राजनीति
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता कोरोना से संक्रमित
दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने ट्विटर पर खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, हल्के बुखार के बाद पिछले हफ्ते मैंने अपना टेस्ट करवाया, जिसका रिपोर्ट नेगेटिव आया। लेकिन मैं असहज महसूस कर रहा था। इसके बाद मैंने दोबारा अपना टेस्ट करवाया। इस बार रिजल्ट पॉजिटिव आया।
उन्होंने कहा कि वो एक हफ्ते से क्वारंटीन में हैं। उन्होंने उन सबसे टेस्ट करवाने और अपने आप को अलग-थलग करने की अपील की है जो उनके संपर्क में पिछले कुछ दिनों में आए थे।
दिल्ली भाजपा के मुख्यालय में कोरोनावायरस का ये पहला मामला नहीं है। इससे पहले यहां एक कर्मचारी कोरोना से संक्रमित पाया गया था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमलों का विरोध, भारत की सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील

भारत ने सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हो रहे हमलों के बीच अपनी एकजुटता व्यक्त की है। इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की भी जान चली गई है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने गुरुवार को कहा कि सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के मामले में भारत, वहां की सरकार और जनता के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मध्य पूर्व की स्थिति पर आयोजित तिमाही खुली बहस के दौरान कहा कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव बेहद चिंताजनक है।
हरीश ने कहा कि मौजूदा हालात अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं। हम सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील करते हैं। हालांकि उन्होंने किसी संगठन का नाम नहीं लिया, लेकिन सऊदी अरब पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि हम पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों सहित नागरिक ढांचे पर हुए बार-बार के हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। हरीश ने बताया कि इन हमलों में कई लोगों की जान गई है, जिनमें एक भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली भी शामिल हैं।
हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद यूसुफ अली एक आईटी इंजीनियर थे। उनकी शनिवार को रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में मौत हो गई। वह इस्लाम के पवित्र स्थल की यात्रा पर गए हुए थे।
हूती विद्रोही यमन का एक शक्तिशाली समूह है, जिसे ईरान का समर्थन प्राप्त माना जाता है। यह समूह यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ लड़ रहा है और सऊदी अरब पर भी हमले करता रहा है। सऊदी अरब यमन की सरकार का समर्थन करता है। भारत ने यमन की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
हरीश ने कहा, “भारत यमन गणराज्य की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराता है और उसके आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप का विरोध करता है।”
उन्होंने कहा कि बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट और दक्षिणी लाल सागर की सुरक्षा पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है। इसके अलावा भारत ने समुद्री मार्गों पर हो रहे हमलों की भी निंदा की।
हरीश ने कहा कि हम समुद्री जहाजों और नाविकों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। इनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखना पूरी दुनिया के हित में है।
राजनीति
‘लखनऊ एक्सप्रेस’ का इंजन फेल हो गया है, राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अखिलेश का तंज

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर कटाक्ष किया है। सपा प्रमुख ने कहा कि ‘लखनऊ एक्सप्रेस’ का इंजन फेल हो गया है, तभी दिल्ली के इंजन ने लखनऊ की कमान किसी और को थमाने का अंदरूनी फैसला कर लिया है।
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को दिखावटी करार देते हुए कहा कि असली खेल लखनऊ के इंजन को खटारा साबित कर स्थायी रूप से हटाने का है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सत्ता पक्ष की ओर से होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ाने वाला तंज किया।
उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, ”सुना है सत्ताधारियों की तरफ से कोई बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है। लगता है ‘लखनऊ एक्सप्रेस’ का इंजन फेल हो गया है, तभी दिल्ली के इंजन ने लखनऊ की कमान किसी और को थमाने का अंदरूनी फैसला कर लिया है।”
अखिलेश यादव ने कहा कि ये प्रेस कॉन्फ्रेंस तो बस दिखावटी है, असली खेल तो लखनऊ के इंजन को खटारा साबित करके उसे परमानेंट हटाने का है। अब लखनऊ वालों की रक्षा कौन करेगा? हालांकि, अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में किसी का नाम लेकर यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किस नेता या घटनाक्रम की ओर है।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विपक्ष और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनका मकसद चुनावी सुधार नहीं, बल्कि देश में अराजकता फैलाकर सत्ता हासिल करना है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को अराजकता का मोहरा बनाया जा रहा है और कुछ लोग बांग्लादेश के घटनाक्रम की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।
रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी युवाओं को राजनीतिक टकराव का साधन बना रहे हैं। कुछ लोग बांग्लादेश की घटनाओं से प्रेरणा लेकर भारत में सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ खुले तौर पर सरकार गिराने की मांग कर रहे हैं।
उनके मुताबिक, यह लड़ाई न तो चुनावी सुधार के लिए है और न ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़ा कोई मुद्दा है। उन्होंने इसे सत्ता हासिल करने की कोशिश बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का भविष्य टकराव में नहीं, बल्कि संवाद और राष्ट्र निर्माण में है।
राष्ट्रीय समाचार
कर्नाटक स्टिंग विरोध: कुमारस्वामी ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त के कार्यालय के बाहर धरना दिया

