अंतरराष्ट्रीय समाचार
वांग यी ने ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की वीडियो बैठक में भाग लिया
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 4 सितंबर को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की एक वीडियो बैठक में भाग लिया। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बैठक की अध्यक्षता की। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, दक्षिण अफ्रीकी विदेश मंत्री नलदेई पंडोर और ब्राजील के विदेश मंत्री अर्नेस्टो आराजो ने बैठक में भाग लिया। वांग यी ने कहा कि ब्रिक्स देशों ने कोविड-19 महामारी के प्रभाव को दूर करते हुए अर्थव्यवस्था, व्यापार व वित्त, राजनीतिक सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सिलसिलेवार गतिविधियों का आयोजन किया और पूरी तरह अर्थव्यवस्था, राजनीति, संस्कृति आदि के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया। जिससे एक-दूसरे को समर्थन देने और एक साथ कठिनाइयों को दूर करने वाले साझेदारी संबंधों को दशार्या गया। ब्रिक्स देशों को अंतरराष्ट्रीय शांति और वैश्विक विकास की जिम्मेदारी लेनी, संयुक्त रूप से महामारी की चुनौतियों का मुकाबला करना, बहुपक्षवाद को बढ़ाना, विश्व आर्थिक बहाली को तेज करना और गर्म मुद्दों के राजनीतिक समाधान को बढ़ावा देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगले चरण में सभी पक्षों को वार्ता की तैयारी करनी चाहिए और राजनीतिक सुरक्षा सहयोग के आधार को मजबूत करना चाहिए। साथ ही आर्थिक, व्यापारिक और वित्तीय सहयोग की इमारत का निर्माण करने की जरूरत है और सांस्कृतिक आदान-प्रदान व सहयोग के बंधन को मजबूत करना होगा। जब तक हम एकजुट रहेंगे और एक साथ सहयोग करेंगे, तब तक ब्रिक्स देश विश्व शांति और स्थिरता बनाए रखने की शक्ति, वैश्विक सामान्य विकास को प्रेरित करने की शक्ति, और अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता व न्याय को बढ़ावा देने की शक्ति बन सकता है। यह न केवल ब्रिक्स देशों के समान हितों के अनुरूप है, बल्कि पूरी दुनिया को भी इससे लाभ मिलेगा।
बैठक में उपस्थित पाँच पक्षों ने वैश्विक स्थिति, क्षेत्रीय गर्म मुद्दों और ब्रिक्स देशों के सहयोग पर गहन रूप से चर्चा की। सभी पक्षों ने सहमति जताते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति में ब्रिक्स देशों को एकता मजबूत करते हुए चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से खुलेंगे आर्थिक विकास के नए रास्ते : साइमन वॉट्स

न्यूजीलैंड के राजस्व मंत्री साइमन वॉट्स ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को भारत-न्यूजीलैंड संबंधों में एक अहम मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर हस्ताक्षर करना दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे दोनों देशों के लिए आर्थिक अवसर खुलेंगे और साथ ही नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति उनकी साझा प्रतिबद्धता भी मजबूत होगी।
वॉट्स ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए दोनों देशों के आपसी संबंधों में एक ‘बड़ा कदम’ है और इससे दोनों देशों को काफी आर्थिक फायदा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, “यह हमारे आपसी संबंधों की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे दोनों देशों के लिए आर्थिक फायदे के अहम रास्ते खुलते हैं। यह उन दो देशों के संबंधों को और मजबूत करता है जिनकी सोच नियम-आधारित व्यवस्था और बहुपक्षीय दृष्टिकोण के मामले में काफी मिलती-जुलती है।”
वर्तमान समय को न्यूजीलैंड के लिए “बहुत अहम पल” बताते हुए वॉट्स ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करना वेलिंगटन और नई दिल्ली के बीच मजबूत होते रिश्तों को दर्शाता है।
उन्होंने से कहा, “न्यूजीलैंड के लिए प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करना एक बहुत ही अहम पल है। इससे न्यूजीलैंड और भारत के बीच मजबूत होते रिश्तों को और बढ़ावा मिलता है। एफटीए पर हस्ताक्षर करना दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक बड़ा कदम है और न्यूजीलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए भी यह एक बड़ी बात है।”
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक छवि की भी तारीफ की और कहा कि यह दौरा इस बात का मजबूत संकेत है कि दोनों देश इस साझेदारी को कितना रणनीतिक महत्व देते हैं।
वॉट्स ने कहा, “वह वैश्विक स्तर पर एक अहम हस्ती हैं। हमारे प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के लिए न्यूजीलैंड में उनकी मेजबानी करना सम्मान की बात है। प्रधानमंत्री मोदी का न्यूजीलैंड आना रिश्तों को और मजबूत करने वाला है। वह संकेत दे रहे हैं कि यह एक रणनीतिक रिश्ता है और हम यहां उनकी मेजबानी करने के लिए बहुत उत्साहित हैं।”
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरानी विदेश मंत्री ने पाकिस्तान, ओमान और तुर्किए के अधिकारियों से फोन पर की बात, क्षेत्रीय घटनाक्रम पर हुई चर्चा

