राजनीति
33 करोड़ भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करेंगे : पोखरियाल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को कहा कि सरकार कोविड -19 महामारी के दौरान 33 करोड़ भारतीय छात्रों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा, ‘एक-राष्ट्र, एक-डिजिटल मंच के माध्यम सेए हम गारंटी देंगे कि हर छात्र सीखने से जुड़ा हुआ हो, हर एक को कनेक्टिविटी और पहुंच का आश्वासन दे रहे है। ‘
पोखरियाल ने ओ. पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हायर एजुकेशन रिसर्च एंड कैपेसिटी बिल्डिंग द्वारा आयोजित एक वैश्विक आभासी सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद यह टिप्पणी की।
‘रीईमेजनिंग एंड ट्रांसफॉमिर्ंग द यूनिवर्सिटी’ नामक इस सम्मेलन 15 देशों के 80 से अधिक विचारशील नेताओं के साथ लाया गया जिसमें 15 विषयगत पैनल चर्चा, चार मुख्य भाषण और दो विशेष संवाद शामिल हैं, जिसमें एक विशेष पैनल भी शामिल है।
इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कोविड-19 चुनौती को अवसरों में बदलने के लिए भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रयासों की सराहना की।
डिजिटल लनिर्ंग, ऑनलाइन शिक्षा और कई डिजिटल प्लेटफार्मों के विकास पर सी. राज कुमारए वाइस चांसलर, ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने कहा, ‘इस संकट को दूर करने के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों को सक्षम किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 भारतीय छात्रों की शैक्षिक आकांक्षाओं के लिए एक बेहतरीन योजना साबित होगी, जो दुनिया में सबसे अच्छा मुकाबला करेगी। यह सम्मेलन दुनिया भर के विश्वविद्यालयों की चिंताओं और मुद्दों का सामना करने और विश्वविद्यालयों, राष्ट्रों और दुनिया के एक मजबूत भविष्य के लिए आगे का रास्ता तलाशने के लिए एक सामूहिक प्रयास के निर्माण के लिए हमारी ²ष्टि की उन्नति है।’
‘दुनिया भर के वैज्ञानिकों और शोधकतार्ओं के काम के माध्यम से इस संकट को दूर करने में हमारी मदद करने के मामले में न केवल विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों की एक अद्वितीय भूमिका है, बल्कि अर्थव्यवस्था, राजनीति और समाज के निर्माण के लिए, लचीलापन बनाते हुए हमारे अपने संस्थानों में पढ़ रहे युवा।’
इस सम्मेलन की मेजबानी जेजीयू द्वारा की गई थी और आईआईएचईडी ने वैश्विक शिक्षा नेटवर्क . एसोसिएशन ऑफ कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटीज, एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज, कोइम्ब्रा ग्रुप ऑफ ब्राजीलियन यूनिवर्सिटीज, स्टार स्कॉलर्स नेटवर्क और कतर फाउंडेशनके साथ साझेदारी की थी। ।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष डी. पी. सिंह ने कहा, ‘शैक्षिक परि²श्य एक उल्लेखनीय परिवर्तन की प्रक्रिया में है और हम सभी के लिए शिक्षा की पहुंच में सुधार के लिए तकनीकी समाधान बना सकते हैं।’
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के महासचिव पंकज मित्तल ने कहा ‘महामारी ने हमें सीखने के लिए अभिनव समाधानों पर ध्यान दिया है। हमने ऑनलाइन शिक्षण को मजबूत करने के लिए संसाधन बनाए हैं और एक अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) स्थापित करेंगे जहां एक छात्र को अब अपनी योग्यता प्राप्त करने के लिए सिर्फ एक संस्थान से जुड़े रहने की आवश्यकता नहीं है।’
राजनीति
पीएम मोदी की पहल से 18,452 गांवों तक पहुंची बिजली, करोड़ों घरों को मिला कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर एक्स हैंडल ‘मोदी स्टोरी’ ने भारत में गांवों और घरों तक बिजली पहुंचाने की पहल को लेकर एक पोस्ट साझा किया है। पोस्ट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री बनने के समय देश के हजारों गांव अब भी बिजली से वंचित थे और बाद में विभिन्न योजनाओं के जरिए सभी गांवों तक बिजली पहुंचाई गई।