स्टिंग ऑपरेशन का मामला तब एक नाटकीय मोड़ पर आ गया, जब केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने गुरुवार को बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच की मांग की और राज्य सरकार को चुनौती दी कि वे जांच की शुरुआत उन्हीं से करें।
कुमारस्वामी ने जनता दल (सेक्युलर) के नेताओं के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय की सीढ़ियों पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह के साथ लगभग 30 मिनट तक बैठक भी की।
धरना स्थल पर मीडिया से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा है कि उनके और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा, “आज गृह मंत्री कह रहे हैं कि मेरे और मेरे कार्यकर्ताओं के खिलाफ जांच होगी। अगर जरूरत पड़ी तो हम यहां दो दिन तक बैठने के लिए तैयार हैं। वे दावा करते हैं कि उनके पास जानकारी है तो उन्हें जांच करने दें।”
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि सरकार कथित स्टिंग ऑपरेशन में सीधे तौर पर शामिल लोगों के साथ नरमी बरत रही है, जबकि उन पर शक कर रही है। उन्होंने जांच के इस तरीके पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, “वे जानते हैं कि यह किसने किया है और इस स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कौन है। वे इसमें सीधे तौर पर शामिल लोगों को वीआईपी जैसा बर्ताव दे रहे हैं, जबकि मुझ पर शक कर रहे हैं और मेरी जांच करना चाहते हैं। जांच मुझसे ही शुरू करें और पता लगाएं कि इस मामले में कौन-कौन शामिल है।”
कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने और उनकी पार्टी के नेताओं ने अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से मामले की उचित जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
उन्होंने कहा, “हमने अपना फैसला ले लिया है। हम मुख्यमंत्री शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से कह रहे हैं कि हमें नहीं पता कि आप कितने परिवारों को बर्बाद करेंगे। आप जो करना चाहते हैं करें, लेकिन हम यहीं बैठेंगे और जांच की मांग करेंगे।”
यह विरोध प्रदर्शन कर्नाटक में कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच हो रहा है। कुमारस्वामी लगातार राज्य सरकार को इस मामले से निपटने के तरीके को लेकर चुनौती दे रहे हैं।
बता दें कि कर्नाटक में कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। इससे पहले दिन में कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री शिवकुमार और गृह मंत्री खड़गे को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि वे उन्हें निशाना बनाने के लिए पुलिस और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रहे हैं।
दिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुमारस्वामी ने कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच किसी रिटायर्ड जज की निगरानी में कराने की मांग की और राज्य सरकार को निष्पक्ष जांच करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की कोई जरूरत नहीं है, और जोर देकर कहा कि जांच किसी मौजूदा जज की देखरेख में होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, “शिवकुमार और प्रियांक खड़गे, अगर आपमें हिम्मत है तो किसी रिटायर्ड जज से जांच करवाएं। मैं बहादुरी से बोल रहा हूं और आप लोगों की तरह कायर नहीं हूं। क्या आपको लगता है कि मैं डर जाऊंगा? आपने कहा है कि अगर कोई शक हुआ तो मुझे हिरासत में ले लिया जाएगा। मुझे छूने की हिम्मत करके तो देखिए। फिर आंदोलन शुरू हो जाएगा, और मैं देखूंगा कि आप किस-किस को छू सकते हैं।”
कुमारस्वामी ने कहा कि अगर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कोई गलत काम किया है तो वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई सबूत है तो वे खुद बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर के दफ्तर जाने और पुलिस से उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कहने को भी तैयार हैं।
उन्होंने पूछा, “अगर उन्होंने गलतियां की हैं तो मैं आपका साथ दूंगा। मैं खुद आगे आऊंगा, लेकिन आप राजनीतिक खेल खेलने के लिए अपनी सत्ता और पुलिस का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकते। आप सम्मान के लायक नहीं हैं। क्या आपमें कोई जमीर है?”
अपनी भाषा के लिए जनता से माफी मांगते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पहले कभी इस स्तर तक गिरकर बात नहीं की थी, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि राज्य के हित दांव पर लगे हैं।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