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ईरान पर अमेरिका के नए हमलों के बाद अपने ओमानी और तुर्किए समकक्षों के साथ बातचीत की। ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, अराघची ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ के साथ भी फोन पर बात की। तीनों नेताओं के साथ अलग-अलग फोन कॉल में इलाके के नए विकास पर चर्चा की।
मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि ओमानी विदेश मंत्री सैय्यद बद्र बिन हमद अल बुसैदी और तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान के साथ फोन पर बातचीत में अराघची ने होर्मुज स्ट्रेट में हाल के घटनाक्रम और आम चिंता के दूसरे मुद्दों पर चर्चा की।
बयान में कहा गया कि उन्होंने क्षेत्रीय मुद्दों को सुलझाने और आगे तनाव बढ़ने से रोकने के लिए डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाने और संपर्क और तालमेल बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से साझा बयान के अनुसार, पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ असीम मुनीर के साथ फोन पर हुई बातचीत में, अराघची ने ईरान पर हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की और इसे यूएन चार्टर और हाल ही में हस्ताक्षर किए गए ईरान-अमेरिका शांति समझौते (एमओयू) का खुला उल्लंघन बताया।
अराघची ने अमेरिकी सेना के किसी भी कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी और ईरान के अपनी क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करने के पक्के इरादे को दोहराया।
अमेरिका ने कहा कि उसकी सेना ने बुधवार और गुरुवार को ईरान के अंदर कई ठिकानों पर हमले किए। यह हमले होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के नए हमलों के जवाब में किए गए।
अमेरिका ने कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद इस अहम जलमार्ग में कमर्शियल जहाजों को खतरा पहुंचाने की ईरान की क्षमता को कम करना था।
ईरानी अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका के रात भर के हमलों में 14 लोग मारे गए और 78 अन्य घायल हो गए और एक पुल और एक रेलवे को नुकसान पहुंचा।
जवाबी कार्रवाई में, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स और सेना ने कहा कि उन्होंने कुवैत, बहरीन, कतर और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस और जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
ताजा तनाव इस पृष्ठभूमि के बीच आया है, जब ईरान और अमेरिका ज्ञापन समझौते के तहत 60 दिन की बातचीत कर रहे हैं, जिसका मकसद अंतिम समझौते पर पहुंचना है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने पीएसीटीएस लॉन्च किया, साइबर और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर गुरुवार को पार्टनरशिप ऑन साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी एंड सप्लाई चेन (पीएसीटीएस) को लॉन्च किया। इसका उद्देश्य साइबर और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना है।
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, “पीएसीटीएस का मकसद राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा में हमारे साझा हितों का समर्थन करना, हमारे सहयोगियों को अधिक डिजिटल विकल्प देकर सशक्त बनाना, अहम सप्लाई चेन को अधिक मजबूत बनाना और ग्लोबल साइबर क्षमता को मजबूत करना है।”
पीएसीटीएस पांच आपस में जुड़े हुए स्तंभों पर एक साझा रणनीतिक विजन के साथ आगे बढ़ेगा, इनमें सप्लाई चेन की मजबूती और विविधता, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, डिजिटल मजबूती और डिफेंस रिसर्च में सहयोग शामिल है।
मंत्रालय ने कहा कि इनमें से हर स्तंभ के तहत, भारत और ऑस्ट्रेलिया प्राइवेट सेक्टर, यूनिवर्सिटीज, रिसर्च संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मौकों और खास प्रोजेक्ट्स की पहचान करेंगे।
बयान में कहा गया, “ऑस्ट्रेलिया और भारत मिलकर दोनों देशों के बढ़ते तकनीकी उद्योगों को सहारा देने के लिए सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाने की दिशा में काम करेंगे। इसमें सुरक्षा से जुड़े नियमों को बढ़ावा देना, साथ ही नियमों पर आधारित द्विपक्षीय टेक्नोलॉजी व्यापार और सप्लाई चेन को मजबूत करना शामिल है।”
इसमें सेमीकंडक्टर और जरूरी खनिजों की सप्लाई चेन – जिसमें रीसाइक्लिंग और रिकवरी भी शामिल है – पर मिलकर काम किया जाएगा। साथ ही, ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय व्यवसायों के बीच कमर्शियल सहयोग और व्यापार में विविधता लाने को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
पीएसीटीएस लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित, आम सहमति वाले और कई पक्षों को शामिल करने वाले फ्रेमवर्क विकसित करके भरोसेमंद और सुरक्षित एआई के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों और बेंचमार्क को आगे बढ़ाने की वैश्विक कोशिशों का लाभ उठाएगा।
बयान में कहा गया कि ऑस्ट्रेलिया और भारत, मल्टी-डोमेन रक्षा चुनौतियों और क्षमताओं की साझा समझ को आगे बढ़ाने के लिए रक्षा अनुसंधान साझेदारियों का लाभ उठाने की दिशा में मिलकर काम करेंगे।
-
दुर्घटना10 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