पोस्ट के मुताबिक, जब नरेंद्र मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बने, तब भारत के 18,452 गांवों में बिजली नहीं पहुंची थी। इसके बाद उन्होंने शेष सभी गांवों तक बिजली पहुंचाने का मिशन शुरू किया।
पोस्ट में कहा गया है कि दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत देश के सभी गांवों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया गया। इसके बाद सौभाग्य योजना के माध्यम से गांवों से आगे बढ़ते हुए घर-घर बिजली पहुंचाने का अभियान चलाया गया और 2.86 करोड़ परिवारों को बिजली कनेक्शन दिए गए।
मोदी स्टोरी ने यह भी कहा कि इस पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री बनने से पहले गुजरात में हो चुकी थी। पोस्ट के अनुसार, नरेंद्र मोदी ने 2006 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए ज्योतिग्राम योजना शुरू की, जिसके तहत 18,000 से अधिक गांवों तक बिजली पहुंचाई गई।
पोस्ट में दावा किया गया है कि इस योजना की उपलब्धियों से प्रभावित होकर तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम गुजरात पहुंचे, एक ज्योतिग्राम गांव का दौरा किया और योजना को राष्ट्र को समर्पित किया।
पोस्ट के अनुसार, ज्योतिग्राम योजना के पहले 1,000 दिनों में करीब 20 लाख बिजली के खंभे लगाए गए, एक लाख किलोमीटर बिजली लाइन बिछाई गई और 18,000 से अधिक गांवों का विद्युतीकरण किया गया।
पोस्ट के अंत में इसे प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों की सेवा यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया गया है।
राष्ट्रीय समाचार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी गुट के 3 खातों का इस्तेमाल जारी रखने के अधिकार को बरकरार रखा

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट के तीन बैंक खातों में मौजूद रकम का आंशिक और शर्तों के साथ इस्तेमाल जारी रखने की इजाजत दे दी। यह इजाजत तब दी गई है जब चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज कर दिया है।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने साफ किया कि भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) का वह आदेश, जिसमें “ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” नाम और “फूल और घास” चुनाव चिह्न को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है, ममता बनर्जी गुट को खातों पर अधिकार देने वाले कोर्ट के पहले के आदेश पर कोई असर नहीं डालेगा।
उन्होंने कहा कि आयोग ने कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है बल्कि अगले महीने पूर्वी मिदनापुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनावों के लिए ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर सिर्फ एक अंतरिम आदेश दिया है।
इसलिए, जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि ईसीआई के अंतरिम आदेश के बाद भी कोर्ट तीन बैंकों के खातों में मौजूद रिजर्व के “आंशिक” और “शर्तों के साथ” इस्तेमाल के बारे में अपने पिछले फैसले पर ही कायम है। उन्होंने कहा कि 29 जनवरी 2027 तक इन फंड से पैसे खर्च करने का अधिकार ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल के पास ही रहेगा।
पिछले हफ्ते आए चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के मुताबिक, ममता बनर्जी गुट और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले ‘बागी लेकिन बहुमत वाले’ गुट में से किसी को भी फिलहाल पार्टी का नाम या उसका चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं होगी।
ऐसे में राज्य सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने दलील दी कि ईसीआई के अंतरिम आदेश को देखते हुए दोनों में से किसी भी गुट का उन तीन बैंक खातों पर अधिकार नहीं होना चाहिए, क्योंकि ये खाते “ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस” के नाम पर थे।
