Connect with us
Friday,16-October-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

बाइडेन ने स्वीकारा डेमोकेट्रिक पार्टी के राष्ट्रपति पद का नामांकन

Published

on

Joe-Biden

अमेरिका के पूर्व उप राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 3 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव के लिए डेमोकेट्रिक पार्टी की तरफ से नामांकन को स्वीकार कर लिया है। एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार रात को चार-दिवसीय डेमोक्रेटिक नेशनल कंवेन्शन के अंतिम दिन उन्होंने अपना स्वीकृति भाषण प्रस्तुत किया।

अपने होमटाउन डेलावेयर के विलमिंगटन में आयोजित इस समारोह में 77 वर्षीय बाइडेन ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन को स्वीकार करना एक बहुत बड़े सम्मान और विनम्रता की बात है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह अब हम सभी के साथआने व कोई भी गलती न करने का वक्त है। साथ में मिलकर हम अमेरिका में छाए इस मुसीबत की घड़ी से विजय प्राप्त करेंगे। हम डर पर उम्मीद, कल्पनाओं पर तथ्यों और सुविधा पर सटीकता का चुनाव करेंगे।”

अपनी बात को जारी रखते हुए वह आगे कहते हैं, “मैं एक स्वाभिमानी डेमोक्रेट हूं और आम चुनाव में अपने पार्टी के बैनर को आगे ले जाना मेरे लिए गर्व की बात है, लेकिन भले ही मैं एक डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हूं, बनूंगा मैं अमेरिकी राष्ट्रपति ही। जो मेरे लिए मतदान करेंगे, मैं उनके लिए कड़ी मेहनत करूंगा और साथ ही उनके लिए भी ऐसा करना जारी रखूंगा जिन्होंने मुझे अपना समर्थन नहीं दिया है। यही एक राष्ट्रपति का काम है, जो अपनी पार्टी व अपने लोगों तक सीमित न रहकर सभी का प्रतिनिधित्व करे।”

बाइडेन ने कहा, “यह पल सिर्फ मेरे लिए खास नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण अमेरिका के लिए है।”

उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ने अमेरिका को काफी लंबे समय तक अंधेरे में रखा है और काफी ज्यादा नफरत, डर और विभाजन फैलाया है।

अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति चुने जाते हैं, इस पर बाइडेन कहते हैं, “कोरोनावायरस के मामले और मौतों का इजाफा जारी रहेगा। कई घरेलू, स्वतंत्र व्यवसाय बंद कर दिए जाएंगे। कामकाजी लोगों को संघर्ष का सामना करना पड़ेगा और जो समर्थ हैं उन्हें काफी ज्यादा टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा। सस्ती देखभाल अधिनियम पर तब तक हमले होते रहेंगे जब तक कि यह पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता।”

पूर्व उप राष्ट्रपति ने यह भी कहा, “वायरस से अमेरीकियों की रक्षा करने के लिए ट्रंप अपनी बुनियादी जिम्मेदारियों को भी पूरा कर पाने में विफल रहे हैं।”

अंतरराष्ट्रीय समाचार

सऊदी अरब पर हूती व‍िद्रोह‍ियों के हमलों का विरोध, भारत की सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील

Published

on

भारत ने सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के लगातार हो रहे हमलों के बीच अपनी एकजुटता व्यक्त की है। इन हमलों में एक भारतीय नागरिक की भी जान चली गई है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने गुरुवार को कहा क‍ि सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के मामले में भारत, वहां की सरकार और जनता के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मध्य पूर्व की स्थिति पर आयोजित तिमाही खुली बहस के दौरान कहा कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव बेहद चिंताजनक है।

हरीश ने कहा क‍ि मौजूदा हालात अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुके हैं। हम सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील करते हैं। हालांकि उन्होंने किसी संगठन का नाम नहीं लिया, लेकिन सऊदी अरब पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की।

उन्होंने कहा क‍ि हम पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब के हवाई अड्डों सहित नागरिक ढांचे पर हुए बार-बार के हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। हरीश ने बताया कि इन हमलों में कई लोगों की जान गई है, जिनमें एक भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ अली भी शामिल हैं।

हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद यूसुफ अली एक आईटी इंजीनियर थे। उनकी शनिवार को रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले में मौत हो गई। वह इस्लाम के पवित्र स्थल की यात्रा पर गए हुए थे।

हूती विद्रोही यमन का एक शक्तिशाली समूह है, जिसे ईरान का समर्थन प्राप्त माना जाता है। यह समूह यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ लड़ रहा है और सऊदी अरब पर भी हमले करता रहा है। सऊदी अरब यमन की सरकार का समर्थन करता है। भारत ने यमन की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना समर्थन दोहराया।

