राजनीति
केशुभाई पटेल के निधन पर राष्ट्रपति ने कहा – देश ने एक महान नेता खोया
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने उनके परिवार को सांत्वना दी है। केशुभाई पटेल का गुरुवार की सुबह 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अहमदाबाद के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
राष्ट्रपति ने ट्विटर पर अपना शोक संदेश लिखा, केशुभाई जी का समाज सेवा के लिए ²ढ़ संकल्प और भारतीय लोकतंत्र में प्रतिबद्धता सभी के लिए अनुकरणीय है। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदना।
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल के निधन के साथ, राष्ट्र ने एक महान नेता खो दिया है। उनका लंबा सार्वजनिक जीवन लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित था, खासकर गांवों में। किसानों के लिए उन्होंने असाधारण काम किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पटेल की मौत पर दुख व्यक्त किया।
पीएम मोदी ने कहा, वो एक महान नेता थे जिन्होंने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया। उनका जीवन गुजरात की प्रगति और गुजरातियों को अधिकार दिए जाने के लिए समर्पित था।
उन्होंने कहा, उन्होंने इमरजेंसी का खुल कर विरोध किया था। किसानों की समस्या उनके दिल के करीब थी। एक एमएलए, एक सांसद और फिर एक मंत्री के रूप में उन्होंने कई विधेयक किसानों के हक में पास करवाए।
अमित शाह ने भी केशुभाई पटेल के निधन पर दुख जताया और कहा, भाजपा में रहते हुए उन्होंने गुजरात में संगठन को मजबूत करने में अभूतपूर्व योगदान किया। सोमनाथ मंदिर के ट्रस्टी के रूप में उन्होंने हमेशा इस मंदिर के विकास के लिए काम किया। वो हमेशा हमारी यादों में जिंदा रहेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, केशुभाई पटेल जी एक प्रभावी प्रशासक थे जिन्होंने सार्वजनिक जीवन में अमिट छाप छोड़ी। मैं दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। दुख की इस घड़ी में मैं उनके परिवार और शुभचिंतकोंके प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”
सिंह ने कहा कि लोगों की सेवा के लिए केशुभाई पटेल की अटूट प्रतिबद्धता को हमेशा याद किया जाएगा।
पटेल 1995 में और फिर 1998 से 2001 तक दो बार गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। 2001 में नरेन्द्र मोदी उनकी जगह पर मुख्यमंत्री बने थे। पटेल 6 बार विधायक रहे। पटेल के मोदी के साथ अच्छे संबंध थे, फिर भी उन्होंने 2012 में गुजरात परिवर्तन पार्टी नाम से अलग पार्टी बनाई, जिसका 2014 में भाजपा में विलय हो गया था।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में यात्री वाहनों की बिक्री मई में 27 प्रतिशत बढ़ी, दोपहिया की सेल्स 19 लाख यूनिट्स के पार

भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने बीते महीने मजबूत प्रदर्शन किया और बिक्री किसी भी वर्ष के मई में महीने में अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर रही है। इसकी वजह यात्री वाहनों, दोपहिया वाहनों और तिपहिया वाहनों की मजबूत मांग है। यह जानकारी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) की ओर से सोमवार को दी गई।
मई 2026 में घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 27.3 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 4,38,854 यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह आंकड़ा 3,44,656 यूनिट था।
दोपहिया सेगमेंट में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी गई, जहां बिक्री 14.8 प्रतिशत बढ़कर 19,02,209 यूनिट हो गई, वहीं तिपहिया वाहनों की बिक्री 31.1 प्रतिशत बढ़कर 70,720 यूनिट तक पहुंच गई।
सियाम के डायरेक्टर जनरल राजेश मेनन ने कहा कि मई के महीने में तीनों मुख्य वाहन कैटेगरी में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की गई।