हालांकि, कोर्ट ने कहा कि चूंकि कमीशन ने एक अंतरिम आदेश दिया था, इसलिए कोर्ट अपनी पिछली स्थिति पर ही कायम रहेगा। राज्य पुलिस ने एक प्राइवेट बैंक में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के तीन अकाउंट्स को अवैध लेन-देन के आरोपों के कारण फ्रीज कर दिया था और ममता बनर्जी गुट ने कलकत्ता हाईकोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी थी।
जस्टिस भट्टाचार्य ने पहले खर्च वाले बैंक अकाउंट्स को मैनेज करने के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया था। इस साल 9 जुलाई को कोर्ट ने फैसला सुनाया कि फिलहाल बैंक अकाउंट्स पर ममता बनर्जी गुट का कंट्रोल रहेगा। हालांकि, वे बेरोकटोक पैसे खर्च नहीं कर पाएंगे। कोर्ट द्वारा नियुक्त अधिकारी उन्हें रोजमर्रा के कामकाज और कर्मचारियों की सैलरी के लिए फंड का इस्तेमाल करने की इजाजत देगा। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश अगले साल 29 जनवरी तक लागू रहेगा।
इसके अलावा, कोर्ट ने पुलिस से उन अकाउंट्स में हुए अवैध लेन-देन की जांच करने और रिपोर्ट सौंपने को भी कहा। इसी के तहत, सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने जांच की और रिपोर्ट सौंपी।
राष्ट्रीय समाचार
हैदराबाद में 10 रुपए के चेंज को लेकर विवाद, ऑटो ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या

हैदराबाद के पुराने शहर में 10 रुपए के चेंज को लेकर हुए विवाद के बाद कुछ लोगों ने एक ऑटो चालक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना रविवार शाम को फलकनुमा पुलिस स्टेशन के इलाके वट्टेपल्ली में हुई।
ऑटो चालक की पहचान मोहम्मद मुकर्रम (42) के तौर पर हुई। भाई मोहम्मद अफरोज ने बताया कि परिवार वालों के सामने ही बेरहमी से मारपीट कर हत्या कर दी गई।
अफरोज के मुताबिक, जब एक यात्री ने 10 रुपए के किराए के बदले मुकर्रम को 200 रुपए का नोट दिया, तो मुकर्रम ने उससे चेंज देने को कहा। इस बात पर बहस हो गई और यात्री ने कुछ और लोगों को बुला लिया, जिन्होंने मुकर्रम की बुरी तरह पिटाई की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
अफरोज ने आरोप लगाया कि हत्या में एक स्थानीय न्यूज चैनल का रिपोर्टर अजीम, शोएब और 6-8 अन्य लोग शामिल थे।
मीडिया के सामने रोते हुए अफरोज ने बताया कि, “मेरे भाई को मिर्गी की बीमारी थी और उनका दिल कमजोर था। वह लगातार हमलावरों से भाई को छोड़ने की गुजारिश करता रहा लेकिन वे नहीं रुके।”
मुकर्रम के परिवार में पत्नी और चार बच्चे हैं। अफरोज ने सरकार से मांग की कि हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाकर परिवार को न्याय दिलाया जाए। पुलिस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के विधायक मोहम्मद मुबीन ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।विधायक ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने वट्टेपल्ली इलाके में अपराध की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई और पुलिस से गश्त बढ़ाने की मांग की।
शहर में पिछले दो सप्ताह में आठ हत्याएं हो चुकी हैं। भीड़-भाड़ वाली जगहों पर हत्या के लिए चाकू, दरांती और अन्य धारदार हथियारों का इस्तेमाल लोगों के बीच बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।
पिछले सप्ताह, बांडलागुडा इलाके में एक शराब की दुकान के परमिट रूम के अंदर एक हिस्ट्रीशीटर की हत्या कर दी गई थी। हत्या के पीछे बचपन के एक दोस्त से पुरानी दुश्मनी को वजह बताया गया था।
हत्याओं के सिलसिले पर चिंता जताते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में मांग की कि सरकार पुलिस की खास ‘एंटी-मर्डर स्क्वाड’ (हत्यारोधी दस्ते) बनाए ताकि तेजी से जांच हो सके और एक साल के भीतर दोषियों को सजा दिलाई जा सके।
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