंगे कि उनकी पार्टी 2019 के घोषणापत्र में किए वादे से क्यों पलटी मार गई थी? वह पहले तो कृषि सुधारों का समर्थन करते थे, लेकिन अब नहीं कर रहे हैं। ऐसा क्यों?
उन्होंने राहुल गांधी पर कटाक्ष जारी रखते हुए कहा, “मुझे उम्मीद थी कि वह बताएंगे कि तीनों कृषि कानूनों में किस प्रावधान में कमी है, लेकिन यह भी नहीं बताया।”
निर्मला ने कहा, “इससे पहले वह (राहुल) पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का अपमान कर चुके हैं। जब वह विदेश में थे तो राहुल ने एक अध्यादेश की प्रति को फाड़कर फेंक दिया था।”
उन्होंने राहुल के लगाए आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, “हम दो, हमारे दो का मतलब है, हमलोग दो लोग पार्टी की चिंता कर रहे हैं, जबकि दो और लोग हैं, जिनकी हमें चिंता करनी है, बेटी और दामाद। दामाद को राजस्थान और हरियाणा जैसे उन राज्यों में जमीन मिलती है, जहां पर पहले कभी उनका शासन था। लेकिन हम ऐसा नहीं करते हैं। हमने पीएम स्वनिधि योजना के तहत 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को 1 साल साल के लिए 10 हजार रुपये दिए।”
निर्मला ने इस दौरान कहा, “हम पर क्रोनी समर्थक होने का आरोप लगता है। लेकिन क्रोनी कौन और कहां हैं?”
उन्होंने कहा, “पीएम सम्मान निधि योजना का पैसा क्रोनी के पास नहीं जा रहा है। क्रोनी कहां हैं? मुझे लगता है जिस पार्टी को जनता ने नकार दिया, उसके साए में क्रोनी छिपे हुए हैं। सरकार के लिए क्रोनी कौन हैं? हमारे लिए क्रोनी इस देश की आम जनता है। हम जनता के लिए काम करते हैं।”
वित्तमंत्री ने कहा, “पीएम स्वनिधि योजना से गरीबों को फायदा हुआ। दलितों और पिछड़ों को फायदा हुआ। हम इनके लिए काम करते हैं.. किसी दामाद के लिए काम नहीं करते।”
निर्मला ने तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर का जिक्र करते हुए कहा कि केरल में जब उनकी पार्टी की सरकार थी तो इन लोगों ने एक क्रोनी को यहां बुलाया था। न कोई टेंडर न कुछ, और ये लोग हमें क्रोनी कैपिटलिस्ट कहते हैं। ऐसा इसलिए कि केरल में कोई दामाद नहीं रहता है.. दामाद यहां रहता है और कुछ राज्यों में दामाद को जमीन मिलती है।
महाराष्ट्र
मुंबई: साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड, नागपारा और अंधेरी के सिम कार्ड एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज

CRIME
मुंबई; मुंबई क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने अब ऐसे सिम कार्ड बेचने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने का दावा किया है, जिनके सिम कार्ड का इस्तेमाल फ्रॉड में किया जाता था। क्राइम ब्रांच ने पांच सिम कार्ड बेचने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है। फ्रॉड केस में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि आरोपी साइबर फ्रॉड के लिए एजेंट और दुकानदारों के जरिए सिम कार्ड खरीदते थे और इन नंबरों का इस्तेमाल फ्रॉड के लिए किया जाता था। ये सिम कार्ड बेचने वाले अपनी दुकान से कस्टमर के डॉक्यूमेंट का गलत इस्तेमाल करते थे और अगर कस्टमर सिम कार्ड मांगता था, तो उसके डॉक्यूमेंट पर एक, दो या तीन सिम कार्ड जारी करवा लेते थे और फिर ये लोग इन सिम कार्ड का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करते थे और साइबर क्राइम में फरार आरोपियों को देते थे। साइबर सेल ने नागपारा से सिम कार्ड बेचने वाले आरोपी मुहम्मद सुल्तान मुहम्मद हनीफ, जीशान कमाल के खिलाफ ID एक्ट की दूसरी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इसी तरह दया शंकर भगवान शुक्ला, प्रदीप कुमार बर्नलवाला, नीरज शिवराम के खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से सिम कार्ड बेचने का केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती के निर्देश पर DCP साइबर सेल पुरुषोत्तम कराड ने की है। साइबर सेल ने लोगों से अपील की है कि वे संचार साथी ऐप पर अपना मोबाइल नंबर चेक करें। अगर उन्हें अपने नाम पर कोई और नंबर मिलता है, तो वे इसकी रिपोर्ट करें और इस मामले में लोग संचार साथी ऐप पर शिकायत भी कर सकते हैं।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में भूमि रिकॉर्ड घोटाले से मचा हड़कंप, राज्यभर में जांच के आदेश