उन्होंने इस बढ़ोतरी का श्रेय आंशिक रूप से मई 2025 के कम बेस और जीएसटी दरों में कमी व आसान फाइनेंसिंग विकल्पों से बढ़ी मांग को दिया।
उन्होंने बताया, “ये कारक सभी कैटेगरी में वाहनों की ज्यादा बिक्री को बढ़ावा दे रहे हैं।”
थोक बिक्री के ये मजबूत आंकड़े रिटेल बिक्री के शानदार प्रदर्शन के कारण आए हैं।
इससे पहले, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने बताया था कि मई में पैसेंजर वाहनों की रिटेल बिक्री पहली बार 4 लाख के आंकड़े को पार कर गई, जो सालाना आधार पर 23.25 प्रतिशत बढ़कर 4,02,591 यूनिट हो गई।
फाडा ने इस ग्रोथ की वजह ग्रामीण इलाकों में मजबूत मांग, एंट्री-लेवल कार सेगमेंट में सुधार और स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल्स (एसयूवी) की लगातार मांग को बताया।
दोपहिया सेगमेंट ने मई में अब तक की सबसे अच्छी बिक्री दर्ज की, जिसमें स्कूटर की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। स्कूटर की बिक्री सालाना आधार पर 27.4 प्रतिशत बढ़कर 7,39,667 यूनिट हो गई।
इस महीने मोटरसाइकिल की बिक्री 7.2 प्रतिशत बढ़कर 11,13,973 यूनिट हो गई, जबकि मोपेड की बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 48,569 यूनिट हो गई।
तिपहिया सेगमेंट ने भी अपनी ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखी। बिक्री एक साल पहले के 53,942 यूनिट से बढ़कर 70,720 यूनिट हो गई।
पैसेंजर कैरियर सबसे बड़ी कैटेगरी बनी रही, जिसकी बिक्री 30 प्रतिशत बढ़कर 57,649 यूनिट हो गई, जबकि गुड्स कैरियर ने 35.3 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ दर्ज की और बिक्री 11,802 यूनिट तक पहुंच गई।
राजनीति
विपक्ष को तय करना होगा पीएम का चेहरा, जनता पूछेगी तो बताना पड़ेगा: संजय राउत

शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत तृणमूल में हुए बिखराव पर साफगोई से अपनी बात रखी। उन्होंने एक तरफ जहां ममता बनर्जी धड़े वाले गुट को असली टीएमसी बताया, तो वहीं दूसरी तरफ से बगावत का बिगूल फूंकने वाले नेताओं को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब इन लोगों को भाजपा की असली हकीकत के बारे में पता चलेगा, जब इन्हें किनारे कर दिया जाएगा।
उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अब आप ममता बनर्जी की पार्टी में फूट का मुद्दा भूल जाइए। इस प्रकरण को एक महीने से ज्यादा हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में अब इस मुद्दे पर चर्चा करना किसी भी सूरत में प्रासंगिक नहीं है। अब आप जरा टीएमसी के उन नेताओं की बात करिए, जिन्होंने अपनी पार्टी के शीर्ष नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलने की जुर्रत की थी।
संजय राउत के मुताबिक, टीएमसी ने त्रिपुरा की ऐसी पार्टी का दामन थामने की हिमाकत की है, जिसका अपना कोई अस्तित्व ही नहीं है। इस पार्टी की स्थिति ऐसी बन चुकी है कि ये राजनीतिक मैदान में अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। ऐसे में इन लोगों ने ऐसे पार्टी का दामन थामकर किस तरह के बुद्धिमत्ता का परिचय दिया है, ये तो फिलहाल यही बता सकते हैं। हाल ही में चुनाव में इस पार्टी को महज 800 वोट मिले हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि इन लोगों को अमित शाह ने साजिशन एक ऐसी पार्टी में धकेल दिया, जो अपने वजूद को बचाने से जूझ रही है। अब यह सिलसिला कब तक जारी रहेगा, ये तो फिलहाल आने वाला वक्त ही बताएगा।
उन्होंने आगे कहा कि अब इन सब स्थितियों के बीच ममता बनर्जी की बात करें, तो मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि ममता बनर्जी की टीएमसी ही असली टीएमसी है। इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए और यही स्थिति आगामी दिनों में महाराष्ट्र में भी लागू होती है। इसके इतर, जो भी लोग टीएमसी को छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हुए हैं, उन्हें यह बात पता चल जाएगी कि बीजेपी की असली सच्चाई क्या है?
