राष्ट्रीय
कोविड राहत : और राजस्व जुटाने को पेट्रोल, डीजल पर टैक्स बढ़ाए जाने के आसार
कोविड-19 महामारी से उत्पन्न आर्थिक संकट और बाद में राजस्व पर दबाव पड़ने से केंद्र फिर से पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ा सकता है।
सूत्रों ने संकेत दिया कि अगर सरकार को कोविड-19 से संबंधित व्यवधानों से लड़ने के लिए अतिरिक्त आर्थिक सुधार पैकेजों को वित्तपोषित करने के लिए अधिक संसाधन जुटाने की जरूरत महसूस हुई तो पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 3-6 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी जल्द ही हो सकती है।
इस स्तर की वृद्धि पूरे वर्ष के लिए सरकार को 60,000 रुपये की अतिरिक्त आय दे सकती है। शेष अवधि में, लगभग 30,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते थे।
सूत्रों ने बताया कि दोनों उत्पादों पर ड्यूटी स्ट्रक्चर देखने के लिए एक आंतरिक अवलोकन शुरू हो रही है और जल्द ही इसकी घोषणा की जा सकती है।
सरकार चाहती है कि पेट्रोल और डीजल पर किसी भी शुल्क वृद्धि से दोनों उत्पादों के खुदरा मूल्य में वृद्धि नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इसे उपभोक्ता पसंद नहीं करेंगे। इसके अलावा वृद्धि के कारण अर्थव्यवस्था पर मुद्रास्फीति का प्रभाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों ने कहा कि मौजूदा समय में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाना उचित होगा, क्योंकि पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले लगभग एक महीने से संशोधित नहीं की गई हैं, हालांकि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें नरम हो गई हैं और लगभग 40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
मार्च में, सरकार ने पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 18 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 12 रुपये प्रति लीटर करने के लिए संसदीय मंजूरी ली थी, लेकिन तब लेवी नहीं बदला था। मई में इसने पेट्रोल पर 12 रुपये और डीजल पर 9 रुपये तक का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क बढ़ाया। इससे सरकार को पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में 6 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 3 रुपये प्रति लीटर की दर से उत्पाद शुल्क बढ़ाने का मौका मिल गया। इस विकल्प का अभी अवलोकन किया जा रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए, ड्यूटी में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का ज्यादा असर नहीं होना चाहिए, क्योंकि खुदरा कीमतें अपरिवर्तित रह सकती हैं या मामूली रूप से बढ़ सकती हैं, क्योंकि तेल की कम कीमतें किसी भी वृद्धि के लिए उचित प्रतीत होंगी।
हालांकि, ईंधन पर करों में और वृद्धि से उत्पाद पर विश्व स्तर पर सबसे अधिक कर लगेगा। पेट्रोल और डीजल की कीमत का मौजूदा कर करीब 70 फीसदी है। ड्यूटी में और बढ़ोतरी के साथ यह 75-80 फीसदी के स्तर पर पहुंच सकता है।
उच्च खुदरा मूल्य इस समय सरकार के लिए एक विकल्प नहीं है, क्योंकि यह मुद्रास्फीति को बढ़ा सकता है।
पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में वृद्धि के साथ सरकार इस साल 1.75 लाख करोड़ रुपये के करीब तेल राजस्व में वृद्धि करने के लिए पहले से ही तैयार है। यह 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त है जो वार्षिक उत्पाद शुल्क राजस्व के रूप में पेट्रोलियम उत्पादों से एकत्र होता है।
राष्ट्रीय
क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है: संजय राउत

मुंबई, 13 जुलाई: शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पिछले 16 दिनों से सोनम वांगचुक अनशन पर हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि सरकार की ओर से किसी भी प्रकार के सकारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यही सवाल उभरकर सामने आ रहा है कि क्या सरकार सोनम वांगचुक को मारना चाहती है?
संजय राउत ने सोनम वांगचुक की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया। उनके मुताबिक, सोनम वांगचुक असाधारण, पर्यावरणविद, शिक्षाविद और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित हैं।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने यह भी बताया कि आखिर सोनम वांगचुक क्यों अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे धर्मेंद्र प्रधान ने पूरी तरह से भ्रष्टाचार किया है। उनके कार्यकाल के दौरान ही नीट जैसी परीक्षा लीक हुई। कई छात्रों ने मौत को भी गले लगा लिया। इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए सोनम वांगचुक आज अनशन पर बैठे हुए हैं।
उनके मुताबिक, सरकार को सोनम वांगचुक के पास आकर उनसे बात करनी चाहिए थी। उनसे बात करनी चाहिए थी, लेकिन अफसोस की बात है कि अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी उनके पास नहीं आया। कुल मिलाकर हमें यह समझना होगा कि सोनम वांगचुक अनशन पर क्यों बैठे हैं। सोनम वांगचुक हम सभी लोगों के लिए ही बैठे हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अन्ना हजारे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब अन्ना हजारे अनशन पर बैठे हुए थे, तब तत्कालीन सरकार की ओर से कई लोग उनके पास गए थे और उनसे संवाद स्थापित करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि अन्ना हजारे के लिए भी यह जरूरी हो जाता है कि वो सोनम वांगचुक का समर्थन करें, उनसे मुलाकात करें।
अपराध
बदरपुर में 17 वर्षीय नाबालिग की चाकू मारकर हत्या, प्रेम संबंध की शक में बुलाकर किया हमला

