राजनीति
आर्टिकल 370 निरस्त होने के बाद पहली बार संसद में मौजूद हुए फारूक अब्दुल्ला
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 निरस्त होने के एक साल से अधिक समय के अंतराल के बाद पहली बार संसद के मानसून सत्र में भाग लिया। अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के उन नेताओं में से एक थे जिन्हें पिछले साल 5 अगस्त को केंद्र द्वारा आर्टिकल 370 को रद्द कर दिए जाने के बाद हिरासत में रखा गया था।
अब्दुल्ला इस सत्र में उन आरोपों पर ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं कि जम्मू -कश्मीर में कुछ नेताओं को जम्मू-कश्मीर की स्थिति बदलने के बाद अवैध हिरासत में रखा गया है। लोकसभा कक्ष में कांग्रेस के शशि थरूर और मनीष तिवारी, राकांपा की सुप्रिया सुले, डीएमके के ए. राजा और मुथुवेल करुणानिधि कनिमोझी और अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी सहित वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। वह विपक्षी बेंच की दूसरी पंक्ति में अपनी निर्धारित सीट पर बैठे।
पिछले साल के शीतकालीन सत्र में आर्टिकल 370 निरस्त करने के दौरान, कई विपक्षी नेताओं ने मांग की थी कि अब्दुल्ला को संसद में उपस्थित होने की अनुमति दी जाए। अब्दुल्ला ने तब श्रीनगर में एक भावनात्मक साक्षात्कार में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उन्हें हिरासत से बाहर आने के लिए अपने घर का दरवाजा तोड़ना पड़ा था और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दावे को खारिज कर दिया था कि वह (अब्दुल्ला) कही भी जाने के लिए स्वतंत्र हैं।
फारूक अब्दुल्ला 2002 में जम्मू -कश्मीर से राज्यसभा के लिए चुने गए और 2009 में फिर से निर्वाचित हुए। उन्होंने मई 2009 में राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और श्रीनगर से लोकसभा सीट जीती।
अब्दुल्ला की उपस्थिति से पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की हिरासत पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना है। जबकि जम्मू-कश्मीर के अधिकांश मुख्यधारा के राजनीतिक नेताओं को रिहा कर दिया गया है, जिनमें फारूक और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला भी शामिल हैं, वहीं मुफ्ती को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में ही रखा गया है।
राजनीति
जब देश में संकट होता है तो ऐसे समय में भी कांग्रेस राजनीति करती हैः जेपी नड्डा

नई दिल्ली, 16 मार्च : केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि जब देश में संकट होता है ऐसे समय में कांग्रेस राजनीति करती है। इसके साथ ही उन्होंने एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर कहा कि कांग्रेस के एक नेता एलपीजी गैस सिलेंडरों की जमाखोरी करते हुए पाए गए हैं।
जेपी नड्डा ने सोमवार को यह जानकारी राज्य सभा में रखी। साथ ही, उन्होंने सदन को यह भी बताया कि एलपीजी की यह मौजूदा स्थिति भारत के कारण उपजी नहीं है न ही भारत का इस स्थिति में कोई योगदान है। नड्डा सदन में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दिए गए वक्तव्य का जवाब दे रहे थे।
दरअसल इससे पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश में एलपीजी की कमी का विषय उठाया था। इसके जवाब में राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा ने कहा, “मुझे दुख है कि हमारे यहां विपक्ष, विशेषकर इंडियन नेशनल कांग्रेस, विपत्ति के समय में भी देश में राजनीति करने से पीछे नहीं हटती।”
जेपी नड्डा ने सदन को बताया कि देश में एलपीजी गैस का यह संकट भारत के कारण नहीं आया है और इसमें भारत का कोई योगदान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण उत्पन्न हुआ है। हम सब जानते हैं कि इन्हीं अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते यह संकट पैदा हुआ है।
नड्डा ने कहा कि इस संकट के बारे में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही विस्तार से सदन में जानकारी दे चुके हैं। लेकिन जब वे बोल रहे थे, तब ये लोग सुनने के लिए तैयार नहीं थे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि इसके अलावा, कांग्रेस का एक नेता एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी करते हुए पकड़ा गया है। उन्होंने सिलेंडरों की होर्डिंग करके जनता को उकसाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ये लोग देश के शांतिप्रिय लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।
जेपी नड्डा ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भी राजनीति करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। संकट के समय देश के साथ खड़े होने के बजाय इस मुद्दे को उठाकर देश में खलबली मचाने और अराजकता पैदा करने की कोशिश करना अत्यंत निंदनीय है। गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विषय पर सदन में शून्यकाल के दौरान विस्तृत वक्तव्य दिया।
इस पर जेपी नड्डा ने सभापति से कहा कि यह शून्यकाल है और माननीय सदस्य, जो कि विपक्ष के नेता भी हैं, उन्हें यह पता होना चाहिए कि उन्हें अपनी बात तीन मिनट के भीतर ही रखनी होती है। लेकिन उन्होंने छह मिनट से अधिक समय तक बात की है। इसलिए मुझे लगता है कि इस पर आपका हस्तक्षेप आवश्यक है।
राजनीति
बिहार राज्यसभा चुनाव: शाहनवाज हुसैन का दावा, एनडीए जीतेगी पांचों सीटें