मुंबई: ( कमर अंसारी )
मुंबई: महाराष्ट्र में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी एक बड़ी अनियमितता सामने आई है, जिससे राज्यभर में हड़कंप मच गया है। इस मामले ने जमीन के मालिकाना हक और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस मामले से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग।
यह मामला महाराष्ट्र भूमि राजस्व संहिता के एक प्रावधान के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है, जिसे केवल मामूली त्रुटियों—जैसे टाइपिंग या क्लेरिकल गलती—को सुधारने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। लेकिन आरोप है कि इसी प्रावधान का इस्तेमाल करके जमीन के मालिकाना हक में बड़े और गैरकानूनी बदलाव किए गए।
सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में बिना उचित जांच और कानूनी प्रक्रिया के जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव किए गए, जिससे अवैध रूप से जमीन के हस्तांतरण की आशंका जताई जा रही है। इससे कई असली जमीन मालिकों में अपनी संपत्ति खोने का डर पैदा हो गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में किए गए सभी ऐसे बदलावों की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। जिला स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे भूमि रिकॉर्ड में किए गए सभी संशोधनों की जांच करें और उनकी वैधता सुनिश्चित करें।
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह मामला केवल कुछ गिने-चुने मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की संभावना है। इस जांच का उद्देश्य पूरे मामले की सच्चाई सामने लाना और जिम्मेदार लोगों की पहचान करना है।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जा सकते हैं। साथ ही, जिन लोगों के साथ अन्याय हुआ है, उनके अधिकार बहाल करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और भूमि रिकॉर्ड प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
अपराध
मुंबई प्रेस क्लब में बम की धमकी से सुरक्षा अलर्ट जारी, पुलिस ने जांच शुरू की

मुंबई, 20 मार्च: मुंबई प्रेस क्लब को एक धमकी भरा ईमेल मिला है। जिसमें दावा किया गया है कि इमारत के अंदर जहरीली गैस से भरे कई छोटे बम लगाए गए हैं और वे शुक्रवार को दोपहर 1 बजे फट जाएंगे। ईमेल भेजने वाली ने अपना नाम नीरजा अजमल खान बताया है।
ईमेल मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। प्रेस क्लब परिसर के अंदर और आसपास तलाशी अभियान जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोकने के लिए बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) और डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाया गया है।
ईमेल में, भेजने वाले ने कोयंबटूर के मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया और कुछ राजनीतिक आरोप लगाए। संदेश में कहा गया कि उनके साथ अन्याय हुआ है और उनकी आवाज़ दबाई जा रही है। इसमें यह भी बताया गया कि भेजने वाले के पास सीमित संसाधन थे और उसने उनका इस्तेमाल मुंबई प्रेस क्लब को निशाना बनाने के लिए किया। हालांकि, भेजने वाले ने यह भी लिखा कि उसका इरादा नुकसान पहुंचाना था और लोगों को इमारत खाली करने की सलाह दी।
ईमेल में नक्सलियों और पाकिस्तान से जुड़े कथित गुप्त नेटवर्क का भी जिक्र किया गया था, जिससे जांचकर्ताओं के लिए मामला और भी गंभीर हो गया है। इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए मुंबई पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी। साइबर टीम संदेश भेजने के लिए इस्तेमाल की गई ईमेल आईडी, संदेश के संभावित स्थान और इसके पीछे कौन हो सकता है, जैसी जानकारियों की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी से पता चलता है कि ईमेल सुरक्षित ईमेल सेवा प्रोटॉन मेल का उपयोग करके भेजा गया था, जिसे आमतौर पर ट्रैक करना मुश्किल होता है।
फिलहाल प्रेस क्लब के अंदर मौजूद लोगों को सतर्क कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ईमेल कल शाम 7.33 बजे भेजा गया था।
मुंबई प्रेस क्लब के अध्यक्ष समर खदास ने बताया कि क्लब को शुक्रवार सुबह एक परेशान करने वाला ईमेल मिला, जिसमें ‘हमें दयानिधि मारन के कपड़े धोने के लिए मजबूर किया गया’ जैसे अजीब और धमकी भरे संदेश थे। ईमेल में यह भी दावा किया गया था कि परिसर में गैस बम लगाए गए हैं और वे दोपहर 1 बजे के आसपास फटेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रेस क्लब के सचिव मयूरेश गणपतये ने उन्हें इस ईमेल की जानकारी दी। इसके बाद प्रेस क्लब ने तुरंत डीसीपी मुंधे को सूचित किया। साइबर सेल की एक टीम जल्द ही घटनास्थल पर पहुंची और आगे की जांच के लिए प्रेषक का आईपी पता प्राप्त किया।
बाद में बम निरोधक दस्ते ने परिसर की गहन तलाशी ली, लेकिन तत्काल कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। अधिकारी ईमेल के स्रोत की जांच जारी रखे हुए हैं।
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