हरीश ने कहा, “भारत यमन गणराज्य की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराता है और उसके आंतरिक मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप का विरोध करता है।”

उन्होंने कहा कि बाब-अल-मंदेब स्‍ट्रेट और दक्षिणी लाल सागर की सुरक्षा पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है। इसके अलावा भारत ने समुद्री मार्गों पर हो रहे हमलों की भी निंदा की।

हरीश ने कहा क‍ि हम समुद्री जहाजों और नाविकों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। इनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखना पूरी दुनिया के हित में है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

आपदा प्रबंधन के लिए नेपाल-विश्व बैंक में करार, जारी होगा कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड

Published

on

नेपाल और विश्व बैंक समूह का हिस्सा, ‘इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट’ (आईबीआरडी) ने डिजास्टर ‘कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड’ बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह बॉन्ड हिमालयी देश नेपाल को किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तुरंत फंड (धनराशि) जुटाने में मदद कर सकता है।

वर्ल्ड बैंक ने एक बयान में कहा कि यह समझौता एक कैटास्ट्रॉफ बॉन्ड की फिजिबिलिटी और पोटेंशियल स्ट्रक्चर (व्यवहार्यता और संभावित संरचना) का आकलन करने में सहयोग की शुरुआत है, जिसके तहत नेपाल अपने आपदा संबंधी जोखिमों का कुछ हिस्सा इंटरनेशनल कैपिटल मार्केट में ट्रांसफर कर सकता है और प्राकृतिक आपदा के लिए अपनी वित्तीय संबंधी तैयारी को मजबूत कर सकता है।

समझौते के तहत, विश्व बैंक समूह कोषागार नेपाल सरकार और मार्केट पार्टिसिपेंट्स के साथ मिलकर प्रस्तावित लेन-देन का मूल्यांकन करेगा।

यह पहल ऐसे समय में हुई है जब नेपाल 26 अगस्त को भोटेकोशी और त्रिशूली नदी बेसिन में आई भयानक बाढ़ के बाद भविष्य की किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने की तैयारी करने और उनसे उबरने की अपनी क्षमता को मजबूत करना चाहता है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम पुनर्निर्माण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ में लगभग 1,500 लोग मारे गए हैं, जबकि 5,000 से ज्यादा लापता हैं।

नेपाल-चीन बॉर्डर के पास एक भूस्खलन के कारण नदी का बहाव रुक गया था, जिससे बाढ़ आई और कई इंसानी बस्तियां, एक दर्जन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, एक सोलर प्लांट और कई सड़कें और पुल बह गए। वर्ल्ड बैंक की ग्लोबल रैपिड पोस्ट-डिजास्टर डैमेज एस्टिमेशन रिपोर्ट के मुताबिक, भौतिक या वस्तुगत नुकसान का अनुमान 1.66 बिलियन यूएस डॉलर है।

वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, नेपाल भूकंप, बाढ़, लैंडस्लाइड और मौसम से जुड़े दूसरे खतरों के लिए लिहाज से बहुत संवेदनशील देश है। इस वजह से इंफ्रास्ट्रक्चर को बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है, आर्थिक गतिविधियों में रुकावट आ सकती है और पब्लिक फाइनेंस पर काफी दबाव पड़ सकता है।

कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड एक फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट (वित्तीय साधन) है जो प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न वित्तीय जोखिम को सरकारों या बीमा कंपनियों से हटाकर निजी निवेशकों पर स्थानांतरित करते हैं और यह प्रक्रिया वैश्विक वित्तीय बाजारों के माध्यम से होती है। बॉन्ड की शर्तों के आधार पर, अगर कोई खास आपदा आती है तो निवेशक अपना कुछ या पूरा मूलधन खो सकते हैं, जिससे फंड का इस्तेमाल पीड़ित संस्था या देश को सपोर्ट करने के लिए किया जा सकता है।

वर्ल्ड बैंक ने कहा, “ऐसे इंस्ट्रूमेंट आपदा फाइनेंसिंग का एक दूसरा सोर्स दे सकते हैं, जिससे सरकारें शायद सिर्फ बजट रीएलोकेशन या आपदा के बाद की मदद पर निर्भर रहने के बजाय ज्यादा तेजी से फंड एक्सेस कर सकेंगी।”

यह पहल वर्ल्ड बैंक ग्रुप के शुरू किए गए कैटास्ट्रॉफी बॉन्ड प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसने देशों को आपदा जोखिमों को ट्रांसफर करने और प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ फाइनेंशियल सुरक्षा हासिल करने के लिए इंटरनेशनल कैपिटल मार्केट तक पहुंचने में मदद की है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