संजय राउत ने इस बात की पैरोकारी की कि इंडिया गठबंधन में प्रधानमंत्री के पद के लिए एक चेहरे का चयन करना होगा अन्यथा अगर हम लोगों के बीच में जाएंगे, तो हमसे सवाल किया जाएगा कि तुम्हारे पीएम का चेहरा कौन है? ऐसी स्थिति में हम फिर क्या जवाब देंगे। ऐसी स्थिति में हमारे लिए यह जरूरी हो जाता है कि पीएम फेस को लेकर किसी एक चेहरे का चयन करें। इसके बाद अपने कदम आगे बढ़ाएं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
अमेरिका और ईरान शांति समझौते से कीमती धातुओं में भारी उछाल, सोना और चांदी 3 प्रतिशत तक चढ़े

अमेरिका और ईरान द्वारा शांति समझौते की पुष्टि के बाद, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं में कमी आने से हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार के साथ ही कीमती धातुओं में भी भारी उछाल देखने को मिली।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) पर अगस्त वायदा सोना अपने पिछले बंद 1,50,528 रुपए से 3,301 रुपए की भारी उछाल के साथ 1,53,829 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो खबर लिखे जाने तक दिन का उच्चतम स्तर रहा।
वहीं, एमसीएक्स सिल्वर जुलाई वायदा अपने पिछले बंद 2,46,186 रुपए से 5,377 रुपए की जबरदस्त तेजी के साथ 2,51,563 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुला और शुरुआती कारोबार में ही 3 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 2,53,345 रुपए के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
वहीं, खबर लिखे जाने तक (दोपहर 12.09 बजे के करीब) एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1.48 प्रतिशत यानी 2,222 रुपए की उछाल के साथ 1,52,750 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, तो वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 2.20 प्रतिशत यानी 5,414 रुपए की तेजी के साथ 2,51,600 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।
वहीं, इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के सुबह के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को 999 प्यूरिटी वाला सोना 1,50,169 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, जबकि 999 प्यूरिटी वाली चांदी की कीमत 2,51,011 रुपए प्रति किलोग्राम थी।
सोने-चांदी की कीमतों में यह उछाल ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की है कि ईरान के साथ शांति समझौता हो गया है और होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा, जिससे चार महीने से चल रहे संघर्ष का अंत हो गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका ने इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग से नाकाबंदी हटा ली है, जो विश्व ऊर्जा व्यापार के लिए एक प्रमुख समुद्री मार्ग है और दोनों देशों के बीच तनाव के कारण काफी हद तक बाधित रहा था।
इस बीच, एक कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि एमसीएक्स गोल्ड फिलहाल 1.54-1.55 लाख रुपए के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस जोन के नीचे ट्रेड कर रहा है। भू-राजनीतिक तनावों में कुछ नरमी आने से सोने में मजबूती देखने को मिल रही है और कीमतों में रिकवरी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
एक्सपर्ट का मानना है कि यदि सोना 1.55 लाख रुपए के स्तर के ऊपर लगातार बना रहता है, तो इसमें और तेजी आ सकती है तथा भाव 1.58 लाख रुपए से 1.60 लाख रुपए के दायरे तक पहुंच सकते हैं। दूसरी ओर, यदि कीमत 1.53-1.52 लाख रुपए के सपोर्ट जोन के नीचे फिसलती है, तो सोना फिर से 1.50 लाख रुपए के स्तर तक गिर सकता है।
वहीं, एक्सपर्ट ने आगे बताया कि एमसीएक्स सिल्वर ने भी 2.50 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया। इससे बाजार की धारणा में सुधार और कीमतों में धीरे-धीरे रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं।
एक्सपर्ट के मुताबिक, यदि चांदी 2.54-2.55 लाख रुपए के रेजिस्टेंस जोन को पार कर लेती है, तो इसमें और तेजी आ सकती है और भाव 2.58-2.60 लाख रुपए तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, यदि कीमत 2.50 लाख के नीचे फिसलती है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और भाव 2.42-2.40 लाख रुपए के सपोर्ट क्षेत्र तक आ सकते हैं।
एक्सपर्ट ने बताया कि निकट अवधि में चांदी का रुझान सकारात्मक बना हुआ है। बाजार की धारणा को और मजबूत करने के लिए कीमतों का मौजूदा रेजिस्टेंस स्तरों के ऊपर टिकना जरूरी होगा। भू-राजनीतिक घटनाक्रम, सुरक्षित निवेश की मांग और वैश्विक बाजारों की अस्थिरता आगे भी चांदी की चाल को प्रभावित कर सकती है।
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