नई दिल्ली, 13 जुलाई: दक्षिण दिल्ली के बदरपुर इलाके के मोलरबंद एक्सटेंशन में 40 फीट रोड पर एक 17 वर्षीय नाबालिग युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान यश के रूप में हुई है, जो 12वीं कक्षा का छात्र था। घटना शाम करीब पौने सात बजे पांडे मेडिकल स्टोर के पास गली नंबर 4 में हुई। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
मृतक के पिता जगमोहन सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, “मुझे कुछ पता नहीं था। सूचना मिलने पर जब अस्पताल पहुंचा तो देखा कि मेरा लड़का मर चुका था। उसकी छाती पर चाकू लगा हुआ था। मेरे इकलौते बेटे को ताबड़तोड़ चाकू के वार किए गए। वह 12वीं कक्षा में पढ़ता था। मुझे न्याय चाहिए, अगर इंसाफ नहीं मिला तो मैं कुछ भी कर सकता हूं।”
जगमोहन सिंह का कहना है कि उनका बेटा शांत स्वभाव का था और उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यश उस लड़की के भाई द्वारा मौके पर बुलाया गया था, जिसके साथ वह रिलेशनशिप में था। यश तीन दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। वहां दूसरे ग्रुप से झगड़ा हो गया। विवाद के दौरान यश की छाती और पेट में धारदार हथियार से कई वार किए गए। स्थानीय लोगों ने मदद की और घायल यश को तुरंत एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। चोटों की तीव्रता के कारण इलाज के दौरान यश की मौत हो गई।
थाना बदरपुर के अधिकारियों ने बताया कि रात करीब 8 बजे स्थानीय बीट स्टाफ से सूचना मिली। डीडी नंबर 94ए दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। क्राइम टीम ने घटनास्थल (एसओसी) का निरीक्षण किया। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें लगाई गई हैं।
दुर्घटना
कानपुर में खड़े ट्रक से टकराई स्कॉर्पियो, दो बच्चों समेत तीन की मौत

कानपुर, 13 जुलाई: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दुर्घटना में स्कॉर्पियो कार सवार दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, कानपुर जिले के महाराजपुर इलाके में सोमवार सुबह 6 बजे स्कॉर्पियो कार राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक खड़े ट्रक से जा टकराई। स्कॉर्पियो कार में हादसे के समय करीब 8 लोग सवार थे। यह कार फतेहपुर की ओर जा रही थी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। बताया गया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि कार चकनाचूर हो गई। अंदर फंसे लोग दर्द से तड़पते रहे।
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने सभी तीन मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लिया और बाकी घायलों को अस्पताल के लिए भेजा। बताया गया कि मरने वालों में दो मासूम बच्चे भी शामिल थे। हालांकि, मृतकों की पहचान अभी सामने नहीं आई।
इससे पहले, एटा जिले में एक कार से सांड की टक्कर के बाद ड्राइवर की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र में निधोली रोड स्थित जवाहरपुर गोदाम के पास यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान 35 वर्षीय नरेंद्र शर्मा के रूप में हुई, जो एटा जिले के जिटौली गांव के निवासी था। बताया गया कि नरेंद्र अपनी दुकान बंद करने के बाद गांव लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में सांड से कार की टक्कर हुई।
अग्निशमन प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें हादसे की सूचना मिली थी। बताया गया कि कार की सांड से टक्कर हुई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इस दुर्घटना में घायल युवक को अस्पताल भेजा गया। साथ ही, पुलिस टीम ने कार को सड़क से हटाकर किनारे किया।
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