उत्तर कोरिया ने दागी रणनीतिक क्रूज मिसाइलें, न्यूक्लियर अटैक सबमरीन से परीक्षण की आशंका

Published

on

प्योंगयाग ने बुधवार को पूर्वी सागर में पनडुब्बी से दागी जाने वाली दो तरह की रणनीतिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया। आशंका जताई जा रही है कि 3,000-टन श्रेणी का परीक्षण उस न्यूक्लियर अटैक सबमरीन (पनडुब्बी) से किया गया है जिसे 2023 में लॉन्च किया गया था।

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के हवाले से योनहाप न्यूज एजेंसी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। हालिया परीक्षण में मिसाइलें पनडुब्बी से दागी गईं या किसी अन्य परीक्षण मंच से, इस बारे में केसीएनए रिपोर्ट में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

केसीएनए के अनुसार, परीक्षण का उद्देश्य पानी के भीतर संचालित होने वाली हथियार प्रणालियों की मौजूदा परिचालन तैयारी का आकलन करना था। उत्तर कोरिया ने दावा किया कि इस परीक्षण से नौसेना की रणनीतिक अभियानों को अंजाम देने की क्षमता मजबूत होगी और देश की प्रतिरोधक क्षमता की विश्वसनीयता प्रदर्शित होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षण की निगरानी सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य किम जोंग-सिक और मिसाइल प्रशासन के महानिदेशक जांग चांग-हा ने की। नौसेना की अंडरवाटर हथियार प्रणालियों से जुड़े इंजीनियर भी इस दौरान मौजूद थे।

हालांकि, केसीएनए ने मिसाइलों के नाम, उनकी मारक दूरी और परीक्षण के तकनीकी विवरणों का खुलासा नहीं किया। दक्षिण कोरिया की ओर से भी बुधवार के परीक्षण को लेकर तत्काल कोई विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई।

यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर कोरिया ने सोमवार को भी प्योंगयांग क्षेत्र से पूर्वी सागर की ओर कई सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। केसीएनए ने मंगलवार को कहा था कि उस परीक्षण का उद्देश्य एक महत्वपूर्ण तकनीकी घटक के उन्नयन में मिली सफलता की पुष्टि करना था।

पनडुब्बी से दागी जाने वाली रणनीतिक मिसाइलों का विकास उत्तर कोरिया की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है। ऐसी प्रणालियां समुद्र के भीतर से हमला करने की क्षमता प्रदान कर सकती हैं, जिससे विरोधी देशों के लिए उनके प्रक्षेपण स्थल का पता लगाना और समय रहते जवाबी कार्रवाई करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

उत्तर कोरिया ने अपने सैन्य कार्यक्रमों को देश की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने से जोड़ा है। वहीं, कोरियाई प्रायद्वीप में हाल के मिसाइल परीक्षणों और दोनों कोरियाई देशों के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार57 minutes ago

‘सपा के समर्थन के बिना रायबरेली सीट भी जीत पाओगे या नहीं?’, राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर कटाक्ष

व्यापार1 hour ago

वैश्विक संकेतों के बीच सपाट खुला बाजार, सेंसेक्स 0.40 प्रतिशत फिसला; आईटी और मेटल शेयरों में खरीदारी

मनोरंजन1 hour ago

दूसरी प्रेग्नेंसी में माधुरी को पसंद था मसालेदार खाना, कहा- अब बेटा खाता है सबसे तीखा

महाराष्ट्र2 hours ago

विरार में महिला ने की आत्महत्या, फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी की तलाश जारी

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत : निर्मला सीतारमण

अंतरराष्ट्रीय समाचार2 hours ago

सऊदी अरब पर हूती व‍िद्रोह‍ियों के हमलों का विरोध, भारत की सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील

राजनीति2 hours ago

‘लखनऊ एक्सप्रेस’ का इंजन फेल हो गया है, राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अखिलेश का तंज

राष्ट्रीय समाचार17 hours ago

कर्नाटक स्टिंग विरोध: कुमारस्वामी ने बेंगलुरु पुलिस आयुक्त के कार्यालय के बाहर धरना दिया

राष्ट्रीय समाचार18 hours ago

हरियाणा सरकार ने 15.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की

राष्ट्रीय समाचार18 hours ago

गुजरात में स्वच्छ तीर्थ अभियान को सफलता, 2024 से अब तक 906 टन तीर्थयात्रा कचरे का किया प्रसंस्करण

अपराध7 days ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

बॉलीवुड2 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

खेल4 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

राजनीति6 days ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार6 days ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

राजनीति3 weeks ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

मनोरंजन4 weeks ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

व्यापार2 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

मनोरंजन3 weeks ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

रुझान