पटना, 16 मार्च : राज्यसभा की 37 सीटों के लिए बिहार सहित 10 राज्यों में आज चुनाव हो रहे हैं। नेता अपने पसंदीदा प्रतिनिधि के लिए मतदान करने पहुंच रहे हैं। बिहार में 5 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान जारी है। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने दावा किया कि एनडीए सभी पांचों की पांच सीटें जीतने वाली है और राजद के प्रत्याशी हारने वाले हैं। राजद और उसके सहयोगियों को अपने गठबंधन पर विश्वास नहीं है। हमारे विधायक एकजुट हैं और हमें बहुत बड़ी संख्या में वोट मिलने वाले हैं।”
शाहनवाज हुसैन ने कहा, “पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी कमल खिलाएगी और ममता बनर्जी की विदाई की तारीख तय हो चुकी है।”
वहीं, भाजपा विधायक विजय खेमका ने मीडिया से बातचीत में कहा, “बहुत अच्छा होगा और बिहार में हमेशा सब कुछ अच्छा ही होता है। देश में भी, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सब कुछ अच्छा चल रहा है। आज जो चुनाव है उसमें मैं भी मतदान करने जा रहा हूं। एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है।”
मतदान करने के बाद मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा, “हमारी पार्टी के सभी विधायकों ने अपना वोट डाल दिया है और हमारी जीत शत प्रतिशत निश्चित है। हम सभी पांच सीटों पर जीत हासिल कर रहे हैं। हमारे पास संख्या बल पर्याप्त है। जो लोग राज्य की तरक्की चाहते हैं, वे हमारे पक्ष में मतदान करेंगे।”
जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने कहा, “पहली बार मतदान करने का उत्साह है। मुझे इस बात की और भी ज़्यादा खुशी है कि आज हम सभी पांचों की पांचों सीटें जीत रहे हैं।”
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा, “हमारी एनडीए की जीत 100 फीसदी सुनिश्चित है, अब बस औपचारिक घोषणा बाकी हैं।”
आज महाराष्ट्र से सात, तमिलनाडु से छह, बिहार और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच, ओडिशा से चार, असम से तीन, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरियाणा से दो-दो और हिमाचल प्रदेश से एक सीट के लिए चुनाव हो रहा है।
लोकसभा का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और कार्यकाल पूरा होने के बाद भंग हो जाता है, जबकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और बिना किसी रुकावट के निरंतर कार्य करती रहती है। उच्च सदन के सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है, जिसमें एक तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। इन खाली पदों को भरने के लिए चुनाव आयोजित किए जाते हैं, जिससे सदन में निरंतरता और अनुभव सुनिश्चित होता है।
महाराष्ट्र
मुंबई: एस आई आर को लेकर मुस्लिम ही नहीं हिंदू भी परेशान हैं, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी सरकार और चुनाव आयोग की आलोचना की

मुंबई : समाजवादी पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट और सांसद अखिलेश यादव ने साफ कर दिया है कि एस आई आर की वजह से सिर्फ मुसलमानों को ही दिक्कत नहीं हुई है, बल्कि उत्तर प्रदेश में हिंदुओं को भी लाइनों में लगने के लिए मजबूर होना पड़ा है। एस आई आर की वजह से हिंदुओं को भी दिक्कत हो रही है। मुख्यमंत्री भी इससे घबरा गए और कहा कि हमारे 4 करोड़ वोट कट गए। जो लोग मुसलमानों के कागज ढूंढ रहे थे, अब उन्होंने सभी हिंदू भाइयों को लाइन में लगा दिया है। हिंदू भाई कागज ढूंढ रहे हैं। यू पी में एस आई आर की चिंता विपक्ष को नहीं, बल्कि सत्ताधारी पार्टियों को है। फर्जी वोट डाले गए। उपचुनावों में इलेक्शन कमीशन चुप रहा, और उसकी निष्पक्षता और ईमानदारी पर भी सवाल उठे। अखिलेश यादव ने कहा कि एस आई आर की वजह से विपक्ष को कोई दिक्कत नहीं है। वह यहां मुंबई में एक समिट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की और दावा किया कि ममता बनर्जी एक बार फिर पश्चिम बंगाल लौटेंगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी भी मौजूद थे। अखिलेश यादव ने इलेक्शन कमीशन और यू पी सरकार की भी कड़ी आलोचना की है और सरकार के तरीकों और सांप्रदायिकता पर भी सवाल उठाए हैं।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र9 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
-
अपराध4 years agoबिल्डर पे लापरवाही का आरोप, सात दिनों के अंदर बिल्डिंग खाली करने का आदेश, दारुल फैज बिल्डिंग के टेंट आ सकते हैं सड़कों पे
-
अपराध3 years agoपिता की मौत के सदमे से छोटे बेटे को पड़ा दिल का दौरा
-
महाराष्ट्र12 months agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
